कक्षा 8 रुचिरा NCERT समाधान: पाठ 6 गृहं शून्यं सुतां बिना
यह पृष्ठ कक्षा 8 के छात्रों के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से "रुचिरा" पुस्तक के पाठ 6 "गृहं शून्यं सुतां बिना" पर केंद्रित है। यह पाठ समाज में महिलाओं के महत्व और बेटियों के प्रति दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है। समाधानों में पाठ के अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से दिया गया है, जिससे छात्रों को मुख्य अवधारणाओं को समझने में आसानी होती है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में काम करते हैं, जिससे छात्रों को महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करने और अपने ज्ञान को मजबूत करने में मदद मिलती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | रुचिरा |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा |
Chapter summary
पाठ 6 "गृहं शून्यं सुतां बिना" के ये NCERT समाधान छात्रों को संस्कृत भाषा में पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने में सहायता करते हैं। समाधानों में पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो समाज में बेटियों के महत्व, लिंग-भेद के दुष्परिणामों और महिलाओं के सम्मान पर जोर देते हैं। ये उत्तर छात्रों को व्याकरणिक संरचनाओं, विशेष रूप से तृतीय विभक्ति के प्रयोग को समझने में भी मदद करते हैं। यह खंड छात्रों को पाठ के संदेश को आत्मसात करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करता है।
Learning outcomes
- पाठ "गृहं शून्यं सुतां बिना" के मुख्य प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में देना।
- समाज में महिलाओं के महत्व और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को समझना।
- तृतीय विभक्ति के प्रयोग को उदाहरणों सहित स्पष्ट करना।
- पाठ में निहित नैतिक संदेशों का विश्लेषण करना।
- संस्कृत भाषा में अपनी समझ और अभिव्यक्ति कौशल को बेहतर बनाना।
Topics covered
Paper topics
- बेटियों का महत्व
- लिंग-भेद
- सामाजिक दृष्टिकोण
- संस्कृत व्याकरण
- तृतीय विभक्ति
- तत्सम शब्द
- परिवार में महिलाओं की भूमिका
- नैतिक शिक्षा
Important topics
- समाज में बेटियों का स्थान और सम्मान
- लिंग-भेद के दुष्परिणाम
- संस्कृत व्याकरण: तृतीय विभक्ति का प्रयोग
- तत्सम शब्दों की पहचान
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) सौभाग्य से कौन आई?
- (ख) राकेश के कार्यालय में क्या निश्चित था?
- (ग) राकेश शालिनी को कहाँ जाने के लिए कहता है?
- (घ) सायंकाल भाई कार्यालय से आकर क्या करता है?
- (ङ) राकेश किसका तिरस्कार करता है?
- (च) शालिनी भाई से क्या प्रतिज्ञा करने के लिए कहती है?
- (छ) जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता, वहाँ क्या होता है?
(क) सौभाग्य से शालिनी आई।
(ख) राकेश के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी (गोष्ठी) निश्चित थी।
(ग) राकेश शालिनी को मालती के साथ चिकित्सिका के पास जाने के लिए कहता है।
(घ) सायंकाल भाई कार्यालय से आकर हाथ-पैर धोकर, वस्त्र बदलकर और पूजा घर में दीपक जलाकर भवानी की स्तुति करता है।
(ङ) राकेश सृष्टि की उत्पादक शक्ति (स्त्री) का तिरस्कार करता है।
(च) शालिनी भाई से यह प्रतिज्ञा करने के लिए कहती है कि वह कन्या के रक्षण और उसकी शिक्षा पर पूरा ध्यान देगा।
(छ) जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता, वहाँ सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं।
प्रश्न 2
- (क) कोख
- (ख) साथ
- (ग) गोद
- (घ) भाई
- (ङ) कुआँ
- (च) दूध
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप इस प्रकार हैं:
- (क) कोख - क्रोडः
- (ख) साथ - सह
- (ग) गोद - कुक्षिः
- (घ) भाई - भ्राता
- (ङ) कुआँ - कूपः
- (च) दूध - पयः
प्रश्न 3
- (क) .......... के साथ पुत्री जाती है। (मातृ)
- (ख) .......... के बिना विद्या प्राप्त नहीं होती। (परिश्रम)
- (ग) छात्र .......... से लिखता है। (लेखनी)
- (घ) सूरदास .......... से अंधे थे। (नेत्र)
- (ङ) वह .......... के साथ समय बिताता है। (मित्र)
