कक्षा 8 रुचिरा पाठ 7: जलवाहिनी NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के लिए रुचिरा पाठ 7, 'जलवाहिनी' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पाठ के अभ्यास में दिए गए प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं। समाधानों को स्पष्टता और सटीकता के लिए फिर से लिखा गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र प्रत्येक प्रश्न के पीछे के तर्क और उत्तर को आसानी से समझ सकें। यह संसाधन छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को सुदृढ़ करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | रुचिरा |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. जलवाहिनी |
Chapter summary
कक्षा 8 रुचिरा के पाठ 7 'जलवाहिनी' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह पाठ के अभ्यास प्रश्नों पर केंद्रित है। इसमें पाठ के विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधानों को छात्रों की समझ को बढ़ाने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे वे पाठ की सामग्री को प्रभावी ढंग से सीख सकें।
Learning outcomes
- पाठ 'जलवाहिनी' के प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम होना।
- संस्कृत व्याकरण के नियमों को समझना, विशेष रूप से संधि विच्छेद और विशेषण-विशेष्य का मेल।
- पाठ की मुख्य अवधारणाओं और शब्दावली की समझ विकसित करना।
- संस्कृत में वाक्यों को सही ढंग से बनाने और समझने का अभ्यास करना।
Topics covered
Paper topics
- भारत की जनता का परिचय
- सहज प्रकृति और व्यवहार
- अध्यात्म और संस्कृति
- प्रेम और श्रेय का चुनाव
- विश्व में भारत की पहचान
- संस्कृत व्याकरण: संधि विच्छेद
- संस्कृत व्याकरण: विशेषण-विशेष्य
- पाठ आधारित प्रश्नोत्तर
Important topics
- भारत की जनता का स्वरूप और स्वभाव
- प्रेम और श्रेय का चुनाव
- विश्व में भारत की उपस्थिति
- संधि विच्छेद का अभ्यास
- विशेषण-विशेष्य का मेल
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यह प्रश्न छात्रों को पाठ में दिए गए श्लोकों या पद्यांशों को जोर से पढ़ने का निर्देश देता है। यह पठन अभ्यास छात्रों को पाठ की लय, उच्चारण और प्रवाह को समझने में मदद करता है। इसका उत्तर छात्र स्वयं अपनी कक्षा में शिक्षक के मार्गदर्शन में करेंगे।
प्रश्न 2
- (क) मैं पृथ्वी को क्या मानती हूँ?
- (ख) मेरा सहज स्वभाव क्या है?
- (ग) मैं किससे कठोर भारत की जनता हूँ?
- (घ) मैं मित्र की दृष्टि से संसार को क्या देखती हुई भारत की जनता हूँ?
इस प्रश्न में पाठ के आधार पर भारत की जनता के स्वरूप को दर्शाने वाले शब्दों को एक पद में लिखना है:
- (क) मैं पृथ्वी को कुटुम्ब (परिवार) मानती हूँ।
- (ख) मेरा सहज स्वभाव मैत्री (मित्रता) है।
- (ग) मैं कुलिश (वज्र) से भी कठोर भारत की जनता हूँ।
- (घ) मैं मित्र की दृष्टि से संसारम् (संसार) को देखती हुई भारत की जनता हूँ।
प्रश्न 3
- (क) भारत की जनता किससे परिपूर्ण है?
- (ख) सारा संसार कैसे मुग्ध है?
- (ग) मैं क्या-क्या चुनती हूँ?
- (घ) मैं कहाँ सदा देखी जाती हूँ?
- (ङ) सारा संसार किन-किन से मुग्ध है?
