कक्षा 9 गणित NCERT समाधान: अध्याय 5 यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय
यह पृष्ठ कक्षा 9 गणित के अध्याय 5, 'यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें यूक्लिड की अभिधारणाओं और अभिगृहीतों पर आधारित प्रश्नों को हल किया गया है, जिसमें रेखाओं, बिंदुओं, वृत्तों और आकृतियों की परिभाषाएँ शामिल हैं। समाधानों में सत्य/असत्य कथनों का विश्लेषण, महत्वपूर्ण पदों की परिभाषाएँ और ज्यामितीय प्रमेयों का प्रमाण शामिल है। यह खंड छात्रों को ज्यामिति की मूलभूत अवधारणाओं को समझने और उन्हें लागू करने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय |
Chapter summary
कक्षा 9 गणित के अध्याय 5 के ये NCERT समाधान यूक्लिड की ज्यामिति की मूल बातें प्रस्तुत करते हैं। इसमें बिंदुओं, रेखाओं, रेखाखंडों, वृत्तों की त्रिज्याओं और वर्गों जैसी प्रमुख ज्यामितीय अवधारणाओं की परिभाषाएँ शामिल हैं। छात्र सत्य/असत्य कथनों का मूल्यांकन करना सीखेंगे और यह समझेंगे कि कैसे अभिधारणाएँ ज्यामितीय तर्क का आधार बनती हैं। यह अध्याय छात्रों को ज्यामितीय प्रमाणों की नींव से परिचित कराता है।
Learning outcomes
- यूक्लिड की ज्यामिति की मूलभूत अभिधारणाओं और अभिगृहीतों को समझना।
- बिंदु, रेखा, रेखाखंड, वृत्त की त्रिज्या और वर्ग जैसी ज्यामितीय आकृतियों को परिभाषित करना।
- दिए गए कथनों की सत्यता का मूल्यांकन करना और कारण बताना।
- ज्यामितीय समस्याओं को हल करने के लिए अभिधारणाओं का उपयोग करना।
- रेखाओं और वृत्तों से संबंधित प्रमेयों को समझना और सिद्ध करना।
Topics covered
Paper topics
- यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय
- अभिधारणाएँ
- अभिगृहीत
- बिंदु
- रेखा
- रेखाखंड
- समांतर रेखाएँ
- लम्ब रेखाएँ
- वृत्त की त्रिज्या
- वर्ग
- ज्यामितीय कथन
- प्रमाण
Important topics
- यूक्लिड की अभिधारणाएँ और अभिगृहीत
- बिंदु, रेखा और रेखाखंड की परिभाषाएँ
- समांतर और लम्ब रेखाओं की परिभाषाएँ
- वृत्त की त्रिज्या और वर्ग की परिभाषा
- सत्य/असत्य कथनों का विश्लेषण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सत्य हैं और कौन-से कथन असत्य हैं? अपने उत्तरों के लिए कारण दीजिए:
(i) एक बिंदु से होकर वेफवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
(ii) दो भिन्न बिंदुओं से होकर जाने वाली असंख्य रेखाएँ हैं।
(iii) एक सांत रेखा दोनों ओर अनिश्चित रूप से बढ़ाई जा सकती है।
(iv) यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं।
(v) आकृति 5.9 में, यदि AB = PQ और PQ = XY, तो AB = XY होगा।
(i) असत्य। एक दिए गए बिंदु से होकर अनंत संख्या में रेखाएँ खींची जा सकती हैं। यह यूक्लिड की अभिधारणाओं के विपरीत है।
(ii) असत्य। दो भिन्न बिंदुओं से होकर केवल एक और केवल एक ही अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है। यह यूक्लिड की अभिधारणाओं में से एक है।
(iii) सत्य। यूक्लिड की अभिधारणाओं के अनुसार, एक सांत (सीमित) रेखाखंड को दोनों दिशाओं में अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
(iv) सत्य। यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो इसका अर्थ है कि वे एक दूसरे पर पूरी तरह से अध्यारोपित हो सकते हैं। इसके लिए उनकी त्रिज्याएँ बराबर होनी चाहिए।
(v) सत्य। यह समानता (equality) के संकर्मक गुण (transitive property) को दर्शाता है। यदि रेखाखंड AB की लंबाई रेखाखंड PQ की लंबाई के बराबर है, और PQ की लंबाई XY की लंबाई के बराबर है, तो AB की लंबाई XY की लंबाई के बराबर होगी।
प्रश्न 2
निम्नलिखित पदों में से प्रत्येक की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?
