कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: संचयन - अध्याय 1: गिल्लू

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'संचयन' के पहले अध्याय 'गिल्लू' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें लेखिका और गिलहरी गिल्लू के बीच के मार्मिक संबंध को दर्शाया गया है। समाधान गिल्लू के जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे उसका घायल अवस्था में मिलना, उसका उपचार, लेखिका के साथ उसका लगाव, उसकी शरारतें, उसकी स्वतंत्रता की चाह और अंततः उसके अंतिम क्षणों का वर्णन करते हैं। यह अध्याय प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जीवों के प्रति प्रेम को उजागर करता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'संचयन' के अध्याय 1 'गिल्लू' के ये NCERT समाधान गिल्लू नामक गिलहरी और लेखिका के बीच के अनूठे रिश्ते पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के मुख्य प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जिसमें गिल्लू का घायल अवस्था से लेखिका के साथ रहना, उसकी दैनिक क्रियाएं, लेखिका के प्रति उसका स्नेह, उसकी स्वतंत्रता की इच्छा और उसके जीवन के अंतिम क्षणों का मार्मिक चित्रण शामिल है। यह अध्याय जीवों के प्रति करुणा और प्रकृति के साथ जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करता है।

Learning outcomes

  • गिल्लू के जीवन और लेखिका के साथ उसके संबंधों को समझना।
  • सोनजुही की कली और गिल्लू के बीच लेखिका द्वारा किए गए भावनात्मक जुड़ाव का विश्लेषण करना।
  • कौए को समादरित और अनादरित प्राणी मानने के कारणों को स्पष्ट करना।
  • गिलहरी के घायल बच्चे के उपचार की प्रक्रिया का वर्णन करना।
  • गिल्लू की विभिन्न चेष्टाओं और उसके अंतिम समय के संकेतों को पहचानना।
  • गिल्लू की समाधि पर लेखिका के विश्वास का अर्थ समझना।

Topics covered

Paper topics

  • गिल्लू का परिचय
  • सोनजुही की कली और लेखिका के विचार
  • कौए का महत्व (समादरित और अनादरित)
  • गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार
  • गिल्लू का लेखिका का ध्यान आकर्षित करना
  • गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता
  • गिल्लू द्वारा परिचारिका की भूमिका
  • गिल्लू के अंतिम समय के संकेत
  • गिल्लू का देहांत
  • गिल्लू की समाधि और लेखिका का विश्वास

Important topics

  • गिल्लू और लेखिका का भावनात्मक संबंध
  • कौए को समादरित और अनादरित प्राणी मानने के कारण
  • गिल्लू के जीवन के अंतिम क्षण और लेखिका की भावनाएं
  • गिल्लू की समाधि पर लेखिका का विश्वास

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?
Solution: सोनजुही की पीली कली अत्यंत मनमोहक होती है। इस कली को देखकर लेखिका के मन में यह विचार आया कि जिस प्रकार यह कली लता पर खिलती है, उसी प्रकार एक छोटा जीव, जिसका नाम गिल्लू था, लता की घनी हरी पत्तियों में छिपकर बैठ जाता था। जब लेखिका उसके पास आतीं, तो वह कूदकर उन्हें चौंका देता था। पहले लेखिका कली की खोज करती थीं, पर अब उन्हें उस छोटे से जीव (गिल्लू) की खोज थी, जो अब उनके बीच नहीं था। यह विचार गिल्लू की अनुपस्थिति का अहसास कराता था।

प्रश्न 2

पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
Solution:पाठ के अनुसार, कौआ एक अत्यंत विचित्र प्राणी है जिसे समाज में कभी आदर मिलता है तो कभी अनादर। कौए को समादरित इसलिए माना जाता है क्योंकि श्राद्ध के दिनों में लोग उसे बड़े आदर के साथ बुलाते हैं और भोजन कराते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज कौए का रूप धारण करके ही हमसे कुछ ग्रहण करने आते हैं। दूसरी ओर, कौए को अनादरित इसलिए माना जाता है क्योंकि उसकी लगातार 'काँव-काँव' की कर्कश ध्वनि किसी को भी प्रिय नहीं लगती और यह ध्वनि कानों को चुभती है, जिससे लोग उसे अनादर की दृष्टि से देखते हैं।

