CBSE Class 4 आस-पास: Chapter 26 कोशिश हुई कामयाब NCERT Solutions
This chapter, 'कोशिश हुई कामयाब' (Efforts Were Successful) from CBSE Class 4's 'आस-पास' (Around Us) textbook, focuses on Chapter 26, 'चुसकिट का सपना' (Chuskit's Dream) and 'चुसकिट की कुर्सी' (Chuskit's Wheelchair). It highlights the challenges faced by children with disabilities in accessing education and the importance of inclusivity. Through Chuskit's story, students learn about the difficulties she encounters in reaching school and participating in activities due to her physical condition. The chapter emphasizes the role of community support, friendship, and accessibility features like ramps in enabling children like Chuskit to attend school. It encourages empathy and understanding towards differently-abled peers and prompts reflection on how to make schools and communities more inclusive. These NCERT Solutions provide clear, step-by-step answers to all questions, helping students grasp the concepts of empathy, accessibility, and the importance of overcoming obstacles through collective effort, making it an excellent resource for exam revision.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 4 |
| Subject | आस-पास |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 26 |
Chapter summary
Chapter 26 of CBSE Class 4's 'आस-पास' textbook, titled 'कोशिश हुई कामयाब', delves into the story of Chuskit and her dream of going to school. The solutions cover the challenges Chuskit faced due to her inability to walk and the community's efforts to help her. It explores themes of friendship, accessibility (like ramps and wheelchairs), and the importance of inclusive education. The exercises encourage students to think about empathy and how to support classmates with special needs.
Learning outcomes
- Understand the challenges faced by children with mobility issues in attending school.
- Recognize the importance of accessibility features like ramps and wheelchairs.
- Appreciate the role of friendship and community support in overcoming obstacles.
- Develop empathy and a sense of responsibility towards differently-abled peers.
- Reflect on how to make schools and communities more inclusive for everyone.
Topics covered
Paper topics
- Chuskit's Dream
- Challenges in Accessing School
- Wheelchairs and Ramps
- Friendship and Support
- Inclusivity in Education
- Empathy and Helping Others
- Community Efforts
- Accessibility Features
Important topics
- Chuskit's challenges and how they were overcome
- The role of ramps and wheelchairs
- Importance of friendship and community support
- Making schools inclusive for all children
- Developing empathy for differently-abled peers
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
चुसकिट का सपना
Q1. तुम स्कूल कैसे जाते हो?
Solution: मैं स्कूल जाने के लिए अपनी साइकिल का उपयोग करता हूँ। यह मुझे समय पर स्कूल पहुँचने में मदद करती है और यह आने-जाने का एक सुविधाजनक तरीका है।
Q2. पता करो, लद्दाख कहाँ है। वह कैसा इलाका है?
Solution: लद्दाख भारत के उत्तरी भाग में, जम्मू और कश्मीर राज्य के पूर्व में स्थित एक ऊँचा पठारी क्षेत्र है। यह समुद्र तल से लगभग 3000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह एक बहुत ही ठंडा और शुष्क रेगिस्तानी इलाका है, जहाँ बहुत कम बारिश होती है और सर्दियाँ अत्यधिक ठंडी होती हैं।
चुसकिट की कुर्सी
Q1. तुम्हें स्कूल में क्या-क्या करना अच्छा लगता है?
Solution: मुझे स्कूल में विभिन्न गतिविधियाँ करना बहुत पसंद है। मुझे नई चीजें सीखना, जैसे कि पढ़ना और लिखना, बहुत अच्छा लगता है। इसके अलावा, अपने दोस्तों के साथ खेलना और स्कूल की अन्य मजेदार गतिविधियों में भाग लेना भी मुझे बहुत आनंद देता है।
Q2. तुम्हें क्या स्कूल जाना अच्छा लगता है?
Solution: हाँ, मुझे स्कूल जाना बहुत अच्छा लगता है। स्कूल एक ऐसी जगह है जहाँ मैं नई चीजें सीखता हूँ, अपने दोस्तों से मिलता हूँ और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेता हूँ। यह मेरे लिए सीखने और बढ़ने का एक महत्वपूर्ण स्थान है।
Q3. यदि तुम कभी स्कूल नहीं जा पाते, तो तुम्हें कैसा लगता?
Solution: यदि मैं कभी स्कूल नहीं जा पाता, तो मुझे बहुत बुरा लगता। मुझे अपने दोस्तों की बहुत याद आती और मैं स्कूल में होने वाली मजेदार गतिविधियों और सीखने के अवसरों से चूक जाता। मुझे अकेलापन महसूस होता और मैं स्कूल जाने के लिए उत्सुक रहता।
Q1. चुसकिट किस-किस की मदद से स्कूल पहुँच पाई?
