कक्षा 9 हिंदी स्पर्श: पाठ 12 - एक फूल की चाह NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 12, 'एक फूल की चाह' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह कविता सियारामशरण गुप्त द्वारा रचित है और समाज में व्याप्त छुआछूत की भावना पर गहरा व्यंग्य करती है। समाधानों में सुखिया के पिता की मनःस्थिति, मंदिर की अनुपम शोभा, प्रसाद फूल पाने पर पिता की भावनाएं, और पिता का पश्चाताप जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। यह पाठ एक बीमार बच्ची की अधूरी इच्छा और उसके पिता द्वारा समाज की कुरीतियों के कारण पूरी न कर पाने के दर्द को दर्शाता है। ये समाधान छात्रों को कविता के भावार्थ, पात्रों के चरित्र चित्रण और तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों को समझने में मदद करेंगे, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 12. एक फूल की चाह |
Chapter summary
कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 12 'एक फूल की चाह' के ये NCERT समाधान कविता के मूल भाव को स्पष्ट करते हैं। इसमें सुखिया नामक एक अछूत बालिका की कहानी है, जो देवी से प्रसाद का एक फूल लाना चाहती है। समाधान कविता के प्रश्नों के उत्तर देते हैं, जिसमें पिता की चिंता, मंदिर का वर्णन, प्रसाद मिलने पर पिता की खुशी और बाद में पश्चाताप, तथा अछूत होने के कारण पिता को मिली सजा का उल्लेख है। यह पाठ सामाजिक असमानता और छुआछूत जैसी कुरीतियों पर प्रकाश डालता है।
Learning outcomes
- कविता 'एक फूल की चाह' के केंद्रीय भाव को समझना।
- सुखिया के पिता के चरित्र और उसकी मनोदशा का विश्लेषण करना।
- कविता में वर्णित सामाजिक कुरीतियों (छुआछूत) की पहचान करना।
- प्रसाद फूल पाने पर पिता की भावनाओं और पश्चाताप को समझना।
- कविता की भाषा और शैली का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- एक फूल की चाह कविता का सारांश
- सुखिया के पिता का चरित्र चित्रण
- मंदिर का वर्णन
- प्रसाद फूल का महत्व
- पिता का पश्चाताप
- सामाजिक छुआछूत की कुरीति
- कविता का संदेश
- सियारामशरण गुप्त का परिचय
Important topics
- कविता का केंद्रीय भाव और संदेश
- सुखिया के पिता की मनोदशा और पश्चाताप
- सामाजिक छुआछूत का चित्रण
- कविता के प्रश्नोत्तर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
सुखिया के पिता का हृदय तब काँप उठता था जब उसकी बेटी सुखिया घर से बाहर जाती थी। इसका मुख्य कारण सुखिया का अस्वस्थ होना और पिता की लाचारी थी। पिता अपनी बेटी को किसी भी प्रकार की हानि या कष्ट से बचाना चाहता था। वह जानता था कि समाज में छुआछूत का बोलबाला है और उसकी बेटी की अछूत स्थिति के कारण उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, जब भी सुखिया बाहर जाती, पिता को अनहोनी का डर सताता रहता था, और वह ईश्वर से यही प्रार्थना करता था कि वह किसी भी तरह अपनी बेटी को सुरक्षित रखे।
प्रश्न 2
कवि ने पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की शोभा का अत्यंत मनोहारी चित्रण किया है। यह मंदिर बहुत विशाल और भव्य था, जो ऊँचे पर्वत शिखर पर स्थित था। मंदिर के शिखर पर सोने के कलश लगे हुए थे, जो कमल के फूलों के समान सुशोभित हो रहे थे। सूर्य की किरणें इन स्वर्ण कलशों पर पड़कर ऐसे चमक रही थीं, मानो सूर्य ने स्वयं अपनी किरणों का जाल बिछा दिया हो। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और अलौकिक था, जो आगंतुकों को आकर्षित करता था।
प्रश्न 3
जब सुखिया के पिता को पुजारी से प्रसाद के रूप में फूल मिला, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। उसने उस फूल को ऐसे झट से ले लिया मानो उसे कोई बहुत बड़ा खजाना मिल गया हो। वह भूल गया कि वह अछूत है और मंदिर से प्रसाद लेकर आया है। उसके मन में बस यही विचार था कि वह इस पवित्र फूल को अपनी बीमार बेटी सुखिया के पास ले जाए, क्योंकि वह उसे अपनी माँ का आशीर्वाद मानता था। वह सोच रहा था कि यह फूल पाकर उसकी बेटी को अवश्य आराम मिलेगा।
