कक्षा 9 शेमुषी: प्रत्यभिज्ञानम् NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 की शेमुषी पुस्तक के अध्याय 7, 'प्रत्यभिज्ञानम्' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय पहचान और आत्म-खोज के विषयों की पड़ताल करता है, जिसमें पात्रों को अपनी वास्तविक पहचान को विभिन्न भेषों या परिस्थितियों में छिपाना पड़ता है। समाधानों में अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से दिया गया है, जिससे छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने में सहायता मिलती है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और पुनरीक्षण के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की बारीकियों को समझने और अपने ज्ञान को मजबूत करने में मदद मिलती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Shemushi |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 7 |
Chapter summary
कक्षा 9 शेमुषी के अध्याय 7 'प्रत्यभिज्ञानम्' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को पाठ की गहरी समझ प्रदान करता है। इसमें दिए गए अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो पाठ के मुख्य पात्रों, कथानक और विषयों पर केंद्रित हैं। समाधान छात्रों को पाठ की बारीकियों को समझने, पात्रों के उद्देश्यों का विश्लेषण करने और कहानी के संदेश को आत्मसात करने में मदद करते हैं। यह खंड परीक्षा की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।
Learning outcomes
- एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तरों के माध्यम से पाठ की समझ का प्रदर्शन करना।
- पाठ में पात्रों द्वारा व्यक्त विभिन्न भावनाओं (जैसे विस्मय, स्वाभिमान, क्रोध) की पहचान करना।
- दिए गए वाक्यों में संधि के नियमों को लागू करके रिक्त स्थान भरना।
- पाठ के मुख्य पात्रों और उनकी पहचान के इर्द-गिर्द की घटनाओं का विश्लेषण करना।
- संस्कृत भाषा में पाठ की समझ को मजबूत करना।
Topics covered
Paper topics
- प्रत्यभिज्ञानम् पाठ का सारांश
- एक-शब्द उत्तर
- पूर्ण-वाक्य उत्तर
- भावों की पहचान
- संधि विच्छेद और संयोजन
- पात्र विश्लेषण (अर्जुन, अभिमन्यु, बृहन्नला)
- पहचान और भेष
- युद्ध और वीरता
- संस्कृत व्याकरण (संधि)
- पाठ के मुख्य विषय
Important topics
- प्रत्यभिज्ञानम् पाठ का सार
- पात्रों की पहचान और उनके संघर्ष
- प्रश्न 3: विभिन्न भावों की पहचान
- प्रश्न 4: संधि नियमों का अनुप्रयोग
- प्रश्न 2: पाठ आधारित विस्तृत उत्तर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखिए)
(क) क: उमावेषमिवाश्रितः भवति?
(ख) कस्याः अभिभाषणकौतूहलं महत् भवति?
(ग) अस्माकं कुले किमनुचितम्?
(घ) कः दर्पप्रशमनं कर्तुमिच्छति?
(ङ) कः अशस्त्रः आसीत्?
(च) कया गोग्रहणम् अभवत्?
(छ) कः ग्रहणं गतः आसीत्?
- (क) अर्जुनः अथवा बृहन्नला (क्योंकि अर्जुन ने बृहन्नला का वेश धारण किया था)।
- (ख) बृहन्नलायाः (बृहन्नला को बात करने की बहुत उत्सुकता थी)।
- (ग) आत्मस्तवम् अथवा आत्मप्रशंसा (अपने कुल में अपनी प्रशंसा करना अनुचित माना जाता है)।
- (घ) राजा (राजा अभिमन्यु के दर्प को शांत करना चाहता था)।
- (ङ) भीमसेनः (भीमसेन बिना शस्त्र के थे)।
- (च) दिष्ट्या अथवा भाग्येन (गोग्रहण भाग्य से सफल हुआ)।
- (छ) सौभद्रः अथवा अभिमन्युः (अभिमन्यु को पकड़ा गया था)।
प्रश्न 2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतभाषया लिखत (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत भाषा में लिखिए)
(क) भटः कस्य ग्रहणम् अकरोत्?
(ख) अभिमन्युः कथं गृहीतः आसीत्?
(ग) कः वल्लभ-बृहन्नलयोः प्रश्नस्य उत्तरं न ददाति?
(घ) अभिमन्युः स्वग्रहणे किमर्थम् आत्मानं वञ्चितम् अनुभवति?
(ङ) कस्मात् कारणात् अभिमन्युः गोग्रहणं सुखान्तं मन्यते?
