कक्षा 9 हिंदी कृतिका: इस जल प्रलय में - NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'कृतिका' के पहले अध्याय 'इस जल प्रलय में' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा लिखित यह अध्याय 1947 में पूर्णिया में आई विनाशकारी बाढ़ के व्यक्तिगत अनुभव का वर्णन करता है। समाधान बाढ़ की खबर सुनकर लोगों की तैयारियों, लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता, 'मृत्यु का तरल दूत' के रूपक की व्याख्या, आपदा प्रबंधन के सुझाव, और संकट के समय मानवीय व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं। इसमें बाढ़ के दौरान फैलने वाली बीमारियों और मानवीय व पशुओं के बीच गहरे भावनात्मक संबंधों पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव और उनसे निपटने के तरीकों को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. इस जल प्रलय में - फणीश्वरनाथ रेणु |
Chapter summary
कक्षा 9 हिंदी कृतिका के अध्याय 'इस जल प्रलय में' के ये NCERT समाधान बाढ़ के विनाशकारी प्रभाव और मानवीय प्रतिक्रियाओं का गहन विश्लेषण प्रदान करते हैं। समाधानों में बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों द्वारा की गई आवश्यक तैयारियों, लेखक की बाढ़ के अनुभव को प्रत्यक्ष देखने की उत्सुकता, और 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे प्रतीकों की व्याख्या शामिल है। यह खंड आपदा प्रबंधन के लिए व्यावहारिक सुझाव भी देता है और संकट के समय स्वार्थ, क्षेत्रीयता और सहानुभूति जैसी मानवीय भावनाओं पर प्रकाश डालता है।
Learning outcomes
- बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों द्वारा की जाने वाली तैयारियों को समझना।
- बाढ़ के प्रति लेखक की जिज्ञासा और अनुभव को जानना।
- 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे प्रतीकों का अर्थ समझना।
- आपदाओं से निपटने के लिए सुझावों का विश्लेषण करना।
- संकट के समय मानवीय व्यवहार और भावनाओं का मूल्यांकन करना।
- बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों के बारे में जानना।
Topics covered
Paper topics
- बाढ़ की सूचना और तैयारी
- लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता
- बाढ़ का वर्णन और अनुभव
- 'मृत्यु का तरल दूत' का प्रतीकात्मक अर्थ
- आपदा प्रबंधन और सुझाव
- मानवीय व्यवहार और भावनाएँ (क्षेत्रीयता, स्वार्थ, सहानुभूति)
- बाढ़ के दौरान सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
- बाढ़ से उत्पन्न बीमारियाँ
- मानव-पशु संबंध
- कलाकार की संवेदनशीलता
Important topics
- बाढ़ की सूचना पर लोगों की तैयारी
- 'मृत्यु का तरल दूत' का अर्थ
- आपदा प्रबंधन के सुझाव
- संकट के समय मानवीय व्यवहार
- लेखक का बाढ़ के प्रति दृष्टिकोण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
- सरकारी तैयारी: सरकार को आपदाओं की भविष्यवाणी और उनसे निपटने के लिए पूर्व-योजनाएँ बनानी चाहिए और आवश्यक संसाधनों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करना चाहिए।
- उपकरणों का रखरखाव: आपदा राहत और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों का नियमित रखरखाव किया जाना चाहिए ताकि वे संकट के समय पूरी तरह से कार्यशील रहें।
- प्रशिक्षण एवं जागरूकता: आम जनता और स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। आपदाओं के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
- सामुदायिक सहयोग: संकट की घड़ी में समुदाय के सदस्यों को एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए और सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
- धैर्य एवं विवेक: आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए ताकि सही निर्णय लिए जा सकें और नुकसान को कम किया जा सके।
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
प्रश्न 9
प्रश्न 10
प्रश्न 11
Common mistakes
- बाढ़ के प्रति केवल भयभीत होने की सामान्य धारणा रखना, जबकि उत्सुकता भी एक प्रतिक्रिया हो सकती है।
- आपदा प्रबंधन के लिए केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर रहना, व्यक्तिगत जिम्मेदारी को अनदेखा करना।
- मानवीय भावनाओं जैसे स्वार्थ और क्षेत्रीयता को संकट के समय कम आंकना।
- लेखक की कलात्मक संवेदनशीलता को न समझना, जो उसे दर्शक बनने से रोकती है।
Revision tips
- बाढ़ की खबर सुनकर लोगों की तैयारियों की सूची बनाएं।
- लेखक की बाढ़ के प्रति उत्सुकता के कारणों पर विचार करें।
- 'मृत्यु का तरल दूत' और अन्य प्रतीकों के अर्थ को समझें।
- आपदा प्रबंधन के लिए दिए गए सुझावों को अपनी भाषा में लिखें।
- मानवीय भावनाओं और प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करें।
Practice MCQs
Q1. बाढ़ की खबर सुनकर लोग सबसे पहले क्या तैयारी करने लगे?
