CBSE Class 9 Hindi 'रसखान सवैये' NCERT Solutions

NCERT Solutions PDF Class 9 PDF

This chapter delves into the profound love of the poet Rasakhan for Brajbhumi and Lord Krishna. The NCERT Solutions for Class 9 Hindi, Chapter 11, 'रसखान सवैये', provide detailed explanations of the poet's verses. Students will explore the poet's willingness to be reborn in various forms – as a human, animal, bird, or even a stone – just to remain in Braj and be close to Krishna. The solutions also explain the poet's deep affection for the natural elements of Braj, like its forests, gardens, and ponds, which are sanctified by Krishna's presence. Furthermore, the solutions elucidate the significance of Krishna's belongings, such as his staff and blanket, and the poet's desire to embody Krishna's divine persona. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the poems, understand the literary devices used, and prepare effectively for their examinations by offering clear, step-by-step explanations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. रसखान सवैये

Chapter summary

Chapter 11, 'रसखान सवैये', focuses on the intense devotion and love of the poet Rasakhan for Brajbhumi and Lord Krishna. The NCERT Solutions cover the poet's desire to experience Braj in every possible form and his deep connection with Krishna's divine presence. It also explains the poetic devices and the emotional depth within the verses, offering a clear understanding of the poet's sentiments and the beauty of the Braj landscape as depicted in the poems.

Learning outcomes

  • Understand the poet's deep love and devotion for Brajbhumi.
  • Analyze the poet's desire to be reborn in various forms to stay close to Krishna.
  • Explain the significance of natural elements in Braj associated with Krishna.
  • Identify and appreciate the emotional expression in the poems.
  • Understand the meaning of specific poetic lines and their underlying emotions.

Topics covered

Paper topics

  • Brajbhumi's significance
  • Poet's devotion to Krishna
  • Forms of rebirth desired by the poet
  • Krishna's divine persona
  • Significance of Krishna's possessions
  • Natural beauty of Braj
  • Poetic devices (Alankar)
  • Emotional expression in poetry
  • Love for motherland

Important topics

  • Poet's desire for rebirth in Braj
  • Significance of Krishna's belongings
  • Description of Krishna's form
  • Poetic devices used in the Savais
  • Emotional depth of the poems

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?
Solution: कवि रसखान ब्रजभूमि के प्रति अपना गहरा प्रेम विभिन्न रूपों में व्यक्त करते हैं। वे ब्रज में ही जन्म लेना चाहते हैं, चाहे वह ग्वाला बनकर नंद बाबा की गायें चराना हो। यदि उन्हें पशु योनि मिले, तो वे नंद की गायों में से एक बनना चाहते हैं। पक्षी के रूप में, वे कदम्ब के पेड़ पर बैठकर कृष्ण की बाल-लीलाओं का आनंद लेना चाहते हैं। यहाँ तक कि वे गोवर्धन पर्वत का वह पत्थर बनना भी स्वीकार करते हैं जिसे कृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था। इन सभी रूपों में उनकी एकमात्र इच्छा कृष्ण की स्मृतियों से जुड़े ब्रज में ही निवास करना है, जिसके लिए वे तीनों लोकों का सुख भी न्योछावर कर सकते हैं।

प्रश्न 2

कवि का ब्रज के वन, बाग और तालाब को निहारने के पीछे क्या कारण हैं?
Solution: कवि ब्रज के वन, बाग और तालाब को इसलिए निहारना चाहते हैं क्योंकि इन स्थानों पर भगवान कृष्ण ने अनेक प्रकार की क्रीड़ाएँ की हैं। इन स्थानों में कृष्ण की मधुर स्मृतियाँ छिपी हुई हैं। कवि को इन स्थानों को देखकर अनुपम और अलौकिक सुख की अनुभूति होती है, जो उन्हें कृष्ण की निकटता का अहसास कराता है।

प्रश्न 3

एक लकुटी और कमरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार है?
Solution: कवि रसखान कृष्ण की एक लाठी (लकुटी) और एक कंबल (कमरिया) पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने को इसलिए तैयार हैं क्योंकि ये वस्तुएँ कृष्ण के साथ सदैव रहती थीं। ये साधारण वस्तुएँ न होकर कृष्ण की प्रिय वस्तुएँ हैं और उनसे कृष्ण की अनमोल स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं। इन वस्तुओं के प्रति कवि का प्रेम इतना गहरा है कि वे इनके सामने तीनों लोकों के राज-पाट के सुख को भी तुच्छ मानते हैं।

