कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन NCERT समाधान: जब धरती काँपी

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यह खंड कक्षा 5 के पर्यावरण अध्ययन के लिए "जब धरती काँपी" नामक अध्याय पर केंद्रित है। इसमें भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव और उनसे निपटने के तरीकों पर चर्चा की गई है। समाधान भूकंप के कारणों, इसके विनाशकारी प्रभावों और बचाव कार्यों के महत्व को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को सिखाता है कि ऐसी आपात स्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया दें, जैसे कि सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेना और दूसरों की मदद करना। इसमें विभिन्न पेशेवरों जैसे इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और आर्किटेक्ट की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है जो पुनर्निर्माण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हैं। ये समाधान छात्रों को आपदाओं के लिए तैयार रहने और समुदाय की सहायता के महत्व को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter14 जब धरती काँपी

Chapter summary

यह अध्याय "जब धरती काँपी" कक्षा 5 के पर्यावरण अध्ययन के छात्रों के लिए भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जानकारी प्रदान करता है। इसमें भूकंप के कारण, इसके विनाशकारी प्रभाव और बचाव कार्यों के महत्व को समझाया गया है। छात्र सीखते हैं कि ऐसी आपात स्थितियों में कैसे सुरक्षित रहें और समुदाय की मदद कैसे करें। समाधान विभिन्न पेशेवरों की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हैं जो पुनर्निर्माण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • भूकंप के कारणों और प्रभावों को समझना।
  • आपदा के समय सुरक्षित रहने के तरीकों को जानना।
  • बचाव कार्यों में विभिन्न लोगों की भूमिका को पहचानना।
  • आपदा के बाद पुनर्निर्माण के महत्व को समझना।
  • सामुदायिक सहायता और सहयोग के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • भूकंप
  • प्राकृतिक आपदाएं
  • आपदा प्रबंधन
  • बचाव कार्य
  • पुनर्निर्माण
  • सुरक्षा उपाय
  • सामुदायिक सहायता
  • इंजीनियर और आर्किटेक्ट की भूमिका
  • वैज्ञानिकों की भूमिका
  • बाढ़
  • सूखा
  • आँधी

Important topics

  • भूकंप के कारण और प्रभाव
  • आपदा के समय सुरक्षा उपाय
  • बचाव और राहत कार्य
  • भूकंप प्रतिरोधी निर्माण
  • सामुदायिक सहयोग का महत्व

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Questions and Solutions

चर्चा करो और लिखो: क्या तुमने या तुम्हारे किसी जानने वाले ने कभी ऐसी मुसीबत का सामना किया है?

क्या तुमने या तुम्हारे किसी जानने वाले ने कभी ऐसी मुसीबत का सामना किया है?
Solution: हाँ, मेरे चाचा जी जो सिक्किम में रहते हैं, उन्होंने पिछले वर्ष वहाँ आए भूकंप का अनुभव किया था। यह एक बहुत ही डरावना अनुभव था जिसमें काफी नुकसान हुआ था।

चर्चा करो और लिखो: ऐसे समय में किन लोगों ने मदद की? उनकी सूची बनाओ।

ऐसे समय में किन लोगों ने मदद की? उनकी सूची बनाओ।
Solution: ऐसी आपदाओं के समय कई लोगों और समूहों ने मिलकर मदद की। इनमें शामिल थे:
  1. पड़ोस में रहने वाले लोग जिन्होंने एक-दूसरे का सहारा बनकर मदद की।
  2. स्थानीय नेता जिन्होंने जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया।
  3. देश के बड़े नेताओं और सरकारी अधिकारियों ने राहत कार्यों का निर्देशन किया।
  4. विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के सदस्य जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया।
  5. डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी जिन्होंने घायलों का इलाज किया।
  6. कुछ दुकानदारों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की।
  7. अन्य शहरों और देशों से भेजी गई सहायता सामग्री।
यह सामूहिक प्रयास ही था जिसने लोगों को इस मुश्किल घड़ी से उबरने में मदद की।

चर्चा करो: जस्मा के गाँव में बाहर के बहुत सारे लोग आए। ये कौन लोग होंगे? इन लोगों ने किस प्रकार की मदद की होगी?

