कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: अध्याय 13 नाभिक
यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 13, 'नाभिक' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें समस्थानिकों के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना करने के तरीके पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें लीथियम और बोरॉन जैसे तत्वों के उदाहरण शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है। यह अध्याय परमाणु नाभिक की संरचना और गुणों की पड़ताल करता है, जिसमें समस्थानिकों की बहुलता और उनके द्रव्यमान का उपयोग करके औसत परमाणु भार की गणना करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को उनकी परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं, जो अभ्यास समस्याओं को हल करने के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. नाभिक |
Chapter summary
अध्याय 13 'नाभिक' के लिए NCERT समाधानों में समस्थानिकों के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें दिए गए समस्थानिकों की बहुलता और उनके व्यक्तिगत परमाणु द्रव्यमान का उपयोग करके औसत परमाणु भार ज्ञात करने के लिए विस्तृत चरण शामिल हैं। समाधान लीथियम और बोरॉन जैसे तत्वों के उदाहरणों के माध्यम से इन गणनाओं को स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय छात्रों को नाभिक की संरचना और गुणों की मौलिक समझ प्रदान करता है, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Learning outcomes
- समस्थानिकों की बहुलता और उनके द्रव्यमान का उपयोग करके किसी तत्व का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करना।
- औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना के लिए दिए गए डेटा का उपयोग करना।
- समस्थानिकों की बहुलता की गणना करना जब औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात हो।
- नाभिकीय भौतिकी की मूल अवधारणाओं को समझना।
Topics covered
Paper topics
- नाभिक
- समस्थानिक
- परमाणु द्रव्यमान
- औसत परमाणु द्रव्यमान
- समस्थानिकों की बहुलता
- द्रव्यमान की गणना
Important topics
- औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना
- समस्थानिकों की बहुलता का निर्धारण
- समस्थानिकों के द्रव्यमान का उपयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(b) बोरॉन के दो स्थायी समस्थानिक <math>_5^{10} B</math> एवं <math>_5^{11} B</math> हैं। उनके द्रव्यमान क्रमश: <math>10.01294 \ u</math> एवं 11.00931 u है और बोरॉन का परमाणु भार 10.811 u है। <math>_5^{10} B</math> एवं <math>_5^{11} B</math> की बहुलता ज्ञात कीजिए।
(a) लीथियम के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना करने के लिए, हम प्रत्येक समस्थानिक के द्रव्यमान को उसकी बहुलता प्रतिशत से गुणा करते हैं और फिर इन मानों को जोड़ते हैं।
Li<sup>6</sup> की बहुलता प्रतिशत = 7.5%
Li<sup>7</sup> की बहुलता प्रतिशत = 92.5%
Li<sup>6</sup> का परमाणु द्रव्यमान = 6.01512 u
Li<sup>7</sup> का परमाणु द्रव्यमान = 7.01600 u
औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना इस प्रकार की जाती है:
<math display="block">
लीथियम का परमाणु द्रव्यमान = \frac{(\text{द्रव्यमान}_{Li^6} \times \text{बहुलता}_{Li^6}) + (\text{द्रव्यमान}_{Li^7} \times \text{बहुलता}_{Li^7})}{\text{कुल बहुलता}}
</math>
<math display="block">
= \frac{(6.01512 \times 7.5) + (7.01600 \times 92.5)}{7.5 + 92.5}
</math>
<math display="block">
= \frac{45.1134 + 648.98}{100}
</math>
<math display="block">
= \frac{694.0934}{100} = 6.940934 \ \mathrm{u}
</math>
अतः, लीथियम का परमाणु द्रव्यमान लगभग 6.941 u है।
(b) बोरॉन के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना के लिए, हम मान लेते हैं कि <math>_5^{10} B</math> की बहुलता प्रतिशत x% है। तब <math>_5^{11} B</math> की बहुलता प्रतिशत (100 - x)% होगी।
<math>_5^{10} B</math> का द्रव्यमान = 10.01294 u
<math>_5^{11} B</math> का द्रव्यमान = 11.00931 u
बोरॉन का दिया गया परमाणु भार = 10.811 u
औसत परमाणु द्रव्यमान का सूत्र है:
<math display="block">
\text{परमाणु भार} = \frac{(\text{द्रव्यमान}_{B^{10}} \times \text{बहुलता}_{B^{10}}) + (\text{द्रव्यमान}_{B^{11}} \times \text{बहुलता}_{B^{11}})}{\text{कुल बहुलता}}
</math>
<math display="block">
10.811 = \frac{(10.01294 \times x) + (11.00931 \times (100 - x))}{x + (100 - x)}
</math>
<math display="block">
