कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: गतिमान आवेश और चुंबकत्व

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यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 4, 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें सीधे तार, वृत्ताकार कुंडलियों और बिजली के तारों में चुंबकीय क्षेत्रों की गणना से संबंधित अभ्यास प्रश्नों के हल शामिल हैं। समाधानों में चुंबकीय बल की गणना और दिशा निर्धारण के लिए आवश्यक सूत्र और चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण शामिल हैं। यह छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभौतिकी विज्ञान-I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व

Chapter summary

अध्याय 4, 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' के ये NCERT समाधान, चुंबकीय क्षेत्र की गणना पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसमें वृत्ताकार धाराओं के केंद्र में चुंबकीय क्षेत्र, लंबे सीधे तारों के आसपास चुंबकीय क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही तारों पर लगने वाले बल की गणना शामिल है। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए आवश्यक सूत्रों और गणनाओं को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है।

Learning outcomes

  • एक वृत्ताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की गणना करना सीखें।
  • एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा ज्ञात करें।
  • क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर बिजली के तारों के पास चुंबकीय क्षेत्र की गणना करें।
  • चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही तार पर लगने वाले बल का परिमाण और दिशा निर्धारित करें।

Topics covered

Paper topics

  • वृत्ताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र
  • लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र
  • धारावाही तार के पास चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
  • चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार पर बल
  • मैक्सवेल का दायां हाथ का नियम

Important topics

  • लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र
  • वृत्ताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र
  • चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही तार पर बल
  • चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

तार की एक वृत्ताकार कुण्डली में 100 फेरे हैं, प्रत्येक की त्रिज्या 8.0 cm है और इनमें 0.40 A की विद्युत घारा प्रवाहित हो रही है। कुण्डली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण क्या है?
Solution:

दी गई जानकारी के अनुसार:

  • फेरों की संख्या, n = 100
  • त्रिज्या, r = 8.0 \text{ cm} = 8.0 \times 10^{-2} \text{ m}
  • विद्युत धारा, I = 0.40 \text{ A}

एक वृत्ताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र (B) का सूत्र है:

B = \frac{\mu_0 n I}{2r}

जहाँ \mu_0 निर्वात की चुम्बकशीलता है, जिसका मान 4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A} होता है।

सूत्र में मान रखने पर:

B = \frac{(4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}) \times 100 \times 0.40 \text{ A}}{2 \times (8.0 \times 10^{-2} \text{ m})}

B = \frac{4\pi \times 10^{-7} \times 40}{16 \times 10^{-2}} \text{ T}

B = \frac{160\pi \times 10^{-7}}{16 \times 10^{-2}} \text{ T}

B = 10\pi \times 10^{-5} \text{ T}

यदि \pi \approx 3.14 का प्रयोग करें:

B \approx 10 \times 3.14 \times 10^{-5} \text{ T} = 3.14 \times 10^{-4} \text{ T}

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा धारा की दिशा पर निर्भर करती है। यदि धारा घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में प्रवाहित हो रही है, तो केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा तल के लम्बवत बाहर की ओर होगी।

अतः, कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण लगभग 3.14 \times 10^{-4} \text{ T} है।

प्रश्न 2

एक लम्बे सीघे तार से 35 A विद्युत घारा प्रवाहित हो रही है। तार से 20 cm दूरी पर स्थित किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण क्या है?
Solution:

दी गई जानकारी के अनुसार:

  • विद्युत धारा, I = 35 \text{ A}
  • तार से दूरी, r = 20 \text{ cm} = 0.20 \text{ m}

चूंकि तार को लंबा माना गया है, हम एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र के सूत्र का उपयोग करेंगे:

B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}

जहाँ \mu_0 = 4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A} निर्वात की चुम्बकशीलता है।

मान रखने पर:

B = \frac{(4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}) \times 35 \text{ A}}{2\pi \times 0.20 \text{ m}}

B = \frac{2 \times 10^{-7} \times 35}{0.20} \text{ T}

B = \frac{70 \times 10^{-7}}{0.20} \text{ T}

B = 350 \times 10^{-7} \text{ T} = 3.5 \times 10^{-5} \text{ T}

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा मैक्सवेल के दाएं हाथ के नियम द्वारा दी जाती है। यदि धारा ऊपर की ओर है, तो बिंदु P पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा समतल के लम्बवत अंदर की ओर होगी।

अतः, तार से 20 cm दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण 3.5 \times 10^{-5} \text{ T} है।

प्रश्न 3

क्षैतिज तल में रखे एक लम्बे सीधे तार में 50 A विद्युत घारा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित हो रही है। तार के पूर्व में 2.5 मी दूरी पर स्थित किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र B का परिमाण और उसकी दिशा ज्ञात कीजिए।
Solution:

दी गई जानकारी के अनुसार:

  • विद्युत धारा, I = 50 \text{ A} (उत्तर से दक्षिण)
  • तार से दूरी, r = 2.5 \text{ m} (पूर्व दिशा में)

एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र है:

B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}

जहाँ \mu_0 = 4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}

मान रखने पर:

B = \frac{(4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}) \times 50 \text{ A}}{2\pi \times 2.5 \text{ m}}

B = \frac{2 \times 10^{-7} \times 50}{2.5} \text{ T}

B = \frac{100 \times 10^{-7}}{2.5} \text{ T}

B = 40 \times 10^{-7} \text{ T} = 4.0 \times 10^{-6} \text{ T}

दिशा ज्ञात करने के लिए, हम मैक्सवेल के दाएं हाथ के नियम का उपयोग करते हैं। यदि धारा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित हो रही है, तो तार के पूर्व में स्थित बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्षैतिज तल के लम्बवत बाहर की ओर होगी।

