CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 3: Bas ki Yatra - NCERT Solutions

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CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 3, 'Bas ki Yatra', offers a witty and satirical look at a bus journey. The NCERT Solutions explore the author's changing perceptions of the conductor and the bus's poor condition. Students will uncover the social commentary on public transportation and the clever metaphorical use of the 'Savinya Avagya Andolan' (Civil Disobedience Movement). The chapter also provides opportunities to practice Hindi grammar, focusing on 'karak' (case markers) and conjunctions. These solutions offer detailed explanations to enhance understanding of the text's themes and improve language proficiency, serving as a valuable tool for exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectHindi Vasant III
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 3

Chapter summary

Chapter 3 of CBSE Class 8 Hindi Vasant, 'Bas ki Yatra', offers a satirical look at a bus journey. The NCERT Solutions focus on understanding the author's perspective on the unreliable bus and its owner, the clever use of the term 'Savinya Avagya' in a non-political context, and grammatical concepts like 'karak' and conjunctions. The solutions aim to enhance students' reading comprehension and analytical skills by dissecting the text's humor and underlying messages.

Learning outcomes

  • Understand the author's satirical tone and evolving emotions during the bus journey.
  • Analyze the condition of the old bus and its implications.
  • Explain the metaphorical use of 'Savinya Avagya Andolan' in the context of the story.
  • Identify and use 'karak' (case markers) and conjunctions in Hindi sentences.
  • Appreciate the humor and social commentary embedded in the narrative.

Topics covered

Paper topics

  • Satire in literature
  • Analysis of character emotions
  • Description of old vehicles
  • Metaphorical use of historical movements
  • Understanding 'Karak' (case markers)
  • Use of conjunctions
  • Humor in writing
  • Social commentary on public services

Important topics

  • Author's evolving feelings towards the bus owner
  • Metaphorical use of 'Savinya Avagya'
  • Understanding the satire
  • Identifying and using 'Karak'
  • Analyzing the bus's condition

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

"मैंने उस कंपनी के हिस्सेदार की तरफ़ पहली बार श्रद्धाभाव से देखा।" लेखक के मन में हिस्सेदार साहब के लिए श्रद्धा क्यों जग गई?
Solution: लेखक के मन में बस कंपनी के हिस्सेदार के प्रति श्रद्धा का भाव इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि हिस्सेदार अपनी पुरानी और खस्ताहाल बस के बारे में जानते हुए भी उसे चलाने के लिए तैयार था। अर्थ के मोह में अपनी जान जोखिम में डालने की ऐसी अद्भुत हिम्मत को देखकर लेखक चकित रह गया और उसने हिस्सेदार को एक साहसी व्यक्ति के रूप में देखा, जिसके प्रति श्रद्धा का भाव स्वाभाविक था।

प्रश्न 2

"लोगों ने सलाह दी कि समझदार आदमी इस शाम वाली बस से सफ़र नहीं करते।" लोगों ने यह सलाह क्यों दी?
Solution: लोगों ने यह सलाह इसलिए दी क्योंकि वे बस की दयनीय स्थिति से भली-भाँति परिचित थे। उन्हें पता था कि बस कभी भी, कहीं भी खराब हो सकती है। शाम के बाद रात हो जाती है और रात में किसी अनजान स्थान पर बस के खराब हो जाने पर यात्रियों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता था। इसलिए, समझदार लोग ऐसी जोखिम भरी यात्रा से बचते थे।

प्रश्न 3

"ऐसा जैसे सारी बस ही इंजन है और हम इंजन के भीतर बैठे हैं।" लेखक को ऐसा क्यों लगा?
Solution: जब बस के चालक ने इंजन स्टार्ट किया, तो इंजन की आवाज़ और कंपन इतना तेज़ था कि पूरी बस बुरी तरह से हिलने लगी। इस तीव्र कंपन और शोर के कारण लेखक को ऐसा महसूस हुआ मानो वह बस के अंदर नहीं, बल्कि स्वयं इंजन के अंदर ही बैठा हो, और बस के पुर्जों की तरह वह भी हिल रहा हो।

