कक्षा 8 विज्ञान: अध्याय 13 ध्वनि - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के विज्ञान के अध्याय 13, 'ध्वनि' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें ध्वनि के उत्पादन, संचरण के माध्यम (ठोस, द्रव, गैस), और निर्वात में इसके संचरण की असंभवता जैसे मूलभूत सिद्धांतों को समझाया गया है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि कैसे कंपन ध्वनि उत्पन्न करते हैं, मानव वाक्-तंतुओं की भूमिका, और कर्ण पटह (कान का पर्दा) ध्वनि संकेतों को कैसे ग्रहण करता है। छात्रों को आवृत्ति (हर्ट्ज़ में मापी गई), आयाम (जो ध्वनि की प्रबलता को निर्धारित करता है), और तारत्व (जो आवृत्ति पर निर्भर करता है) जैसी अवधारणाओं की गहन समझ मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह समाधान अप्रिय ध्वनियों को 'शोर' के रूप में परिभाषित करते हैं और ध्वनि प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा इसे कम करने के उपायों पर प्रकाश डालते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए ध्वनि से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. ध्वनि |
Chapter summary
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 13 'ध्वनि' के ये NCERT समाधान ध्वनि की प्रकृति, इसके उत्पादन और संचरण के तरीकों पर केंद्रित हैं। इसमें ध्वनि के लिए आवश्यक माध्यम, निर्वात में संचरण की अनुपस्थिति, और मानव श्रवण प्रक्रिया का वर्णन है। समाधान आवृत्ति, आयाम, तारत्व और प्रबलता जैसी ध्वनि की विशेषताओं को स्पष्ट करते हैं। साथ ही, यह अप्रिय ध्वनियों को शोर के रूप में पहचानते हैं और ध्वनि प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों तथा इसे नियंत्रित करने के उपायों पर भी चर्चा करते हैं।
Learning outcomes
- ध्वनि के उत्पादन के सिद्धांत को समझना।
- ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता को पहचानना।
- आवृत्ति, आयाम, तारत्व और प्रबलता जैसी ध्वनि की विशेषताओं को परिभाषित करना।
- ध्वनि प्रदूषण के कारणों और प्रभावों को समझना।
- ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उपायों की सूची बनाना।
Topics covered
Paper topics
- ध्वनि का उत्पादन
- कंपन
- ध्वनि संचरण
- माध्यम (ठोस, द्रव, गैस)
- निर्वात में ध्वनि संचरण
- मानव श्रवण
- आवृत्ति
- दोलन
- आवर्तकाल
- आयाम
- प्रबलता
- तारत्व
- ध्वनि प्रदूषण
- संगीत और शोर
Important topics
- ध्वनि का उत्पादन और संचरण
- आवृत्ति, आयाम, तारत्व और प्रबलता
- मानव श्रवण प्रक्रिया
- ध्वनि प्रदूषण और इसके प्रभाव
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) केवल वायु या गैसों में
- (ख) केवल ठोसों में
- (ग) केवल द्रवों में
- (घ) ठोसों, द्रवों तथा गैसों में
ध्वनि को संचरित होने के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है। यह माध्यम ठोस, द्रव या गैस कोई भी हो सकता है। ध्वनि तरंगें माध्यम के कणों के कंपन द्वारा आगे बढ़ती हैं। इसलिए, ध्वनि ठोसों, द्रवों तथा गैसों तीनों में संचरित हो सकती है।
उत्तर: (घ) ठोसों, द्रवों तथा गैसों में
प्रश्न 2
- (क) छोटी लड़की की
- (ख) छोटे लड़के की
- (ग) पुरुष की
- (घ) महिला की
ध्वनि का तारत्व उसकी आवृत्ति पर निर्भर करता है। कम आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व कम होता है, जबकि अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व अधिक होता है। सामान्यतः, पुरुषों के वाक्-तंतुओं (vocal cords) की लंबाई और मोटाई महिलाओं और बच्चों की तुलना में अधिक होती है, जिसके कारण उनके कंपन की आवृत्ति न्यूनतम होती है। इसी कारण पुरुष की आवाज़ का तारत्व सबसे कम होता है।
उत्तर: (ग) पुरुष की
प्रश्न 3
- (क) ध्विन निर्वात में संचिति नहीं हो सकती। (T/F)
- (ख) किसी कॉपत वस्तु के प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या को इसका आवर्तकाल कहते हैं। (T/F)
- (ग) यदि कंपन का आयाम अधिक है तो ध्विन मंद होती है। (T/F)
- (घ) मानव कानों के लिए श्रव्यता का परास 20 Hz से 20,000 Hz है। (T/F)
- (ङ) कंपन की आवृत्ति जितनी कम होगी तारत्व उतना ही अधिक होगा। (T/F)
- (च) अवांछित या अप्रिय ध्विन को संगीत कहते हैं। (T/F)
- (छ) ध्विन प्रदूषण ऑशिक श्रवण अशक्तता उत्पन कर सकता है। (T/F)
- (क) ध्विन निर्वात में संचिति नहीं हो सकती। (T) - ध्वनि को संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, यह निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।
- (ख) किसी कॉपत वस्तु के प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या को इसका आवर्तकाल कहते हैं। (F) - प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं, आवर्तकाल एक दोलन पूरा करने में लगा समय होता है।