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में तृतीय विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार है:
- (क) मात्रा सह पुत्री गच्छति। (यहाँ 'मातृ' शब्द की तृतीय विभक्ति 'मात्रा' है।)
- (ख) परिश्रमेण विना विद्या न लभ्यते। (यहाँ 'परिश्रम' शब्द की तृतीय विभक्ति 'परिश्रमेण' है।)
- (ग) छात्रः लेखन्या लिखति। (यहाँ 'लेखनी' शब्द की तृतीय विभक्ति 'लेखन्या' है।)
- (घ) सूरदासः नेत्राभ्याम् अन्धः आसीत्। (यहाँ 'नेत्र' शब्द की तृतीय विभक्ति द्विवचन में 'नेत्राभ्याम्' है, क्योंकि आँखें दो होती हैं।)
- (ङ) सः मित्रेण साकम् समयं यापयति। (यहाँ 'मित्र' शब्द की तृतीय विभक्ति 'मित्रेण' है।)
Common mistakes
- तृतीय विभक्ति के प्रयोग में त्रुटियाँ करना।
- पाठ के मुख्य संदेश को समझने में चूक जाना।
- संस्कृत शब्दों के तत्सम रूप लिखने में गलतियाँ करना।
- प्रश्नों के उत्तरों को संक्षिप्त या अपूर्ण रखना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें कि वह पाठ के किस भाग से संबंधित है।
- तृतीय विभक्ति के प्रयोग वाले प्रश्नों का विशेष अभ्यास करें, क्योंकि यह व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- पाठ के मुख्य संदेश - बेटियों के महत्व और सम्मान - को याद रखें।
- संस्कृत शब्दों के तत्सम रूपों को याद करने के लिए एक सूची बनाएं।
Practice MCQs
Q1. पाठ के अनुसार, राकेश की बहन शालिनी को देखकर किसने कहा कि 'सौभाग्य से शालिनी आ गई'?
Explanation: राकेश की पत्नी ने शालिनी को देखकर कहा कि 'सौभाग्य से शालिनी आ गई', क्योंकि वह अकेली थी और उसे सहायता की आवश्यकता थी।
Q2. राकेश के कार्यालय में कौन सी महत्वपूर्ण बैठक निश्चित थी?
Explanation: राकेश के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी (गोष्ठी) निश्चित थी, जिसके कारण वह घर पर अपनी पत्नी की स्थिति को लेकर चिंतित था।
Q3. शालिनी अपने भाई राकेश को किस बात के लिए डांटती है?
Explanation: शालिनी अपने भाई राकेश को उसकी पत्नी की गर्भावस्था के बारे में जानने के बाद बेटी को कोख में मारने की सोच के लिए डांटती है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'कोख' का तत्सम रूप है?
Explanation: दिए गए विकल्पों में से 'क्रोडः' शब्द 'कोख' का तत्सम रूप है, जैसा कि पाठ में बताया गया है।
Q5. तृतीय विभक्ति का प्रयोग किस वाक्य में सही ढंग से किया गया है?
Explanation: दिए गए सभी वाक्यों में तृतीय विभक्ति का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से सही है: 'मात्रा' (मातृ), 'परिश्रमेण' (परिश्रम), और 'लेखन्या' (लेखनी)।
Q6. पाठ के अनुसार, जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता, वहाँ क्या होता है?
Explanation: पाठ में कहा गया है कि 'यत्र नार्यः न पूज्यन्ते तत्र सर्वाः क्रियाः अफला भवन्ति', अर्थात् जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता, वहाँ सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 8 के लिए "रुचिरा" (संस्कृत) पुस्तक के पाठ 6 "गृहं शून्यं सुतां बिना" पर आधारित है।
इन समाधानों में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इन समाधानों में समाज में बेटियों के महत्व, लिंग-भेद के नकारात्मक प्रभावों और संस्कृत व्याकरण, विशेष रूप से तृतीय विभक्ति के प्रयोग जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की गहन समझ प्रदान करते हैं और अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तरों के साथ परीक्षा की तैयारी में बहुत सहायक हैं।
समाधानों में व्याकरण पर कितना ध्यान दिया गया है?
समाधानों में तृतीय विभक्ति के प्रयोग जैसे व्याकरणिक पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे छात्रों को इसका सही उपयोग समझने में मदद मिलती है।
क्या पाठ के सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?
हाँ, इस संसाधन में पाठ 6 के अभ्यास के सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तृत और स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
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