CBSE Class 8 Hindi NCERT Solutions: Chapter 13 - जहाँ पहिया है

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This chapter, 'जहाँ पहिया है' (Where the Wheel Is), from Class 8 Hindi NCERT Solutions, delves into the empowering bicycle movement in Pudukkottai, Tamil Nadu, as documented by P. Sainath. The solutions explain how the simple act of cycling became a powerful tool for women to break free from restrictive social norms and traditions. It highlights the journey of women gaining independence, self-respect, and economic stability through this movement. The chapter also touches upon the initial resistance faced and the eventual support received, showcasing the transformative impact of this initiative. These solutions provide a detailed understanding of the text, helping students grasp the underlying themes of empowerment and social change, making it an excellent resource for exam revision.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. जहाँ पहिया है - पी. साईनाथ (अनु.), पिता के बाद मुक्ता

Chapter summary

Chapter 13, 'जहाँ पहिया है', focuses on the significant bicycle movement initiated by women in Pudukkottai, Tamil Nadu. The NCERT Solutions break down the narrative, explaining how cycling became a symbol of freedom and independence for these women. It covers the challenges they faced, the societal changes that followed, and the overall impact on their lives, including increased mobility, economic opportunities, and self-confidence. The solutions also explore the linguistic aspects, such as the use of prefixes and suffixes.

Learning outcomes

  • Understand the social and economic impact of the bicycle movement in Pudukkottai.
  • Analyze the role of cycling as a tool for women's empowerment and liberation.
  • Identify the obstacles faced by women during the initial stages of the movement.
  • Explain the significance of the chapter's title, 'जहाँ पहिया है'.
  • Recognize the use of prefixes and suffixes in Hindi vocabulary within the context of the chapter.

Topics covered

Paper topics

  • Women's empowerment
  • Social reform movements
  • Bicycle movement in Pudukkottai
  • Breaking social barriers
  • Independence and self-reliance
  • Impact of mobility on women's lives
  • Overcoming societal resistance
  • Symbolism of the wheel
  • Prefixes and suffixes in Hindi
  • P. Sainath's writing

Important topics

  • The significance of the bicycle movement for women's freedom
  • How cycling led to economic independence
  • The role of the bicycle as a symbol of change
  • Challenges faced by women and how they were overcome
  • Understanding the metaphorical meaning of 'chains'

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

"...उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते है.."

आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?

Solution:

लेखक यहाँ 'जंजीरों' शब्द का प्रयोग उन सामाजिक रूढ़ियों, कुप्रथाओं और बंधनों के लिए कर रहा है जो तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले की महिलाओं को उनकी प्रगति और स्वतंत्रता से रोके हुए थीं। ये ऐसी सामाजिक बेड़ियाँ थीं जिन्होंने महिलाओं को पारंपरिक सोच और सीमित दायरे में बाँध रखा था, जिससे उनका विकास अवरुद्ध हो रहा था।

प्रश्न 2

"...उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकडे हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते है।"

क्या आप लेखक की इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।

Solution:

हाँ, हम लेखक की इस बात से पूरी तरह सहमत हैं। मनुष्य स्वभाव से ही स्वतंत्र रहना चाहता है और लंबे समय तक बंधनों में नहीं रह सकता। जब समाज द्वारा बनाई गई रूढ़ियाँ या प्रथाएँ अत्यधिक प्रतिबंधात्मक हो जाती हैं और लोगों के जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने लगती हैं, तो लोग स्वाभाविक रूप से उन बंधनों को तोड़ने के तरीके खोजने लगते हैं।

तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले में महिलाओं के साथ भी यही हुआ। उन्होंने साइकिल चलाना सीखकर उन सामाजिक बंधनों को तोड़ा जो उन्हें घर तक सीमित रखते थे। साइकिल ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से गतिशीलता प्रदान की, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनाया। इससे उनमें आत्मसम्मान बढ़ा, वे आत्मनिर्भर हुईं और खुशहाली का अनुभव करने लगीं। यह घटना दर्शाती है कि जब लोग किसी बंधन से मुक्ति चाहते हैं, तो वे अवश्य ही कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं।

प्रश्न 3

'साइकिल आंदोलन' से पुडुकोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
Solution:

'साइकिल आंदोलन' ने पुडुकोट्टई की महिलाओं के जीवन में कई महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव लाए, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. जागरूकता और स्वतंत्रता: महिलाओं में अपनी स्वाधीनता और आज़ादी के प्रति गहरी जागृति आई। वे महसूस करने लगीं कि वे भी पुरुषों के समान स्वतंत्र जीवन जीने की हकदार हैं।
  2. आर्थिक आत्मनिर्भरता: साइकिल की मदद से महिलाएँ अपने कृषि उत्पादों को आसानी से समीपवर्ती गाँवों में ले जाकर बेच सकती थीं। इससे उनकी आय बढ़ी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुईं।
  3. समय और श्रम की बचत: दूर-दराज के स्थानों तक आने-जाने में लगने वाला समय और शारीरिक श्रम काफी कम हो गया, जिससे उन्हें अन्य कार्यों के लिए अधिक समय मिलने लगा।
  4. आत्मसम्मान में वृद्धि: साइकिल चलाना सीखने और स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने की क्षमता ने महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की भावना को बढ़ाया।
  5. सामाजिक गतिशीलता: साइकिल ने उनकी गतिशीलता बढ़ाई, जिससे वे समाज में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने लगीं और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ।