- (क) भटः अभिमन्योः ग्रहणम् अकरोत्। (भट ने अभिमन्यु को पकड़ा था।)
- (ख) अशस्त्रः सन् भीमसेनः रथम् आसाद्य बाहुभ्याम् अभिमन्युं गृहीतवान्। (बिना शस्त्र के भीमसेन ने रथ के पास पहुँचकर अपनी भुजाओं से अभिमन्यु को पकड़ लिया था।)
- (ग) अभिमन्युः वल्लभ-बृहन्नलयोः प्रश्नस्य उत्तरं न ददाति। (अभिमन्यु वल्लभ और बृहन्नला के प्रश्न का उत्तर नहीं देता है।)
- (घ) युद्धक्षेत्रे अशस्त्रं भीमसेन दृष्ट्वा अभिमन्युः तं प्रहारं न करोति। भीमसेनः च अभिमन्युं बाहुभ्याम् गृहीतवान्। अतः अभिमन्युः स्वग्रहणे वञ्चितः इव अनुभवति। (युद्धक्षेत्र में भीमसेन को अशस्त्र देखकर अभिमन्यु उन पर प्रहार नहीं करता है। भीमसेन ने अभिमन्यु को बाहुओं से पकड़ लिया था। इसलिए अभिमन्यु अपने पकड़े जाने को एक प्रकार का छल अनुभव करता है।)
- (ङ) अभिमन्युः गोग्रहणं सुखान्तं मन्यते यतः अनेन तस्य स्वपितरः दर्शिताः। (अभिमन्यु गोग्रहण को सुखद अंत वाला मानता है क्योंकि इससे उसके पूर्वज (जिन्होंने गोग्रहण किया था) प्रकट हुए थे।)
प्रश्न 3. अधोलिखितवाक्येषु प्रकटितभावं चिनुत (निम्नलिखित वाक्यों में प्रकट भाव को चुनिए)
(क) भोः को नु खल्वेषः? येन भुजैकनियन्त्रितो बलाधिकेनापि न पीडितः अस्मि। (विस्मयः, भयम्, जिज्ञासा)
(ख) कथं कथं! अभिमन्यु माहम्। (आत्मप्रशंसा, स्वाभिमानः, दैन्यम्)
(ग) कथं मां पितृवदाक्रम्य स्त्रीगतां कथां पृच्छसे? (लज्जा, क्रोधः, प्रसन्नता)
(घ) धनुस्तु दुर्बलैः एव गृह्यते मम तु भुजौ एव प्रहरणम्। (अन्धविश्वासः, शौर्यम्, उत्साहः)
(ङ) बाहुभ्यामाहृतं भीमः बाहुभ्यामेव नेष्यति। (आत्मविश्वासः, निराशा, वाक्संयमः)
(च) दिष्ट्या गोग्रहणं स्वन्तं पितरो येन दर्शिताः। (क्षमा, हर्षः, धैर्यम्)
- (क) विस्मयः (यह वाक्य आश्चर्य व्यक्त करता है कि कौन ऐसा शक्तिशाली है जिसने मुझे नियंत्रित करने के बाद भी पीड़ा नहीं दी।)
- (ख) स्वाभिमानः (यह वाक्य अभिमन्यु के आत्मसम्मान और अपनी पहचान को लेकर गर्व को दर्शाता है।)
- (ग) क्रोधः (यह वाक्य प्रश्न पूछने वाले के प्रति क्रोध और आपत्ति को व्यक्त करता है, विशेषकर जब वह पितृ तुल्य होकर स्त्री-संबंधी प्रश्न पूछता है।)
- (घ) शौर्यम् (यह वाक्य अपनी भुजाओं की शक्ति पर विश्वास और धनुष को दुर्बलों का अस्त्र मानने वाले के वीरतापूर्ण भाव को दर्शाता है।)
- (ङ) आत्मविश्वासः (यह वाक्य इस विश्वास को दर्शाता है कि भीम अपनी भुजाओं से ही सब कुछ प्राप्त करेंगे और ले जाएंगे।)
- (च) हर्षः (यह वाक्य गोग्रहण के सुखद अंत और पूर्वजों के दर्शन से उत्पन्न प्रसन्नता या हर्ष को व्यक्त करता है।)
प्रश्न 4. यथास्थानं रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत (यथास्थान रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए)
(क) खलु + एष: *****************
(ख) बल + ..... + अपि = बलाधिकेनापि
(ग) विभाति + उमावेषम् + इव + अक्षितः = विभात्युमावेषम्
(घ) ..... + एनम् वाचालयत्वेनम्
(ङ) रुष्यति + एष · रुष्यत्येष
(च) त्वमेव + एनम् ....................