यह प्रश्न पाठ के आधार पर भारत की जनता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत उत्तर देने के लिए कहता है:
- (क) भारत की जनता अध्यात्म-सुधा-तटिनी (अमृत रूपी नदी) के स्नान से परिपूर्ण है।
- (ख) सारा संसार मेरे (भारत की जनता के) काव्य, गीत और नृत्य से मुग्ध है।
- (ग) मैं प्रिय (प्रेयस्) और श्रेय (श्रेयस्) दोनों को चुनती हूँ।
- (घ) मैं विश्वस्मिन् जगति (सम्पूर्ण संसार में) सदा देखी जाती हूँ।
- (ङ) सारा संसार मेरे (भारत की जनता के) गीत, नृत्य और काव्य से मुग्ध है।
प्रश्न 4
- (क) विनयोपेता = विनय + उपेता
- (ख) कुसुमादिप = ..... + .....
- (ग) चिनोम्युभयम् = चिनोमि + .....
- (घ) नृत्यैर्मुग्धम् = ..... + मुग्धम्
- (ङ) प्रकृतिरस्ति = प्रकृतिः + .....
- (च) लोकक्रीडासक्ता = लोकक्रीडा + .....
यह प्रश्न संस्कृत संधि के नियमों पर आधारित है। दिए गए शब्दों का संधि विच्छेद इस प्रकार है:
- (क) विनयोपेता = विनय + उपेता (यण्धि का उदाहरण, यहाँ 'इ' का 'य' हुआ है, लेकिन यह 'अ+उ=ओ' गुण संधि का भी उदाहरण हो सकता है यदि 'विनय' के अंत में 'अ' हो और 'उपेता' का 'उ' हो, पर यहाँ 'विनय' शब्द है।)
- (ख) कुसुमादिप = कुसुमात् + अपि (यहाँ 'त्' का 'द्' और फिर 'अ' के साथ मिलकर 'द' बना है, जो कि 'कुसुमाद् + अपि' के रूप में देखा जा सकता है, या 'कुसुमानि + अपि' से 'कुसुमानप' बनता है। दिए गए उत्तर के अनुसार 'कुसुमाद + अपि' संभव है यदि 'द' का लोप हो रहा हो या कोई विशेष नियम लागू हो रहा हो। सामान्यतः 'कुसुमात् + अपि' से 'कुसुमादपि' बनता है।)
- (ग) चिनोम्युभयम् = चिनोमि + उभयम् (यहाँ 'इ' और 'उ' मिलकर 'यु' बना है, जो यण् संधि का उदाहरण है।)
- (घ) नृत्यैर्मुग्धम् = नृत्यैः + मुग्धम् (यहाँ विसर्ग संधि का नियम लागू होता है, जहाँ 'ः' के बाद व्यंजन आने पर 'ः' का 'र्' हो जाता है।)
- (ङ) प्रकृतिरस्ति = प्रकृतिः + अस्ति (यहाँ विसर्ग संधि का नियम है, जहाँ 'ः' के बाद स्वर आने पर 'ः' का 'र्' हो जाता है।)
- (च) लोकक्रीडासक्ता = लोकक्रीडा + आसक्ता (यहाँ दीर्घ संधि का नियम है, जहाँ 'आ' और 'आ' मिलकर 'आ' बनाते हैं।)
प्रश्न 5
यह प्रश्न संस्कृत व्याकरण के एक महत्वपूर्ण भाग, विशेषण और विशेष्य के मिलान पर आधारित है। विशेषण वह शब्द होता है जो किसी संज्ञा (विशेष्य) की विशेषता बताता है। पाठ के संदर्भ में, हमें पाठ में प्रयुक्त विशेषणों को उनके संबंधित विशेष्यों से मिलाना होगा।
चूंकि मूल स्रोत में इस प्रश्न के लिए कोई सूची या तालिका नहीं दी गई है, इसलिए यहाँ संभावित मेल दिए जा रहे हैं जो पाठ के भावार्थ के अनुसार हो सकते हैं:
संभावित मेल:
- विशेषण | विशेष्य
- संसारम् (मित्रचक्षुषा) | भारतजनता
- कुटुम्बम् | वसुंधरा
- सहजा | प्रकृति
- कठिना | भारतजनता
- परिपूता | भारतजनता
- मुग्धम् | समं जगत्
स्पष्टीकरण:
- 'संसारम्' (मित्र की दृष्टि से) भारत की जनता की विशेषता है।
- 'कुटुम्बम्' (परिवार) वसुंधरा (पृथ्वी) के लिए प्रयुक्त हुआ है।
- 'सहजा' (सहज) प्रकृति (स्वभाव) की विशेषता है।
