कक्षा 8 विज्ञान: अध्याय 5 कोयला और पेट्रोलियम NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 के विज्ञान के अध्याय 5, 'कोयला और पेट्रोलियम' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय जीवाश्म ईंधन की अवधारणा, उनके निर्माण की प्रक्रिया, और उनके महत्व पर केंद्रित है। समाधानों में कोयला कैसे बनता है, पेट्रोलियम का निर्माण कैसे होता है, और इन ईंधनों के विभिन्न उत्पादों जैसे कोक, कोलतार, सीएनजी, एलपीजी, पेट्रोल, और बिटुमेन के उपयोगों को समझाया गया है। यह भी बताया गया है कि ये संसाधन सीमित क्यों हैं और उनके संरक्षण की आवश्यकता क्यों है। ये समाधान छात्रों को इन महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. कोयला और पेट्रोलियम

Chapter summary

कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 5 'कोयला और पेट्रोलियम' के NCERT समाधान जीवाश्म ईंधन के अध्ययन पर केंद्रित हैं। इसमें कोयला और पेट्रोलियम के निर्माण की लाखों वर्षों की प्रक्रिया, कार्बनीकरण की व्याख्या, और पेट्रोलियम शोधन की विधि शामिल है। समाधान विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों जैसे कोक, कोलतार, सीएनजी, एलपीजी, पेट्रोल, और बिटुमेन के उपयोगों पर प्रकाश डालते हैं। यह अध्याय इन सीमित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर देता है।

Learning outcomes

  • जीवाश्म ईंधन की परिभाषा और उदाहरणों को समझना।
  • कोयले के निर्माण की प्रक्रिया (कार्बनीकरण) का वर्णन करना।
  • पेट्रोलियम के निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
  • कोक, कोलतार, और पेट्रोलियम गैस जैसे कोयला और पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों को पहचानना और उनके उपयोगों को जानना।
  • सीएनजी और एलपीजी को स्वच्छ ईंधन के रूप में उनके लाभों के साथ समझना।
  • बिटुमेन के उपयोग को सड़क निर्माण के संदर्भ में जानना।
  • जीवाश्म ईंधन के सीमित संसाधन होने के कारण को समझना और उनके संरक्षण के महत्व को पहचानना।

Topics covered

Paper topics

  • जीवाश्म ईंधन
  • कोयला
  • पेट्रोलियम
  • कार्बनीकरण
  • कोक
  • कोलतार
  • पेट्रोलियम गैस
  • पेट्रोल
  • डीजल
  • सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस)
  • एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस)
  • बिटुमेन

Important topics

  • जीवाश्म ईंधन का निर्माण (कोयला और पेट्रोलियम)
  • कोयला और पेट्रोलियम के उत्पाद (कोक, कोलतार, बिटुमेन)
  • सीएनजी और एलपीजी के लाभ
  • जीवाश्म ईंधन का संरक्षण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

सीएनजी और एलपीजी का ईंधन के रूप में उपयोग करने के क्या लाभ हैं?
Solution: सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस) और एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) दोनों ही ईंधन के रूप में उपयोग किए जाने पर कई लाभ प्रदान करते हैं। ये लाभ निम्नलिखित हैं:
  1. स्वच्छ ईंधन: ये दोनों ही स्वच्छ ईंधन माने जाते हैं क्योंकि इनके जलने से बहुत कम धुआं और हानिकारक प्रदूषक उत्पन्न होते हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है।
  2. उच्च ऊष्मीय मान: इनकी एक विशेषता यह है कि कम मात्रा में जलने पर भी ये अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, जिससे ये ऊर्जा के कुशल स्रोत बनते हैं।
  3. कम प्रदूषण: पारंपरिक ईंधनों की तुलना में, सीएनजी और एलपीजी कम प्रदूषक उत्सर्जित करते हैं, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

प्रश्न 2

पेट्रोलियम का कौन सा उत्पाद सड़क निर्माण हेतु उपयोग में लाया जाता है?
Solution: पेट्रोलियम का एक महत्वपूर्ण उत्पाद जिसे सड़क निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है, वह **बिटुमेन** है। बिटुमेन एक गाढ़ा, चिपचिपा पदार्थ होता है जो पेट्रोलियम के शोधन (परिष्करण) के दौरान प्राप्त होता है और इसका उपयोग सड़कों और फुटपाथों के निर्माण में बाइंडर के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 3

वर्णन कीजिए, मृत वनस्पति से कोयला किस प्रकार बनता है? यह प्रक्रम क्या कहलाता है?
Solution: कोयले का निर्माण एक लंबी और जटिल प्रक्रिया द्वारा होता है जिसे **कार्बनीकरण** कहते हैं। यह प्रक्रिया लगभग 300 मिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी पर घटित हुई थी। उस समय, घने जंगल और वनस्पति बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण दलदली क्षेत्रों में दब गए थे। समय के साथ, इन दबी हुई वनस्पतियों के ऊपर मिट्टी और अवसादों की मोटी परतें जमा हो गईं। इस अत्यधिक दाब और पृथ्वी के भीतर बढ़ते तापमान के कारण, मृत वनस्पति धीरे-धीरे रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों से गुजरी और अंततः कोयले में परिवर्तित हो गई।