प्रश्न 3

गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?
Solution:जब लेखिका को गिलहरी का एक घायल बच्चा मिला, तो उन्होंने उसे उठाकर अपने कमरे में ले आईं। सबसे पहले, उन्होंने रुई की सहायता से उसके घावों से बहते खून को धीरे-धीरे पोंछा। फिर, उन्होंने उसके घावों पर मरहम लगाया ताकि संक्रमण न फैले। जब बच्चे को भूख लगी, तो लेखिका ने रुई की एक पतली बत्ती को दूध में भिगोया और उसे सावधानी से उसके मुँह पर लगाया ताकि वह दूध पी सके। कई घंटों के अथक प्रयास के बाद, लेखिका उस घायल गिलहरी के मुँह में पानी की कुछ बूँदें टपकाने में सफल हुईं। तीन दिनों तक निरंतर उपचार के बाद, वह गिलहरी का बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया।

प्रश्न 4

लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?
Solution:गिल्लू, लेखिका का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए बड़ी चतुराई से काम लेता था। वह अक्सर लेखिका के पैरों तक आकर सर्र से दौड़ता हुआ पर्दे पर चढ़ जाता था। फिर, उसी फुर्ती से नीचे उतर आता था। गिल्लू का यह दौड़ने और चढ़ने-उतरने का क्रम तब तक चलता रहता था, जब तक लेखिका उसे पकड़ने के लिए दौड़ती नहीं थीं। इस प्रकार, वह अपनी चंचलता और शरारतों से लेखिका का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता था।

प्रश्न 5

गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?
Solution:गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि वह उसका पहला बसंत था और वह बाहर की दुनिया को उत्सुकता से देख रहा था। बाहर की अन्य गिलहरियाँ खिड़की की जाली के पास आकर 'चिक-चिक' करके कुछ-कुछ कह रही थीं, और गिल्लू भी जाली के पास बैठकर उन्हें निहारता रहता था। लेखिका को लगा कि गिल्लू अब अपने साथियों के साथ मिलना चाहता है और उसे स्वतंत्रता की आवश्यकता है। इस पर लेखिका ने उसे मुक्त करने का उपाय यह किया कि उन्होंने खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया। इससे गिल्लू उस मार्ग से आसानी से बाहर जा सकता था और वापस भी आ सकता था, जिससे उसकी स्वतंत्रता और लेखिका के साथ उसका जुड़ाव, दोनों बना रहा।

प्रश्न 6

गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?
Solution:गिल्लू ने लेखिका की परिचारिका की भूमिका तब निभाई जब लेखिका एक मोटर दुर्घटना में घायल हो गईं और कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहीं। अस्पताल से घर लौटने पर, जब लेखिका अस्वस्थ थीं, गिल्लू उनके पास ही रहता था। वह लेखिका के बिस्तर के सिरहाने बैठकर अपने छोटे-छोटे पंजों से उनके सिर और बालों को बहुत ही हौले-हौले सहलाता रहता था। गिल्लू का यह कोमल स्पर्श लेखिका को इतना सुकून देता था कि जब गिल्लू वहाँ से हटता, तो लेखिका को ऐसा लगता मानो कोई परिचारिका (देखभाल करने वाली) उनसे दूर चली गई हो। इस प्रकार, गिल्लू ने अपनी सेवा और स्नेह से एक परिचारिका का कर्तव्य निभाया।

प्रश्न 7

गिल्लू को किन चेष्टाओं से यह आभास मिलने लगा था कि अब उसका अंत समय समीप है?
Solution:गिल्लू के अंत समय के समीप आने के कई संकेत थे। उसने खाना-पीना पूरी तरह से छोड़ दिया था और वह घर के अंदर ही रहने लगा था, बाहर जाना भी बंद कर दिया था। सबसे मार्मिक संकेत यह था कि वह अपने झूले से उतरकर लेखिका के बिस्तर पर निश्चेष्ट (बिना हिले-डुले) लेट गया। उसके नन्हे पंजे पूरी तरह ठंडे पड़ चुके थे, जो उसके जीवन के अंत का सूचक था। उसने रात भर लेखिका की उंगली को पकड़ रखा था, मानो वह अंतिम क्षणों में भी उनका साथ नहीं छोड़ना चाहता था। प्रभात होने तक, वह सदा के लिए मृत्यु की नींद सो गया।

