कक्षा 9 भारत और समकालीन विश्व - I: क्रिकेट की कहानी NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 9 के छात्रों के लिए 'भारत और समकालीन विश्व - I' पुस्तक के अध्याय 7, 'इतिहास और खेलः क्रिकेट की कहानी' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें औद्योगिक क्रांति के क्रिकेट पर प्रभाव, भारत के पहले क्रिकेट क्लब की स्थापना, टेस्ट क्रिकेट की अनूठी विशेषताओं, 19वीं शताब्दी में खेल में हुए बदलावों, क्रिकेट की लोकप्रियता के भौगोलिक कारणों और शौकिया व पेशेवर खिलाड़ियों के बीच अंतर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को क्रिकेट के ऐतिहासिक विकास और इसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectभारत और समकालीन विश्व - I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. इतिहास और खेलः क्रिकेट की कहानी

Chapter summary

अध्याय 7, 'इतिहास और खेलः क्रिकेट की कहानी', क्रिकेट के विकास पर केंद्रित है। यह समाधान औद्योगिक क्रांति के प्रभाव, भारत में क्रिकेट की शुरुआत, टेस्ट क्रिकेट की विशिष्टताओं, 19वीं सदी के नियमों में बदलाव, और क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता के कारणों की पड़ताल करते हैं। इसमें शौकिया और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच अंतर भी स्पष्ट किया गया है। यह खंड छात्रों को क्रिकेट के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और इसके सामाजिक महत्व को समझने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • औद्योगिक क्रांति के क्रिकेट पर पड़ने वाले प्रभावों को समझें।
  • भारत में क्रिकेट क्लब की स्थापना के इतिहास का पता लगाएं।
  • टेस्ट क्रिकेट की अनूठी विशेषताओं और अन्य खेलों से इसकी भिन्नता का विश्लेषण करें।
  • 19वीं शताब्दी में क्रिकेट के खेल में हुए प्रमुख बदलावों की पहचान करें।
  • क्रिकेट की लोकप्रियता के भौगोलिक और ऐतिहासिक कारणों की व्याख्या करें।
  • शौकिया और पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच अंतर स्पष्ट करें।

Topics covered

Paper topics

  • औद्योगिक क्रांति और क्रिकेट
  • भारत में क्रिकेट क्लब
  • टेस्ट क्रिकेट की विशेषताएं
  • 19वीं सदी में क्रिकेट के नियम
  • क्रिकेट की लोकप्रियता के कारण
  • शौकिया बनाम पेशेवर खिलाड़ी
  • क्रिकेट का इतिहास
  • खेल और समाज

Important topics

  • औद्योगिक क्रांति का क्रिकेट पर प्रभाव
  • टेस्ट क्रिकेट की अनूठी विशेषताएं
  • 19वीं शताब्दी में क्रिकेट में हुए बदलाव
  • क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता के कारण
  • शौकिया और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच अंतर

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

औद्योगिक क्रांति का क्रिकेट पर क्या प्रभाव पड़ा?
Solution: औद्योगिक क्रांति का क्रिकेट पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा, विशेष रूप से खेल के समय निर्धारण के संबंध में। चूंकि औद्योगिक क्रांति के बाद लोगों को काम के घंटों, दैनिक मजदूरी या साप्ताहिक वेतन के आधार पर भुगतान मिलने लगा, इससे क्रिकेट मैचों के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करना संभव हो गया। इसने खेल को अधिक संरचित और व्यवस्थित बनाने में मदद की, जिससे यह व्यापक दर्शकों के लिए सुलभ हो सका।

प्रश्न 2

भारत की पहली क्रिकेट क्लब कौन सी थी और वह कब स्थापित हुई?
Solution: भारत की पहली क्रिकेट क्लब 'कलकत्ता क्लब' थी। इसकी स्थापना वर्ष 1792 ईस्वी में हुई थी। यह क्लब भारत में क्रिकेट के शुरुआती विकास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।