जस्मा के गाँव में बाहर के बहुत सारे लोग आए। ये कौन लोग होंगे? इन लोगों ने किस प्रकार की मदद की होगी?
Solution: जस्मा के गाँव में बाहर से आए लोग संभवतः बचाव दल, डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी और विभिन्न सहायता संगठनों के सदस्य थे। उन्होंने निम्नलिखित तरीकों से मदद की होगी:
  • घायलों का इलाज करना और प्राथमिक उपचार प्रदान करना।
  • जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए थे, उनके लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करना।
  • भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण करना।
  • क्षतिग्रस्त इमारतों का सर्वेक्षण करना और पुनर्निर्माण की योजना बनाना।
  • लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना और उनकी देखभाल करना।
इन लोगों के आने से गाँव वालों को काफी राहत मिली और उन्हें इस मुश्किल समय का सामना करने में मदद मिली।

चर्चा करो: जस्मा के गाँव के लोगों ने अपना गाँव संस्था के बताए तरीके के अनुसार फिर से खड़ा किया। घरों को अब कैसे मजबूत बनाया?

जस्मा के गाँव के लोगों ने अपना गाँव संस्था के बताए तरीके के अनुसार फिर से खड़ा किया। घरों को अब कैसे मजबूत बनाया?
Solution: जस्मा के गाँव के लोगों ने संस्था के बताए अनुसार घरों को फिर से बनाने के लिए उन्हें भूकंप प्रतिरोधी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इसके लिए उन्होंने:
  • घरों की नींवों को अधिक मजबूत बनाया ताकि वे जमीन के कंपन को झेल सकें।
  • दीवारों को इस तरह से बनाया कि वे ढहने के बजाय झटकों को सह सकें, संभवतः मजबूत सामग्री का उपयोग करके।
  • छतों को भी मजबूत बनाया गया ताकि वे गिरें नहीं।
  • विशेषज्ञों (जैसे इंजीनियरों) द्वारा सुझाए गए निर्माण तकनीकों का पालन किया गया।
इस तरह से बनाए गए घर भविष्य में आने वाले भूकंपों में अधिक सुरक्षित रहेंगे।

चर्चा करो: सोचो, अगर तुम्हारे यहाँ भूकंप आ जाए, तो तुम्हारे घर में किस तरह का नुकसान हो सकता है?

सोचो, अगर तुम्हारे यहाँ भूकंप आ जाए, तो तुम्हारे घर में किस तरह का नुकसान हो सकता है?
Solution: अगर मेरे घर में भूकंप आ जाए, तो कई तरह का नुकसान हो सकता है:
  • दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ सकती हैं।
  • छत का कुछ हिस्सा या पूरी छत गिर सकती है।
  • दीवारें ढह सकती हैं, जिससे घर का ढाँचा कमजोर हो सकता है।
  • घर के अंदर रखी चीजें जैसे फर्नीचर, बर्तन, शीशे आदि टूट सकते हैं।
  • अगर कोई घर के अंदर है तो वह मलबे के नीचे दबकर घायल हो सकता है या उसे चोट लग सकती है।
इस तरह के नुकसान से जान-माल दोनों का खतरा हो सकता है।

लिखो: अपने घर की तुलना जस्मा के घर से करो। दोनों घरों को बनाने के लिए इस्तेमाल की गई चीजों की सूची कॉपी में बनाओ।

अपने घर की तुलना जस्मा के घर से करो। दोनों घरों को बनाने के लिए इस्तेमाल की गई चीजों की सूची कॉपी में बनाओ।
Solution:

जस्मा का घर:

  • मिट्टी
  • गोबर (दीवारों को प्लास्टर करने के लिए)
  • लकड़ी (शायद छत या दरवाजों के लिए)

मेरा घर:

  • ईंटें (दीवारों के लिए)
  • सीमेंट (जोड़ने और प्लास्टर करने के लिए)
  • लोहे की छड़ें (मजबूती के लिए, खासकर छत और नींव में)
  • लकड़ी (दरवाजे, खिड़कियाँ, या छत के कुछ हिस्सों के लिए)
  • कंक्रीट (छत और नींव के लिए)
यह तुलना दर्शाती है कि जस्मा का घर पारंपरिक सामग्री से बना है, जबकि मेरा घर आधुनिक और मजबूत निर्माण सामग्री का उपयोग करके बनाया गया है, जो भूकंप जैसी आपदाओं का सामना करने में अधिक सक्षम हो सकता है।

क्या-क्या करें?: संस्था के लोगों ने जस्मा के स्कूल में अभ्यास कराया कि भूकम्प आने पर क्या-क्या करना चाहिए।

