CBSE Class 3 EVS Chapter 13: धूकर देखें NCERT Solutions

NCERT Solutions PDF Class 3 PDF

CBSE Class 3 Environmental Studies chapter 'Let's See by Touching' introduces young learners to the diverse abilities people have and the importance of empathy. This chapter delves into how individuals with visual impairments experience their surroundings, highlighting the crucial roles of touch and hearing. It also addresses the challenges faced by the elderly in their daily lives. The NCERT Solutions offer straightforward explanations, encouraging students to understand and appreciate these differences. Through engaging content, children will learn about assisting older people, recognizing the difficulties associated with not being able to see or hear, and discovering how touch and sound can be used for identification. The primary goal is to cultivate a sense of care and responsibility towards individuals with special needs and the elderly, emphasizing the value of observation and sensory awareness.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 3
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. धूकर देखें

Chapter summary

Chapter 13, 'धूकर देखें', for Class 3 EVS, delves into sensory perception and empathy. The NCERT Solutions cover topics like assisting the elderly, understanding visual and hearing impairments, and the role of touch and sound in identification. It includes activities and questions that encourage students to think about how people with disabilities experience the world and how they can offer support. The solutions emphasize practical ways to help and build awareness about different abilities.

Learning outcomes

  • Understand the challenges faced by the elderly and people with visual impairments.
  • Learn ways to help and support individuals with different abilities.
  • Recognize the importance of senses like touch and hearing in identifying people and objects.
  • Develop empathy and compassion towards others.
  • Explore how different senses can be used to perceive the world.

Topics covered

Paper topics

  • Helping the elderly
  • Visual impairment
  • Hearing impairment
  • Sensory perception
  • Sense of touch
  • Sense of hearing
  • Identifying by touch
  • Identifying by sound
  • Empathy
  • Disability awareness

Important topics

  • Ways to help the elderly
  • Understanding visual impairment
  • Using touch to identify
  • Using sound to identify
  • Developing empathy

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

सीमा के पापा उसकी नानी को अखबार जोर-जोर से पढ़कर सुनाते हैं। तुम बड़ी उम्र वाले लोगों की कैसे मदद करते हो?
Solution: मुझे जब भी मौका मिलता है, मैं अपने से बड़ी उम्र के लोगों की मदद करने की पूरी कोशिश करता हूँ। उदाहरण के लिए, मैं अपने दादाजी को उनका चश्मा ढूँढने में सहायता करता हूँ। मैं उनके साथ शाम को टहलने भी जाता हूँ ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें रास्ते में किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या का सामना न करना पड़े।

प्रश्न 2

जब कोई व्यक्ति बूढ़ा हो जाता है, तब उनको क्या-क्या तकलीफें हो सकती हैं?
Solution: जब कोई व्यक्ति बूढ़ा हो जाता है, तो उन्हें कई तरह की शारीरिक और संवेदी तकलीफें हो सकती हैं। इनमें शामिल हैं:
  • वे ठीक से सुन नहीं पाते हैं, जिससे उन्हें बातचीत समझने में मुश्किल हो सकती है।
  • उनकी दृष्टि कमजोर हो जाती है, और वे चीजों को स्पष्ट रूप से देख नहीं पाते हैं।
  • उन्हें भोजन पचाने में कठिनाई हो सकती है या वे कुछ खास चीजें नहीं खा पाते हैं।
  • उनके घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द होने लगता है, जिससे चलने-फिरने में परेशानी होती है।

प्रश्न 3

रवि भैया बिना देखे सारी बातें कैसे जान जाते हैं?
Solution: रवि भैया अपनी असाधारण श्रवण शक्ति के कारण बिना देखे भी बहुत कुछ जान जाते हैं। जो लोग जन्म से या किसी कारणवश देख नहीं पाते (अंधे होते हैं), उनकी सुनने की क्षमता अक्सर बहुत तेज हो जाती है। वे आवाजों, ध्वनियों और बातचीत के माध्यम से अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं।

प्रश्न 4

क्या तुम्हें कभी छड़ी की जरूरत पड़ी है? कब?
Solution: मुझे व्यक्तिगत रूप से कभी छड़ी की आवश्यकता महसूस नहीं हुई है।

प्रश्न 5

क्या तुम सोच सकते हो तुम्हें छड़ी की जरूरत कब पड़ सकती है?
Solution: छड़ी की जरूरत कई परिस्थितियों में पड़ सकती है, जैसे:
  • जब पैर में गंभीर मोच आ जाए या हड्डी टूट जाए, जिससे चलने में सहारे की आवश्यकता हो।
  • जब किसी पहाड़ी या ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर चढ़ना हो, जहाँ संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सहारे की जरूरत हो।
  • कभी-कभी, जब कोई व्यक्ति बीमार हो और उसे चलने में कमजोरी महसूस हो रही हो।

