कक्षा 9 हिंदी स्पर्श पाठ 14: अग्निपथ - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 14, 'अग्निपथ' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह कविता, जो हरिवंशराय बच्चन द्वारा लिखी गई है, जीवन के कठिन मार्ग का एक शक्तिशाली रूपक है। समाधानों में 'अग्निपथ' के प्रतीकात्मक अर्थ, जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता, और किसी भी परिस्थिति में मदद न मांगने के महत्व जैसे प्रमुख विषयों की पड़ताल की गई है। यह पाठ छात्रों को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है, उन्हें कभी हार न मानने और अपने लक्ष्यों की ओर लगातार बढ़ते रहने का संदेश देता है। ये समाधान छात्रों को कविता के गहन अर्थ को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 14

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 14 'अग्निपथ' के लिए ये NCERT समाधान कविता के मूल भाव को स्पष्ट करते हैं। इसमें जीवन के कठिन मार्ग को 'अग्निपथ' के रूप में दर्शाया गया है और यह सिखाया गया है कि व्यक्ति को कभी रुकना नहीं चाहिए, न ही पीछे मुड़ना चाहिए और न ही किसी से सहायता मांगनी चाहिए। समाधान कविता के प्रतीकात्मक अर्थों और कवि द्वारा दिए गए संदेशों को विस्तार से समझाते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा के लिए तैयारी करने में मदद मिलती है।

Learning outcomes

  • कवि द्वारा 'अग्निपथ' के प्रतीकात्मक प्रयोग को समझना।
  • जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्प के महत्व को पहचानना।
  • कविता में प्रयुक्त शब्दों के बार-बार प्रयोग के पीछे के अर्थ को स्पष्ट करना।
  • जीवन के कठिन पथ पर आगे बढ़ते रहने के संदेश को समझना।
  • कविता के मूल भाव और कवि के संदेश का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • अग्निपथ का प्रतीकात्मक अर्थ
  • जीवन की कठिनाइयाँ
  • दृढ़ संकल्प
  • आत्मनिर्भरता
  • निरंतरता
  • संघर्ष
  • प्रेरणादायक कविता
  • हरिवंशराय बच्चन की काव्य शैली
  • कक्षा 9 हिंदी स्पर्श
  • NCERT समाधान

Important topics

  • अग्निपथ का प्रतीकात्मक अर्थ
  • जीवन के पथ पर दृढ़ रहना
  • किसी से मदद न मांगने का संदेश
  • निरंतरता और आगे बढ़ने का महत्व
  • कविता का मूल भाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -

(क). कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है ?

(ख). 'माँग मत', 'कर शपथ', 'लथपथ' इन शब्दों का बार–बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?

(ग). 'एक पत्र छाँह भी माँग मत' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

Solution:

(क) कवि ने 'अग्नि पथ' शब्द का प्रयोग जीवन के अत्यंत कठिन और संघर्षपूर्ण मार्ग के प्रतीक के रूप में किया है। उनके अनुसार, पूरा जीवन एक अग्नि पथ के समान है, जिस पर चलते हुए व्यक्ति को उसकी कठिनाइयों और ताप को सहते हुए, निरंतर आगे बढ़ना होता है।

(ख) कवि 'माँग मत', 'कर शपथ', और 'लथपथ' जैसे शब्दों का बार-बार प्रयोग करके यह समझाना चाहता है कि जीवन के इस कठिन मार्ग पर व्यक्ति को आत्मनिर्भर रहना चाहिए। उसे किसी से भी सहायता की याचना नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से वह स्वयं को कमजोर बना लेगा और इस अग्नि पथ को पार करना उसके लिए और भी मुश्किल हो जाएगा। उसे स्वयं ही अपने संकल्पों को पूरा करने की शपथ लेनी चाहिए और कष्टों से घबराए बिना आगे बढ़ते रहना चाहिए।

(ग) 'एक पत्र छाँह भी माँग मत' इस पंक्ति का आशय यह है कि जीवन के इस कठिन रास्ते पर चलते हुए व्यक्ति को कभी भी सुख या आराम की कामना नहीं करनी चाहिए। उसे केवल अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए और रास्ते में आने वाली किसी भी प्रकार की सुविधा या विश्राम की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। उसका ध्यान केवल अपने कर्म और आगे बढ़ने पर केंद्रित होना चाहिए।

प्रश्न 2

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए ।

(क). तू न थमेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी ;

(ख). चल रहा मनुष्य है, अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ ।

Solution:

