कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 14: अहह आः च - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के संस्कृत के अध्याय 14, 'अहह आः च' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को संस्कृत शब्दावली, विलोम शब्द और अव्यय पदों के प्रयोग को समझने में मदद करता है। समाधानों में शब्दों के अर्थों का मिलान, विलोम शब्दों की पहचान, और वाक्यों में अव्यय पदों का सही प्रयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय कुछ पाठ-आधारित प्रश्नों के उत्तर भी प्रदान करता है, जो छात्रों को कहानी के पात्रों और घटनाओं को समझने में सहायता करते हैं। ये समाधान छात्रों को अभ्यास करने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Sanskrit |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 14 |
Chapter summary
कक्षा 6 के संस्कृत अध्याय 14 'अहह आः च' के लिए NCERT समाधान यहाँ दिए गए हैं। इस अध्याय में शब्दों के अर्थों का मिलान, विलोम शब्दों का चयन और अव्यय पदों का रिक्त स्थानों में प्रयोग जैसे अभ्यास शामिल हैं। यह छात्रों को संस्कृत के बुनियादी व्याकरण और शब्दावली को मजबूत करने में मदद करता है। पाठ-आधारित प्रश्न छात्रों की समझ का परीक्षण करते हैं।
Learning outcomes
- शब्दों के अर्थों का सही मिलान करना सीखें।
- दिए गए शब्दों के उचित विलोम शब्दों की पहचान करें।
- वाक्यों में अव्यय पदों का सही प्रयोग समझें।
- पाठ-आधारित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दें।
Topics covered
Paper topics
- शब्दार्थ मिलान
- विलोम शब्द
- अव्यय पद
- रिक्त स्थान पूर्ति
- पाठ-आधारित प्रश्नोत्तर
Important topics
- अव्यय पदों का प्रयोग
- विलोम शब्दों की पहचान
- शब्दार्थों का सही मिलान
- पाठ के मुख्य पात्रों और घटनाओं को समझना
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
क — ख हस्ते — अकस्मात् सघा: — पृथ्वीम् सहसा — गगनम् धनम् — शीघ्रम् आकाशम् — करे धराम् — द्रविणम्
इस प्रश्न में दिए गए संस्कृत शब्दों को उनके हिंदी अर्थों से मिलाना है। यहाँ उचित मिलान दिया गया है:
- क – ख हस्ते — करे (हाथ में)
- सघा: — शीघ्रम (शीघ्रता से)
- सहसा — अकस्मात् (अचानक)
- धनम् — द्रविणम् (धन, संपत्ति)
- आकाशम् — गगनम् (आकाश)
- धराम् — पृथ्वीम् (पृथ्वी)
यह अभ्यास छात्रों को संस्कृत के सामान्य शब्दों और उनके अर्थों को समझने में मदद करता है।
प्रश्न 2
दिए गए शब्द हैं: प्रविशति, सेवकः, मूर्खः, नेतुम्, नीचैः, दुःखितः
(क) चतुरः .....
(ख) आनेतुम् .....
(ग) निर्गच्छति .....
(घ) स्वामी .....
(ङ) प्रसन्नः .....
(च) उच्चैः .....
इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के विलोम शब्द मंजूषा से चुनकर लिखने हैं। यहाँ सही विलोम शब्द दिए गए हैं:
- (क) चतुरः – मूर्खः (बुद्धिमान का विलोम मूर्ख)
- (ख) आनेतुम् – नेतुम् (लाने का विलोम ले जाने का)
- (ग) निर्गच्छति – प्रविशति (बाहर जाने का विलोम प्रवेश करना)
- (घ) स्वामी – सेवकः (मालिक का विलोम सेवक)
- (ङ) प्रसन्नः – दुःखितः (खुश का विलोम दुखी)
- (च) उच्चैः – नीचैः (ऊँचे का विलोम नीचे)
यह अभ्यास छात्रों की विलोम शब्दों को पहचानने की क्षमता का परीक्षण करता है।
प्रश्न 3
दिए गए अव्यय पद हैं: इव, अपि, एव, च, उच्चैः
(क) बालकाः बालिकाः ..... क्रीडाक्षेत्रे क्रीडन्ति।
(ख) मेघाः .....गर्जन्ति ।
(ग) बकः हंसः ...... श्वेतः भवति।
(घ) सत्यम् ..... जयते।
(ङ) अहं पठामि, त्वम् ...... पठ।
इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों में उपयुक्त अव्यय पदों को भरना है। यहाँ सही उत्तर दिए गए हैं:
- (क) बालकाः बालिकाः च क्रीडाक्षेत्रे क्रीडन्ति। (लड़के और लड़कियाँ खेल के मैदान में खेलते हैं। 'च' का अर्थ 'और' है। )
- (ख) मेघाः उच्चैः गर्जन्ति। (बादल जोर से गरजते हैं। 'उच्चैः' का अर्थ 'जोर से' है। )
- (ग) बकः हंसः इव श्वेतः भवति। (बगुला हंस की तरह सफेद होता है। 'इव' का अर्थ 'की तरह' है। )
- (घ) सत्यम् एव जयते। (सत्य की ही जीत होती है। 'एव' का अर्थ 'ही' है। )
- (ङ) अहं पठामि, त्वम् अपि पठ। (मैं पढ़ता हूँ, तुम भी पढ़ो। 'अपि' का अर्थ 'भी' है। )
यह अभ्यास छात्रों को संस्कृत में अव्यय पदों के प्रयोग को समझने में सहायता करता है।
प्रश्न 4
(क) अजीजः गृहं गन्तुं किं वाञ्छति?
