कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान NCERT समाधान: कैसे, कब और कहाँ
यह पृष्ठ कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'कैसे, कब और कहाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय इतिहास को समझने के विभिन्न तरीकों, जैसे कि कालखंडों में विभाजन, पर प्रकाश डालता है। इसमें जेम्स मिल जैसे इतिहासकारों के विचारों, ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों के महत्व, सरकारी रिकॉर्ड्स की भूमिका और औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया है। समाधान छात्रों को इतिहास की घटनाओं को कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित करने, विभिन्न ऐतिहासिक दृष्टिकोणों का मूल्यांकन करने और ब्रिटिश शासन के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को समझने में मदद करते हैं। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. कैसे कब और कहाँ |
Chapter summary
कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'कैसे, कब और कहाँ' के NCERT समाधान इतिहास को कालखंडों में बाँटने की विधियों, विशेष रूप से जेम्स मिल के वर्गीकरण और उसके बाद भारतीय इतिहासकारों द्वारा अपनाए गए 'प्राचीन', 'मध्यकालीन', 'आधुनिक' विभाजन पर केंद्रित हैं। यह समाधान ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों, अभिलेखागारों और सरकारी रिकॉर्ड्स के महत्व को भी स्पष्ट करते हैं, जो इतिहास को समझने के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। यह औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया और इसके प्रभावों की भी व्याख्या करता है।
Learning outcomes
- इतिहास को विभिन्न कालखंडों में विभाजित करने के तरीकों को समझना।
- जेम्स मिल के इतिहास वर्गीकरण की समस्याओं का विश्लेषण करना।
- ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और सरकारी रिकॉर्ड्स के महत्व को पहचानना।
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया और उसके प्रभावों को समझना।
- इतिहास के स्रोतों के रूप में अभिलेखागारों और संग्रहालयों की भूमिका का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- इतिहास का कालानुक्रमिक विभाजन
- जेम्स मिल का इतिहास वर्गीकरण
- प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक काल
- ब्रिटिश शासन का इतिहास लेखन
- सरकारी रिकॉर्ड्स का महत्व
- अभिलेखगार और संग्रहालय
- सर्वेक्षणों का महत्व (भू-राजस्व, वानस्पतिक, पुरातात्विक आदि)
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया
- इतिहास को समझने के स्रोत
- ब्रिटिश शासन के प्रभाव
- इतिहास में तिथियों का महत्व
- इतिहास को कालखंडों में बाँटने की आवश्यकता
Important topics
- इतिहास को कालखंडों में विभाजित करने की विधियाँ
- जेम्स मिल का वर्गीकरण और उसकी समस्याएँ
- सरकारी रिकॉर्ड्स और सर्वेक्षणों का महत्व
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया
- इतिहास के स्रोतों की भूमिका
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) गलत। जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश, इन तीन कालखंडों में बाँटा था, न कि ईसाई।
(ख) गलत। सरकारी दस्तावेज मुख्य रूप से ब्रिटिश प्रशासन की नीतियों, निर्णयों और गतिविधियों का लेखा-जोखा रखते हैं। वे आम लोगों के विचारों, भावनाओं या दैनिक जीवन के बारे में सीधी जानकारी प्रदान नहीं करते हैं। आम लोगों के विचारों को जानने के लिए अन्य स्रोतों की आवश्यकता होती है।
(ग) सही। अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर प्रभावी ढंग से शासन करने के लिए उस देश की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक जानकारी होना आवश्यक है। इसलिए, उन्होंने पूरे देश का नक्शा तैयार करने और विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करवाए।
प्रश्न 2
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को तीन कालखंडों में विभाजित किया था: (i) हिंदू, (ii) मुसलमान, और (iii) ब्रिटिश। इस वर्गीकरण में कई समस्याएँ हैं:
- सांप्रदायिक विभाजन: यह वर्गीकरण पूरी तरह से धर्म पर आधारित है, जो कि भारतीय इतिहास की जटिलता और विविधता को नहीं दर्शाता है। भारत में विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग सदियों से साथ रहते आए हैं।
- यूरोपीय दृष्टिकोण: मिल का मानना था कि यूरोपीय समाज सभ्यता के मामले में एशियाई समाजों से बेहतर है। इस दृष्टिकोण से, उसने भारतीय इतिहास को केवल 'पिछड़ा' और 'अंधविश्वासी' के रूप में चित्रित किया, जब तक कि ब्रिटिश शासन ने 'सुधार' नहीं किया।
- ऐतिहासिक यथार्थता की उपेक्षा: यह वर्गीकरण विभिन्न शासकों के शासनकाल की वास्तविकताओं, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों और सांस्कृतिक विकास को नजरअंदाज करता है। उदाहरण के लिए, कई गैर-हिंदू और गैर-मुस्लिम शासक भी हुए, और विभिन्न कालों में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन हुए जिन्हें इस विभाजन में शामिल नहीं किया गया।
- आधुनिकीकरण का एकतरफा दृष्टिकोण: मिल के अनुसार, ब्रिटिश शासन ही भारत को प्रगति और आधुनिकीकरण की ओर ले जा सकता था, जो कि एक पक्षपाती विचार था।
इस प्रकार, जेम्स मिल का वर्गीकरण भारतीय इतिहास की समग्र समझ के लिए उपयुक्त नहीं है।
Common mistakes
- इतिहास को कालखंडों में बाँटने के विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच भ्रमित होना।
- सरकारी रिकॉर्ड्स को केवल शासकों के दृष्टिकोण से देखना, आम लोगों के विचारों को अनदेखा करना।
- सर्वेक्षणों के महत्व को कम आंकना या उनके उद्देश्यों को गलत समझना।
Revision tips
- जेम्स मिल के इतिहास विभाजन के तर्कों और उसकी आलोचनाओं को ध्यान से पढ़ें।
- सरकारी रिकॉर्ड्स और सर्वेक्षणों को इतिहास के स्रोतों के रूप में समझने पर जोर दें।
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझें और इसके विभिन्न पहलुओं पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को मुख्य रूप से किन तीन कालखंडों में विभाजित किया था?