प्रश्न 3

टेस्ट क्रिकेट कई मायनों में एक अनूठा खेल है। इस पर चर्चा कीजिए कि यह किन-किन अर्थों में बाकी खेलों से भिन्न है।
Solution: टेस्ट क्रिकेट अपनी लंबी अवधि और अनिश्चित परिणामों की संभावना के कारण अन्य खेलों से काफी भिन्न है। यह खेल पांच दिनों तक लगातार खेला जा सकता है, और फिर भी यह संभव है कि कोई निर्णायक परिणाम न निकले। इसकी तुलना में, फुटबॉल और हॉकी जैसे खेल कुछ ही घंटों में समाप्त हो जाते हैं और उनका एक निश्चित नतीजा अवश्य निकलता है। टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ियों को अपने अनुभव, कौशल और धैर्य का प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। खेल की लंबी अवधि के कारण इसमें कई उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं, जो दर्शकों के लिए रोमांच और उत्सुकता को बढ़ाते हैं।

प्रश्न 4

19वीं शताब्दी में क्रिकेट के खेल में कौन-से बदलाव हुए?
Solution: 19वीं शताब्दी में क्रिकेट के खेल में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए, जिन्होंने इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। इनमें प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं:
  1. वाइड बॉल के नियम को लागू किया गया।
  2. खिलाड़ियों की चोट से बचाव के लिए पैड और दस्ताने जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग शुरू हुआ।
  3. गेंद का सटीक व्यास (diameter) निश्चित किया गया।
  4. ओवर आर्म बॉलिंग (गेंद को कंधे के ऊपर से फेंकना) को कानूनी मान्यता दी गई और इसे उचित मान लिया गया।
  5. बाउंड्री, यानी चौके और छक्के की शुरुआत हुई, जिसने खेल को और अधिक रोमांचक बना दिया।

प्रश्न 5

भारत और वेस्ट इंडीज में ही क्रिकेट क्यों इतना लोकप्रिय हुआ? यह खेल दक्षिणी अमेरिका में इतना लोकप्रिय क्यों नहीं हुआ?
Solution: क्रिकेट की लोकप्रियता मुख्य रूप से उन देशों तक सीमित रही जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा थे, जैसे भारत और वेस्ट इंडीज। यह एक औपनिवेशिक खेल है, जिसे ब्रिटिश शासकों ने अपने साथ इन क्षेत्रों में फैलाया। वेस्ट इंडीज में, वहाँ बसने वाले गोरे लोगों ने यह खेल शुरू किया। भारत में, यह खेल उच्च वर्ग और अमीरों द्वारा अपनाया गया, जो इसे सामाजिक श्रेष्ठता का प्रतीक मानते थे और वे पीछे नहीं रहना चाहते थे। इसके विपरीत, दक्षिणी अमेरिकी देश कभी भी अंग्रेजी हुकूमत के सीधे संपर्क में नहीं आए। ये देश मुख्य रूप से फ्रांस और हॉलैंड जैसे देशों के प्रभाव में रहे, जहाँ क्रिकेट को फलने-फूलने का अवसर नहीं मिला क्योंकि यह पूरी तरह से एक अंग्रेजी खेल था। वर्तमान में भी इन देशों की कोई प्रमुख क्रिकेट टीम विश्व स्तर पर नहीं है। एक अन्य कारण यह भी है कि क्रिकेट का खेल बहुत लंबा चलता है, जिसे हर कोई पसंद नहीं करता। इन देशों के लोग कम समय में पूरे होने वाले खेल जैसे हॉकी और फुटबॉल को अधिक पसंद करते हैं।

प्रश्न 6

शौकिया खिलाड़ियों और पेशेवर खिलाड़ियों में क्या अन्तर था?
Solution: शौकिया खिलाड़ियों और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर थे:
  1. उद्देश्य: शौकिया खिलाड़ी मुख्य रूप से खेल के आनंद और मनोरंजन के लिए क्रिकेट खेलते थे, जबकि पेशेवर खिलाड़ी अपनी आजीविका कमाने या रोजी-रोटी के लिए खेलते थे।
  2. भूमिका: अक्सर, शौकिया खिलाड़ी मुख्य रूप से बल्लेबाज होते थे, जो अपनी कला का प्रदर्शन करते थे। वहीं, पेशेवर खिलाड़ी अक्सर गेंदबाज होते थे, जिनकी भूमिका खेल में महत्वपूर्ण होती थी और वे अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख बदल सकते थे।
  3. सामाजिक स्थिति: शौकिया खिलाड़ियों को अक्सर 'जेंटलमैन' की उपाधि दी जाती थी, जो उनके उच्च सामाजिक दर्जे को दर्शाता था। इसके विपरीत, पेशेवर खिलाड़ियों को केवल 'खिलाड़ी' कहा जाता था, जो उनके व्यावसायिक दर्जे को इंगित करता था।