(ख) स्वामी मूर्खः आसीत् चतुरः वा?
(ग) अजीजः कां व्यथां श्रावयति?
(घ) अन्या मक्षिका कुत्र दशति?
(ङ) स्वामी अजीजाय किं दातुं न इच्छति?
यह प्रश्न पाठ पर आधारित है और इसके उत्तर पाठ के प्रसंग के अनुसार दिए जाने चाहिए। यहाँ दिए गए उत्तरों के आधार पर स्पष्टीकरण है:
- (क) अजीजः गृहं गन्तुम् अवकाशं वाञ्छति। (अजीज घर जाने के लिए छुट्टी चाहता था। यह पाठ के उस भाग से संबंधित है जहाँ अजीज अपने स्वामी से घर जाने की अनुमति माँगता है। )
- (ख) स्वामी चतुरः आसीत्। (स्वामी चतुर था। यह पाठ के उस हिस्से को दर्शाता है जहाँ स्वामी अजीज की बातों को समझता है या उस पर प्रतिक्रिया करता है। )
- (ग) अजीजः वृद्धां व्यथां श्रावयति। (अजीज अपनी बुढ़ापे की व्यथा सुनाता है। यह उस स्थिति का वर्णन करता है जब अजीज अपने स्वामी को अपनी परेशानी बताता है। )
- (घ) अन्या मक्षिका कुत्र दशति? (यह प्रश्न पाठ के उस हिस्से से संबंधित हो सकता है जहाँ मक्षिकाओं (मक्खियों) के काटने का उल्लेख है, लेकिन दिए गए उत्तरों में इसका उत्तर शामिल नहीं है। )
- (ङ) स्वामी अजीजाय किं दातुं न इच्छति? (यह प्रश्न पूछता है कि स्वामी अजीज को क्या देना नहीं चाहता था। दिए गए उत्तरों में इसका उत्तर भी शामिल नहीं है। )
यह अभ्यास छात्रों को कहानी को समझने और पात्रों के इरादों का विश्लेषण करने में मदद करता है।
Common mistakes
- शब्दों के अर्थों को गलत मिलाना।
- विलोम शब्दों को पहचानने में त्रुटि करना।
- अव्यय पदों के प्रयोग में भ्रमित होना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें।
- विलोम शब्दों और अव्यय पदों की सूची बनाकर याद करें।
- पाठ-आधारित प्रश्नों के उत्तरों को कहानी के संदर्भ में समझें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से 'धनम्' का उचित अर्थ क्या है?
Explanation: 'धनम्' का उचित अर्थ 'द्रविणम्' होता है, जो धन या संपत्ति को दर्शाता है।
Q2. 'चतुरः' का विलोम शब्द क्या है?
Explanation: 'चतुरः' का अर्थ बुद्धिमान होता है, जिसका विलोम 'मूर्खः' (मूर्ख) होता है।
Q3. वाक्य 'बालकाः बालिकाः..... क्रीडाक्षेत्रे क्रीडन्ति।' में कौन सा अव्यय पद आएगा?
Explanation: 'च' का अर्थ 'और' होता है, जो यहाँ 'लड़के और लड़कियाँ' को जोड़ने के लिए उपयुक्त है।
Q4. 'सत्यम्..... जयते।' वाक्य में कौन सा अव्यय पद आएगा?
Explanation: 'एव' का अर्थ 'ही' होता है, जो यहाँ 'सत्य की ही जीत होती है' पर जोर देने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Q5. अजीजः गृहं गन्तुं किं वाञ्छति?
Explanation: प्रश्न के अनुसार, अजीज घर जाने के लिए 'अवकाशम्' (छुट्टी) चाहता था।
Frequently asked questions
कक्षा 6 संस्कृत के अध्याय 14 का शीर्षक क्या है?
कक्षा 6 संस्कृत के अध्याय 14 का शीर्षक 'अहह आः च' है।
इस अध्याय में किस प्रकार के अभ्यास शामिल हैं?
इस अध्याय में शब्दों के अर्थों का मिलान, विलोम शब्दों का चयन, अव्यय पदों का रिक्त स्थानों में प्रयोग और पाठ-आधारित प्रश्नोत्तर जैसे अभ्यास शामिल हैं।
क्या ये समाधान हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए उपयुक्त हैं?
हाँ, ये समाधान हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं, जिसमें प्रश्नों और उत्तरों को हिंदी में समझाया गया है।
यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?
यह समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करने, अभ्यास प्रश्नों को हल करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद करेगा।
अव्यय पद क्या होते हैं और उनका प्रयोग कैसे किया जाता है?
अव्यय वे शब्द होते हैं जो लिंग, वचन या कारक के अनुसार नहीं बदलते हैं। इस अध्याय में 'इव', 'अपि', 'एव', 'च', 'उच्चैः' जैसे अव्यय पदों का प्रयोग सिखाया गया है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.