संस्था के लोगों ने जस्मा के स्कूल में अभ्यास कराया कि भूकम्प आने पर क्या-क्या करना चाहिए।
Solution: संस्था के लोगों ने जस्मा के स्कूल में भूकंप आने पर क्या-क्या करना चाहिए, इसका अभ्यास कराया। मुख्य निर्देश इस प्रकार थे:
  • यदि संभव हो तो तुरंत घर से बाहर निकलकर किसी खुले स्थान पर चले जाना चाहिए।
  • यदि घर से बाहर निकलना संभव न हो, तो किसी मजबूत चीज, जैसे कि मेज के नीचे छिप जाना चाहिए और उसे कसकर पकड़ लेना चाहिए ताकि वह फिसले नहीं।
  • कंपन पूरी तरह से रुक जाने तक वहीं इंतजार करना चाहिए।
यह अभ्यास छात्रों को आपात स्थिति में सुरक्षित रहने के लिए तैयार करने में मदद करता है।

क्या-क्या करें?: क्या तुम्हें कभी स्कूल में या कहीं और इस बारे में बताया गया है कि भूकंप जैसी मुसीबत के समय क्या करना चाहिए?

क्या तुम्हें कभी स्कूल में या कहीं और इस बारे में बताया गया है कि भूकंप जैसी मुसीबत के समय क्या करना चाहिए?
Solution: हाँ, मेरे स्कूल में भी भूकंप जैसी आपदाओं के समय सुरक्षा संबंधी तरीकों और सावधानियों के बारे में बताया गया है। हमें सिखाया गया है कि ऐसी स्थिति में कैसे शांत रहें, कहाँ शरण लें और क्या कदम उठाएं ताकि हम खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकें। यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है।

क्या-क्या करें?: भूकम्प के समय किसी मजबूत चीज के नीचे छिप जाने को क्यों कहा गया है?

भूकम्प के समय किसी मजबूत चीज के नीचे छिप जाने को क्यों कहा गया है?
Solution: भूकंप के समय किसी मजबूत चीज, जैसे कि मेज या डेस्क के नीचे छिप जाने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि ऊपर से गिरने वाली वस्तुओं, जैसे कि छत का मलबा, अलमारी या अन्य भारी सामान से बचा जा सके। मजबूत चीज के नीचे रहने से व्यक्ति को गिरने वाली चीजों से सुरक्षा मिलती है और चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।

लिखो: टी.वी. की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में हजारों लोग घायल हुए और मरे भी। अगर यहाँ बनी इमारतें भूकम्प से सुरक्षित होतीं, तो क्या नुकसान में कुछ अंतर होता? क्या?

टी.वी. की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में हजारों लोग घायल हुए और मरे भी। अगर यहाँ बनी इमारतें भूकम्प से सुरक्षित होतीं, तो क्या नुकसान में कुछ अंतर होता? क्या?
Solution: हाँ, अगर गुजरात में बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं, तो नुकसान में निश्चित रूप से बहुत अंतर होता। यदि इमारतें भूकंप प्रतिरोधी होतीं, तो वे ढहने से बच जातीं। इससे:
  • कम लोग इमारतों के मलबे के नीचे दबते, जिससे मरने वालों और घायलों की संख्या काफी कम हो जाती।
  • लोगों का कीमती सामान और घर सुरक्षित रहते, जिससे उन्हें रहने और जीवन यापन में आसानी होती।
  • पुनर्निर्माण और राहत कार्यों का बोझ भी कम हो जाता।
इसलिए, भूकंप प्रतिरोधी निर्माण तकनीकें जान-माल के नुकसान को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

लिखो: ऐसे समय पर जब लोगों के घर ही नहीं रहे, तब लोगों को किस-किस तरह की राहत की जरूरत पड़ी होगी?