प्रश्न 4

सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धारण करने का आग्रह किया था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिये।
Solution: एक सखी दूसरी गोपी से आग्रह करती है कि वह भगवान कृष्ण का मोहक रूप धारण करे। सखी गोपी से कहती है कि वह सिर पर मोरपंखों से बना मुकुट धारण करे, गले में गुंजों की माला पहने, अपने तन पर पीले वस्त्र धारण करे और हाथों में लाठी लेकर गायों को चराने के लिए वन में जाए। हालाँकि, सखी गोपी से यह भी कहती है कि वह कृष्ण की तरह बांसुरी को अपने होठों पर कदापि न रखे।

प्रश्न 5

आपके विचार से कवि पशु, पक्षी, पहाड़ के रूप में भी कृष्ण का सान्निध्य क्यों प्राप्त करना चाहता है?
Solution: मेरे विचार से, कवि पशु, पक्षी या पहाड़ के रूप में भी कृष्ण का सान्निध्य इसलिए प्राप्त करना चाहते हैं क्योंकि इन सभी रूपों में उन्हें कृष्ण के समीप रहने का अवसर मिलेगा। यदि वे पशु बनते हैं तो नंद की गायों में से एक बनना चाहेंगे, यदि पक्षी बनते हैं तो कदम्ब के पेड़ पर बैठकर कृष्ण की लीलाओं को देखेंगे, और यदि पत्थर बनते हैं तो गोवर्धन पर्वत का हिस्सा बनना चाहेंगे जिसे कृष्ण ने छुआ था। इन सभी रूपों में कृष्ण के जीवन की झलक मिलती है और कवि का मुख्य उद्देश्य कृष्ण के करीब रहना है, चाहे वह किसी भी रूप में हो।

प्रश्न 6

चौथे सवैये के अनुसार गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?
Solution: चौथे सवैये के अनुसार, गोपियाँ स्वयं को विवश इसलिए पाती हैं क्योंकि भगवान कृष्ण का रूप अत्यंत मनमोहक है और उनकी बांसुरी की धुन बहुत मादक है। गोपियाँ कृष्ण की सुंदरता और उनकी मुरली की मधुर तान पर इतनी मुग्ध हो जाती हैं कि वे स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख पातीं। वे कृष्ण की मोहिनी छवि और संगीत के प्रभाव में आकर अपने घर-बार और लोक-लाज सब कुछ भूलकर उनके पीछे खिंची चली जाती हैं, जिससे वे स्वयं को असहाय महसूस करती हैं।

प्रश्न 7.1

भाव स्पष्ट कीजिए - कोटिक ए कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारौं।
Solution: इन पंक्तियों का भाव यह है कि कवि रसखान ब्रज के उन कांटेदार झाड़ियों और कुंजों पर करोड़ों सोने के महलों के सुख को भी न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। कवि का मानना है कि उन कुंजों में श्रीकृष्णजी का वास है, और वहाँ उन्हें जो आत्मिक सुख मिलता है, वह संसार की आठों सिद्धियों और नौ निधियों में भी प्राप्त नहीं हो सकता। यह कथन ब्रजभूमि के प्रति कवि की अनन्य श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है।

प्रश्न 7.2

भाव स्पष्ट कीजिए - माइ री वा मुख की मुसकानि सम्हारी न जैहै, न जैहै, न जैहै।
Solution: इन पंक्तियों का भाव यह है कि गोपियाँ कृष्ण की मुस्कान पर इतनी अधिक मोहित हो जाती हैं कि वे उसे संभाल नहीं पातीं। कृष्ण के मुख की यह मोहक मुस्कान उन्हें अपनी सुध-बुध खोने पर मजबूर कर देती है। गोपियाँ बार-बार 'न जैहै, न जैहै, न जैहै' कहकर अपनी लाचारी व्यक्त करती हैं, जिसका अर्थ है कि वे कृष्ण की मुस्कान के प्रभाव से बच नहीं पाएंगी और लोक-लाज का भय भी भूलकर उनकी ओर आकर्षित हो जाएंगी।

प्रश्न 8

'कालिंदी कूल कदम्ब की डारन' में कौन-सा अलंकार है?
Solution: 'कालिंदी कूल कदम्ब की डारन' पंक्ति में 'क' वर्ण की आवृत्ति के कारण अनुप्रास अलंकार है। अनुप्रास अलंकार में किसी वर्ण या शब्द का एक से अधिक बार प्रयोग होता है, जिससे काव्य में संगीतात्मकता और सुंदरता आती है।