प्रश्न 4

"गज़ब हो गया। ऐसी बस अपने आप चलती है।" लेखक को यह सुनकर हैरानी क्यों हुई?
Solution: लेखक को यह सुनकर आश्चर्य हुआ क्योंकि बस की हालत इतनी जर्जर और खस्ता थी कि वह चलने लायक नहीं लग रही थी। देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बस शायद अब चलेगी ही नहीं। ऐसे में, जब बस के हिस्सेदार ने कहा कि बस चलेगी ही नहीं, बल्कि 'अपने आप चलेगी', तो लेखक को इस बात पर हैरानी हुई कि इतनी पुरानी और खराब बस कैसे चल सकती है।

प्रश्न 5

"मैं हर पेड़ को अपना दुश्मन समझ रहा था।" लेखक पेड़ों को अपना दुश्मन क्यों समझ रहा था?
Solution: लेखक पेड़ों को अपना दुश्मन इसलिए समझ रहा था क्योंकि बस की जर्जर स्थिति के कारण उसे लगातार यह डर सता रहा था कि कहीं बस का स्टीयरिंग टूट न जाए या ब्रेक फेल न हो जाए। यदि ऐसा होता, तो बस अनियंत्रित होकर किसी पेड़ से टकरा सकती थी। हर पेड़ को पार करते हुए वह सोचता कि कहीं बस अगले पेड़ से न टकरा जाए, इसलिए वह हर पेड़ को संभावित खतरे के रूप में देख रहा था।

प्रश्न 6

'सविनय अवज्ञा आंदोलन' किसके नेतृत्व में, किस उद्देश्य से तथा कब हुआ था? इतिहास की उपलब्ध पुस्तकों के आधार पर लिखिए।
Solution: 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' महात्मा गाँधी के नेतृत्व में 1930 में अंग्रेज़ी सरकार के अन्यायपूर्ण कानूनों का विरोध करने और पूर्ण स्वाधीनता प्राप्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह आंदोलन अहिंसक असहयोग पर आधारित था, जिसमें लोग सरकार के आदेशों का पालन न करके अपनी बात मनवाने का प्रयास करते थे।

प्रश्न 7

सविनय अवज्ञा का उपयोग व्यंग्यकार ने किस रूप में किया है? लिखिए।
Solution: लेखक ने 'सविनय अवज्ञा' शब्द का प्रयोग एक व्यंग्य के रूप में किया है। जहाँ 1930 में यह आंदोलन अंग्रेज़ी सरकार के आदेशों का पालन न करने के लिए था, वहीं लेखक ने इस शब्द का प्रयोग बस के संदर्भ में किया है। वह यह दर्शाना चाहता है कि बस इतनी जर्जर और पुरानी हो चुकी है कि वह मानो विनयपूर्वक अपने मालिक और यात्रियों से अनुरोध कर रही है कि उसे चलने के कष्ट से मुक्त कर दिया जाए, अर्थात् उसे बंद कर दिया जाए। यह बस की दयनीय स्थिति पर एक मार्मिक व्यंग्य है।

प्रश्न 8

बस, वश, बस तीन शब्द हैं – इनमें बस सवारी के अर्थ में, वश अधीनता के अर्थ में, और बस पर्याप्त (काफी) के अर्थ में प्रयुक्त होता है, जैसे – बस से चलना होगा। मेरे वश में नहीं है। अब बस करो। उपर्युक्त वाक्यों के समान वश और बस शब्द से दो-दो वाक्य बनाइए।
Solution:

यहाँ 'वश' और 'बस' शब्दों से दो-दो वाक्य दिए गए हैं: वश:

  1. आज-कल के बच्चों को समझाना सबके वश की बात नहीं है।
  2. भगवान की करनी मनुष्य के वश में नहीं होती है।

बस (पर्याप्त के अर्थ में):