- 'कठिना' और 'परिपूता' भारत की जनता की विशेषताएँ हैं।
- 'मुग्धम्' (मुग्ध) समं जगत् (सारा संसार) की स्थिति को दर्शाता है।
Common mistakes
- संधि विच्छेद करते समय शब्दों को गलत तरीके से तोड़ना।
- विशेषण और विशेष्य पदों का गलत मिलान करना।
- प्रश्नों के उत्तर लिखते समय व्याकरण संबंधी त्रुटियाँ करना।
- पाठ की शब्दावली के अर्थ को समझने में कठिनाई।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने के बाद, पाठ में संबंधित भाग को फिर से पढ़ें।
- संधि विच्छेद और विशेषण-विशेष्य मिलान वाले प्रश्नों का अभ्यास अतिरिक्त अभ्यास के लिए करें।
- उत्तरों को अपनी भाषा में लिखने का प्रयास करें ताकि समझ का परीक्षण हो सके।
- कठिन शब्दों और वाक्यों को नोट करें और उनके अर्थ को समझें।
Practice MCQs
Q1. प्रश्न 2 (क) के अनुसार, भारत की जनता स्वयं को किसका एक हिस्सा मानती है?
Explanation: पाठ के अनुसार, भारत की जनता स्वयं को पूरी पृथ्वी को एक परिवार मानती है, इसलिए उत्तर 'कुटुम्ब' है।
Q2. प्रश्न 2 (ख) में 'मैत्री' को किसका सहज स्वभाव बताया गया है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत की जनता का सहज स्वभाव 'मैत्री' (मित्रता) है।
Q3. प्रश्न 4 (ग) में 'चिनोम्युभयम्' का संधि विच्छेद क्या है?
Explanation: दिए गए उत्तर के अनुसार, 'चिनोम्युभयम्' का सही संधि विच्छेद 'चिनोमि + उभयम्' है।
Q4. प्रश्न 3 (क) के अनुसार, भारत की जनता किससे परिपूर्ण है?
Explanation: उत्तर में बताया गया है कि भारत की जनता अध्यात्म-सुधा-तटिनी के स्नान से परिपूर्ण है।
Q5. प्रश्न 3 (ङ) के अनुसार, सारा संसार किससे मुग्ध है?
Explanation: उत्तर में स्पष्ट किया गया है कि सारा संसार भारत की जनता के काव्य, गीत और नृत्य से मुग्ध है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 रुचिरा के पाठ 7 का शीर्षक क्या है?
कक्षा 8 रुचिरा के पाठ 7 का शीर्षक 'जलवाहिनी' है।
ये NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
ये NCERT समाधान कक्षा 8 के लिए संस्कृत विषय (रुचिरा) के हैं।
क्या इन समाधानों में पाठ के सभी अभ्यासों को शामिल किया गया है?
हाँ, इन समाधानों में पाठ 7 के अभ्यास में दिए गए सभी प्रश्नों (Q1 से Q5 तक) के उत्तर शामिल हैं।
समाधानों में व्याकरण के कौन से नियम समझाए गए हैं?
समाधानों में संधि विच्छेद (प्रश्न 4) और विशेषण-विशेष्य पदों का मेल (प्रश्न 5) जैसे व्याकरणिक नियमों को समझाया गया है।
क्या प्रश्न के उत्तरों को समझने में मदद के लिए कोई अतिरिक्त जानकारी दी गई है?
हाँ, प्रत्येक उत्तर को स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए विस्तृत व्याख्या प्रदान की गई है।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?
यह समाधान छात्रों को पाठ की सामग्री को बेहतर ढंग से समझने, व्याकरण के नियमों का अभ्यास करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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