(छ) यातु + ..... = यात्विति
(ज) "" + इति धनञ्जयायेति
यहाँ संधि के नियमों के अनुसार रिक्त स्थानों की पूर्ति की गई है:
- (क) खलु + एष: = खल्वेषः
- (ख) बल + अधिकेन + अपि = बलाधिकेनापि
- (ग) विभाति + उमावेषम् + इव + अक्षितः = विभात्युमावेषम् (यह उदाहरण संधि के नियमों को दर्शाता है, जहाँ 'त' का 'त्' हो जाता है और 'इ' के स्थान पर 'य' आता है)।
- (घ) वाचालयति + एनम् = वाचालयत्येनम्
- (ङ) रुष्यति + एष = रुष्यत्येष (यह उदाहरण संधि के नियमों को दर्शाता है, जहाँ 'त' का 'त्' हो जाता है और 'इ' के स्थान पर 'य' आता है)।
- (च) त्वमेव + एनम् = त्वमेवैनम्
- (छ) यातु + इति = यात्विति
- (ज) धनञ्जयः + इति = धनञ्जयायेति
Common mistakes
- संधि नियमों को गलत तरीके से लागू करना।
- प्रश्नों के उत्तर देते समय पाठ के संदर्भ को पूरी तरह से न समझना।
- पात्रों की भावनाओं को गलत तरीके से वर्गीकृत करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में फिर से पढ़ें।
- संधि नियमों का अभ्यास करने के लिए प्रश्न 4 पर विशेष ध्यान दें।
- पात्रों की भावनाओं और उनके कारणों को समझने के लिए प्रश्न 3 की समीक्षा करें।
- अपने उत्तरों को लिखने के बाद पाठ से मिलान करें।
Practice MCQs
Q1. प्रश्न 1 (क) के अनुसार, कौन उमावेष (वेश) धारण करता है?
Explanation: प्रश्न 1 (क) के उत्तर के अनुसार, अर्जुन उमावेष धारण करता है।
Q2. प्रश्न 1 (ख) में, किसका अभिभाषणकौतूहल (बात करने की उत्सुकता) महान है?
Explanation: प्रश्न 1 (ख) के उत्तर के अनुसार, बृहन्नला का अभिभाषणकौतूहल महान है।
Q3. प्रश्न 1 (ग) के अनुसार, हमारे कुल में क्या अनुचित है?
Explanation: प्रश्न 1 (ग) के उत्तर के अनुसार, आत्मस्तवम् (अपनी प्रशंसा) हमारे कुल में अनुचित है।
Q4. प्रश्न 2 (ख) के अनुसार, अभिमन्यु को कैसे पकड़ा गया?
Explanation: प्रश्न 2 (ख) के उत्तर के अनुसार, अशस्त्र भीमसेन द्वारा रथ के पास पहुँचकर बाहुओं से अभिमन्यु को पकड़ा गया था।
Q5. प्रश्न 3 (घ) में कौन सा भाव प्रकट होता है: 'धनुस्तु दुर्बलैः एव गृह्यते मम तु भुजौ एव प्रहरणम्।'
Explanation: यह वाक्य अपनी भुजाओं की शक्ति पर विश्वास और युद्ध कौशल को दर्शाता है, जो शौर्य का भाव है।
Q6. प्रश्न 3 (च) में कौन सा भाव प्रकट होता है: 'दिष्ट्या गोग्रहणं स्वन्तं पितरो येन दर्शिताः।'
Explanation: यह वाक्य गोग्रहण के सुखद अंत और पितरों के दर्शन से उत्पन्न प्रसन्नता या हर्ष को व्यक्त करता है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 की संस्कृत (शेमुषी) पुस्तक के अध्याय 7 'प्रत्यभिज्ञानम्' के लिए है।
'प्रत्यभिज्ञानम्' पाठ का मुख्य विषय क्या है?
'प्रत्यभिज्ञानम्' पाठ पहचान और आत्म-खोज के विषय पर केंद्रित है, जहाँ पात्रों को अपनी वास्तविक पहचान को विभिन्न परिस्थितियों में छिपाना पड़ता है।
क्या इन समाधानों में सभी अभ्यास प्रश्न शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में पाठ के सभी अभ्यास प्रश्नों (प्रश्न 1 से 4 तक) के उत्तर शामिल हैं, जिनमें एक-शब्द उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, भावों की पहचान और संधि से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।
ये समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, प्रश्नों के उत्तर देने के तरीके सीखने और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को मजबूत करने में मदद करते हैं।
प्रश्न 4 में किस प्रकार के व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं?
प्रश्न 4 में मुख्य रूप से संधि के नियमों पर आधारित रिक्त स्थानों की पूर्ति का अभ्यास शामिल है, जहाँ छात्रों को शब्दों को जोड़ना या तोड़ना होता है।
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