कक्षा 8 विज्ञान: अध्याय 6 दहन और ज्वाला - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 के विज्ञान के अध्याय 6, 'दहन और ज्वाला' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें दहन की प्रक्रिया, दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ जैसे ज्वलनशील पदार्थ, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप, और दहन के विभिन्न प्रकारों जैसे तीव्र दहन, स्वतः दहन और विस्फोट को समझाया गया है। समाधान ज्वाला की संरचना, विभिन्न क्षेत्रों (अदीप्त, दीप्त, ज्योतिहीन) और उनके उपयोगों पर भी प्रकाश डालते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय ईंधनों के प्रकार, उनके ऊष्मीय मान, और दहन से उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों जैसे विश्व ऊष्णन, अम्लीय वर्षा और विषैली गैसों के निर्माण पर भी चर्चा करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. दहन और ज्वाला

Chapter summary

कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 6 'दहन और ज्वाला' के ये NCERT समाधान दहन की मूल बातें, जैसे कि रासायनिक प्रक्रिया, ज्वलनशील पदार्थ और दहन के लिए आवश्यक स्थितियाँ (ऑक्सीजन, ज्वलन ताप) को स्पष्ट करते हैं। यह समाधान ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों और उनके अनुप्रयोगों, ईंधनों के ऊष्मीय मान, और दहन के प्रकारों (तीव्र, स्वतः, विस्फोट) की व्याख्या करते हैं। साथ ही, यह अध्याय दहन के पर्यावरणीय प्रभावों, जैसे विश्व ऊष्णन और अम्लीय वर्षा, और स्वच्छ ईंधनों के महत्व पर भी केंद्रित है।

Learning outcomes

  • दहन की रासायनिक प्रक्रिया को समझना।
  • दहन के लिए आवश्यक तीन मुख्य परिस्थितियों की पहचान करना।
  • ज्वलन ताप की अवधारणा और उसके महत्व को समझना।
  • ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों और उनके उपयोगों का वर्णन करना।
  • विभिन्न प्रकार के ईंधनों और उनके ऊष्मीय मान का विश्लेषण करना।
  • दहन के पर्यावरणीय प्रभावों (विश्व ऊष्णन, अम्लीय वर्षा) को समझाना।

Topics covered

Paper topics

  • दहन की परिभाषा
  • दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ
  • ज्वलन ताप
  • ईंधन
  • दहन के प्रकार (तीव्र, स्वतः, विस्फोट)
  • ज्वाला की संरचना और क्षेत्र
  • ईंधन का ऊष्मीय मान
  • विश्व ऊष्णन
  • अम्लीय वर्षा
  • कार्बन मोनोऑक्साइड
  • स्वच्छ ईंधन (LPG)

Important topics

  • दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ
  • ज्वलन ताप की अवधारणा
  • ज्वाला के विभिन्न क्षेत्र और उनका उपयोग
  • विश्व ऊष्णन और अम्लीय वर्षा के कारण
  • स्वच्छ ईंधनों का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

दहन की परिस्थितियों की सूची बनाइए।
Solution: दहन एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया के संपन्न होने के लिए तीन मुख्य परिस्थितियाँ आवश्यक हैं:
  1. ज्वलनशील पदार्थ (ईंधन): कोई भी पदार्थ जो जल सकता है, जैसे लकड़ी, कोयला, एलपीजी, पेट्रोल आदि।
  2. ऑक्सीजन की उपस्थिति: दहन के लिए ऑक्सीजन एक आवश्यक घटक है। हवा में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध होती है।
  3. ज्वलन ताप तक गर्म करना: प्रत्येक ज्वलनशील पदार्थ का एक न्यूनतम तापमान होता है, जिसे ज्वलन ताप कहते हैं। पदार्थ को जलने के लिए उसके ज्वलन ताप तक गर्म करना आवश्यक है।

