कक्षा 9 हिंदी स्पर्श: स्वामी आनंद – शुक्रतारे के समान NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'स्पर्श' के पाठ 10, 'स्वामी आनंद – शुक्रतारे के समान' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ गांधीजी के निजी सचिव महादेव देसाई के जीवन और गांधीजी के साथ उनके गहरे संबंध पर केंद्रित है। समाधानों में महादेव भाई के असाधारण गुणों, जैसे उनकी लेखन क्षमता, गांधीजी के प्रति निष्ठा, और आगंतुकों के साथ उनके व्यवहार का वर्णन किया गया है। पाठ यह भी बताता है कि कैसे महादेव भाई ने गांधीजी के जीवन को सुगम बनाया और उनके विचारों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित किया। इन समाधानों के माध्यम से छात्र महादेव भाई के योगदान को समझ सकते हैं और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 10 |
Chapter summary
कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 10 'स्वामी आनंद – शुक्रतारे के समान' के ये NCERT समाधान महादेव देसाई के असाधारण व्यक्तित्व और गांधीजी के जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हैं। समाधानों में महादेव भाई की गांधीजी के प्रति अटूट निष्ठा, उनकी उत्कृष्ट लेखन कला, और आगंतुकों के प्रति उनके विनम्र व्यवहार का विस्तृत वर्णन है। यह पाठ छात्रों को गांधीजी के निजी जीवन और उनके कार्यों में महादेव भाई के योगदान को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Learning outcomes
- गांधीजी और महादेव देसाई के बीच के घनिष्ठ संबंध को समझना।
- महादेव देसाई के असाधारण गुणों, जैसे निष्ठा, लेखन क्षमता और विनम्रता का विश्लेषण करना।
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड जैसी ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ को समझना।
- महादेव देसाई के साहित्यिक योगदान और अनुवाद कार्य की सराहना करना।
- गांधीजी के जीवन में महादेव देसाई की भूमिका के महत्व को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- महादेव देसाई का जीवन परिचय
- गांधीजी और महादेव देसाई का संबंध
- महादेव देसाई के गुण (निष्ठा, लेखन क्षमता, विनम्रता)
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड
- महादेव देसाई का साहित्यिक योगदान
- महादेव देसाई की अकाल मृत्यु
- गांधीजी के निजी सचिव के रूप में भूमिका
- महादेव देसाई की लिखावट की विशेषताएँ
- महादेव देसाई का समाचार-पत्रों की दुनिया में स्थान
Important topics
- गांधीजी और महादेव देसाई का घनिष्ठ संबंध
- महादेव देसाई के असाधारण गुण और उनका महत्व
- महादेव देसाई की लेखन क्षमता और उसका प्रभाव
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड का संदर्भ
- महादेव देसाई का गांधीजी के जीवन में योगदान
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Questions and Solutions
प्रश्न 1:
प्रश्न 2:
प्रश्न ३:
प्रश्न 4:
प्रश्न 5:
प्रश्न 1:
प्रश्न 2:
प्रश्न ३:
Common mistakes
- महादेव देसाई के योगदान को केवल एक सहायक के रूप में देखना, न कि एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में।
- ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ को समझने में चूक करना।
- महादेव देसाई की लेखन क्षमता के महत्व को कम आंकना।
- गांधीजी के विचारों और कार्यों में महादेव देसाई की भूमिका को नजरअंदाज करना।
Revision tips
- महादेव देसाई के जीवन और गांधीजी के साथ उनके संबंधों पर ध्यान केंद्रित करें।
- पाठ में उल्लिखित ऐतिहासिक घटनाओं, जैसे जलियाँवाला बाग हत्याकांड, के संदर्भ को समझें।
- महादेव देसाई के लेखन कौशल और साहित्यिक योगदान से संबंधित बिंदुओं को याद करें।
- गांधीजी के विचारों को व्यक्त करने में महादेव देसाई की भूमिका पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस कब कहा था?
