कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 1 इस जल प्रलय में
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक के पाठ 'इस जल प्रलय में' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ पटना में 1975 की विनाशकारी बाढ़ का आँखों देखा वर्णन करता है। समाधानों में बाढ़ की खबर सुनकर लोगों द्वारा की गई तैयारियों, जैसे सामान ऊँची मंजिलों पर ले जाना, आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करना, और बाढ़ की स्थिति जानने की उत्सुकता का वर्णन है। इसमें 'मृत्यु का तरल दूत' के रूप में बाढ़ के पानी के वर्णन, आपदाओं से निपटने के सुझाव, और संकट के समय मानवीय उदासीनता पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों और उनसे बचाव के तरीकों को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1 इस जल प्रलय में |
Chapter summary
कक्षा 9 के हिंदी पाठ 'इस जल प्रलय में' के ये NCERT समाधान छात्रों को 1975 की पटना की बाढ़ के अनुभव से परिचित कराते हैं। समाधान बाढ़ की सूचना पर लोगों की प्रतिक्रियाओं, जैसे सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना और आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करना, का विस्तृत विश्लेषण करते हैं। इसमें बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' कहने के कारणों, आपदा प्रबंधन के सुझावों और संकट के समय स्वार्थी मानसिकता पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों द्वारा की जाने वाली तैयारियों को समझना।
- बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' कहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करना।
- आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक सुझावों को पहचानना।
- संकट के समय मानवीय व्यवहार और उदासीनता के विभिन्न पहलुओं को समझना।
- लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता और उसके अनुभवों को समझना।
- पाठ में वर्णित घटनाओं और भावनाओं के बीच संबंध स्थापित करना।
Topics covered
Paper topics
- बाढ़ की सूचना और लोगों की प्रतिक्रिया
- सामान की सुरक्षा और भंडारण
- लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता
- 'मृत्यु का तरल दूत' का प्रतीकात्मक अर्थ
- आपदा प्रबंधन के सुझाव
- मानवीय उदासीनता और स्वार्थ
- बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियाँ
- मानव-पशु संबंध (कुत्ता और नौजवान)
- लेखक की रचना प्रक्रिया और उसकी सीमाएँ
Important topics
- बाढ़ की सूचना पर लोगों की तैयारी और प्रतिक्रियाएँ
- 'मृत्यु का तरल दूत' का प्रतीकात्मक अर्थ और महत्व
- आपदाओं से निपटने के लिए व्यावहारिक सुझाव
- संकट के समय मानवीय व्यवहार और सामाजिक आलोचना
- लेखक की बाढ़ के प्रति व्यक्तिगत अनुभव और अवलोकन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
- सतर्कता और सूचना: हमेशा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करें।
- सुरक्षा तंत्र से जुड़ाव: आपातकालीन सेवाओं (जैसे पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा) के संपर्क नंबर हमेशा उपलब्ध रखें और उनसे जुड़े रहें।
- आवश्यक सामग्री का भंडारण: आपदा की स्थिति में कुछ दिनों तक गुजारा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी, गैर-नाशवान खाद्य पदार्थ, प्राथमिक उपचार किट, मोमबत्ती, माचिस, और दवाइयाँ जमा करके रखें।
- ऊँचाई वाले स्थान की तैयारी: यदि बाढ़ की आशंका हो, तो घर के कीमती सामान और आवश्यक वस्तुओं को ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें।
- स्वयंसेवी भागीदारी: आपदा राहत कार्यों में सहायता के लिए स्वयंसेवी संगठनों से जुड़ें या स्थानीय स्तर पर मदद के लिए तैयार रहें।
- जागरूकता अभियान: समुदाय में आपदाओं से बचाव और राहत कार्यों के बारे में जागरूकता फैलाएं।
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
प्रश्न 9
प्रश्न 10
प्रश्न 11
Common mistakes
- बाढ़ के समय केवल भौतिक तैयारियों पर ध्यान देना, भावनात्मक तैयारी को अनदेखा करना।
- आपदा के समय मानवीय सहायता के महत्व को कम आंकना।
- लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता को केवल कौतूहल समझना, उसके अनुभवजन्य ज्ञान की इच्छा को न समझना।
- पाठ में निहित सामाजिक आलोचना को सतही तौर पर लेना।
Revision tips
- बाढ़ की खबर सुनकर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाओं को सूचीबद्ध करें।
- 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे प्रतीकात्मक शब्दों के अर्थ और महत्व को समझें।
- आपदा प्रबंधन से संबंधित लेखक के सुझावों को अपने शब्दों में लिखें।
- पाठ में वर्णित मानवीय भावनाओं (जैसे - भय, उत्सुकता, उदासीनता) का विश्लेषण करें।
- लेखक के व्यक्तिगत अनुभवों और उनके द्वारा वर्णित घटनाओं के बीच संबंध स्थापित करें।
Practice MCQs
Q1. बाढ़ की खबर सुनकर लोग सबसे पहले क्या करने लगे?