प्रश्न 8

'प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया' इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution:इस कथन का गहरा आशय यह है कि गिल्लू ने अपने जीवन का अंत प्रातः काल के समय किया। जैसे ही सूर्य की पहली किरण ने धरती को छुआ, गिल्लू ने अपने नश्वर शरीर को त्याग दिया। यह एक काव्यात्मक अभिव्यक्ति है जिसका अर्थ है कि गिल्लू ने इस जीवन से विदा लेकर किसी दूसरे, नए जीवन में जन्म लेने के लिए शांतिपूर्वक 'सो' गया। यह उसके जीवन के चक्र का अंत और संभवतः पुनर्जन्म की ओर संकेत करता है।

प्रश्न 9

सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है?
Solution:सोनजुही की लता के नीचे गिल्लू की समाधि बनाई गई थी। इस समाधि को देखकर लेखिका के मन में एक गहरा और सुंदर विश्वास जन्मा। उन्हें यह विश्वास हुआ कि एक दिन गिल्लू इसी सोनजुही की लता के एक छोटे से पत्ते के रूप में अवश्य खिलेगा। वह उस पत्ते के माध्यम से फिर से लेखिका को अपने आस-पास अनुभव होगा। यह विश्वास लेखिका को संतोष देता था और उन्हें गिल्लू की स्मृति को जीवंत रखने का माध्यम प्रदान करता था।

Common mistakes

  • गिल्लू के अंतिम समय के संकेतों को पहचानने में चूक करना।
  • कौए के समादरित और अनादरित होने के कारणों को ठीक से न समझना।
  • गिल्लू की स्वतंत्रता की आवश्यकता के पीछे के तर्क को अनदेखा करना।
  • लेखिका के भावनात्मक जुड़ाव को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • गिल्लू के जीवन चक्र को क्रमबद्ध तरीके से याद करें।
  • लेखिका और गिल्लू के बीच के भावनात्मक क्षणों पर विशेष ध्यान दें।
  • कौए से संबंधित प्रश्न के उत्तर में समादर और अनादर दोनों के कारणों को स्पष्ट रूप से लिखें।
  • गिल्लू की मृत्यु और उसके बाद लेखिका की भावनाओं को समझें।

Practice MCQs

Q1. सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका के मन में क्या विचार आया?

Q2. पाठ के अनुसार, श्राद्ध में कौए को आदर क्यों दिया जाता है?

Q3. गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?

Q4. गिल्लू ने लेखिका की परिचारिका की भूमिका कब निभाई?

Q5. गिल्लू की समाधि पर सोनजुही की लता के नीचे से लेखिका के मन में क्या विश्वास जन्मा?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के 'संचयन' पुस्तक के अध्याय 1 का क्या नाम है?

कक्षा 9 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'संचयन' के अध्याय 1 का नाम 'गिल्लू' है।

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए हैं।

अध्याय 'गिल्लू' में मुख्य रूप से किस विषय पर चर्चा की गई है?

अध्याय 'गिल्लू' में लेखिका और गिल्लू नामक गिलहरी के बीच के गहरे भावनात्मक संबंध, उसके जीवन और उसके अंतिम क्षणों पर चर्चा की गई है।

कौए को पाठ में समादरित और अनादरित क्यों कहा गया है?

कौए को श्राद्ध जैसे अवसरों पर आदर दिया जाता है क्योंकि माना जाता है कि पितृ पक्ष में पुरखे कौए बनकर आते हैं, लेकिन उसकी कर्कश वाणी के कारण उसे अनादरित भी माना जाता है।

गिल्लू की मृत्यु के बाद लेखिका को क्या विश्वास था?

गिल्लू की मृत्यु के बाद लेखिका को विश्वास था कि वह सोनजुही की लता के नीचे जूही के एक छोटे से पत्ते के रूप में खिलेगा और वह उसे फिर से अनुभव कर पाएंगी।

ये समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर जानने और परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

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