अतः, तार के पूर्व में 2.5 मीटर की दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण 4.0 \times 10^{-6} \text{ T} है और इसकी दिशा तल के लम्बवत बाहर की ओर है।

प्रश्न 4

व्योमस्य खिंचे क्षैतिज बिजली के तार में 90 A विद्युत घारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। तार के 1.5 मी नीचे विद्युत घारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा क्या है?
Solution:

दी गई जानकारी के अनुसार:

  • विद्युत धारा, I = 90 \text{ A} (पूर्व से पश्चिम)
  • तार से दूरी, r = 1.5 \text{ m} (नीचे की ओर)

एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र है:

B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}

जहाँ \mu_0 = 4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}

मान रखने पर:

B = \frac{(4\pi \times 10^{-7} \text{ T m/A}) \times 90 \text{ A}}{2\pi \times 1.5 \text{ m}}

B = \frac{2 \times 10^{-7} \times 90}{1.5} \text{ T}

B = \frac{180 \times 10^{-7}}{1.5} \text{ T}

B = 120 \times 10^{-7} \text{ T} = 1.2 \times 10^{-5} \text{ T}

दिशा ज्ञात करने के लिए, हम मैक्सवेल के दाएं हाथ के नियम का उपयोग करते हैं। यदि धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है, तो तार के नीचे स्थित बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा तल के लम्बवत बाहर की ओर होगी।

अतः, तार के 1.5 मीटर नीचे चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण 1.2 \times 10^{-5} \text{ T} है और इसकी दिशा तल के लम्बवत बाहर की ओर है।

प्रश्न 5

एक तार जिसमें 8A विद्युत घारा प्रवाहित हो रही है, 0.15 T के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र से 30° का कोण बनाते हुए रखा है। इसकी एकांक लम्बाई पर लगने वाले बल का परिमाण और इसकी दिशा क्या है?
Solution:

दी गई जानकारी के अनुसार:

  • विद्युत धारा, I = 8 \text{ A}
  • चुंबकीय क्षेत्र, B = 0.15 \text{ T}
  • क्षेत्र से कोण, \theta = 30^{\circ}
  • तार की लंबाई (एकांक लंबाई के लिए), l = 1 \text{ m}

एक चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही तार पर लगने वाले बल (F) का सूत्र है:

F = I l B \sin \theta

एकांक लंबाई पर लगने वाले बल के लिए, हम l = 1 \text{ m} का उपयोग करेंगे:

F/l = I B \sin \theta

मान रखने पर:

F/l = (8 \text{ A}) \times (0.15 \text{ T}) \times \sin 30^{\circ}

चूंकि \sin 30^{\circ} = 0.5:

F/l = 8 \times 0.15 \times 0.5 \text{ N/m}

F/l = 8 \times 0.075 \text{ N/m}

F/l = 0.6 \text{ N/m}

बल की दिशा फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (या दाएं हाथ के नियम के सदिश गुणनफल रूप) द्वारा दी जाती है। यह दिशा धारा की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दोनों के लम्बवत होती है। दिए गए मानों के अनुसार, बल की दिशा समतल के लम्बवत अंदर की ओर होगी।

अतः, तार की एकांक लंबाई पर लगने वाले बल का परिमाण 0.6 \text{ N/m} है और इसकी दिशा चुंबकीय क्षेत्र तथा धारा की दिशा के लम्बवत अंदर की ओर है।

Common mistakes

  • चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारित करने में मैक्सवेल के नियम या दाएं हाथ के नियम को गलत लागू करना।
  • सूत्रों में इकाइयों (जैसे cm को m में बदलना) को परिवर्तित करने में त्रुटियाँ करना।
  • चुंबकीय क्षेत्र के सूत्रों में स्थिरांक (जैसे μ₀) के मान का गलत उपयोग करना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के लिए उपयोग किए गए मूल सूत्रों को सूचीबद्ध करें और उन्हें याद करें।
  • चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए दाएं हाथ के नियम का अभ्यास करें।
  • गणनाओं में इकाइयों के रूपांतरण पर विशेष ध्यान दें।
  • हल किए गए उदाहरणों को देखकर स्वयं हल करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. एक वृत्ताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र क्या है, जिसमें n फेरे और I धारा प्रवाहित हो रही है?

Q2. एक लंबे सीधे तार से r दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र क्या है?

Q3. चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही तार पर लगने वाले बल का सूत्र क्या है?

Q4. यदि किसी तार में धारा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित हो रही है, तो तार के पूर्व में स्थित बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 4, 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से चुंबकीय क्षेत्रों की गणना पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें सीधे तार, वृत्ताकार कुंडलियों और चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालकों पर लगने वाले बल शामिल हैं।

क्या इन NCERT समाधानों में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के तरीके बताए गए हैं?

हाँ, समाधानों में मैक्सवेल के दाएं हाथ के नियम जैसे नियमों का उपयोग करके चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के तरीके स्पष्ट किए गए हैं।

इन समाधानों का उपयोग करके छात्र परीक्षा की तैयारी कैसे कर सकते हैं?

छात्र इन समाधानों का उपयोग करके प्रत्येक प्रश्न के पीछे के सिद्धांत, सूत्रों और गणना विधियों को समझ सकते हैं, जिससे उनकी वैचारिक स्पष्टता बढ़ेगी और वे परीक्षा में प्रश्नों को हल करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे।

क्या इन समाधानों में दिए गए सूत्र परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं?

हाँ, ये समाधान उन सभी महत्वपूर्ण सूत्रों को कवर करते हैं जो परीक्षा में पूछे जाते हैं, जैसे कि सीधे तार और वृत्ताकार कुंडलियों के लिए चुंबकीय क्षेत्र के सूत्र और चुंबकीय बल का सूत्र।

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