कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 4: पदार्थ - धातु और अधातु NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के विज्ञान अध्याय 4, 'पदार्थ: धातु और अधातु' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें धातुओं और अधातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणों, जैसे तन्यता, आघातवर्धनीयता, विद्युत चालकता और अभिक्रियाशीलता पर चर्चा की गई है। समाधान बताते हैं कि कैसे धातुएँ अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं, और कैसे अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ कम अभिक्रियाशील धातुओं को उनके यौगिकों से विस्थापित कर सकती हैं। इसमें फॉस्फोरस जैसे सक्रिय अधातुओं के विशेष गुणों और सोडियम व पोटैशियम जैसी अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं को मिट्टी के तेल में सुरक्षित रखने के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को धातुओं और अधातुओं के बीच अंतर करने, उनके गुणों को समझने और विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के पीछे के सिद्धांतों को सीखने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. पदार्थ- धातु और अधातु |
Chapter summary
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 4 के ये NCERT समाधान 'पदार्थ: धातु और अधातु' पर केंद्रित हैं। यह छात्रों को धातुओं और अधातुओं के प्रमुख भौतिक और रासायनिक गुणों, जैसे तन्यता, आघातवर्धनीयता, ऊष्मा और विद्युत चालकता, और अभिक्रियाशीलता के बारे में सिखाता है। समाधान विस्थापन अभिक्रियाओं, अम्लों के साथ धातुओं की अभिक्रियाओं और विभिन्न तत्वों के विशेष गुणों की व्याख्या करते हैं। यह अध्याय धातुओं और अधातुओं के बीच अंतर करने और उनके दैनिक जीवन में अनुप्रयोगों को समझने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
Learning outcomes
- धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों को पहचानना और समझाना।
- तन्यता और आघातवर्धनीयता जैसे गुणों को परिभाषित करना।
- धातुओं और अधातुओं की विद्युत और ऊष्मा चालकता की तुलना करना।
- धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया को समझना।
- विस्थापन अभिक्रियाओं के सिद्धांत को समझाना।
- विभिन्न तत्वों की अभिक्रियाशीलता के क्रम को समझना।
Topics covered
Paper topics
- धातुओं के भौतिक गुण
- अधातुओं के भौतिक गुण
- तन्यता
- आघातवर्धनीयता
- ऊष्मा और विद्युत चालकता
- धातुओं की अम्लों से अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रियाएँ
- अभिक्रियाशीलता
- सक्रिय अधातु (फॉस्फोरस)
- अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ (सोडियम, पोटैशियम)
- धातुओं और अधातुओं के बीच अंतर
- अपररूप
Important topics
- धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण
- तन्यता और आघातवर्धनीयता
- धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रियाएँ
- अभिक्रियाशीलता का क्रम
- सक्रिय अधातुओं और अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं का प्रबंधन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) जिंक
- (ख) फॉस्फोरस
- (ग) सल्फर
- (घ) ऑक्सीजन
उत्तर: (क) जिंक
प्रश्न 2
- (क) सभी धातुएँ तन्य होती हैं।
- (ख) सभी अधातुएँ तन्य होती हैं।
- (ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
- (घ) कुछ अधातुएँ तन्य होती हैं।
उत्तर: (ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
प्रश्न 3
- (क) फॉस्फोरस बहुत ______ अधातु है।
- (ख) धातुएँ ऊष्मा और _____ की _____ होती हैं।
- (ग) आयरन, कॉपर की अपेक्षा _____ अभिक्रियाशील है।
- (घ) धातुएँ, अम्लों से अभिक्रिया कर _____ गैस बनाती हैं।
- (क) फॉस्फोरस एक बहुत ही सक्रिय अधातु है जो खुली हवा में रखने पर आसानी से आग पकड़ लेता है।
- (ख) धातुएँ सामान्यतः ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं, जिसका अर्थ है कि वे ऊष्मा और विद्युत को आसानी से अपने से गुजरने देती हैं।
- (ग) आयरन (लोहा) कॉपर (तांबा) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील धातु है। यह कॉपर को उसके यौगिकों से विस्थापित कर सकता है।
- (घ) धातुएँ जब अम्लों के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे सामान्यतः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं।
उत्तर:
- (क) सक्रिय
- (ख) विद्युत, सुचालक
- (ग) अधिक
- (घ) हाइड्रोजन
प्रश्न 4
यदि कथन सही है तो "T" और यदि गलत है तो कोष्ठक में "F" लिखिए-
- (क) सामान्यतः अधातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं।
