कक्षा 8 संस्कृत: अध्याय 3 संधि-बोधः NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 8 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 3, 'संधि-बोधः' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें संधि के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिसमें शब्दों को जोड़कर संधि रूप बनाना और संधि युक्त शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़ना (विच्छेद) शामिल है। समाधान अभ्यास के प्रश्नों को हल करने के लिए स्पष्ट चरण-दर-चरण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को संधि के नियमों को समझने और लागू करने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने और संधि की अवधारणाओं पर उनकी समझ को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. सन्धि -बोधः

Chapter summary

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 3 'संधि-बोधः' के ये NCERT समाधान संधि के अभ्यास पर केंद्रित हैं। इसमें दो मुख्य प्रकार के प्रश्न शामिल हैं: पहला, जहाँ छात्रों को दिए गए दो शब्दों को जोड़कर सही संधि रूप पहचानना या लिखना होता है, और दूसरा, जहाँ छात्रों को एक संधि युक्त शब्द का विच्छेद करके उसके मूल दो शब्दों को पहचानना होता है। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प या विच्छेदित रूप प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को संधि के नियमों को पहचानने और लागू करने का अभ्यास मिलता है।

Learning outcomes

  • दिए गए शब्दों को जोड़कर सही संधि रूप की पहचान करना।
  • संधि युक्त शब्दों का विच्छेद करके मूल शब्दों को पहचानना।
  • संधि के विभिन्न नियमों को समझना और लागू करना।
  • अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से संधि कौशल का विकास करना।

Topics covered

Paper topics

  • संधि परिचय
  • संधि के प्रकार
  • शब्दों को जोड़ना
  • संधि विच्छेद
  • दीर्घ संधि
  • गुण संधि
  • वृद्धि संधि
  • यण संधि
  • अयादि संधि
  • अभ्यास प्रश्न
  • रिक्त स्थान पूर्ति
  • शब्दों का मिलान

Important topics

  • संधि के मूल नियम
  • संधि युक्त शब्दों का विच्छेद
  • दिए गए शब्दों से संधि रूप बनाना
  • गुण संधि
  • वृद्धि संधि
  • यण संधि

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

अभ्यासः

उचितं विकल्पं चित्वा रिक्तस्थाने लिखत। (उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थान में लिखिए–)

(क) 1. सप्त + ऋषि : = _____ (सप्तार्षि:, सप्तर्षि :, सर्प्तिष:)

  1. मम + एव = (ममेव, ममिव, ममेव)
  2. सर्व + उपरि = (सर्वुपरि, सर्वोपरि, सर्वूपरि)
  3. पितृ + आदेश: = (पितादेश:, पितरादेश:, पित्रादेश:)
  4. यदि + अपि = (यद्यापि, यद्यपि, यदियपि)
  • (ख) 1. सर्वदैव = ____ + ___ (सर्व + दैव, सर्वदा + ऐव, सर्वदा + एव)
  1. कर्मण्येव = --- + (कर्मणी + एव; कर्मणि + एव, कर्मण् + येव)
  2. साधवे = ---- + (साधु + ए, साधो: +ए, साधो + ए)
  3. भानूदय: = —— + —— (भानू + उदय:, भानु + उदय:, भानु:, + उदय:)

मातृणम् = — + (मातृ + णम्, मातृ + ऋणम्; मातृ + ऋणम्)

Solution:

यहाँ दिए गए शब्दों को जोड़कर सही संधि रूप का चयन करना है: (क)

