कक्षा 7 संस्कृत अध्याय 9: अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 संस्कृत के अध्याय 9, 'अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें उच्चारण अभ्यास, एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तर, प्रश्न निर्माण और संधि-विच्छेद जैसे अभ्यास शामिल हैं। समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, शब्दावली में सुधार करने और व्याकरणिक अवधारणाओं को मजबूत करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से दिया गया है, जिससे यह परीक्षा की तैयारी और गृहकार्य सहायता के लिए एक मूल्यवान संसाधन बन गया है। यह छात्रों को पाठ के मुख्य संदेशों को समझने और संस्कृत भाषा में उनके कौशल को बढ़ाने में सहायता करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Sanskrit |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 9 |
Chapter summary
कक्षा 7 संस्कृत के अध्याय 9, 'अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि' के लिए ये NCERT समाधान छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें उच्चारण अभ्यास, एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तर, रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण और संधि-विच्छेद जैसे विभिन्न अभ्यास शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की सामग्री को प्रभावी ढंग से याद करने और समझने में सहायता मिलती है।
Learning outcomes
- पाठ 'अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि' के शब्दों का सही उच्चारण करना।
- पाठ के आधार पर एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य में उत्तर देना।
- दिए गए वाक्यों के लिए प्रश्न निर्माण करना।
- दिए गए शब्दों का संधि-विच्छेद करना और उन्हें समझना।
- संस्कृत भाषा में वाक्य संरचना और व्याकरण की समझ को बढ़ाना।
Topics covered
Paper topics
- उच्चारण अभ्यास
- एक-शब्द उत्तर
- पूर्ण-वाक्य उत्तर
- प्रश्न निर्माण
- रेखांकित पद
- संधि-विच्छेद
- शिक्षा का अधिकार
- पारिवारिक कार्य
- विद्यालय की सुविधाएँ
- संस्कृत व्याकरण
Important topics
- प्रश्न निर्माण
- संधि-विच्छेद
- पूर्ण-वाक्य उत्तर
- शिक्षा का अधिकार
- पाठ के मुख्य पात्र और उनकी भूमिकाएँ
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1. उच्चारणं कुरुत
उदाहरण के लिए:
- अग्रिमदिने - अगले दिन
- षड्वादने - छः बजे
- अष्टवर्षदेशीया - आठ वर्ष की
- गृहसञ्चालनाय - घर चलाने के लिए
- करतलवादसहितम् - ताली बजाने के साथ
प्रश्न 2. एकपदेन उत्तराणि लिखत-
- (क) गिरिजायाः गृहसेविकायाः नाम किमासीत्?
- (ख) दर्शनायाः पुत्री कति वर्षीया आसीत्?
- (ग) अद्यत्वे शिक्षा अस्माकं कीदृशः अधिकारः?
- (घ) दर्शनायाः पुत्री कथं नृत्यति?
- (क) गिरिजा की गृहसेविका का नाम दर्शना था।
- (ख) दर्शना की पुत्री अष्टवर्षा (आठ वर्ष) की थी।
- (ग) आज शिक्षा हमारा मौलिक (मूलभूत) अधिकार है।
- (घ) दर्शना की पुत्री करतलवादनसहितम् (ताली बजाने के साथ) नृत्य करती है।
प्रश्न 3. पूर्णवाक्येन उत्तरत
- (क) अष्टवर्षदेशीया दर्शनायाः पुत्री कि समर्थाऽसीत्?
- (ख) दर्शना कति गृहाणां कार्य करोति स्म?
- (ग) मालिनी स्वप्रतिवेशिनी प्रति किं कथयति?
- (घ) अद्यत्वे छात्राः विद्यालये किं कि निःशुल्क प्राप्नुवन्ति?
- (क) आठ वर्ष की दर्शना की पुत्री सभी कार्यों में समर्था आसीत् (सक्षम थी)।
- (ख) दर्शना पञ्च-षड्गृहाणां (पाँच-छः घरों) का कार्य करती थी।
- (ग) मालिनी अपनी पड़ोसन से कहती थी कि, "गिरिजे! मेरा पुत्र मामा के घर चला गया है, यदि तुम किसी अन्य महिला को काम के लिए जानती हो तो उसे भेजो।"
- (घ) आज छात्र विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा, गणवेश (वर्दी), पुस्तकें, बस्ता, जूते, दोपहर का भोजन, छात्रवृत्ति आदि प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 4. रेखांकितपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
- (क) मालिनी द्वारमुद्घाटयति?
- (ख) शिक्षा सर्वेषां बालानां मौलिकः अधिकारः।
- (ग) दर्शना आश्चर्येण मालिनी पश्यति।
- (घ) दर्शना तस्याः पुत्री च मिलित्वा परिवारस्य भरणपोषणं कुरुतः स्मा
- (क) का द्वारमुद्घाटयति? (कौन दरवाज़ा खोलती है?)