ऐसे समय पर जब लोगों के घर ही नहीं रहे, तब लोगों को किस-किस तरह की राहत की जरूरत पड़ी होगी?
Solution: जब लोगों के घर भूकंप या किसी अन्य आपदा में नष्ट हो जाते हैं, तो उन्हें कई तरह की तत्काल राहत की आवश्यकता होती है। इनमें प्रमुख हैं:
  • रहने की व्यवस्था: सुरक्षित और अस्थायी आश्रय स्थल जहाँ वे मौसम से बच सकें।
  • भोजन की व्यवस्था: जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त और पौष्टिक भोजन।
  • पीने का पानी: स्वच्छ और सुरक्षित पीने योग्य पानी की आपूर्ति।
  • कपड़े: पहनने के लिए साफ और उपयुक्त कपड़े।
  • चिकित्सा सहायता: घायलों के इलाज के लिए डॉक्टर, नर्स और दवाएं।
  • सुरक्षा: प्रभावित क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती।
  • मनोवैज्ञानिक सहायता: सदमे से उबरने के लिए परामर्श और भावनात्मक समर्थन।
ये सभी राहतें लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करती हैं।

लिखो: ऐसे में किन-किन की मदद की जरूरत पड़ती होगी और किस काम के लिए? कॉपी में तालिका बनाकर लिखो।

ऐसे में किन-किन की मदद की जरूरत पड़ती होगी और किस काम के लिए? कॉपी में तालिका बनाकर लिखो।
Solution: आपदा के समय विभिन्न लोगों और साधनों की मदद की आवश्यकता होती है, जिन्हें एक तालिका में दर्शाया जा सकता है:
किन-किन की मदद की जरूरत काम में मदद
प्रशिक्षित बचाव दल (जैसे NDRF) गिरे हुए मकानों के मलबे से लोगों को खोजना और बचाना।
डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ घायलों का तुरंत इलाज करना और चिकित्सा शिविर लगाना।
सेना और पुलिस के जवान राहत सामग्री का वितरण, कानून व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा प्रदान करना।
बुलडोजर और भारी मशीनरी ऑपरेटर रास्ते साफ करने और मलबे को हटाने के लिए।
स्वयंसेवक और स्थानीय लोग राहत सामग्री बांटने, आश्रय बनाने और जरूरतमंदों की सहायता करने में मदद करना।
पशु चिकित्सक (यदि पशुधन प्रभावित हो) बीमार या घायल जानवरों का इलाज करना।
संचार विशेषज्ञ (जैसे रेडियो ऑपरेटर) प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क स्थापित करना और संदेश पहुंचाना।
पोषाहार विशेषज्ञ सभी के लिए पौष्टिक भोजन की योजना बनाना और वितरण सुनिश्चित करना।
यह तालिका दर्शाती है कि आपदा प्रबंधन एक बहुआयामी कार्य है जिसमें कई विशेषज्ञों और सामान्य नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता होती है।

Common mistakes

  • आपदा के समय घबराहट में गलत कदम उठाना।
  • सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज करना।
  • भूकंप प्रतिरोधी निर्माण के महत्व को न समझना।

Revision tips

  • भूकंप के दौरान और बाद में क्या करें, इसकी सूची बनाएं।
  • विभिन्न बचाव दलों और उनकी भूमिकाओं को समझें।
  • आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक वस्तुओं की सूची तैयार करें।
  • भूकंप प्रतिरोधी घरों के निर्माण के तरीकों पर चर्चा करें।

Practice MCQs

Q1. भूकंप का मुख्य कारण क्या है?

Q2. भूकंप आने पर सबसे सुरक्षित स्थान कौन सा है?

Q3. जस्मा के गाँव में पुनर्निर्माण के लिए किसने मदद की?

Q4. आपदा के समय लोगों को किस प्रकार की राहत की आवश्यकता होती है?

Q5. बचाव कार्यों में सेना के जवानों की क्या भूमिका होती है?

Frequently asked questions

यह अध्याय "जब धरती काँपी" किस बारे में है?

यह अध्याय कक्षा 5 के पर्यावरण अध्ययन के लिए है और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं, उनके प्रभावों और उनसे निपटने के तरीकों पर केंद्रित है।

भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए?

भूकंप के दौरान, यदि संभव हो तो घर से बाहर निकलकर खुले में जाएं। यदि बाहर निकलना संभव न हो, तो किसी मजबूत मेज के नीचे छिप जाएं और कंपन रुकने तक वहीं रहें।

आपदा के समय कौन लोग मदद करते हैं?

आपदा के समय पड़ोसी, स्थानीय नेता, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के सदस्य, डॉक्टर, नर्स, पुलिस और सेना के जवान मदद करते हैं।

भूकंप प्रतिरोधी घर क्यों बनाए जाते हैं?

भूकंप प्रतिरोधी घर इसलिए बनाए जाते हैं ताकि वे भूकंप के झटकों को झेल सकें और लोगों को जान-माल के नुकसान से बचाया जा सके।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार को समझने में मदद करते हैं।

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