कक्षा 11 अर्थशास्त्र: भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव के लिए NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 11 अर्थशास्त्र के अध्याय 10, 'भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव' पर केंद्रित है। इसमें क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के गठन के कारणों, देशों द्वारा अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए अपनाए गए विभिन्न साधनों, भारत और पाकिस्तान द्वारा अपनाई गई समान विकासात्मक नीतियों और चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान की विस्तृत व्याख्या शामिल है। समाधान 1978 के बाद चीन की तीव्र औद्योगिक वृद्धि के पीछे के सुधारों पर भी प्रकाश डालते हैं। यह खंड छात्रों को पड़ोसी देशों के साथ भारत के विकास पथ की तुलना करने में मदद करता है, जिससे उन्हें वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की गहरी समझ मिलती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अध्ययन करने और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायता करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभारतीय अर्थव्यवस्था का विकास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव

Chapter summary

अध्याय 10, 'भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव' के लिए NCERT समाधान, क्षेत्रीय आर्थिक समूहों के गठन, घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के तरीकों, भारत और पाकिस्तान के बीच समान विकासात्मक रणनीतियों और चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान का विश्लेषण करते हैं। यह 1978 के बाद चीन की औद्योगिक वृद्धि को गति देने वाले सुधारों पर भी चर्चा करता है। ये समाधान छात्रों को तुलनात्मक विकास के अनुभवों को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के गठन के कारणों को समझना।
  • देशों द्वारा घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न साधनों की पहचान करना।
  • भारत और पाकिस्तान के बीच समान विकासात्मक नीतियों का विश्लेषण करना।
  • चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान के उद्देश्यों और परिणामों की व्याख्या करना।
  • 1978 के बाद चीन की औद्योगिक वृद्धि में सुधारों की भूमिका का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का गठन
  • घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के साधन
  • भारत और पाकिस्तान की विकासात्मक नीतियाँ
  • चीन का ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान
  • चीन में आर्थिक सुधार
  • औद्योगिक संवृद्धि
  • तुलनात्मक विकास अनुभव
  • वैश्वीकरण का प्रभाव
  • सार्वजनिक और निजी क्षेत्र
  • मिश्रित अर्थव्यवस्था

Important topics

  • क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का गठन
  • भारत और पाकिस्तान की विकासात्मक नीतियाँ
  • चीन का ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान
  • चीन में आर्थिक सुधार और औद्योगिक संवृद्धि
  • तुलनात्मक विकास अनुभव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के बनने के कारण दीजिए।
Solution: पिछले लगभग दो दशकों में वैश्वीकरण के कारण विश्व के अधिकांश देशों में महत्वपूर्ण आर्थिक परिवर्तन हुए हैं। इन परिवर्तनों के अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रभाव रहे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। अपनी अर्थव्यवस्थाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए, राष्ट्र विभिन्न उपाय अपनाते हैं। इन उपायों में क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का निर्माण एक महत्वपूर्ण सहायक रणनीति प्रतीत होती है। ये समूह सदस्य देशों को व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनकी सामूहिक आर्थिक शक्ति बढ़ती है।

प्रश्न 2

वे विभिन्न साधन कौन-से हैं जिनकी सहायता से देश अपनी घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं?
Solution: देश अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग कर रहे हैं:
  1. क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का निर्माण: राष्ट्र आसियान, सार्क, जी-8, जी-20, ब्रिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का निर्माण कर रहे हैं। ये समूह सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाते हैं और उनकी सामूहिक आर्थिक शक्ति को मजबूत करते हैं।
  2. आर्थिक सुधारों का कार्यान्वयन: राष्ट्र आर्थिक सुधारों को लागू कर रहे हैं और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को अन्य देशों के लिए खोल रहे हैं। इससे विदेशी निवेश आकर्षित होता है और व्यापार बढ़ता है, जो घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।
  3. पड़ोसी देशों की विकासात्मक प्रक्रियाओं का अध्ययन: विभिन्न राष्ट्र अपने पड़ोसी देशों द्वारा अपनाई गई विकासात्मक प्रक्रियाओं को समझने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। इससे उन्हें अपने पड़ोसियों की शक्तियों और कमजोरियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है, जिससे वे अपनी नीतियों को अनुकूलित कर सकते हैं।

प्रश्न 3

वे समान विकासात्मक नीतियाँ कौन-सी हैं जिनका भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने विकासात्मक पथ के लिए पालन किया है?
Solution: भारत और पाकिस्तान ने अपने विकास पथ पर कई समान विकासात्मक नीतियों का पालन किया है, जिन्हें संक्षेप में नीचे दिया गया है:
  1. समान प्रारंभिक बिंदु: दोनों देशों ने 1947 में विभाजन, शरणार्थियों के पुनर्वास जैसी समान समस्याओं के साथ अपनी विकास यात्रा शुरू की। भारत ने अपनी पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में शुरू की, जबकि पाकिस्तान ने 1956 में अपनी मध्यकालिक योजना की घोषणा की।
  2. मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली: दोनों देशों ने विकास के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली को अपनाया, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों का सह-अस्तित्व रहा।
  3. सार्वजनिक क्षेत्र को महत्व: दोनों ही देशों ने सार्वजनिक क्षेत्र को अधिक महत्व दिया और सामाजिक विकास के लिए सार्वजनिक व्यय को बढ़ाया। उन्होंने एक बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र स्थापित किया।
  4. आर्थिक सुधारों का समय: दोनों देशों ने लगभग समान समय पर आर्थिक सुधार लागू किए। पाकिस्तान ने 1988 में और भारत ने 1991 में सुधार शुरू किए।
  5. सुधारों का कारण: दोनों देशों ने ये आर्थिक सुधार इच्छा से नहीं, बल्कि बाहरी दबाव या आवश्यकता के कारण शुरू किए।