प्रश्न 4

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
  • (क) ----- जीवाश्म ईंधन हैं।
  • (ख) पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों को पृथक करने का प्रक्रम ----- कहलाता है।
  • (ग) वाहनों के लिए सबसे कम प्रदूषक ईंधन ------ है ।
Solution: रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार है:
  • (क) **कोयला और पेट्रोलियम** जीवाश्म ईंधन हैं। ये लाखों वर्षों में मृत जीवों के अवशेषों से बनते हैं।
  • (ख) पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों को पृथक करने का प्रक्रम **परिष्करण** (या शोधन) कहलाता है। इस प्रक्रिया में पेट्रोलियम को उसके विभिन्न उपयोगी उत्पादों में अलग किया जाता है।
  • (ग) वाहनों के लिए सबसे कम प्रदूषक ईंधन **संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG)** है। सीएनजी के जलने से अन्य ईंधनों की तुलना में बहुत कम हानिकारक उत्सर्जन होता है।

प्रश्न 5

निम्नलिखित कथनों के सामने सत्य/असत्य लिखिए:
  • (क) जीवाश्म ईंधन प्रयोगशाला में बनाए जा सकते हैं। (सत्य/असत्य)
  • (ख) पेट्रोल की अपेक्षा सीएनजी अधिक प्रदूषक ईंधन है। (सत्य/असत्य)
  • (ग) कोक, कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है। (सत्य/असत्य)
  • (घ) कोलतार विभिन्न पदार्थों का मिश्रण है। (सत्य/असत्य)
  • (ड) मिट्टी का तेल एक जीवाश्म ईंधन नहीं है। (सत्य/असत्य)
Solution: निम्नलिखित कथनों के सत्य/असत्य का निर्धारण इस प्रकार है:
  • (क) **असत्य**। जीवाश्म ईंधन प्राकृतिक रूप से लाखों वर्षों में बनते हैं; इन्हें प्रयोगशाला में इतनी जल्दी नहीं बनाया जा सकता।
  • (ख) **असत्य**। सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस) पेट्रोल की तुलना में बहुत कम प्रदूषक ईंधन है।
  • (ग) **सत्य**। कोक कोयले के प्रक्रमण से प्राप्त होता है और यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप होता है।
  • (घ) **सत्य**। कोलतार एक गाढ़ा, काला द्रव होता है जिसमें लगभग 200 विभिन्न पदार्थ मिले होते हैं।
  • (ड) **असत्य**। मिट्टी का तेल (किरोसिन) पेट्रोलियम का एक उत्पाद है, और पेट्रोलियम एक जीवाश्म ईंधन है। इसलिए, मिट्टी का तेल भी एक जीवाश्म ईंधन का व्युत्पन्न है।

Common mistakes

  • जीवाश्म ईंधन को प्रयोगशाला में बनाया जा सकने वाला संसाधन समझना।
  • सीएनजी की तुलना में पेट्रोल को कम प्रदूषक मानना।
  • कोयले और पेट्रोलियम के निर्माण की प्रक्रिया को सरल या त्वरित समझना।

Revision tips

  • जीवाश्म ईंधन के निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझें, विशेष रूप से कार्बनीकरण और पेट्रोलियम निर्माण।
  • कोयला और पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों (जैसे कोक, कोलतार, सीएनजी, एलपीजी) और उनके विशिष्ट उपयोगों की सूची बनाएं।
  • सत्य/असत्य और रिक्त स्थान वाले प्रश्नों का अभ्यास करें ताकि मुख्य अवधारणाओं की समझ पक्की हो सके।
  • जीवाश्म ईंधन के सीमित संसाधन होने और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. जीवाश्म ईंधन के निर्माण में लगभग कितना समय लगता है?

Q2. सड़क निर्माण के लिए पेट्रोलियम का कौन सा उत्पाद उपयोग किया जाता है?

Q3. मृत वनस्पति से कोयले के निर्माण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस) का लाभ है?

Q5. कोक के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

Frequently asked questions

जीवाश्म ईंधन क्या होते हैं?

जीवाश्म ईंधन वे ईंधन होते हैं जिनका निर्माण लाखों वर्ष पूर्व मृत सजीव प्राणियों (जैसे पौधे और जानवर) के अवशेषों से उच्च दाब और उच्च ताप के कारण होता है। कोयला और पेट्रोलियम प्रमुख जीवाश्म ईंधन हैं।

कोयला कैसे बनता है?

लगभग 300 मिलियन वर्ष पूर्व, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण घने वन पृथ्वी की सतह के नीचे दब गए। उच्च दाब और उच्च ताप के प्रभाव में, ये मृत वनस्पति धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित हो गई। इस प्रक्रिया को कार्बनीकरण कहते हैं।

पेट्रोलियम का निर्माण कैसे होता है?

पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले जीवों के मृत अवशेषों से होता है। जब ये जीव मर जाते थे, तो उनके शरीर समुद्र तल पर जमा हो जाते थे और रेत व मिट्टी की परतों से ढक जाते थे। लाखों वर्षों में, वायु की अनुपस्थिति, उच्च ताप और उच्च दाब ने इन मृत जीवों को पेट्रोलियम में बदल दिया।

सीएनजी और एलपीजी के उपयोग के क्या लाभ हैं?

सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस) और एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) दोनों ही स्वच्छ ईंधन हैं। इनके जलने से कम धुआं और प्रदूषक निकलते हैं, ये कम ईंधन में अधिक ऊष्मा देते हैं, और पर्यावरण के लिए बेहतर माने जाते हैं।

सड़क निर्माण में किस पेट्रोलियम उत्पाद का उपयोग होता है?

सड़क निर्माण के लिए पेट्रोलियम उत्पाद बिटुमेन का उपयोग किया जाता है।

क्या जीवाश्म ईंधन सीमित संसाधन हैं?

हाँ, जीवाश्म ईंधन सीमित संसाधन हैं क्योंकि उनके निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं, जबकि उनका उपयोग बहुत तेजी से हो रहा है। यदि इसी दर से उपयोग जारी रहा, तो ये कुछ सौ वर्षों में समाप्त हो सकते हैं।

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