(क) इस पंक्ति का भाव यह है कि जीवन के अग्नि पथ पर चलते हुए मनुष्य को कभी भी रुकना या थकना नहीं चाहिए। उसे अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए कि उसने क्या खोया या क्या पाया है। यह पंक्ति अटूट संकल्प और आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती है।

(ख) इस पंक्ति के माध्यम से कवि यह दर्शाते हैं कि जीवन के कठिन पथ पर मनुष्य अत्यधिक संघर्ष और कष्ट सह रहा है। वह आंसू (दुःख), पसीने (परिश्रम) और रक्त (चोट या बलिदान) से लथपथ होकर भी लगातार आगे बढ़ रहा है। यह स्थिति जीवन की कठिनाइयों और उन पर विजय पाने के लिए मनुष्य के अथक प्रयास को व्यक्त करती है।

प्रश्न 3

इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।
Solution:

इस कविता का मूलभाव यह है कि जीवन एक कठिन यात्रा है, जिसे 'अग्निपथ' के रूप में दर्शाया गया है। कवि सभी मनुष्यों को यह संदेश देना चाहता है कि इस यात्रा पर उन्हें अकेले ही चलना है। उन्हें किसी भी परिस्थिति में रुकना नहीं है, पीछे मुड़कर नहीं देखना है, और न ही किसी से सहायता मांगनी है। व्यक्ति को अपने संकल्पों पर अडिग रहना चाहिए, कष्टों का सामना करना चाहिए और निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। यह कविता आत्मबल, दृढ़ता और कभी हार न मानने की भावना को प्रेरित करती है।

Common mistakes

  • 'अग्निपथ' के शाब्दिक अर्थ पर ध्यान केंद्रित करना, प्रतीकात्मक अर्थ को अनदेखा करना।
  • कविता के संदेश को केवल व्यक्तिगत संघर्षों तक सीमित समझना।
  • कठिनाइयों के सामने रुकने या पीछे मुड़ने की प्रवृत्ति को कम आंकना।
  • मदद मांगने के परिणामों को पूरी तरह न समझना।

Revision tips

  • कविता को जोर से पढ़ें और उसके लय और प्रवाह को महसूस करें।
  • 'अग्निपथ', 'लथपथ', 'माँग मत', 'कर शपथ' जैसे महत्वपूर्ण शब्दों और वाक्यांशों के अर्थ पर ध्यान केंद्रित करें।
  • कवि के संदेश को अपने जीवन के अनुभवों से जोड़कर देखें।
  • समाधानों में दिए गए स्पष्टीकरणों को समझें और अपने शब्दों में व्यक्त करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. कवि ने 'अग्निपथ' का प्रयोग किसके प्रतीक के रूप में किया है?

Q2. कविता के अनुसार, मनुष्य को जीवन के पथ पर क्या नहीं करना चाहिए?

Q3. 'तू न थमेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी' - इस पंक्ति का क्या भाव है?

Q4. आंसू, पसीने और खून से लथपथ होने का क्या अर्थ है?

Q5. कविता का मूल संदेश क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 14 'अग्निपथ' में 'अग्निपथ' का क्या अर्थ है?

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 14 'अग्निपथ' में 'अग्निपथ' का अर्थ जीवन का अत्यंत कठिन और संघर्षपूर्ण मार्ग है, जिस पर चलते हुए व्यक्ति को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

कविता 'अग्निपथ' हमें क्या सिखाती है?

कविता 'अग्निपथ' हमें सिखाती है कि जीवन की कठिनाइयों का सामना करते हुए कभी रुकना नहीं चाहिए, पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए और न ही किसी से मदद मांगनी चाहिए, बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ अकेले ही आगे बढ़ते रहना चाहिए।

क्या 'अग्निपथ' कविता में मदद मांगने की मनाही है?

हाँ, कविता में 'माँग मत' और 'कर शपथ' जैसे वाक्यांशों के माध्यम से कवि स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि जीवन के कठिन पथ पर व्यक्ति को किसी से भी मदद नहीं मांगनी चाहिए।

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के छात्रों को 'अग्निपथ' कविता के कठिन भावों को सरल भाषा में समझने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर जानने और परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने में मदद करता है।

कविता में 'लथपथ' शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है?

कविता में 'लथपथ' शब्द का प्रयोग मनुष्य के आंसू, पसीने और खून से सराबोर होने की स्थिति को दर्शाता है, जो जीवन के संघर्षों में उसके अत्यधिक कष्ट और परिश्रम को व्यक्त करता है।

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