प्रश्न 9

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिये - या मुरली मुरलीधर की अधरन धरी अधरा न धरौंगी।
Solution:

भाव सौंदर्य: इस पंक्ति में गोपी अपनी सखी से कहती है कि वह कृष्ण के समान सिर पर मोरपंखों का मुकुट, गले में गुंजों की माला और पीले वस्त्र तो धारण कर लेगी, लेकिन कृष्ण की मुरली को अपने होठों पर कभी नहीं रखेगी। गोपी को वह मुरली अपनी सौत के समान प्रतीत होती है, जिससे वह ईर्ष्या करती है और इसलिए उसे अपने अधरों पर नहीं रखना चाहती।

शिल्प सौंदर्य: इस काव्य पंक्ति में ब्रज भाषा का सुंदर प्रयोग किया गया है और यह सवैया छंद में रचित है। 'ल' और 'म' वर्णों की आवृत्ति के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार है। साथ ही, 'मुरली' और 'मुरलीधर' शब्दों के प्रयोग में यमक अलंकार का भी सुंदर निर्वाह हुआ है, जहाँ एक ही शब्द के दो अर्थ हैं (मुरली - बांसुरी, मुरलीधर - कृष्ण)।

प्रश्न 10

प्रस्तुत सवैयों में जिस प्रकार ब्रजभूमि के प्रति प्रेम अभिव्यक्त हुआ है, उसी तरह आप अपनी मातृभूमि के प्रति अपने मनोभावों को अभिव्यक्त कीजिए।
Solution: मुझे अपनी मातृभूमि, भारत, से असीम प्रेम है। इसी भूमि की धूल में खेलकर, इसी का अन्न-जल ग्रहण करके हम बड़े हुए हैं। इसलिए, हमारा यह परम कर्तव्य है कि हम अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उसके ऋण को चुकाने का प्रयास करें। जब भी अवसर मिलेगा, मैं अपनी मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने को तत्पर रहूँगा। मैं ऐसा कोई भी कार्य नहीं करूँगा जिससे मेरी मातृभूमि का सिर झुके या उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचे। जहाँ तक संभव होगा, मैं अपनी मातृभूमि के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करता रहूँगा।

Common mistakes

  • Confusing the poet's personal desires with general descriptions of Braj.
  • Underestimating the significance of Krishna's belongings to the poet.
  • Misinterpreting the poet's willingness to endure hardship for Krishna's sake.
  • Failing to recognize the use of literary devices like alliteration and yamak.

Revision tips

  • Read the poems aloud to feel the rhythm and emotion.
  • Focus on understanding the poet's different desires for rebirth in Braj.
  • Identify the specific reasons why the poet cherishes Krishna's possessions.
  • Pay attention to the explanations of poetic devices like अनुप्रास and यमक.
  • Try to rephrase the meaning of each verse in your own words.

Practice MCQs

Q1. कवि रसखान ब्रजभूमि के प्रति अपना प्रेम किन रूपों में व्यक्त करते हैं?

Q2. कवि ब्रज के वन, बाग और तालाब को क्यों निहारना चाहते हैं?

Q3. एक लकुटी और कमरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार हैं?

Q4. सखी गोपी से कृष्ण का रूप धारण करने का आग्रह करते हुए क्या पहनने को मना करती है?

Q5. 'कालिंदी कूल कदम्ब की डारन' में कौन सा अलंकार है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 9 हिंदी (क्षितिज) के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 11 'रसखान सवैये' पर केंद्रित हैं।

इन समाधानों में कवि रसखान के प्रेम का वर्णन कैसे किया गया है?

समाधानों में कवि के ब्रजभूमि और भगवान कृष्ण के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाया गया है, जिसमें वे कृष्ण के सान्निध्य के लिए किसी भी रूप में जन्म लेने को तैयार हैं।

क्या इन समाधानों में काव्य-सौंदर्य पर भी प्रकाश डाला गया है?

हाँ, समाधानों में 'रसखान सवैये' में प्रयुक्त अलंकार (जैसे अनुप्रास, यमक) और भाषा-शैली के सौंदर्य को भी स्पष्ट किया गया है।

गोपियाँ कृष्ण का रूप धारण करते समय क्या नहीं धारण करना चाहतीं?

गोपियाँ कृष्ण का रूप धारण करते समय उनकी बांसुरी को अपने होठों पर नहीं रखना चाहतीं, क्योंकि वे उसे अपनी सौत के समान मानती हैं।

ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को कविता के भावार्थ, कवि के विचारों और काव्य-सौंदर्य को समझने में मदद मिलती है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.