कक्षा 8 विज्ञान: विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 14, 'विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विद्युत चालकता, विभिन्न द्रवों में विद्युत धारा के प्रवाह से होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ, और विद्युतलेपन की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में अभ्यास प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जिनमें रिक्त स्थानों की पूर्ति, चुम्बकीय सुई के विक्षेपण के कारण, और विद्युत परिपथ में बल्ब के न जलने के संभावित कारण शामिल हैं। यह सामग्री छात्रों को विद्युत धारा के रासायनिक प्रभावों की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव |
Chapter summary
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 14 के ये NCERT समाधान 'विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव' पर केंद्रित हैं। इसमें विद्युत चालकों और कुचालकों, विद्युत धारा के कारण होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं, और विद्युतलेपन की प्रक्रिया की व्याख्या की गई है। अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों के माध्यम से, छात्र अम्लों, क्षारकों और लवणों के विलयनों की चालकता, चुम्बकीय सुई के विक्षेपण के पीछे के सिद्धांतों और विद्युत परिपथ में आने वाली समस्याओं का विश्लेषण करना सीखते हैं।
Learning outcomes
- विद्युत चालकों और कुचालकों के बीच अंतर को समझना।
- विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव के सिद्धांत की व्याख्या करना।
- विद्युतलेपन की प्रक्रिया को समझना।
- विभिन्न द्रवों की विद्युत चालकता का परीक्षण करना।
- विद्युत परिपथ में आने वाली समस्याओं का निदान करना।
Topics covered
Paper topics
- विद्युत चालक
- विद्युत कुचालक
- विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव
- विद्युत अपघट्य
- अम्ल, क्षारक और लवण के विलयन
- चुम्बकीय सुई का विक्षेपण
- विद्युत परिपथ
- विद्युतलेपन
- संपरीक्षित्र
- बल्ब का न जलना
Important topics
- विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव
- विद्युत अपघट्य और उनकी चालकता
- विद्युतलेपन की प्रक्रिया और अनुप्रयोग
- चुम्बकीय सुई द्वारा विद्युत धारा का पता लगाना
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव ......, .......... तथा .......... के विलयन होते हैं।
(ख) किसी विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित होने पर ...... प्रभाव उत्पन्न होता है।
(ग) यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ........ टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है।
(घ) विद्युत धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को .......... कहते हैं।
यहाँ रिक्त स्थानों की पूर्ति की गई है:
- विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्लों, क्षारकों तथा लवणों के विलयन होते हैं। ये पदार्थ आयन उत्पन्न करते हैं जो विद्युत के सुचालक होते हैं।
- किसी विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित होने पर रासायनिक प्रभाव उत्पन्न होता है। इस प्रभाव के कारण विलयन में रासायनिक अभिक्रियाएँ हो सकती हैं।
- यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ऋण (कैथोड) टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है। कॉपर आयन (Cu²⁺) ऋणात्मक इलेक्ट्रोड की ओर आकर्षित होते हैं।
- विद्युत धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को विद्युत लेपन कहते हैं। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 2
जब किसी संपरीक्षित्र (tester) के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोया जाता है और चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है, तो इसका कारण यह है कि विलयन विद्युत का सुचालक है और उसमें से विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है।
विद्युत धारा का एक महत्वपूर्ण गुण यह है कि यह अपने चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। संपरीक्षित्र में लगी चुम्बकीय सुई इस चुम्बकीय क्षेत्र के प्रति संवेदनशील होती है। जब विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो यह एक चुम्बकीय क्षेत्र बनाती है जो चुम्बकीय सुई को विक्षेपित कर देता है।
चुम्बकीय सुई का विक्षेपण इस बात का संकेत है कि विलयन विद्युत का चालन कर रहा है। यदि धारा बहुत दुर्बल है, तो भी चुम्बकीय सुई थोड़ी विक्षेपित हो सकती है। विक्षेपण की मात्रा प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा की प्रबलता पर निर्भर करती है।
प्रश्न 3
चुम्बकीय सुई के विक्षेपित होने के लिए, द्रव का विद्युत का सुचालक होना आवश्यक है। ऐसे तीन द्रव जिनके परीक्षण से चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो सकती है, वे निम्नलिखित हैं:
- नींबू का पानी: नींबू के रस में साइट्रिक अम्ल होता है, जो पानी में घुलकर आयन बनाता है और विद्युत का चालन करता है।
- टोंटी का पानी (नल का पानी): नल के पानी में विभिन्न खनिज लवण घुले होते हैं, जो इसे विद्युत का सुचालक बनाते हैं। शुद्ध आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है, लेकिन नल के पानी में अशुद्धियाँ इसे चालक बनाती हैं।
- कॉपर सल्फेट का विलयन: कॉपर सल्फेट (CuSO₄) एक लवण है। जब इसे पानी में घोला जाता है, तो यह कॉपर आयन (Cu²⁺) और सल्फेट आयन (SO₄²⁻) में वियोजित हो जाता है, जिससे विलयन विद्युत का सुचालक बन जाता है।
प्रश्न 4