10.811 = \frac{10.01294x + 1100.931 - 11.00931x}{100}
</math>
<math display="block">
1081.1 = 1100.931 - (11.00931 - 10.01294)x
</math>
<math display="block">
1081.1 = 1100.931 - 0.99637x
</math>
<math display="block">
0.99637x = 1100.931 - 1081.1
</math>
<math display="block">
0.99637x = 19.831
</math>
<math display="block">\nx = \frac{19.831}{0.99637} \approx 19.903
</math>
अतः, <math>_5^{10} B</math> की बहुलता लगभग 19.9% है।
<math>_5^{11} B</math> की बहुलता = (100 - x)% = (100 - 19.9)% = 80.1%।
इसलिए, <math>_5^{10} B</math> की बहुलता 19.9% और <math>_5^{11} B</math> की बहुलता 80.1% है।
प्रश्न 2
नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए, हम प्रत्येक समस्थानिक के द्रव्यमान को उसकी बहुलता प्रतिशत से गुणा करते हैं और फिर इन सभी मानों को जोड़ते हैं।
Ne<sup>20</sup> की बहुलता = 90.51%
Ne<sup>21</sup> की बहुलता = 0.27%
Ne<sup>22</sup> की बहुलता = 9.22%
Ne<sup>20</sup> का परमाणु द्रव्यमान = 19.99 u
Ne<sup>21</sup> का परमाणु द्रव्यमान = 20.99 u
Ne<sup>22</sup> का परमाणु द्रव्यमान = 21.99 u
औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना इस प्रकार की जाती है:
<math display="block">
औसत परमाणु द्रव्यमान = \frac{(\text{द्रव्यमान}_{Ne^{20}} \times \text{बहुलता}_{Ne^{20}}) + (\text{द्रव्यमान}_{Ne^{21}} \times \text{बहुलता}_{Ne^{21}}) + (\text{द्रव्यमान}_{Ne^{22}} \times \text{बहुलता}_{Ne^{22}})}{\text{कुल बहुलता}}
</math>
<math display="block">
= \frac{(19.99 \times 90.51) + (20.99 \times 0.27) + (21.99 \times 9.22)}{90.51 + 0.27 + 9.22}
</math>
<math display="block">
= \frac{1809.2949 + 5.6673 + 202.7478}{100}
</math>
<math display="block">
= \frac{2017.71}{100}
</math>
<math display="block">
= 20.1771 \ \mathrm{u}
</math>
अतः, नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान लगभग 20.18 u है।
Common mistakes
- औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना करते समय बहुलता प्रतिशत को सही ढंग से लागू न करना।
- गणनाओं में दशमलव स्थानों को संभालने में त्रुटियाँ।
- समस्थानिकों के द्रव्यमान और उनकी बहुलता के बीच भ्रमित होना।
Revision tips
- औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना के सूत्र को अच्छी तरह समझें।
- प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें, खासकर जब बहुलता प्रतिशत की गणना कर रहे हों।
- दिए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें ताकि अवधारणा स्पष्ट हो सके।
Practice MCQs
Q1. किसी तत्व का औसत परमाणु द्रव्यमान क्या होता है?
Explanation: औसत परमाणु द्रव्यमान सभी प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले समस्थानिकों के द्रव्यमान का उनकी सापेक्ष बहुलता के अनुसार भारित औसत होता है।
Q2. यदि किसी तत्व के दो समस्थानिक हैं, जिनकी बहुलता क्रमशः P1 और P2 है, और द्रव्यमान क्रमशः M1 और M2 हैं, तो औसत परमाणु द्रव्यमान का सूत्र क्या होगा?
Explanation: औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना प्रत्येक समस्थानिक के द्रव्यमान को उसकी बहुलता से गुणा करके और फिर इन मानों को जोड़कर की जाती है, जिसे कुल बहुलता से विभाजित किया जाता है।
Q3. बोरॉन के दो समस्थानिकों के लिए, यदि ¹⁰B की बहुलता 19.9% है, तो ¹¹B की बहुलता कितनी होगी?
Explanation: चूंकि बोरॉन के केवल दो स्थायी समस्थानिक हैं, यदि एक की बहुलता 19.9% है, तो दूसरे की बहुलता 100% - 19.9% = 80.1% होगी।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 12 भौतिकी के लिए है।
यह समाधान किस अध्याय को कवर करता है?
यह समाधान अध्याय 13, 'नाभिक' को कवर करता है।
औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना क्यों महत्वपूर्ण है?
औसत परमाणु द्रव्यमान किसी तत्व के सभी समस्थानिकों के सापेक्ष प्रचुरता को ध्यान में रखते हुए उसके परमाणु भार का प्रतिनिधित्व करता है, जो रासायनिक गणनाओं के लिए आवश्यक है।
क्या इन समाधानों में प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?
हाँ, इन समाधानों में अध्याय 13 के सभी प्रश्नों के विस्तृत और चरण-दर-चरण उत्तर दिए गए हैं।
समस्थानिक क्या होते हैं?
समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनका परमाणु क्रमांक समान होता है लेकिन न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न होने के कारण परमाणु द्रव्यमान भिन्न होता है।
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