(i) समांतर रेखाएँ
(ii) लम्ब रेखाएँ
(iii) रेखाखंड
(iv) वृत्त की त्रिज्या
(v) वर्ग
(i) समांतर रेखाएँ: वे दो रेखाएँ जो एक ही तल में स्थित हों और एक दूसरे को कभी प्रतिच्छेद न करें, समांतर रेखाएँ कहलाती हैं। इसका अर्थ है कि उनके बीच की लंबवत दूरी सदैव स्थिर रहती है।
(ii) लम्ब रेखाएँ: दो रेखाएँ एक दूसरे पर लम्ब कहलाती हैं यदि वे एक दूसरे को समकोण (90°) पर प्रतिच्छेद करती हैं।
(iii) रेखाखंड: एक रेखा का वह भाग जिसके दो अंत बिंदु होते हैं, रेखाखंड कहलाता है।
(iv) वृत्त की त्रिज्या: वृत्त के केंद्र से उसकी परिधि पर स्थित किसी भी बिंदु तक की दूरी को वृत्त की त्रिज्या कहते हैं।
(v) वर्ग: एक वर्ग एक चतुर्भुज होता है जिसकी चारों भुजाएँ बराबर होती हैं और चारों कोण समकोण (90°) होते हैं।
परिभाषित करने की आवश्यकता वाले पद:
इन परिभाषाओं में 'रेखा', 'तल', 'बिंदु', 'प्रतिच्छेद करना', 'दूरी', 'समकोण', 'चतुर्भुज', 'भुजा' और 'कोण' जैसे पद अपरिभाषित (undefined) हैं। यूक्लिड ने इन्हें मूल अवधारणाओं के रूप में लिया है। उदाहरण के लिए, 'रेखा' को लंबाई वाली एक चौड़ाई रहित विस्तार के रूप में समझा जा सकता है, और 'बिंदु' को एक स्थिति के रूप में समझा जा सकता है जिसका कोई आयाम नहीं होता।
प्रश्न 3
नीचे दी हुई दो अभिधारणाओं पर विचार कीजिए:
(i) दो भिन्न बिंदु A और B दिए रहने पर, एक तीसरा बिंदु C ऐसा विद्यमान है जो A और B के बीच स्थित होता है।
(ii) यहाँ कम से कम ऐसे तीन बिंदु विद्यमान हैं कि वे एक रेखा पर स्थित नहीं हैं।
ये दोनों कथन यूक्लिड की अभिधारणाओं के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
(i) यह अभिधारणा ज्यामिति में बिंदुओं की निरंतरता (continuity) को दर्शाती है। यह बताती है कि किन्हीं दो बिंदुओं के बीच हमेशा एक तीसरा बिंदु मौजूद होता है।
(ii) यह अभिधारणा बताती है कि एक तल में कम से कम तीन अ-संरेख (non-collinear) बिंदु मौजूद होते हैं। यह ज्यामितीय आकृतियों के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है जो रेखाएँ नहीं हैं, जैसे त्रिभुज।
ये दोनों अभिधारणाएँ सुसंगत (consistent) हैं और एक दूसरे का खंडन नहीं करतीं। ये ज्यामितीय प्रमेयों को सिद्ध करने के लिए आधार प्रदान करती हैं।
प्रश्न 4
यदि दो बिन्दुओं A और B के बीच एक बिंदु C ऐसा स्थित है कि AC = BC है, तो सिद्ध कीजिए कि है। एक आकृति खींच कर इसे स्पष्ट कीजिए।
दिया है : बिंदु C, A और B के बीच स्थित है, और है।
सिद्ध करना है :
प्रमाण :
चूंकि बिंदु C, A और B के बीच स्थित है, इसलिए रेखाखंड AB की लंबाई AC और BC की लंबाइयों के योग के बराबर होगी।
हमें दिया गया है कि । इसलिए, हम BC के स्थान पर AC का प्रयोग कर सकते हैं:
इसे सरल करने पर:
अब, दोनों पक्षों को 2 से विभाजित करने पर:
अतः, सिद्ध हुआ।
आकृति:
(यहाँ एक रेखाखंड AB खींचा जाएगा, जिसके मध्य बिंदु C को दर्शाया जाएगा। AC और BC की लंबाई बराबर दिखाई जाएगी।)
Common mistakes
- दो भिन्न बिंदुओं से केवल एक रेखा खींची जा सकती है, न कि असंख्य।