प्रश्न 6

हम उन लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं, जिन्हें दिखता नहीं है?
Solution: जिन लोगों को दिखाई नहीं देता, हम उनकी कई तरह से मदद कर सकते हैं, जिससे उनका जीवन आसान हो सके:
  • बस या सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करते समय, हम उन्हें बैठने के लिए अपनी सीट दे सकते हैं।
  • सीढ़ियाँ चढ़ते या उतरते समय, हम उनका हाथ पकड़कर या उन्हें सहारा देकर मदद कर सकते हैं।
  • यदि वे स्वयं समाचार पत्र या कोई अन्य पाठ्य सामग्री पढ़ने में असमर्थ हैं, तो हम उनके लिए उसे पढ़कर सुना सकते हैं।
  • रास्ता पार करने या किसी अनजान जगह पर जाने में उनका मार्गदर्शन कर सकते हैं।

प्रश्न 7

क्या तुम्हारे परिवार में ऐसा कोई सदस्य है, जो देख, बोल या सुन नहीं सकता? क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो? इनके काम में लोग कैसे मदद करते हैं?
Solution: मेरे परिवार में ऐसा कोई सदस्य नहीं है जिसे देखने, बोलने या सुनने में कोई समस्या हो। हालाँकि, मेरे पड़ोस में एक लड़का है जो बोल नहीं पाता है। वह विशेष रूप से मूक-बधिर बच्चों के लिए बने स्कूल में जाता है। हम लोग खेल के मैदान में उसके साथ ऐसे खेल खेलते हैं जो सरल हों और जिनमें बोलने की आवश्यकता कम हो, ताकि वह भी खेल का आनंद ले सके।

प्रश्न 8

समूह में एक बच्चा अपनी आँख पर पट्टी बाँधे। फिर बाकी बच्चे एक-एक करके चुपचाप उस बच्चे के पास आएँ। आँखें बंद किया बच्चा दूसरे पर हाथ फेरकर उसे पहचानने की कोशिश करे। ध्यान रहे कोई आवाज न करे। क्यों?
Solution: आँख पर पट्टी बाँधकर बच्चे को दूसरे को पहचानने के लिए कहा गया है ताकि वह केवल स्पर्श के माध्यम से ही पहचान कर सके। यदि कोई आवाज की जाती है, तो पट्टी बाँधा हुआ बच्चा आवाज सुनकर भी पहचान सकता है। खेल का उद्देश्य यह परखना है कि केवल स्पर्श की इंद्रिय का उपयोग करके किसी को कितनी अच्छी तरह पहचाना जा सकता है, इसलिए आवाज न करने की हिदायत दी गई है।

प्रश्न 9

कितने बच्चे छुकर किसी को पहचान पाए?
Solution: इस गतिविधि में, दो बच्चों ने छूकर दूसरे बच्चे को सफलतापूर्वक पहचान लिया।

प्रश्न 10

कितने बच्चे आवाज सुनकर बच्चों को पहचान पाए?
Solution: जब बच्चों को आवाज से पहचानने का अवसर दिया गया, तो चार बच्चों ने आवाज सुनकर दूसरे को पहचान लिया।

प्रश्न 11

दोनों में से क्या ज्यादा आसान था?
Solution: आवाज सुनकर पहचानना, केवल छूकर पहचानने की तुलना में ज्यादा आसान था। ऐसा इसलिए है क्योंकि आवाजें अक्सर अधिक विशिष्ट होती हैं और दूर से भी पहचानी जा सकती हैं, जबकि स्पर्श के लिए करीब आना और शारीरिक संपर्क जरूरी होता है।

प्रश्न 12

छू कर बताओ तुम्हारे मुँह में कितने दाँत हैं। कक्षा में किन बच्चों के सबसे ज्यादा दाँत हैं?
Solution: यह एक व्यक्तिगत गतिविधि है जिसे प्रत्येक छात्र को स्वयं करना होगा। अपने मुँह में उंगली डालकर या शीशे के सामने देखकर अपने दाँतों की संख्या गिनें। कक्षा में सबसे ज्यादा दाँत वाले बच्चों की पहचान करने के लिए, सभी छात्रों को अपने दाँतों की संख्या बतानी होगी और फिर कक्षा में तुलना करनी होगी।

प्रश्न 13

क्या-क्या चीजें तुम केवल छूकर जान सकते हो?
Solution: हम केवल छूकर कई चीजों को पहचान सकते हैं। कुछ उदाहरण हैं:
  • कपड़े: रेशम, ऊन, सूती, सिंथेटिक आदि को उनके टेक्सचर से पहचाना जा सकता है।
  • ग्लास: यह चिकना और ठंडा महसूस होता है।
  • धातु (जैसे लोहा): यह आमतौर पर ठंडा और कठोर होता है।
  • लकड़ी: इसका अपना एक अलग टेक्सचर और कठोरता होती है।
  • मिट्टी: गीली या सूखी मिट्टी को छूने पर उसका एहसास अलग होता है।
  • अन्य वस्तुएं जैसे प्लास्टिक, कागज, पत्थर, पानी (तरल अवस्था में) आदि को भी छूकर पहचाना जा सकता है।