प्रश्न 4

1958 में प्रारंभ की गई चीन के ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान की व्याख्या कीजिए।
Solution: 1958 में चीन ने 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' (GLF) नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश का बड़े पैमाने पर औद्योगिकीकरण करना था। इस अभियान के प्रमुख पहलू इस प्रकार थे:
  1. औद्योगिक परिवर्तन का लक्ष्य: इसका उद्देश्य कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को तीव्र औद्योगिकीकरण के माध्यम से एक आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था में बदलना था।
  2. विकेंद्रीकृत उद्योग: इस कार्यक्रम के तहत, लोगों को अपने घरों के पास छोटे पैमाने पर उद्योग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  3. कम्यून पद्धति: ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 'कम्यून' पद्धति शुरू की गई। 1958 तक, लगभग 26,000 कम्यून स्थापित किए गए थे, जिनमें अधिकांश कृषक आबादी शामिल थी।
  4. समस्याएं और परिणाम: इस अभियान के दौरान गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुईं, विशेष रूप से जब एक भयंकर सूखे ने चीन को जकड़ लिया। इस आपदा के कारण लगभग 30 मिलियन लोगों की मृत्यु हो गई, जो इस अभियान की विफलता को दर्शाता है।

प्रश्न 5

चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि 1978 में उसके सुधारों के आधार पर हुई थी, क्या आप इस कथन से सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
Solution: हाँ, हम इस कथन से पूरी तरह सहमत हैं कि चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि 1978 में शुरू किए गए उसके आर्थिक सुधारों का परिणाम थी। इन सुधारों को चरणों में लागू किया गया था:
  1. कृषि क्षेत्र में सुधार: सुधारों की शुरुआत कृषि क्षेत्र से हुई। कम्यून भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित किया गया और परिवारों को आवंटित किया गया, जिससे उत्पादकता बढ़ी।
  2. औद्योगिक क्षेत्र में सुधार: इसके बाद, इन सुधारों को औद्योगिक क्षेत्र तक विस्तारित किया गया। निजी फर्मों को विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने की अनुमति दी गई। स्थानीय उद्यमों और सहकारी समितियों को भी उत्पादन की अनुमति मिली। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा।
  3. दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति: इन सुधारों के कारण एक दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति लागू करनी पड़ी। इसके तहत, किसानों और औद्योगिक इकाइयों से अपेक्षा की जाती थी कि वे सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर आगतों (inputs) और निर्गतों (outputs) की एक निश्चित मात्रा खरीदेंगे और बेचेंगे। इस निर्धारित मात्रा से अधिक उत्पादन या उपयोग के लिए बाजार की कीमतों का पालन करना होता था। इस प्रणाली ने उत्पादन को प्रोत्साहित किया और धीरे-धीरे बाजार की शक्तियों को अर्थव्यवस्था में एकीकृत किया।
ये सुधार चीन की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और तीव्र औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार बने।

Common mistakes

  • क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के गठन के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से न समझना।
  • विभिन्न देशों द्वारा अपनाई गई विकासात्मक नीतियों के बीच सूक्ष्म अंतर को पहचानने में विफलता।
  • चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान के नकारात्मक परिणामों को नजरअंदाज करना।
  • सुधारों के कारण और प्रभाव के बीच संबंध को ठीक से स्थापित न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक देश के लिए अपनाई गई विकासात्मक रणनीतियों की तुलना और अंतर करने पर ध्यान केंद्रित करें।
  • चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को समझें।
  • भारत और पाकिस्तान के बीच समानताओं और भिन्नताओं को याद रखने के लिए एक तालिका बनाएं।
  • 1978 के बाद चीन में हुए आर्थिक सुधारों के प्रमुख चरणों की समीक्षा करें।

Practice MCQs

Q1. क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के गठन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक साधन है जिसका उपयोग देश अपनी घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कर रहे हैं?

Q3. भारत और पाकिस्तान ने अपने विकास पथ के लिए किस प्रकार की अर्थव्यवस्था प्रणाली अपनाई?

Q4. चीन का 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान कब शुरू किया गया था?

Q5. चीन में तीव्र औद्योगिक संवृद्धि का आधार किस वर्ष के सुधारों को माना जाता है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 11 के अर्थशास्त्र विषय के लिए है, जो अध्याय 10 'भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव' को कवर करता है।

समाधान में किन प्रमुख विकास अनुभवों की तुलना की गई है?

समाधान में भारत, पाकिस्तान और चीन के विकास अनुभवों की तुलना की गई है, जिसमें क्षेत्रीय समूहों के गठन, विकासात्मक नीतियों और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इसका मुख्य उद्देश्य कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को तीव्र औद्योगिकीकरण के माध्यम से एक आधुनिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना था।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं?

हाँ, ये समाधान महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और तुलनात्मक विकास के अनुभवों की गहरी समझ प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक हैं।

भारत और पाकिस्तान की विकासात्मक नीतियों में क्या समानताएं हैं?

दोनों देशों ने मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली अपनाई, सार्वजनिक क्षेत्र को महत्व दिया और लगभग एक ही समय पर आर्थिक सुधार लागू किए।

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