Solution: चुसकिट स्कूल पहुँचने के लिए अपने दोस्त अब्दुल, स्कूल के अन्य बच्चों और स्कूल के शिक्षकों की मदद पर निर्भर थी। उन्होंने मिलकर उसे उसकी व्हीलचेयर पर स्कूल तक पहुँचाने की व्यवस्था की।
Q2. अगर तुम अब्दुल होते, तो तुम क्या-क्या करते?
Solution: यदि मैं अब्दुल होता, तो मैं भी चुसकिट की मदद करता। मैं उसे स्कूल पहुँचाने में अपने दोस्तों के साथ मिलकर सहयोग करता और यह सुनिश्चित करता कि वह आराम से स्कूल पहुँच सके। मैं उसके साथ खेलता और स्कूल की गतिविधियों में उसकी मदद करता।
Q3. चुसकिट स्कूल तो पहुँच गई। पर स्कूल के अंदर उसे कुछ परेशानियाँ हो सकती हैं? कौन-कौन सी? अगर तुम चुसकिट के दोस्त होते, तो उसकी मदद कैसे-कैसे करते?
Solution: चुसकिट को स्कूल के अंदर कई परेशानियाँ हो सकती हैं, जैसे कि कक्षाओं के बीच घूमना, खेलने के मैदान तक पहुँचना, या शौचालय का उपयोग करना, क्योंकि ये सब जगहें उसकी व्हीलचेयर के लिए सुलभ नहीं हो सकती हैं। यदि मैं चुसकिट का दोस्त होता, तो मैं उसकी व्हीलचेयर को धकेलने में मदद करता, उसे कक्षाओं और खेलने के मैदान तक ले जाता, और यह सुनिश्चित करता कि वह स्कूल की सभी गतिविधियों में भाग ले सके। मैं उसके साथ खेलने के लिए ऐसे खेल चुनता जिनमें वह आसानी से शामिल हो सके।
Q4. क्या तुम्हारे स्कूल में पहियों वाली कुर्सी के लिए रैंप बने हैं?
Solution: हाँ, मेरे स्कूल में पहियों वाली कुर्सी (व्हीलचेयर) के आने-जाने के लिए रैंप बने हुए हैं। ये रैंप स्कूल के विभिन्न हिस्सों, जैसे कि कक्षाओं और मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुँचने को आसान बनाते हैं।
Q5. क्या तुम्हारे घर के आस-पास कोई ऐसा बच्चा रहता है, जिसे किन्हीं कारणों से स्कूल जाने में परेशानी हो रही हो? क्या तुम उस बच्चे की मदद करना चाहोगे? कैसे?
Solution: हाँ, मेरे घर के पास एक बच्चा है जिसे स्कूल जाने में परेशानी होती है क्योंकि वह देख नहीं सकता। मैं निश्चित रूप से उसकी मदद करना चाहूँगा। मैं उसके माता-पिता से बात करके उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करूँगा और स्कूल में उसकी पढ़ाई में सहायता करने के तरीके खोजूँगा, जैसे कि उसे पढ़कर सुनाना या ब्रेल लिपि सीखने में मदद करना।
Q6. अपने घर के आस-पास की इमारतों को देखो। क्या उनमें पहियों वाली कुर्सी अंदर ले जाने की सुविधा है?