Explanation: बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कुछ दिनों तक गुजारा करने के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे ईंधन, आलू, मोमबत्ती, पानी आदि जुटाने की तैयारी शुरू कर दी।
Q2. लेखक बाढ़ के पानी को देखने के लिए क्यों उत्सुक था?
Explanation: लेखक ने बाढ़ के बारे में पढ़ा और लिखा तो था, लेकिन अपने शहर में पानी के घुसने के अनुभव को प्रत्यक्ष रूप से देखना उसके लिए एक नया और उत्सुकता भरा अनुभव था।
Q3. 'मृत्यु का तरल दूत' किसे कहा गया है?
Explanation: बाढ़ के निरंतर बढ़ते जल-स्तर को 'मृत्यु का तरल दूत' कहा गया है क्योंकि यह अपने तीव्र प्रवाह से विनाश लाता है और अनेक लोगों की मृत्यु का कारण बनता है।
Q4. आपदाओं से निपटने के लिए क्या सुझाव दिया गया है?
Explanation: समाधानों में यह सुझाव दिया गया है कि सरकार को पहले से इंतजाम करने चाहिए, उपकरणों का रखरखाव हो, और सभी को प्रशिक्षण देकर स्वयंसेवक दल तैयार किए जाने चाहिए।
Q5. खरीद-बिक्री बंद होने पर भी पान की बिक्री क्यों बढ़ गई?
Explanation: बाढ़ देखने आए उत्सुक लोग, जो भयभीत नहीं थे, आपस में बातचीत करते हुए समय बिताने के लिए पान को एक साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे इसकी बिक्री बढ़ गई।
Frequently asked questions
कक्षा 9 हिंदी कृतिका के अध्याय 'इस जल प्रलय में' में मुख्य रूप से क्या बताया गया है?
इस अध्याय में फणीश्वरनाथ रेणु ने 1947 में पूर्णिया में आई बाढ़ के अपने व्यक्तिगत अनुभव का वर्णन किया है। इसमें बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों की तैयारियों, बाढ़ के भयावह रूप, और संकट के समय मानवीय प्रतिक्रियाओं का चित्रण है।
लेखक बाढ़ के पानी को देखने के लिए क्यों उत्सुक था?
लेखक ने बाढ़ के बारे में पढ़ा और लिखा तो था, लेकिन अपने शहर में पानी के घुसने के अनुभव को प्रत्यक्ष रूप से देखना उसके लिए एक बिल्कुल नया और उत्सुकता भरा अनुभव था, जिसे वह महसूस करना चाहता था।
'मृत्यु का तरल दूत' से क्या तात्पर्य है?
'मृत्यु का तरल दूत' बाढ़ के बढ़ते हुए जल-स्तर को कहा गया है, क्योंकि यह अपने विनाशकारी प्रवाह से न केवल जान-माल का नुकसान करता है, बल्कि अनेक लोगों की मृत्यु का कारण भी बनता है।
आपदाओं से निपटने के लिए समाधानों में क्या सुझाव दिए गए हैं?
समाधानों में सुझाव दिया गया है कि सरकार को पहले से इंतजाम करने चाहिए, आपदा उपकरणों का उचित रखरखाव हो, सभी को प्रशिक्षण दिया जाए और स्वयंसेवक दल तैयार किए जाएं। साथ ही, जनता और सरकार को सूझ-बूझ से काम लेना चाहिए।
बाढ़ के समय पान की बिक्री क्यों बढ़ गई थी?
बाढ़ देखने आए उत्सुक लोग, जो भयभीत होने के बजाय कौतूहल में थे, आपस में बातचीत करते हुए समय बिताने के लिए पान को एक साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए अन्य दुकानों के बंद होने पर भी पान की बिक्री बढ़ गई।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान छात्रों को अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, और परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं। वे प्रश्नोत्तर के माध्यम से विषय वस्तु को आसानी से याद रखने में सहायक हैं।
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