प्रश्न 4
सुखिया के पिता की वेदना और पश्चाताप अत्यंत मार्मिक है। अपनी बेटी की मृत्यु के समय वह उसके पास नहीं रह सका और न ही उसे अंतिम बार अपनी गोद में उठा सका। इससे भी बढ़कर उसे इस बात का गहरा दुःख और पश्चाताप था कि वह अपनी मरणासन्न बेटी को माँ के प्रसाद का एक फूल भी न दे सका। यह फूल उसकी बेटी की अंतिम इच्छा थी, जिसे वह समाज की छुआछूत की कुरीति के कारण पूरा नहीं कर पाया। अपनी लाचारी और समाज की क्रूरता के कारण वह अपनी बेटी की एक छोटी सी इच्छा भी पूरी न कर सका, इसी बात का उसे जीवन भर मलाल रहा।
प्रश्न 5
बीमार बच्ची सुखिया ने देवी माँ के प्रसाद के रूप में मिले एक फूल की इच्छा प्रकट की। वह चाहती थी कि उसके पिता उसके लिए मंदिर से प्रसाद का एक फूल लेकर आएँ, जिसे वह अपनी माँ का आशीर्वाद मानती थी।
प्रश्न 6
सुखिया के पिता पर यह आरोप लगाया गया कि उसने मंदिर की पवित्रता को भंग किया है। चूँकि वह एक अछूत (डोम) जाति से था, इसलिए उसके मंदिर में प्रवेश करने को अनुचित माना गया और इसी आधार पर उसे दंडित किया गया।
Common mistakes
- कविता के मूल भाव को समझने में गलती करना।
- पात्रों के उद्देश्यों और भावनाओं को गलत समझना।
- सामाजिक कुरीतियों के चित्रण को नजरअंदाज करना।
Revision tips
- कविता को ध्यान से पढ़ें और उसके अर्थ को समझें।
- सभी प्रश्नों के उत्तरों को विस्तार से पढ़ें और मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
- पिता की मनोदशा और उसके पश्चाताप पर विशेष ध्यान दें।
- कविता में निहित सामाजिक संदेश को याद रखें।
Practice MCQs
Q1. सुखिया के पिता को किस बात का डर सताता था जब वह बाहर जाती थी?
Explanation: सुखिया के पिता को अपनी बेटी की अस्वस्थता के कारण उसके बाहर जाने पर यह डर सताता था कि कहीं उसे कोई बीमारी न हो जाए।
Q2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर का वर्णन कैसे किया गया है?
Explanation: कविता में मंदिर को 'विस्तीर्ण विशाल' बताया गया है और उसके स्वर्ण कलशों का उल्लेख किया गया है जो सूर्य की किरणों से चमक रहे थे।
Q3. पुजारी से प्रसाद का फूल पाने पर सुखिया के पिता को कैसा अनुभव हुआ?
Explanation: पिता को प्रसाद का फूल पाकर ऐसा लगा मानो उसने कोई परम लाभ या बहुत बड़ा खजाना प्राप्त कर लिया हो, जिसे वह अपनी बेटी को देना चाहता था।
Q4. सुखिया के पिता को किस बात का पश्चाताप था?
Explanation: पिता को इस बात का गहरा पश्चाताप था कि वह अपनी बेटी को अंतिम बार गोद में नहीं ले सका, न ही उसे माँ के प्रसाद का फूल दे सका।
Q5. सुखिया के पिता पर क्या आरोप लगाया गया था?
Explanation: सुखिया के पिता पर यह आरोप लगाया गया था कि अछूत होने के कारण मंदिर में प्रवेश करके उसने मंदिर की पवित्रता को भंग किया है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 12 का शीर्षक क्या है?
कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 12 का शीर्षक 'एक फूल की चाह' है।
'एक फूल की चाह' कविता के कवि कौन हैं?
'एक फूल की चाह' कविता के कवि सियारामशरण गुप्त हैं।
कविता में सुखिया के पिता को किस बात का पश्चाताप था?
सुखिया के पिता को इस बात का पश्चाताप था कि वह अपनी बीमार बेटी को अंतिम बार गोद में नहीं ले सका और न ही उसे माँ के प्रसाद का एक फूल दे सका।
सुखिया के पिता को दंड क्यों दिया गया था?
सुखिया के पिता को मंदिर की पवित्रता भंग करने के आरोप में दंडित किया गया था, क्योंकि वह एक अछूत था और मंदिर में चला गया था।
यह कविता किस सामाजिक समस्या पर प्रकाश डालती है?
यह कविता तत्कालीन समाज में व्याप्त छुआछूत और सामाजिक असमानता जैसी कुरीतियों पर प्रकाश डालती है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में सहायक हैं?
हाँ, ये समाधान कविता के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर और उसके भावार्थ को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।
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