Explanation: बाढ़ की खबर सुनकर लोग सबसे पहले अपने घरों के सामान को सुरक्षित रखने के लिए निचली मंजिलों से ऊपरी मंजिलों पर ले जाने लगे।
Q2. लेखक बाढ़ की विनाशलीला को स्वयं क्यों देखना चाहता था?
Explanation: लेखक ने पहले बाढ़ का अनुभव नहीं किया था, लेकिन उसने अपनी रचनाओं में इसका वर्णन किया था। वह स्वयं अपनी आँखों से बाढ़ के पानी को शहर में घुसते और उसकी विनाशलीला को देखना चाहता था।
Q3. 'मृत्यु का तरल दूत' किसे कहा गया है?
Explanation: बाढ़ के लगातार बढ़ते जल को 'मृत्यु का तरल दूत' कहा गया है क्योंकि इसने अनगिनत प्राणियों को उजाड़ दिया, बहा दिया और मौत की नींद सुला दिया।
Q4. आपदाओं से निपटने के लिए सबसे बेहतर तरीका क्या है?
Explanation: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्क रहना, मौसम की जानकारी रखना और सुरक्षा तंत्र से जुड़े रहना है।
Q5. संकट की घड़ी में लोगों की किस मानसिकता पर चोट की गई है?
Explanation: पाठ में लोगों की उस मानसिकता पर चोट की गई है जहाँ वे संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता करने के बजाय अपने निजी स्वार्थों को अधिक महत्व देते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 9 हिंदी के पाठ 'इस जल प्रलय में' में मुख्य रूप से किस घटना का वर्णन है?
इस पाठ में 1975 में पटना शहर में आई विनाशकारी बाढ़ का आँखों देखा वर्णन है, जिसमें बाढ़ के पानी के शहर में घुसने और लोगों की प्रतिक्रियाओं का चित्रण किया गया है।
लेखक ने बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' क्यों कहा है?
लेखक ने बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' इसलिए कहा है क्योंकि यह अपने साथ विनाश लाता है, अनगिनत प्राणियों को बहा ले जाता है, उन्हें बेघर करता है और उनकी मृत्यु का कारण बनता है।
बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस प्रकार की तैयारी कर रहे थे?
बाढ़ की खबर सुनकर लोग आतंकित थे और अपने सामान को निचली मंजिलों से ऊपरी मंजिलों पर ले जा रहे थे। वे खाने-पीने का सामान, दवाइयाँ, मोमबत्ती, दियासलाई आदि जैसी आवश्यक वस्तुएँ भी जमा कर रहे थे।
आपदाओं से निपटने के लिए पाठ में क्या सुझाव दिए गए हैं?
पाठ में आपदाओं से निपटने के लिए सतर्क रहने, मौसम की जानकारी रखने, सुरक्षा तंत्र से जुड़े रहने, खाद्य सामग्री का भंडारण करने और बचाव कार्यों के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं व सरकार द्वारा पूर्व तैयारी करने जैसे सुझाव दिए गए हैं।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर तैयार करने में मदद करते हैं, और परीक्षा की तैयारी को सुदृढ़ बनाते हैं।
पाठ में लोगों की किस नकारात्मक मानसिकता पर प्रकाश डाला गया है?
पाठ में संकट की घड़ी में लोगों की उस नकारात्मक मानसिकता पर प्रकाश डाला गया है जहाँ वे एक-दूसरे की सहायता करने के बजाय अपने निजी स्वार्थों को अधिक महत्व देते हैं और दूसरों के दुख से उदासीन रहते हैं।
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