- (ख) सोडियम बहुत अभिक्रियाशील धातु है।
- (ग) कॉपर, जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक विस्थापित करता है।
- (घ) कोयले को खींच कर तारें प्राप्त की जा सकती हैं।
- (क) सामान्यतः अधातु अम्लों से अभिक्रिया नहीं करते हैं। धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। इसलिए, यह कथन गलत है। (F)
- (ख) सोडियम एक अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है जो हवा और नमी के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करती है। इसलिए, यह कथन सही है। (T)
- (ग) कॉपर, जिंक से कम अभिक्रियाशील है। इसलिए, कॉपर जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक को विस्थापित नहीं कर सकता। यह एक गलत कथन है। (F)
- (घ) कोयला एक अधातु है और अधातुएँ सामान्यतः तन्य नहीं होती हैं। उन्हें खींचकर तारें प्राप्त नहीं की जा सकतीं। इसलिए, यह कथन गलत है। (F)
उत्तर:
(क) F
(ख) T
- (ग) F
- (घ) F
Common mistakes
- सभी धातुओं के तन्य होने का गलत निष्कर्ष निकालना।
- अधातुओं द्वारा अम्लों से अभिक्रिया करने की गलत धारणा।
- कॉपर द्वारा जिंक सल्फेट विलयन से जिंक को विस्थापित करने की गलत धारणा।
- कोयले जैसी अधातुओं से तारें बनाने की संभावना को गलत समझना।
Revision tips
- धातुओं और अधातुओं के बीच मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
- प्रत्येक अभ्यास प्रश्न में प्रयुक्त रासायनिक अभिक्रियाओं और गुणों को दोहराएँ।
- विस्थापन अभिक्रियाओं के उदाहरणों को याद करें और समझें।
- अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं (जैसे सोडियम, पोटैशियम) और सक्रिय अधातुओं (जैसे फॉस्फोरस) के भंडारण के तरीकों पर ध्यान दें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से किस धातु को पीटकर पतली चादरों में परिवर्तित किया जा सकता है?
Explanation: जिंक एक धातु है और धातुओं में आघातवर्धनीयता का गुण होता है, जिससे उन्हें पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा कथन धातुओं की तन्यता के बारे में सही है?
Explanation: सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें खींचकर पतली तारों में बदला जा सकता है। हालाँकि, सभी धातुएँ समान रूप से तन्य नहीं होती हैं।
Q3. जब धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करती हैं, तो कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
Explanation: धातुएँ अम्लों के साथ अभिक्रिया करके सामान्यतः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं, जो जलने पर पॉप ध्वनि करती है।
Q4. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?
Explanation: सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ हैं और हवा के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेती हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है।
Q5. कॉपर सल्फेट के विलयन में जिंक डालने पर क्या होता है?
Explanation: जिंक कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह कॉपर सल्फेट के विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है, जिससे कॉपर सल्फेट का नीला रंग गायब हो जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 4 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
अध्याय 4 'पदार्थ: धातु और अधातु' में धातुओं और अधातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणों, जैसे तन्यता, आघातवर्धनीयता, चालकता, अम्लों के साथ अभिक्रिया, और विस्थापन अभिक्रियाओं जैसी प्रमुख अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
धातुओं और अधातुओं के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
धातुएँ सामान्यतः तन्य, आघातवर्धनीय, ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं, और धन आयन बनाती हैं। इसके विपरीत, अधातुएँ सामान्यतः भंगुर, ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं, और ऋण आयन बनाती हैं।
विस्थापन अभिक्रिया क्या है?
विस्थापन अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमें एक अधिक अभिक्रियाशील धातु अपने से कम अभिक्रियाशील धातु को उसके यौगिक के विलयन से विस्थापित कर देती है।
सोडियम और पोटैशियम जैसी धातुओं को विशेष रूप से क्यों संग्रहीत किया जाता है?
सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ हैं। वे हवा के संपर्क में आते ही तीव्रता से अभिक्रिया करके आग पकड़ सकती हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्ट, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करने में मदद मिलती है।
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