प्रश्न 14

आँख बंद करके बैठो और सुनो। किस-किस की आवाजें सुनाई देती हैं? किन लोगों की आहट पहचान सकते हो?
Solution: यह एक आत्म-चिंतन और अवलोकन गतिविधि है। आँखें बंद करके बैठने पर, आपको विभिन्न प्रकार की आवाजें सुनाई दे सकती हैं, जैसे:
  • घर के सदस्यों की आवाजें (जैसे माता-पिता, भाई-बहन)।
  • पालतू जानवरों की आवाजें (यदि कोई हो)।
  • बाहर से आने वाली आवाजें (जैसे वाहनों का शोर, पक्षियों का चहचहाना, पड़ोसियों की बातचीत)।
  • घड़ी की टिक-टिक या पंखे की आवाज।
आप लोगों की आहट (चलने की आवाज) को भी पहचान सकते हैं, खासकर यदि वे आपके करीबी हैं और आप उनके चलने के तरीके से परिचित हैं।

प्रश्न 15

केवल सूंघ कर क्या तुम किसी व्यक्ति को या किसी जानवर को पहचान सकते हो?
Solution: हाँ, कुछ हद तक केवल सूंघ कर भी हम किसी व्यक्ति या जानवर को पहचान सकते हैं। हमारे करीबी लोगों की एक विशिष्ट गंध होती है जिसे हम पहचान सकते हैं। इसी तरह, कुछ जानवरों की भी अपनी खास गंध होती है, जैसे कुत्ते या बिल्ली की गंध को हम पहचान सकते हैं। हालाँकि, यह पहचान अन्य इंद्रियों (जैसे सुनना या देखना) की तुलना में कम निश्चित हो सकती है।

Common mistakes

  • Not considering the practical difficulties faced by visually impaired individuals.
  • Underestimating the importance of non-visual senses.
  • Failing to offer help to elderly or disabled individuals.
  • Assuming everyone experiences the world in the same way.

Revision tips

  • Focus on the practical examples of helping the elderly and visually impaired.
  • Think about how you can use your senses of touch and hearing to identify things.
  • Discuss with friends how to be more helpful to people with different abilities.
  • Review the activities related to identifying people by touch and sound.

Practice MCQs

Q1. सीमा के पापा उसकी नानी को अखबार जोर-जोर से पढ़कर सुनाते हैं। यह किस प्रकार की मदद है?

Q2. जब कोई व्यक्ति बूढ़ा हो जाता है, तो उसे क्या तकलीफें हो सकती हैं?

Q3. रवि भैया बिना देखे सारी बातें कैसे जान जाते हैं?

Q4. हमें छड़ी की जरूरत कब पड़ सकती है?

Q5. आँख मिचौनी खेल में, आवाज न करने की हिदायत क्यों दी गई थी?

Frequently asked questions

यह पाठ 'धूकर देखें' किस बारे में है?

यह पाठ 'धूकर देखें' (Let's See by Touching) बच्चों को विभिन्न इंद्रियों, विशेष रूप से स्पर्श और श्रवण की भूमिका को समझने में मदद करता है। यह बुजुर्गों और दृष्टिबाधित लोगों की सहायता करने के तरीकों पर भी प्रकाश डालता है।

बुजुर्ग लोगों को क्या-क्या परेशानियाँ हो सकती हैं?

बुजुर्ग लोगों को अक्सर सुनने और देखने में कठिनाई, खाने में परेशानी, और घुटनों व जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

दृष्टिबाधित (जो देख नहीं सकते) लोगों की मदद कैसे की जा सकती है?

दृष्टिबाधित लोगों की मदद बस में सीट देकर, सीढ़ियाँ चढ़ने में सहायता करके, या उनके लिए समाचार पढ़कर की जा सकती है।

आँख मिचौनी खेल में छूकर पहचानना क्यों महत्वपूर्ण था?

आँख मिचौनी खेल में छूकर पहचानना यह परखने के लिए महत्वपूर्ण था कि क्या बच्चा केवल स्पर्श के माध्यम से किसी व्यक्ति को पहचान सकता है, बिना किसी अन्य संकेत के।

क्या हम केवल सूंघकर किसी को पहचान सकते हैं?

हाँ, हम केवल सूंघकर अपने करीबी लोगों और कुछ जानवरों को पहचान सकते हैं, क्योंकि उनकी गंध विशिष्ट होती है।

यह पाठ बच्चों में कौन सी भावनाएँ विकसित करने में मदद करता है?

यह पाठ बच्चों में सहानुभूति, करुणा और दूसरों की मदद करने की भावना विकसित करने में मदद करता है, खासकर उन लोगों के प्रति जिन्हें विशेष सहायता की आवश्यकता होती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.