  1. सप्त + ऋषि : = सप्तर्षि : (यहाँ 'अ' और 'ऋ' मिलकर 'अर्' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है। 'सप्तार्षि:' और 'सर्प्तिष:' गलत हैं।) विकल्प: सप्तर्षि :
  2. मम + एव = ममैव (यहाँ 'अ' और 'ए' मिलकर 'ऐ' बनाते हैं, जो वृद्धि संधि का नियम है। 'ममिव' और 'ममेव' गलत हैं।) विकल्प: ममैव
  3. सर्व + उपरि = सर्वोपरि (यहाँ 'अ' और 'उ' मिलकर 'ओ' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है। 'सर्वुपरि' और 'सर्वूपरि' गलत हैं।) विकल्प: सर्वोपरि
  4. पितृ + आदेश: = पित्रादेश: (यहाँ 'ऋ' और 'आ' मिलकर 'रा' बनाते हैं, जो पितृ शब्द के साथ मिलकर 'पित्रादेश:' बनता है। 'पितादेश:' और 'पितरादेश:' गलत हैं।) विकल्प: पित्रादेश:
  5. यदि + अपि = यद्यपि (यहाँ 'इ' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं, जो यण संधि का नियम है। 'यद्यापि' और 'यदियपि' गलत हैं।) विकल्प: यद्यपि

(ख) यहाँ दिए गए संधि युक्त शब्दों का विच्छेद करना है या सही संधि रूप बनाना है:

  1. सर्वदैव = सर्वदा + एव (यहाँ 'आ' और 'ए' मिलकर 'ऐ' बनाते हैं, जो वृद्धि संधि का नियम है। 'सर्व + दैव' और 'सर्वदा + ऐव' गलत हैं।) विच्छेद: सर्वदा + एव
  2. कर्मण्येव = कर्मणि + एव (यहाँ 'इ' और 'ए' मिलकर 'ये' बनाते हैं, जो यण संधि का नियम है। 'कर्मणी + एव' और 'कर्मण् + येव' गलत हैं।) विच्छेद: कर्मणि + एव
  3. साधवे = साधो: + ए (यह एक अपवाद या विशेष रूप है, जहाँ 'साधो:' से 'ए' जुड़ता है। 'साधु + ए' और 'साधो + ए' गलत हैं।) विच्छेद: साधो: + ए
  4. भानूदय: = भानु + उदय: (यहाँ 'उ' और 'उ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं, जो दीर्घ संधि का नियम है। 'भानू + उदय:' और 'भानु:, + उदय:' गलत हैं।) विच्छेद: भानु + उदय:
  5. मातृणम् = मातृ + ऋणम् (यहाँ 'ऋ' और 'ऋ' मिलकर 'ऋ' ही रहते हैं, जो दीर्घ संधि का नियम है। 'मातृ + णम्' गलत है।) विच्छेद: मातृ + ऋणम्

2. सिन्धः विच्छेदः वा क्रियताम्-(सिन्ध अथवा विच्छेद कीजिए-)

() 1. महर्षि: = ---- + ---- 2. चापि = ---- +

3. ममेच्छा = ____ + ____ 4. अध्ययनाभिलाषा = ____

  1. ग्रीष्मर्तु: = — + — 6. भवति = — + —
  • (ख) 1. क्षुधा + आर्त: = —— + —— 2. भविन्त + एते = ——
  1. उप + ईक्षिता: = ____ + ___ 4. तथा+ एव = ____
  1. प्रति + आगच्छ्रति = — + — 6. सु+ आगतम् = —
Solution:

यहाँ दिए गए शब्दों का संधि विच्छेद करना है या संधि करके शब्द बनाना है: (क)

  1. महर्षि: = महा + ऋषि: (यहाँ 'अ' और 'ऋ' मिलकर 'अर्' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है।) विच्छेद: महा + ऋषि:
  2. चापि = च + अपि (यहाँ 'अ' और 'अ' मिलकर 'आ' बनाते हैं, जो दीर्घ संधि का नियम है।) विच्छेद: च + अपि
  3. ममेच्छा = मम + इच्छा (यहाँ 'अ' और 'इ' मिलकर 'ए' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है।) विच्छेद: मम + इच्छा
  4. अध्ययनाभिलाषा = अध्ययन + अभिलाषा (यहाँ 'अ' और 'अ' मिलकर 'आ' बनाते हैं, जो दीर्घ संधि का नियम है।) विच्छेद: अध्ययन + अभिलाषा
  5. ग्रीष्मर्तु: = ग्रीष्म + ऋतु: (यहाँ 'अ' और 'ऋ' मिलकर 'अर्' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है।) विच्छेद: ग्रीष्म + ऋतु:
  6. भवति = भव + इति (यह एक विशेष संधि है जहाँ 'व' के बाद 'इ' आने पर 'भवति' बनता है।) विच्छेद: भव + इति