- सांत रेखा को दोनों दिशाओं में अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
- समांतर रेखाओं की परिभाषा में दूरी का समान रहना महत्वपूर्ण है।
- वर्ग की परिभाषा में सभी भुजाओं के बराबर होने के साथ-साथ समकोण का होना भी आवश्यक है।
Revision tips
- यूक्लिड की सभी अभिधारणाओं और अभिगृहीतों को अच्छी तरह याद करें।
- प्रत्येक परिभाषा को स्पष्ट रूप से समझें और उदाहरणों से जोड़ें।
- सत्य/असत्य प्रश्नों के उत्तर देते समय अपने कारण स्पष्ट रूप से लिखें।
- प्रश्नावली में दिए गए सभी प्रश्नों को स्वयं हल करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है: 'एक बिंदु से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है'?
Explanation: एक बिंदु से होकर अनंत रेखाएँ खींची जा सकती हैं, इसलिए यह कथन असत्य है।
Q2. दो भिन्न बिंदुओं से होकर कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
Explanation: दो भिन्न बिंदुओं को मिलाने वाली केवल एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।
Q3. एक सांत रेखा के बारे में क्या सत्य है?
Explanation: यूक्लिड की अभिधारणा के अनुसार, एक सांत रेखा को दोनों दिशाओं में अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
Q4. यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याओं के बारे में क्या कहा जा सकता है?
Explanation: बराबर वृत्तों की परिभाषा के अनुसार, उनकी त्रिज्याएँ हमेशा बराबर होती हैं।
Q5. समांतर रेखाओं की परिभाषा के अनुसार, वे रेखाएँ क्या होती हैं?
Explanation: समांतर रेखाएँ वे रेखाएँ होती हैं जो एक ही तल में स्थित होती हैं और कभी भी एक दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, तथा उनके बीच की लंबवत दूरी स्थिर रहती है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 के गणित में यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय ज्यामिति की मूलभूत अवधारणाओं, जैसे बिंदु, रेखा, तल और अभिधारणाओं की नींव रखता है, जो आगे की ज्यामितीय समझ के लिए आवश्यक हैं।
इस अध्याय में किन प्रमुख ज्यामितीय पदों को परिभाषित किया गया है?
इस अध्याय में समांतर रेखाएँ, लम्ब रेखाएँ, रेखाखंड, वृत्त की त्रिज्या और वर्ग जैसे महत्वपूर्ण पदों को परिभाषित किया गया है।
क्या यूक्लिड की अभिधारणाएँ आज भी प्रासंगिक हैं?
हाँ, यूक्लिड की अभिधारणाएँ आज भी ज्यामितीय तर्क और प्रमाण की आधारशिला के रूप में प्रासंगिक हैं, हालाँकि आधुनिक गणित में कुछ विस्तार हुए हैं।
NCERT समाधान इन प्रश्नों को हल करने में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में समान प्रश्नों को हल करने में सहायता मिलती है।
क्या प्रश्न 4 में दिया गया प्रमाण यूक्लिड की अभिधारणाओं पर आधारित है?
हाँ, प्रश्न 4 का प्रमाण इस सिद्धांत पर आधारित है कि एक रेखाखंड को दो बराबर भागों में विभाजित किया जा सकता है और यह कि बराबरों को बराबर में जोड़ने पर परिणाम बराबर होते हैं, जो यूक्लिड के अभिगृहीतों से संबंधित है।
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