Explanation: गांधीजी ने सन् 1919 में पलवल स्टेशन पर गिरफ्तारी के समय महादेव भाई को अपना वारिस कहा था, जो जलियाँवाला बाग हत्याकांड के दिनों की घटना थी।
Q2. गांधीजी से मिलने आने वाले आगंतुकों की बातों की टिप्पणियाँ कौन तैयार करता था?
Explanation: महादेव भाई गांधीजी से मिलने आने वाले आगंतुकों की बातों की संक्षिप्त टिप्पणियाँ तैयार करते थे और उनकी रूबरू मुलाकातें भी करवाते थे।
Q3. महादेव भाई ने किन लेखकों के साहित्य का अनुवाद किया था?
Explanation: महादेव भाई ने टैगोर की 'चित्रांगदा' और शरदचंद्र की कहानियों जैसे साहित्य का अनुवाद किया था।
Q4. महादेव भाई की अकाल मृत्यु का मुख्य कारण क्या था?
Explanation: मगनवाड़ी से सेवाग्राम तक रोज 11 मील पैदल चलने के कारण असह्य गर्मी में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जो उनकी अकाल मृत्यु का कारण बना।
Q5. गांधीजी महादेव भाई के लिखे नोट के बारे में क्या कहते थे?
Explanation: जब आगंतुक अपने टाइप किए हुए नोट को 'ओके' करवाने लाते थे, तब गांधीजी कहते थे कि महादेव के लिखे नोट से मिलान कर लेना चाहिए, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है।
Q6. जलियाँवाला बाग हत्याकांड के समय पंजाब में क्या स्थिति थी?
Explanation: 1919 में जलियाँवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोलियाँ चलवाईं, कई नेता गिरफ्तार हुए और कुछ को काला पानी की सजा दी गई, जो फौजी शासन का कहर था।
Q7. महादेव भाई को समाचार-पत्रों की दुनिया में 'सबका लाड़ला' क्यों कहा गया?
Explanation: बेजोड़ कॉलम लेखन, चौकसाई, ब्रिटिश समाचार-पत्रों की परंपराओं का पालन, और कट्टर विरोधियों के साथ भी विनय-विवेक से विवाद करने के गुणों ने उन्हें सबका प्रिय बना दिया था।
Q8. महादेव भाई की लिखावट की क्या विशेषता थी?
Explanation: महादेव भाई की लिखावट इतनी सुंदर और सुपाठ्य थी कि बड़े-बड़े सिविलियन और गवर्नर भी मानते थे कि ब्रिटिश सर्विसों में भी उनके समान अक्षर लिखने वाला कोई नहीं था।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'स्पर्श' के पाठ 10 'स्वामी आनंद – शुक्रतारे के समान' के लिए है।
इस पाठ में मुख्य रूप से किस पर ध्यान केंद्रित किया गया है?
इस पाठ में मुख्य रूप से महात्मा गांधी के निजी सचिव महादेव देसाई के जीवन, उनके असाधारण गुणों और गांधीजी के साथ उनके गहरे संबंध पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
महादेव देसाई के किन गुणों का उल्लेख समाधानों में किया गया है?
समाधानों में महादेव देसाई की निष्ठा, उनकी उत्कृष्ट लेखन क्षमता, विनम्रता, और आगंतुकों के प्रति उनके व्यवहार जैसे गुणों का उल्लेख किया गया है।
जलियाँवाला बाग हत्याकांड का इस पाठ से क्या संबंध है?
पाठ में यह उल्लेख है कि गांधीजी ने सन् 1919 में जलियाँवाला बाग हत्याकांड के समय पंजाब जाते हुए पलवल स्टेशन पर गिरफ्तारी के दौरान महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
महादेव देसाई की अकाल मृत्यु का क्या कारण बताया गया है?
सेवाग्राम की असह्य गर्मी में रोज 11 मील पैदल चलने के कारण उनके स्वास्थ्य पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को उनकी अकाल मृत्यु का कारण बताया गया है।
ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान पाठ के मुख्य बिंदुओं, ऐतिहासिक संदर्भों और पात्रों के महत्व को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलती है।
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