Solution: मैंने अपने घर के आस-पास की इमारतों को देखा है, और दुर्भाग्य से, उनमें से अधिकांश में पहियों वाली कुर्सी (व्हीलचेयर) को अंदर ले जाने के लिए रैंप या विशेष सुविधाएँ नहीं हैं। प्रवेश द्वार अक्सर सीढ़ियों वाले होते हैं, जिससे व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले लोगों के लिए अंदर जाना मुश्किल हो जाता है।
आओ, बना कर देखें
Q1. रैंप और पहियों वाली कुर्सी का चित्र कॉपी में बनाओ।
Solution: (यहाँ छात्र अपनी कॉपी में रैंप और पहियों वाली कुर्सी का चित्र बना सकते हैं। रैंप एक ढलान वाली सतह होती है जो व्हीलचेयर को ऊपर या नीचे ले जाने में मदद करती है, और पहियों वाली कुर्सी एक सीट होती है जिसमें पहिये लगे होते हैं ताकि व्यक्ति आसानी से घूम सके।)
Q2. तुम भी अपना एक पुल बनाओ। इसके लिए सामान तुम्हें अपने आस-पास ही मिल सकता है, जैसे-आइसक्रीम की इंडियाँ, प्लास्टिक के चम्मच, छोटी डंडियाँ, रस्सी, सुतली आदि। अपने सारे दोस्तों को भी पुल बनाने के लिए कहो।
Solution: (छात्र अपने दोस्तों के साथ मिलकर आइसक्रीम की डंडियों, प्लास्टिक के चम्मच, छोटी डंडियों, रस्सी और सुतली जैसी सामग्री का उपयोग करके एक पुल बना सकते हैं। यह गतिविधि रचनात्मकता और टीम वर्क को बढ़ावा देती है। पुल बनाने के लिए, आप इन सामग्रियों को जोड़कर एक मजबूत ढाँचा तैयार कर सकते हैं, जैसे कि डंडियों को चिपकाकर या बाँधकर।)
Common mistakes
- Not considering the practical difficulties faced by students with disabilities.
- Underestimating the importance of simple accessibility aids like ramps.
- Focusing only on individual effort rather than community support.
- Failing to empathize with the emotional challenges of exclusion.
Revision tips
- Read Chuskit's story carefully to understand her challenges and the solutions provided by her friends and community.
- Think about how ramps and wheelchairs help students with mobility issues.
- Discuss with friends how you can help classmates who might face difficulties in school.
- Imagine yourself in Chuskit's or Abdul's shoes to better understand their feelings and actions.
Practice MCQs
Q1. चुसकिट को स्कूल जाने में मुख्य परेशानी क्या थी?
Explanation: चुसकिट चल नहीं सकती थी, जिसके कारण उसे स्कूल पहुँचने और स्कूल के अंदर घूमने में परेशानी होती थी।
Q2. चुसकिट को स्कूल पहुँचाने में किसने मदद की?
Explanation: अब्दुल और स्कूल के अन्य बच्चों ने मिलकर चुसकिट को स्कूल पहुँचाने में मदद की, जिससे उसकी व्हीलचेयर को आसानी से ले जाया जा सके।
Q3. स्कूल में पहियों वाली कुर्सी के लिए क्या सुविधा होनी चाहिए जिससे आने-जाने में आसानी हो?
Explanation: रैंप पहियों वाली कुर्सी को आसानी से ऊपर-नीचे ले जाने में मदद करते हैं, जिससे स्कूल में आने-जाने की सुविधा बढ़ती है।
Q4. यह कहानी हमें क्या सिखाती है?
Explanation: यह कहानी सिखाती है कि हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी शारीरिक स्थिति में हो, स्कूल जाने और पढ़ने का पूरा अधिकार है और हमें उनकी मदद करनी चाहिए।
Q5. अगर आप अब्दुल होते, तो चुसकिट की मदद कैसे करते?
Explanation: एक अच्छे दोस्त के नाते, अब्दुल की तरह ही, चुसकिट को स्कूल पहुँचाने में मदद करना और उसके साथ खेलना उसकी सहायता करने का सही तरीका है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान CBSE कक्षा 4 के 'आस-पास' (विषय) के अध्याय 26 'कोशिश हुई कामयाब' के लिए हैं।
इस अध्याय में मुख्य कहानी किसकी है?
इस अध्याय में मुख्य कहानी चुसकिट नाम की एक लड़की की है, जो चल नहीं सकती और स्कूल जाने का सपना देखती है।
चुसकिट को स्कूल जाने में क्या कठिनाइयाँ थीं?
चुसकिट को चलने में कठिनाई थी, जिससे उसे स्कूल पहुँचने और स्कूल के अंदर घूमने, खेलने आदि में परेशानी होती थी।
कहानी में स्कूल को सुलभ बनाने के लिए किन साधनों का उल्लेख किया गया है?
कहानी में पहियों वाली कुर्सी (व्हीलचेयर) और रैंप का उल्लेख किया गया है, जो चुसकिट जैसे बच्चों को स्कूल आने-जाने में मदद करते हैं।
यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेंगे?
ये समाधान छात्रों को अध्याय के प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें कहानी के मुख्य संदेशों और अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है।
क्या इस अध्याय में रचनात्मक गतिविधियों के बारे में भी बताया गया है?
हाँ, अध्याय में रैंप और पहियों वाली कुर्सी का चित्र बनाने और पुल बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियों का भी सुझाव दिया गया है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.