Common mistakes

  • औद्योगिक क्रांति के प्रभाव को केवल समय निर्धारण तक सीमित समझना।
  • टेस्ट क्रिकेट की लंबी अवधि को ही एकमात्र अनूठी विशेषता मानना।
  • क्रिकेट की लोकप्रियता के कारणों को केवल ब्रिटिश उपनिवेशवाद से जोड़ना, अन्य सामाजिक कारकों की उपेक्षा करना।
  • शौकिया और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच के अंतर को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए ऐतिहासिक संदर्भों को ध्यान से पढ़ें।
  • टेस्ट क्रिकेट की तुलना अन्य खेलों से करते समय मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
  • 19वीं शताब्दी में हुए बदलावों को एक तालिका के रूप में सारांशित करें।
  • क्रिकेट की लोकप्रियता के कारणों पर चर्चा करते समय भौगोलिक और सामाजिक दोनों पहलुओं पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. औद्योगिक क्रांति का क्रिकेट पर क्या प्रभाव पड़ा?

Q2. भारत की पहली क्रिकेट क्लब कौन सी थी और कब स्थापित हुई?

Q3. टेस्ट क्रिकेट की कौन सी विशेषता इसे अन्य खेलों से भिन्न बनाती है?

Q4. 19वीं शताब्दी में क्रिकेट में कौन सा नियम लागू हुआ?

Q5. क्रिकेट मुख्य रूप से किन देशों में लोकप्रिय हुआ?

Q6. शौकिया खिलाड़ी और पेशेवर खिलाड़ी के बीच मुख्य अंतर क्या था?

Frequently asked questions

कक्षा 9 के लिए 'भारत और समकालीन विश्व - I' के अध्याय 7 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

अध्याय 7, 'इतिहास और खेलः क्रिकेट की कहानी', औद्योगिक क्रांति के क्रिकेट पर प्रभाव, भारत में पहले क्रिकेट क्लब की स्थापना, टेस्ट क्रिकेट की विशिष्टताओं, 19वीं सदी में खेल में हुए बदलावों, क्रिकेट की लोकप्रियता के कारणों और शौकिया व पेशेवर खिलाड़ियों के बीच अंतर जैसे विषयों को शामिल करता है।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिससे छात्रों को क्रिकेट के ऐतिहासिक विकास और इसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलती है, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।

टेस्ट क्रिकेट को अन्य खेलों से अलग क्यों माना जाता है?

टेस्ट क्रिकेट को उसकी लंबी अवधि (पांच दिन तक चल सकता है) और इस संभावना के कारण अनूठा माना जाता है कि मैच बिना किसी परिणाम के समाप्त हो सकता है, जो फुटबॉल या हॉकी जैसे खेलों से भिन्न है।

क्रिकेट की लोकप्रियता केवल ब्रिटिश उपनिवेशों तक ही सीमित क्यों रही?

क्रिकेट को एक औपनिवेशिक खेल माना जाता है। यह मुख्य रूप से उन देशों में लोकप्रिय हुआ जहाँ ब्रिटिश साम्राज्य का प्रभाव था, क्योंकि यह खेल उन देशों के शासक वर्ग और अभिजात वर्ग द्वारा अपनाया गया था।

शौकिया और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच मुख्य अंतर क्या था?

मुख्य अंतर यह था कि शौकिया खिलाड़ी खेल को केवल मनोरंजन के लिए खेलते थे, जबकि पेशेवर खिलाड़ी अपनी आजीविका के लिए खेलते थे। इसके अतिरिक्त, शौकिया खिलाड़ियों को अक्सर 'जेंटलमैन' का दर्जा दिया जाता था।

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