- (ग) यदि कंपन का आयाम अधिक है तो ध्विन मंद होती है। (F) - यदि कंपन का आयाम अधिक होता है, तो ध्वनि प्रबल होती है, मंद नहीं।
- (घ) मानव कानों के लिए श्रव्यता का परास 20 Hz से 20,000 Hz है। (T) - यह मानव श्रवण की सामान्य सीमा है।
- (ङ) कंपन की आवृत्ति जितनी कम होगी तारत्व उतना ही अधिक होगा। (F) - कंपन की आवृत्ति जितनी अधिक होगी, तारत्व उतना ही अधिक होगा।
- (च) अवांछित या अप्रिय ध्विन को संगीत कहते हैं। (F) - अवांछित या अप्रिय ध्वनि को शोर कहते हैं, संगीत मधुर ध्वनि होती है।
- (छ) ध्विन प्रदूषण ऑशिक श्रवण अशक्तता उत्पन कर सकता है। (T) - अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।
उत्तर: (क) T, (ख) F, (ग) F, (घ) T, (ङ) F, (च) F, (छ) T
प्रश्न 4
- (क) किसी वस्तु द्वारा एक दोलन को पूरा करने में लिए गए समय को ...... कहते है।
- (ख) प्रबलता कम्पन के ..... से निर्धारित की जाती है।
- (ग) आवृति का मात्रक ..... है।
- (घ) अवाछित ध्वनि को ..... कहते हैं।
- (ङ) ध्वनि की तीक्ष्णता कंपनों की ..... से निर्धारित होती है।
- (क) किसी वस्तु द्वारा एक दोलन को पूरा करने में लिए गए समय को आवर्तकाल कहते है।
- (ख) प्रबलता कम्पन के आयाम के वर्ग से निर्धारित की जाती है।
- (ग) आवृति का मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) है।
- (घ) अवाछित ध्वनि को शोर कहते हैं।
- (ङ) ध्वनि की तीक्ष्णता कंपनों की आवृत्ति से निर्धारित होती है।
Common mistakes
- ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता को न समझना।
- आवृत्ति और तारत्व के बीच संबंध को गलत समझना।
- आयाम और प्रबलता के बीच संबंध को गलत समझना।
- अवांछित ध्वनि को संगीत समझने की भूल करना।
Revision tips
- ध्वनि के उत्पादन के लिए कंपन की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करें।
- ध्वनि संचरण के विभिन्न माध्यमों (ठोस, द्रव, गैस) के बीच अंतर को समझें।
- आवृत्ति, आयाम, तारत्व और प्रबलता के बीच संबंधों को स्पष्ट करें।
- ध्वनि प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभावों और निवारण के उपायों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. ध्वनि संचरित हो सकती है:
Explanation: ध्वनि को संचरित होने के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है, और यह ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती है।
Q2. निम्नलिखित में से किस वाक् ध्वनि की आवृत्ति न्यूनतम होने की संभावना है?
Explanation: पुरुषों के वाक्-तंतुओं के कंपन की आवृत्ति महिलाओं और बच्चों की तुलना में कम होती है, जिससे उनकी ध्वनि का तारत्व न्यूनतम होता है।
Q3. यदि कंपन का आयाम अधिक है तो ध्वनि कैसी होगी?
Explanation: कंपन का आयाम जितना अधिक होता है, ध्वनि उतनी ही प्रबल होती है।
Q4. आवृत्ति का मात्रक क्या है?
Explanation: आवृत्ति को प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या के रूप में मापा जाता है, और इसका मानक मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) है।
Q5. अवांछित या अप्रिय ध्वनि को क्या कहते हैं?
Explanation: अवांछित या अप्रिय ध्वनियों को शोर कहा जाता है, जो ध्वनि प्रदूषण का कारण बन सकती हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 13 में ध्वनि के बारे में क्या मुख्य बातें सिखाई गई हैं?
इस अध्याय में ध्वनि के उत्पादन (कंपन द्वारा), संचरण (ठोस, द्रव, गैस में), निर्वात में संचरण की असंभवता, मानव श्रवण प्रक्रिया, आवृत्ति, आयाम, तारत्व, प्रबलता और ध्वनि प्रदूषण के बारे में सिखाया गया है।
ध्वनि संचरण के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है?
ध्वनि संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है क्योंकि ध्वनि तरंगें माध्यम के कणों के कंपन से उत्पन्न होती हैं और फैलती हैं। निर्वात में कोई कण नहीं होते, इसलिए ध्वनि संचरित नहीं हो सकती।
आवृत्ति और तारत्व के बीच क्या संबंध है?
कंपन की आवृत्ति जितनी अधिक होती है, ध्वनि का तारत्व उतना ही अधिक होता है, जिससे ध्वनि अधिक तीक्ष्ण सुनाई देती है।
ध्वनि प्रदूषण के क्या प्रभाव हो सकते हैं?
अत्यधिक या अवांछित ध्वनि (शोर) ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करती है, जो मानवों में स्वास्थ्य समस्याएं जैसे आंशिक श्रवण अशक्तता (बहरापन) पैदा कर सकती है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को ध्वनि से संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।
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