Explanation: जेम्स मिल, एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनीतिक दार्शनिक, ने अपनी पुस्तक 'ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया' में भारतीय इतिहास को हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश कालखंडों में बाँटा था।
Q2. इतिहासकारों के अनुसार, भारतीय इतिहास को सामान्यतः किन तीन कालों में बाँटा जाता है?
Explanation: पश्चिमी इतिहासकारों के वर्गीकरण से अलग, भारतीय इतिहास को आमतौर पर प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक कालों में विभाजित किया जाता है।
Q3. सरकारी दस्तावेजों से हमें मुख्य रूप से किसके बारे में जानकारी मिलती है?
Explanation: सरकारी दस्तावेज मुख्य रूप से ब्रिटिश प्रशासन की नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को दर्शाते हैं, न कि आम लोगों के विचारों को।
Q4. ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण माने जाते थे?
Explanation: अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर प्रभावी ढंग से शासन करने के लिए उस देश की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक जानकारी प्राप्त करना आवश्यक था, जिसके लिए सर्वेक्षण किए जाते थे।
Q5. जब एक देश का दूसरे देश पर दबदबा स्थापित होता है और उसके कारण राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव आते हैं, तो इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
Explanation: यह प्रक्रिया, जिसमें एक देश दूसरे देश पर शासन स्थापित कर राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन लाता है, औपनिवेशीकरण कहलाती है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'कैसे, कब और कहाँ' में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?
इस अध्याय में इतिहास को कालखंडों में बाँटने के तरीकों, जेम्स मिल के वर्गीकरण, ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और सरकारी रिकॉर्ड्स के महत्व, तथा औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई है।
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को किन तीन कालों में बाँटा था और इसमें क्या समस्या थी?
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश कालखंडों में बाँटा था। इसमें समस्या यह थी कि यह विभाजन भारतीय इतिहास की विविधता और जटिलता को नजरअंदाज करता था और इसे यूरोपीय दृष्टिकोण से देखता था।
ब्रिटिश शासन के दौरान सरकारी रिकॉर्ड्स और सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण थे?
ब्रिटिश शासन के दौरान, सरकारी रिकॉर्ड्स और सर्वेक्षण देश पर प्रभावी ढंग से शासन करने, संसाधनों का प्रबंधन करने और अपनी नीतियों को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण थे। ये रिकॉर्ड्स इतिहासकारों के लिए भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
औपनिवेशीकरण से आप क्या समझते हैं?
औपनिवेशीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक देश दूसरे देश पर अपना राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक नियंत्रण स्थापित करता है, जिससे दोनों देशों में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं।
क्या सरकारी दस्तावेज आम लोगों के विचारों को जानने का अच्छा स्रोत हैं?
नहीं, सरकारी दस्तावेज मुख्य रूप से शासकों और प्रशासन के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। आम लोगों के विचारों और अनुभवों को जानने के लिए अन्य स्रोतों जैसे लोक कथाओं, यात्रा वृत्तांतों आदि की आवश्यकता होती है।
इतिहास को कालखंडों में बाँटने का क्या उद्देश्य होता है?
इतिहास को कालखंडों में बाँटने का उद्देश्य किसी विशेष अवधि की प्रमुख विशेषताओं, केंद्रीय तत्वों और बदलावों को समझने और उनका विश्लेषण करने में मदद करना है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.