यदि चित्र 14.10 में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता है, तो इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं, जो विद्युत परिपथ के ठीक से काम न करने से संबंधित हैं:
- परिपथ खुला होना: परिपथ में कहीं भी तार का टूट जाना या कनेक्शन का ढीला हो जाना परिपथ को खुला बना सकता है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो पाएगी और बल्ब नहीं जलेगा।
- बैटरी का डिस्चार्ज होना: यदि बैटरी (या सेल) की ऊर्जा समाप्त हो गई है (डिस्चार्ज हो गई है), तो वह परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित करने के लिए पर्याप्त वोल्टेज प्रदान नहीं कर पाएगी, जिससे बल्ब नहीं जलेगा।
- बल्ब का फ्यूज होना: बल्ब का फिलामेंट टूट जाने पर वह फ्यूज हो जाता है और विद्युत धारा का चालन नहीं कर पाता, जिसके कारण बल्ब नहीं जलता।
- विलयन का कुचालक होना: यदि जिस विलयन का परीक्षण किया जा रहा है, वह विद्युत का कुचालक है (जैसे शुद्ध आसुत जल), तो परिपथ पूरा नहीं होगा और बल्ब नहीं जलेगा।
- संपरीक्षित्र के सिरों के बीच अत्यधिक दूरी: यदि संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरे विलयन में बहुत दूर-दूर रखे गए हैं, तो उनके बीच प्रतिरोध बहुत अधिक हो सकता है, जिससे पर्याप्त धारा प्रवाहित नहीं होगी और बल्ब नहीं जलेगा।
- गलत संयोजन: परिपथ के घटकों (जैसे बैटरी, बल्ब, संपरीक्षित्र के सिरे) का संयोजन गलत तरीके से किया गया हो सकता है।
इनमें से किसी भी कारण से परिपथ में विद्युत धारा का प्रवाह बाधित हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप बल्ब नहीं जलेगा।
Common mistakes
- विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव और चुम्बकीय प्रभाव के बीच भ्रमित होना।
- विद्युत अपघट्य (electrolytes) के रूप में अम्ल, क्षार और लवण की भूमिका को गलत समझना।
- विद्युतलेपन प्रक्रिया में इलेक्ट्रोड (एनोड/कैथोड) की भूमिका को गलत समझना।
Revision tips
- विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव से संबंधित मुख्य परिभाषाओं को याद करें।
- विद्युतलेपन के अनुप्रयोगों को समझें।
- अभ्यास प्रश्नों को हल करें और अपने उत्तरों की तुलना समाधानों से करें।
- चित्रों (जैसे संपरीक्षित्र और विद्युत परिपथ) को ध्यान से देखें और समझें।
Practice MCQs
Q1. विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव किसके विलयन होते हैं?
Explanation: विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्ल, क्षारक और लवण के विलयन होते हैं क्योंकि ये आयन उत्पन्न करते हैं जो विद्युत का संचालन करते हैं।
Q2. किसी विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित होने पर कौन सा प्रभाव उत्पन्न होता है?
Explanation: जब विद्युत धारा किसी विलयन से प्रवाहित होती है, तो यह रासायनिक अभिक्रियाएँ उत्पन्न कर सकती है, जिसे विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहा जाता है।
Q3. कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित करने पर कॉपर किस टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है?
Explanation: कॉपर सल्फेट विलयन में, कॉपर आयन (Cu²⁺) ऋणात्मक टर्मिनल (कैथोड) की ओर आकर्षित होते हैं और वहाँ निक्षेपित हो जाते हैं।
Q4. किसी पदार्थ पर धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
Explanation: विद्युत धारा का उपयोग करके एक धातु को दूसरी धातु या पदार्थ पर चढ़ाने की प्रक्रिया को विद्युतलेपन कहा जाता है।
Q5. चुम्बकीय सुई का विक्षेपण क्या दर्शाता है?
Explanation: जब किसी विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो यह एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है जो चुम्बकीय सुई को विक्षेपित करता है, जिससे विलयन की चालकता का पता चलता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 14 में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को समझाया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव, विभिन्न द्रवों की विद्युत चालकता, विद्युत अपघट्य, और विद्युतलेपन की प्रक्रिया को समझाया गया है।
विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव क्या है?
जब विद्युत धारा किसी चालक द्रव (जैसे अम्ल, क्षारक या लवण का विलयन) से प्रवाहित होती है, तो यह रासायनिक अभिक्रियाएँ उत्पन्न करती है। इसी को विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
विद्युतलेपन क्या होता है और इसका क्या उपयोग है?
विद्युतलेपन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा का उपयोग करके किसी पदार्थ पर एक धातु की परत चढ़ाई जाती है। इसका उपयोग आभूषण बनाने, धातुओं को जंग से बचाने और सजावटी वस्तुओं पर परत चढ़ाने में होता है।
चुम्बकीय सुई का विक्षेपण विद्युत धारा के बारे में क्या बताता है?
जब किसी परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो यह एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। चुम्बकीय सुई इस क्षेत्र के कारण विक्षेपित होती है, जिससे पता चलता है कि परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है।
क्या सभी द्रव विद्युत के सुचालक होते हैं?
नहीं, कुछ द्रव विद्युत के सुचालक होते हैं (जैसे अम्ल, क्षारक और लवण के विलयन, आसुत जल में अशुद्धियाँ), जबकि कुछ हीन चालक या कुचालक होते हैं (जैसे आसुत जल)।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे आप अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और अपनी परीक्षा की तैयारी को मजबूत कर सकते हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.