कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: वैधुत चुंबकीय प्रेरण
यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'वैधुत चुंबकीय प्रेरण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें अभ्यास प्रश्नों के हल शामिल हैं, जो छात्रों को प्रेरित विद्युत धारा की दिशा की भविष्यवाणी करने और लेन्ज के नियम को लागू करने में मदद करते हैं। समाधानों में विभिन्न परिदृश्यों का विश्लेषण किया गया है, जैसे चुंबक की गति, धारा में परिवर्तन, और तारों के आकार में बदलाव, यह समझाते हुए कि प्रेरित धारा कैसे उत्पन्न होती है और यह अपने कारण का विरोध कैसे करती है। यह संसाधन छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका प्रदान करने में सहायता करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भौतिकी विज्ञान-I |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. वैधुत चुंबकीय प्रेरण |
Chapter summary
कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 6, 'वैधुत चुंबकीय प्रेरण' के लिए NCERT समाधान, प्रेरित विद्युत धाराओं की दिशा निर्धारित करने पर केंद्रित हैं। यह अध्याय लेन्ज के नियम के अनुप्रयोगों की पड़ताल करता है, जिसमें यह समझाया गया है कि प्रेरित धारा हमेशा उस परिवर्तन का विरोध करती है जो इसे उत्पन्न करता है। समाधानों में विभिन्न परिदृश्यों को शामिल किया गया है, जैसे कि चुम्बकों और कुंडलियों की सापेक्ष गति, और विद्युत परिपथों में धारा के परिवर्तन, जिससे छात्रों को इन सिद्धांतों को समझने में मदद मिलती है।
Learning outcomes
- प्रेरित धारा की दिशा की भविष्यवाणी करने के लिए लेन्ज के नियम का उपयोग करना सीखें।
- विभिन्न परिदृश्यों में चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के प्रभाव को समझें।
- चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान चालकों में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) की अवधारणा को समझें।
- विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के अनुप्रयोगों का विश्लेषण करें।
Topics covered
Paper topics
- वैधुत चुंबकीय प्रेरण
- प्रेरित विद्युत धारा
- लेन्ज का नियम
- चुंबकीय फ्लक्स
- चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान चालक
- धारा में परिवर्तन का प्रभाव
- प्रेरित EMF
Important topics
- लेन्ज का नियम और उसका अनुप्रयोग
- चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण प्रेरित धारा
- प्रेरित धारा की दिशा का निर्धारण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रेरित धारा की दिशा लेन्ज के नियम का उपयोग करके निर्धारित की जाती है, जो बताता है कि प्रेरित धारा हमेशा उस परिवर्तन का विरोध करती है जो इसे उत्पन्न करता है।
- स्थिति (a): जब चुंबक का दक्षिणी ध्रुव कुंडली की ओर गति करता है, तो कुंडली का निकटतम सिरा एक दक्षिणी ध्रुव की तरह व्यवहार करता है ताकि आने वाले दक्षिणी ध्रुव का प्रतिकर्षण हो सके। इस प्रकार, धारा की दिशा दक्षिणावर्त होती है (ऊपर से देखने पर), जो ρ से q की ओर बहती है।
- स्थिति (b): जब चुंबक का दक्षिणी ध्रुव कुंडली से दूर जा रहा हो, तो कुंडली का दूरस्थ सिरा एक दक्षिणी ध्रुव की तरह व्यवहार करता है ताकि गति का विरोध हो सके। धारा की दिशा वामावर्त होती है, अर्थात् p से q की ओर। इसी प्रकार, जब उत्तरी ध्रुव दूर जाता है, तो कुंडली का सिरा उत्तरी ध्रुव की तरह व्यवहार करता है।
- स्थिति (c): जब परिपथ में धारा अचानक बंद की जाती है, तो कुंडली में चुंबकीय फ्लक्स तेजी से घटता है। प्रेरित धारा मूल धारा की दिशा में ही उत्पन्न होती है ताकि इस कमी का विरोध किया जा सके और चुंबकीय फ्लक्स को बनाए रखने का प्रयास किया जा सके। इसलिए, प्रेरित धारा की दिशा दक्षिणावर्त होती है।
- स्थिति (d): जब धारा नियंत्रक (रियोस्टेट) का समायोजन बदला जाता है, तो परिपथ में धारा बदलती है, जिससे चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है। यदि धारा घटती है, तो प्रेरित धारा मूल धारा की दिशा में होती है। यदि धारा बढ़ती है, तो प्रेरित धारा मूल धारा की विपरीत दिशा में होती है। दिए गए चित्र में, धारा नियंत्रक को समायोजित करने पर धारा में परिवर्तन होता है, जिससे प्रेरित धारा उत्पन्न होती है।
- स्थिति (e): जब परिपथ में धारा अचानक खोली जाती है (अर्थात् धारा शून्य हो जाती है), तो चुंबकीय फ्लक्स तेजी से घटता है। प्रेरित धारा मूल धारा की दिशा में ही उत्पन्न होती है ताकि इस कमी का विरोध किया जा सके। इसलिए, प्रेरित धारा की दिशा दक्षिणावर्त होती है।
- स्थिति (f): यदि धारावाही तार के कारण उत्पन्न चुंबकीय बल रेखाएँ लूप के तल में हैं, तो लूप से गुजरने वाला कुल चुंबकीय फ्लक्स शून्य होगा। चूंकि चुंबकीय फ्लक्स में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है, इसलिए लूप में कोई प्रेरित धारा उत्पन्न नहीं होगी।