(ख)

  1. क्षुधा + आर्त: = क्षुधाार्त: (यहाँ 'आ' और 'आ' मिलकर 'आ' बनाते हैं, जो दीर्घ संधि का नियम है।) संधि रूप: क्षुधाार्त:
  2. भविन्त + एते = भवन्त्येते (यहाँ 'इ' और 'ए' मिलकर 'ये' बनाते हैं, जो यण संधि का नियम है।) संधि रूप: भवन्त्येते
  3. उप + ईक्षिता: = उपेक्षिता: (यहाँ 'अ' और 'ई' मिलकर 'ए' बनाते हैं, जो गुण संधि का नियम है।) संधि रूप: उपेक्षिता:
  4. तथा+ एव = तथैव (यहाँ 'आ' और 'ए' मिलकर 'ऐ' बनाते हैं, जो वृद्धि संधि का नियम है।) संधि रूप: तथैव
  5. प्रति + आगच्छ्रति = प्रत्यागच्छ्रति (यहाँ 'इ' और 'आ' मिलकर 'या' बनाते हैं, जो यण संधि का नियम है।) संधि रूप: प्रत्यागच्छ्रति
  6. सु+ आगतम् = स्वागतम् (यहाँ 'उ' और 'आ' मिलकर 'वा' बनाते हैं, जो यण संधि का नियम है।) संधि रूप: स्वागतम्

Common mistakes

  • संधि करते समय स्वरों या व्यंजनों के गलत परिवर्तन का चयन करना।
  • संधि विच्छेद करते समय मूल शब्दों को गलत पहचानना।
  • संधि के नियमों को ठीक से लागू न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए विकल्पों का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करें।
  • संधि विच्छेद करते समय, शब्द के अंत और शुरुआत के अक्षरों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • संधि के विभिन्न प्रकारों (जैसे दीर्घ, गुण, यण, अयादि) के नियमों को दोहराएं।

Practice MCQs

Q1. सप्त + ऋषि: का सही संधि रूप क्या है?

Q2. सर्व + उपरि का सही संधि रूप क्या है?

Q3. यदि + अपि का सही संधि रूप क्या है?

Q4. सर्वदैव का सही संधि विच्छेद क्या है?

Q5. ममेच्छा का सही संधि विच्छेद क्या है?

Q6. भानूदय: का सही संधि विच्छेद क्या है?

Q7. ग्रीष्मर्तु: का सही संधि विच्छेद क्या है?

Q8. तथा+ एव का सही संधि रूप क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 3 का मुख्य विषय क्या है?

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 3, 'संधि-बोधः' का मुख्य विषय संधि के नियमों का अध्ययन और अभ्यास है, जिसमें शब्दों को जोड़कर संधि रूप बनाना और संधि युक्त शब्दों का विच्छेद करना शामिल है।

संधि क्या है?

दो वर्णों या शब्दों के मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं। संस्कृत में यह एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक प्रक्रिया है।

क्या ये समाधान कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 8 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ताकि वे संधि के अभ्यास को आसानी से समझ सकें और हल कर सकें।

संधि विच्छेद का क्या अर्थ है?

संधि विच्छेद का अर्थ है एक संधि युक्त शब्द को उसके मूल दो या अधिक शब्दों में अलग करना, जिनसे वह मिलकर बना है।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

इन समाधानों का उपयोग करके छात्र अभ्यास प्रश्नों को हल कर सकते हैं, संधि के नियमों को समझ सकते हैं और अपनी गलतियों से सीख सकते हैं, जिससे परीक्षा के लिए उनकी तैयारी मजबूत होती है।

क्या इस अध्याय में विभिन्न प्रकार की संधियों के उदाहरण हैं?

हाँ, इस अध्याय के समाधानों में दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि और यण संधि जैसे विभिन्न प्रकार की संधियों के उदाहरण और अभ्यास शामिल हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.