प्रश्न 2

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
  • (क) लकड़ी और कोयला जलने से वायु का _____ होता है।
  • (ख) घरों में काम आने वाला एक द्रव ईंधन _________है।
  • (ग) जलना प्रारम्भ होने से पहले ईंधन को उसके _____ तक गर्म करना आवश्यक है।
  • (घ) तेल द्वारा उत्पन्न आग को _____ द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
Solution:
  • (क) लकड़ी और कोयला जलने से वायु का प्रदूषण होता है। ये पदार्थ जलने पर हानिकारक गैसें और कण छोड़ते हैं जो वायु को प्रदूषित करते हैं।
  • (ख) घरों में काम आने वाला एक द्रव ईंधन एलपीजी (LPG) है। एलपीजी एक स्वच्छ और कुशल ईंधन है जिसका उपयोग खाना पकाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
  • (ग) जलना प्रारम्भ होने से पहले ईंधन को उसके ज्वलन ताप तक गर्म करना आवश्यक है। ज्वलन ताप वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई पदार्थ जलना शुरू करता है।
  • (घ) तेल द्वारा उत्पन्न आग को पानी द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता। तेल पानी से हल्का होता है और पानी पर तैरता है, जिससे आग फैल सकती है। ऐसी आग को बुझाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) या फोम जैसे अग्निशामक का उपयोग किया जाता है।

Common mistakes

  • दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियों को गलत बताना।
  • ज्वलन ताप और प्रज्वलन ताप के बीच अंतर न समझना।
  • ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों के तापमान और उपयोगों को गलत बताना।
  • दहन के पर्यावरणीय प्रभावों को कम आंकना या गलत समझना।

Revision tips

  • दहन के लिए आवश्यक तीन मुख्य शर्तों (ईंधन, ऑक्सीजन, ज्वलन ताप) को याद करें।
  • ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों (अदीप्त, दीप्त, ज्योतिहीन) और उनके तापमान के क्रम को समझें।
  • विश्व ऊष्णन और अम्लीय वर्षा के कारणों और प्रभावों को रेखांकित करें।
  • विभिन्न ईंधनों के ऊष्मीय मान की तुलना करें और स्वच्छ ईंधनों के महत्व को समझें।

Practice MCQs

Q1. दहन के लिए कौन सी तीन परिस्थितियाँ आवश्यक हैं?

Q2. वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ जलने लगता है, क्या कहलाता है?

Q3. मोमबत्ती की ज्वाला का कौन सा क्षेत्र सबसे गर्म होता है और सोने-चांदी को पिघलाने के लिए उपयोग किया जाता है?

Q4. विश्व ऊष्णन (ग्लोबल वार्मिंग) का मुख्य कारण क्या है?

Q5. एलपीजी को एक स्वच्छ ईंधन क्यों माना जाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 6 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में दहन की प्रक्रिया, दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ (जैसे ज्वलनशील पदार्थ, ऑक्सीजन, ज्वलन ताप), ज्वाला की संरचना, ईंधनों के प्रकार, उनके ऊष्मीय मान, और दहन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव जैसे विश्व ऊष्णन और अम्लीय वर्षा को शामिल किया गया है।

दहन के लिए कौन सी तीन मुख्य परिस्थितियाँ आवश्यक हैं?

दहन के लिए तीन मुख्य परिस्थितियाँ हैं: (i) एक ज्वलनशील पदार्थ (ईंधन), (ii) ऑक्सीजन की उपस्थिति, और (iii) पदार्थ का उसके ज्वलन ताप तक गर्म होना।

ज्वलन ताप क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

ज्वलन ताप वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई पदार्थ हवा में जलना शुरू कर देता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी पदार्थ को जलाने के लिए उसे उसके ज्वलन ताप तक पहुँचाना आवश्यक होता है।

मोमबत्ती की ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों का क्या महत्व है?

मोमबत्ती की ज्वाला के तीन क्षेत्र होते हैं: अदीप्त (सबसे गर्म, बाहरी), दीप्त (मध्यम गर्म, पीला), और ज्योतिहीन (सबसे ठंडा, नीला)। सुनार सबसे गर्म अदीप्त क्षेत्र का उपयोग धातुओं को पिघलाने के लिए करते हैं।

विश्व ऊष्णन और अम्लीय वर्षा के मुख्य कारण क्या हैं?

विश्व ऊष्णन का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधनों के जलने से उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) है। अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हैं जो वर्षा जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं।

एलपीजी को एक स्वच्छ ईंधन क्यों माना जाता है?

एलपीजी को एक स्वच्छ ईंधन माना जाता है क्योंकि यह जलने पर धुआँ नहीं छोड़ता है, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है, जबकि लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधन धुआँ उत्पन्न करते हैं।

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