प्रश्न 2
- जब एक अनियमित आकार का तार एक वृत्ताकार लूप में बदल रहा हो।
- जब एक वृत्ताकार लूप एक सीधे तार में विरूपित किया जा रहा हो।
- अनियमित तार का वृत्ताकार लूप में बदलना: यदि यह परिवर्तन एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में हो रहा है जो लूप के तल के लंबवत है, तो जैसे-जैसे तार का आकार बदलता है, लूप का क्षेत्रफल बदलता है। यदि लूप का क्षेत्रफल बढ़ रहा है (जैसे अनियमित से वृत्ताकार में बदलने पर, क्योंकि वृत्त का क्षेत्रफल समान परिधि के लिए अधिकतम होता है), तो चुंबकीय फ्लक्स भी बढ़ेगा। लेन्ज के नियम के अनुसार, प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होगी कि वह इस बढ़ते फ्लक्स का विरोध करे। यदि चुंबकीय क्षेत्र कागज के तल के अंदर की ओर है, तो प्रेरित धारा घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में होगी।
- वृत्ताकार लूप का सीधे तार में विरूपित होना: जब एक वृत्ताकार लूप को एक सीधे तार में विरूपित किया जाता है, तो लूप का क्षेत्रफल कम हो जाता है। यदि यह परिवर्तन एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में हो रहा है, तो चुंबकीय फ्लक्स कम हो जाएगा। लेन्ज के नियम के अनुसार, प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होगी कि वह इस घटते फ्लक्स का विरोध करे, अर्थात् यह चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में ही फ्लक्स उत्पन्न करने का प्रयास करेगी। यदि चुंबकीय क्षेत्र कागज के तल के अंदर की ओर है, तो प्रेरित धारा घड़ी की सुई की दिशा में होगी।
Common mistakes
- प्रेरित धारा की दिशा निर्धारित करते समय लेन्ज के नियम को गलत तरीके से लागू करना।
- चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दिशा को गलत समझना।
- प्रेरित धारा और मूल धारा के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
Revision tips
- लेन्ज के नियम के सिद्धांत को अच्छी तरह से समझें और याद रखें कि यह हमेशा परिवर्तन का विरोध करता है।
- प्रत्येक प्रश्न में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दिशा पर ध्यान दें।
- विभिन्न आकृतियों और गतियों से जुड़े उदाहरणों का अभ्यास करें ताकि प्रेरित धारा की दिशा का अनुमान लगाने में महारत हासिल हो सके।
Practice MCQs
Q1. लेन्ज का नियम किस संरक्षण के नियम पर आधारित है?
Explanation: लेन्ज का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, क्योंकि प्रेरित धारा को उत्पन्न करने के लिए कार्य करना पड़ता है, जो ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है।
Q2. जब एक चुंबक एक बंद कुंडली की ओर गति करता है, तो कुंडली में प्रेरित धारा की दिशा क्या होती है?
Explanation: लेन्ज के नियम के अनुसार, प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह उत्पन्न होती है। जब चुंबक पास आता है, तो कुंडली एक समान ध्रुव बनाकर गति का विरोध करती है।
Q3. यदि किसी परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर शून्य है, तो प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का मान क्या होगा?
Explanation: फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, प्रेरित EMF चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है। यदि परिवर्तन की दर शून्य है, तो EMF भी शून्य होगा।
Q4. एक कुंडली में धारा को अचानक बंद करने पर, कुंडली में प्रेरित धारा की दिशा क्या होती है?
Explanation: जब धारा बंद होती है, तो चुंबकीय फ्लक्स घटता है। प्रेरित धारा इस कमी का विरोध करने के लिए उत्पन्न होती है, इसलिए यह मूल धारा की दिशा में ही होती है ताकि फ्लक्स में कमी को रोका जा सके।
Frequently asked questions
वैधुत चुंबकीय प्रेरण क्या है?
वैधुत चुंबकीय प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी चालक के पास चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होने पर उस चालक में विद्युत वाहक बल (EMF) और विद्युत धारा प्रेरित होती है।
लेन्ज का नियम क्या बताता है?
लेन्ज का नियम बताता है कि किसी परिपथ में प्रेरित धारा की दिशा इस प्रकार होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
प्रेरित धारा की दिशा कैसे ज्ञात की जाती है?
प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए लेन्ज के नियम का उपयोग किया जाता है। यह नियम बताता है कि प्रेरित धारा हमेशा चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन का विरोध करती है।
क्या NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार डिज़ाइन किए गए हैं और इनमें अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत हल शामिल हैं, जो छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करते हैं।
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