  1. बस करो, अब कितना खाओगे?
  2. बस करो, इतना काम काफी है।

प्रश्न 9

"हम पाँच मित्रों ने तय किया कि शाम चार बजे की बस से चलें। पन्ना से इसी कंपनी की बस सतना के लिए घंटे भर बाद मिलती है।" ऊपर दिए गए वाक्यों में ने, की, से आदि वाक्य के दो शब्दों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं। ऐसे शब्दों को कारक कहते हैं। इसी तरह दो वाक्यों को एक साथ जोड़ने के लिए 'कि' का प्रयोग होता है। कहानी में से दोनों प्रकार के चार वाक्यों को चुनिए।
Solution:

कहानी से कारक शब्दों (जैसे ने, की, से, में, पर आदि) और संयोजक 'कि' का प्रयोग दर्शाने वाले चार वाक्य इस प्रकार हैं:

  1. यह समझ में नहीं आता कि सीट पर हम बैठे हैं या सीट हम पर बैठी है। (यहाँ 'कि' दो उपवाक्यों को जोड़ रहा है और 'पर' कारक है।)
  2. नई नवेली बसों से ज्यादा विश्वसनीय है। (यहाँ 'से' कारक है जो तुलना का संबंध बता रहा है।)
  3. यह बस पूजा के योग्य थी। (यहाँ 'के' संबंध कारक है।)
  4. बस कंपनी के एक हिस्सेदार भी उसी बस में जा रहे थे। (यहाँ 'के' संबंध कारक है और 'में' अधिकरण कारक है।)

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'Savinya Avagya' with its metaphorical use in the chapter.
  • Difficulty in identifying the correct 'karak' (case markers) in given sentences.
  • Overlooking the satirical elements and focusing only on the literal narrative.
  • Misinterpreting the author's feelings towards the bus conductor and owner.

Revision tips

  • Reread the chapter, paying close attention to the author's descriptions of the bus and his feelings.
  • Focus on understanding the metaphorical meaning of 'Savinya Avagya' as explained in the solutions.
  • Practice identifying and using different 'karak' (case markers) with examples from the text.
  • Discuss the humor and satire in the chapter with classmates to deepen understanding.

Practice MCQs

Q1. लेखक ने बस के हिस्सेदार के प्रति श्रद्धा क्यों महसूस की?

Q2. लोगों ने शाम वाली बस से यात्रा न करने की सलाह क्यों दी?

Q3. लेखक को ऐसा क्यों लगा कि सारी बस ही इंजन है?

Q4. लेखक को हर पेड़ अपना दुश्मन क्यों लग रहा था?

Q5. लेखक ने 'सविनय अवज्ञा' का प्रयोग किस संदर्भ में किया है?

Frequently asked questions

यह 'बस की यात्रा' पाठ किस बारे में है?

यह पाठ एक पुरानी, जर्जर बस में की गई यात्रा का हास्य और व्यंग्यपूर्ण वर्णन है। लेखक बस की स्थिति और उसके मालिक के रवैये पर कटाक्ष करते हैं।

लेखक ने 'सविनय अवज्ञा' शब्द का प्रयोग क्यों किया?

लेखक ने 'सविनय अवज्ञा' का प्रयोग व्यंग्य के रूप में किया है। इसका अर्थ यह है कि बस अपनी जर्जर हालत के कारण मानो विनयपूर्वक अपने मालिक से चलने से रोकने का अनुरोध कर रही है।

इस पाठ से क्या व्याकरणिक बातें सीखी जा सकती हैं?

इस पाठ से 'कारक' (जैसे ने, की, से) और 'कि' जैसे संयोजक शब्दों के प्रयोग को समझा जा सकता है, जो वाक्यों में शब्दों और उपवाक्यों के बीच संबंध स्थापित करते हैं।

लेखक को बस के हिस्सेदार के प्रति श्रद्धा क्यों हुई?

लेखक को हिस्सेदार के प्रति श्रद्धा इसलिए हुई क्योंकि वह अपनी खराब बस के नुकसान के बावजूद उसे चलाने का साहस कर रहा था। लेखक ने इसे अर्थ-मोह में आत्म-बलिदान की दुर्लभ भावना माना।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ के गहरे अर्थ, व्यंग्य और व्याकरणिक बिंदुओं को समझने में मदद करते हैं, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी बेहतर होती है।

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