कक्षा 9 हिंदी स्पर्श भाग 1: पाठ 10 - दोहे NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श भाग 1 के पाठ 10, 'दोहे' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें रहीम द्वारा रचित प्रसिद्ध दोहों की व्याख्या शामिल है, जो जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान पर प्रकाश डालते हैं। समाधान प्रत्येक दोहे के गहरे अर्थ को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को उनकी मूल भावना और संदेश को समझने में मदद मिलती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो उन्हें दोहों की गहरी समझ और विश्लेषण क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं। पाठ में प्रेम की नाजुकता, दुख को साझा करने की समझदारी, और ईश्वर की भक्ति के महत्व जैसे विषयों पर जोर दिया गया है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से दिया गया है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को दोहों के साहित्यिक और दार्शनिक पहलुओं का पता लगाने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. दोहे

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श भाग 1 के पाठ 10 'दोहे' के लिए यह NCERT समाधान रहीम के दोहों पर केंद्रित है। यह समाधान छात्रों को प्रेम के टूटने के परिणामों, दुख को गुप्त रखने की आवश्यकता, और ईश्वर की भक्ति के महत्व जैसे विषयों को समझने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दोहों के मूल भाव को स्पष्ट करते हुए, छात्रों को उनकी व्याख्या और अनुप्रयोग में सहायता करता है। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।

Learning outcomes

  • प्रेम के धागे की नाजुकता को समझना।
  • दुख को दूसरों से साझा करने के परिणामों का विश्लेषण करना।
  • रहीम के दोहों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना।
  • ईश्वर की भक्ति और एकाग्रता के महत्व को समझना।
  • जलहीन कमल और सूर्य के उदाहरण से आंतरिक शक्ति के महत्व को समझना।
  • अवध नरेश के चित्रकूट जाने के कारण को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • प्रेम की नाजुकता
  • दुख का प्रबंधन
  • रहीम के दोहे
  • ईश्वर भक्ति
  • आंतरिक शक्ति का महत्व
  • साधना का फल
  • प्रतीकात्मक अर्थ
  • व्यावहारिक ज्ञान

Important topics

  • प्रेम का धागा टूटने पर क्या होता है?
  • हमें अपना दुख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए?
  • रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
  • एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?
  • जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?

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Questions and Solutions

1. (क) प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भांति क्यों नहीं हो पाता?

प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भांति क्यों नहीं हो पाता?
Solution: प्रेम का धागा अत्यंत नाजुक होता है। यदि यह एक बार टूट जाए, तो इसे दोबारा जोड़ने का प्रयास करने पर इसमें एक गाँठ पड़ जाती है। यह गाँठ उस दरार या अविश्वास का प्रतीक है जो टूटे हुए रिश्ते में आ जाती है। इस गाँठ के कारण, टूटा हुआ प्रेम का धागा पहले की तरह सहज और अटूट नहीं रह पाता, भले ही उसे कितनी भी कोशिश से जोड़ा जाए।

1. (ख) हमें अपना दुख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए? अपने मन की व्यथा दूसरों से कहने पर उनका व्यवहार कैसा हो जाता है?

हमें अपना दुख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए? अपने मन की व्यथा दूसरों से कहने पर उनका व्यवहार कैसा हो जाता है?
Solution: हमें अपना दुख दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कोई विशेष लाभ नहीं होता। जब हम अपनी मन की पीड़ा या व्यथा दूसरों को बताते हैं, तो वे अक्सर सहानुभूति दिखाने के बजाय उसका उपहास करते हैं या उसे हल्के में लेते हैं। इससे हमारा दुख कम होने के बजाय बढ़ सकता है और हमें अपमानित महसूस हो सकता है। इसलिए, अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने का प्रयास करना या केवल विश्वसनीय लोगों से ही साझा करना बेहतर होता है।

1. (ग) रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?

रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
Solution: रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक (कीचड़ युक्त) जल को धन्य कहा है क्योंकि पंक जल, भले ही छोटा और गंदा हो, प्यासे लोगों और छोटे जीवों की प्यास बुझाता है, जिससे वह उपयोगी सिद्ध होता है। इसके विपरीत, सागर अत्यंत विशाल होने के बावजूद उसका खारा जल किसी के पीने के काम नहीं आता। इस प्रकार, रहीम यह बताना चाहते हैं कि किसी के बड़े या शक्तिशाली होने से अधिक महत्वपूर्ण उसका उपयोगी होना है।

1. (घ) एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?

एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?
Solution: कवि की मान्यता के अनुसार, यदि हम केवल एक लक्ष्य या एक मूल तत्व पर ध्यान केंद्रित करें और उसे साध लें, तो अन्य सभी कार्य या लक्ष्य अपने आप सिद्ध हो जाते हैं। जैसे किसी पेड़ की जड़ को सींचने से उसके फल, फूल और पत्तियाँ अपने आप पोषित हो जाती हैं, उसी प्रकार यदि हम केवल ईश्वर या एक मुख्य उद्देश्य की साधना करें, तो जीवन के अन्य सभी पहलू स्वतः ही सुधर जाते हैं और सफलता प्राप्त होती है।

1. (ड़) जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?

जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?
Solution: जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी इसलिए नहीं कर पाता क्योंकि सूर्य उसी की सहायता करता है जिसमें कुछ आंतरिक बल या जीवन शक्ति बची हो। जब कमल पूरी तरह से जल के अभाव में मुरझा चुका होता है, तो उसमें कोई जीवन शक्ति शेष नहीं रहती। ऐसी स्थिति में, सूर्य का प्रकाश भी उसे पुनर्जीवित नहीं कर पाता। यह उदाहरण दर्शाता है कि बाहरी सहायता तभी प्रभावी होती है जब व्यक्ति के भीतर स्वयं कुछ सामर्थ्य बचा हो।

1. (च) अवध नरेश को चित्रकूट क्यों जाना पड़ा?

अवध नरेश को चित्रकूट क्यों जाना पड़ा?
Solution: अवध नरेश (राजा दशरथ) को अपने पिता के वचन का पालन करने के लिए चित्रकूट जाना पड़ा था। उनके पिता कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वरदान मांगे थे, जिनमें से एक था कि उनके पुत्र भरत को अयोध्या का राज्य मिले और दूसरे वरदान के तहत राम को चौदह वर्ष का वनवास मिले। पिता के वचन को निभाने के लिए ही राम को वनवास मिला और अवध नरेश को भी इस वचन की पूर्ति के लिए वनवास के दौरान चित्रकूट जाना पड़ा।

Common mistakes

  • प्रेम के टूटने पर उसे आसानी से ठीक कर लेने की सोच।
  • अपने दुख को बिना सोचे-समझे दूसरों से साझा करना।
  • दोहों के प्रतीकात्मक अर्थों को सतही तौर पर समझना।
  • आंतरिक शक्ति और बाहरी सहायता के बीच अंतर को न समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक दोहे के मुख्य संदेश को संक्षेप में लिखें।
  • रहीम द्वारा प्रयुक्त प्रतीकों (जैसे धागा, सागर, पंक जल, कमल) के अर्थ को समझें।
  • दोहों से मिलने वाली सीख को अपने जीवन से जोड़ने का प्रयास करें।
  • प्रश्न-उत्तरों को याद करने के बजाय, उनके पीछे के तर्क को समझें।
  • दोहों के भावार्थ को अपने शब्दों में व्यक्त करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. प्रेम का धागा टूटने पर क्या होता है?

Q2. हमें अपना दुख दूसरों से क्यों नहीं कहना चाहिए?

Q3. रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?

Q4. एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?

Q5. जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 10 'दोहे' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस पाठ में प्रेम की नाजुकता, दुख को गुप्त रखने की आवश्यकता, ईश्वर की भक्ति के महत्व और आंतरिक शक्ति के महत्व जैसे विषयों को रहीम के दोहों के माध्यम से समझाया गया है।

ये NCERT समाधान कक्षा 9 के छात्रों के लिए कैसे सहायक हैं?

ये समाधान छात्रों को रहीम के दोहों के अर्थ और संदेश को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में आसानी होती है।

क्या इन समाधानों में दोहों की व्याख्या दी गई है?

हाँ, प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दोहों के भावार्थ और संदर्भ की व्याख्या की गई है, जिससे छात्रों को उनका सही अर्थ समझने में मदद मिलती है।

प्रेम का धागा टूटने पर क्या होता है?

रहीम के अनुसार, प्रेम का धागा एक बार टूटने के बाद यदि जोड़ा भी जाए, तो उसमें गाँठ पड़ जाती है और वह पहले जैसा नहीं रहता, जिससे रिश्ते में अविश्वास आ जाता है।

हमें अपना दुख दूसरों से क्यों नहीं कहना चाहिए?

हमें अपना दुख दूसरों से इसलिए नहीं कहना चाहिए क्योंकि इससे कोई लाभ नहीं होता, बल्कि वे उसका मजाक उड़ा सकते हैं और हमारी कमजोरी समझ सकते हैं।

रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को बेहतर क्यों माना है?

रहीम ने पंक जल को सागर से बेहतर माना है क्योंकि पंक जल छोटे जीवों की प्यास बुझाता है, जबकि विशाल सागर होने के बावजूद किसी की प्यास नहीं बुझा पाता, इसलिए वह निरुपयोगी है।

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