- (ख) शिक्षा केषाम् मौलिकः अधिकारः? (शिक्षा किनका मौलिक अधिकार है?)
- (ग) दर्शना आश्चर्येण काम् पश्यति? (दर्शना आश्चर्य से किसे देखती है?)
- (घ) दर्शना तस्याः पुत्री च मिलित्वा कस्य भरणपोषणं कुरुतः स्म? (दर्शना और उसकी पुत्री मिलकर किसका भरण-पोषण करते थे?)
प्रश्नः 5. सन्धि विच्छेवं पूरयत
- (क) ग्रामं प्रति ग्रामम्
- (ख) कार्यार्थम् अर्थम्
- (ग) करिष्यत्येषा
- (घ) स्वोदरपूर्ति उदरपूर्ति:
- (ङ) अप्येवम् अपि
- (क) ग्रामं प्रति + ग्रामम् (यहाँ 'प्रति' अव्यय है, जो 'ग्रामम्' के साथ जुड़कर 'ग्रामं प्रति ग्रामम्' बनता है, जिसका अर्थ है 'गाँव-गाँव')
- (ख) कार्य + अर्थम् (यहाँ 'कार्य' और 'अर्थम्' मिलकर 'कार्यार्थम्' बनाते हैं, जिसका अर्थ है 'कार्य के लिए')
- (ग) करिष्यति + एषा (यहाँ 'इ' और 'ए' मिलकर 'ये' बनाते हैं, जिससे 'करिष्यत्येषा' बनता है)
- (घ) स्व + उदरपूर्ति: (यहाँ 'स्व' और 'उदरपूर्ति' मिलकर 'स्वादरपूर्ति' बनाते हैं, जिसका अर्थ है 'अपनी पेट की पूर्ति')
- (ङ) अपि + एवम् (यहाँ 'इ' और 'ए' मिलकर 'ये' बनाते हैं, जिससे 'अप्येवम्' बनता है)
Common mistakes
- उच्चारण में अशुद्धियाँ।
- एक-शब्द उत्तरों में संक्षिप्तता की कमी।
- प्रश्न निर्माण में क्रिया और कर्ता का सही चयन न कर पाना।
- संधि-विच्छेद करते समय नियमों का गलत प्रयोग।
Revision tips
- सभी नए शब्दों का सही उच्चारण बार-बार अभ्यास करें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझें।
- प्रश्न निर्माण का अभ्यास करते समय रेखांकित पद के अनुसार प्रश्नवाचक शब्द चुनें।
- संधि-विच्छेद के नियमों को याद करें और अभ्यास प्रश्नों को हल करें।
Practice MCQs
Q1. गिरिजा की गृहसेविका का नाम क्या था?
Explanation: पाठ के अनुसार, गिरिजा की गृहसेविका का नाम दर्शना था।
Q2. दर्शना की पुत्री कितने वर्ष की थी?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि दर्शना की पुत्री आठ वर्ष की थी।
Q3. अद्यत्वे (आज) शिक्षा हमारा कैसा अधिकार है?
Explanation: पाठ के अनुसार, आज शिक्षा सभी बच्चों का मौलिक अधिकार है।
Q4. दर्शना की पुत्री कैसे नृत्य करती है?
Explanation: पाठ में उल्लेख है कि दर्शना की पुत्री करतलवादनसहितम् नृत्य करती है।
Q5. मालिनि ने अपनी प्रतिवेशिनी (पड़ोसन) से क्या कहा?
Explanation: मालिनि ने अपनी पड़ोसन से कहा कि यदि वह किसी अन्य महिला को काम के लिए जानती है तो उसे भेजे।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 9 'अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि' पर केंद्रित है।
इन समाधानों में किस प्रकार के अभ्यास शामिल हैं?
इन समाधानों में उच्चारण अभ्यास, एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तर, रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण, और संधि-विच्छेद जैसे अभ्यास शामिल हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करके, व्याकरणिक अवधारणाओं को स्पष्ट करके और अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देकर परीक्षा की तैयारी में बहुत सहायक हैं।
प्रश्न निर्माण अभ्यास का क्या उद्देश्य है?
प्रश्न निर्माण अभ्यास छात्रों को वाक्यों के विभिन्न हिस्सों को समझने और उनके आधार पर उपयुक्त प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग करके प्रश्न बनाने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
संधि-विच्छेद का क्या अर्थ है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
संधि-विच्छेद का अर्थ है दो या दो से अधिक शब्दों को अलग करके उनके मूल रूप को पहचानना। यह संस्कृत शब्दों की संरचना को समझने और व्याकरण को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.