प्रश्न 4

शुरूआत में पुरुषों ने इस आंदोलन का विरोध किया परंतु आर. साइकिल्स के मालिक ने इसका समर्थन किया, क्यों?
Solution:

शुरुआत में पुरुषों ने इस आंदोलन का विरोध इसलिए किया क्योंकि उन्हें यह डर था कि यदि महिलाएँ साइकिल चलाना सीख लेंगी और स्वतंत्र रूप से घूमने लगेंगी, तो समाज की पारंपरिक व्यवस्था बिगड़ जाएगी और महिलाओं में अधिक जागरूकता आ जाएगी, जिसे वे नियंत्रित नहीं कर पाएंगे।

दूसरी ओर, आर. साइकिल्स के मालिक ने इस आंदोलन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि वह गाँव के एकमात्र लेडीज़ साइकिल डीलर थे। जब महिलाओं ने साइकिल चलाना शुरू किया, तो उनकी लेडीज़ साइकिलों की बिक्री बढ़ गई। यहाँ तक कि जिन महिलाओं को लेडीज़ साइकिल का इंतजार नहीं करना था, उन्होंने 'जेंट्स साइकिल' खरीद लीं। इस प्रकार, आंदोलन से सीधे तौर पर उनकी आय में वृद्धि हो रही थी, इसलिए उन्होंने स्वार्थवश ही सही, इस आंदोलन का समर्थन किया।

प्रश्न 5

प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में कौन-कौन सी बाधा आई?
Solution:

प्रारंभ में इस आंदोलन को चलाने में कई बाधाएँ आईं:

  1. सामाजिक उपहास और फब्तियाँ: फातिमा, जिसने इस आंदोलन की शुरुआत की, को लोगों की गंदी टिप्पणियों और उपहास का सामना करना पड़ा। समाज के कुछ लोग महिलाओं के साइकिल चलाने को अनुचित मानते थे।
  2. पारिवारिक विरोध: फातिमा एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से थी, जहाँ महिलाओं की स्वतंत्रता पर कई बंधन थे। उसके परिवार ने उसके इस उत्साह को तोड़ने का प्रयास किया।
  3. पुरुषों का विरोध: जैसा कि प्रश्न 4 में बताया गया है, समाज के पुरुषों ने भी इस आंदोलन का कड़ा विरोध किया क्योंकि उन्हें अपनी पारंपरिक सत्ता और सामाजिक व्यवस्था पर खतरा महसूस हुआ।
  4. साइकिलों की अनुपलब्धता: एक बड़ी बाधा यह थी कि उस समय वहाँ लेडीज़ साइकिल पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थीं। हालाँकि, महिलाओं ने इस कमी के बावजूद हार नहीं मानी और आंदोलन को जारी रखा।

इन बाधाओं के बावजूद, महिलाओं ने दृढ़ संकल्प के साथ साइकिल आंदोलन को आगे बढ़ाया।

प्रश्न 6

आपके विचार से लेखक ने इस पाठ का नाम 'जहाँ पहिया है' क्यों रखा होगा?
Solution:

लेखक ने इस पाठ का नाम 'जहाँ पहिया है' संभवतः इसलिए रखा होगा क्योंकि पहिया गतिशीलता, प्रगति और स्वतंत्रता का प्रतीक है। पुडुकोट्टई की महिलाओं ने साइकिल (जिसमें पहिए होते हैं) को अपनाकर अपनी सामाजिक रूढ़ियों और बंधनों को तोड़ा।

साइकिल आंदोलन ने महिलाओं के जीवन में एक नई गतिशीलता ला दी। इसने उन्हें घर की चारदीवारी से बाहर निकलने, स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने, अपने काम करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। पहिए की तरह, यह आंदोलन भी महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन लाया, जिसने उनकी जिंदगी को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया। इसलिए, 'जहाँ पहिया है' शीर्षक उस परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक है जो साइकिल ने महिलाओं के जीवन में लाई।

प्रश्न 7

अपने मन से इस पाठ का कोई दूसरा शीर्षक सुझाइए। अपने दिए हुए शीर्षक के पक्ष में तर्क दीजिए।
Solution:

इस पाठ के लिए एक और उपयुक्त शीर्षक हो सकता है: 'साइकिल: महिलाओं की आज़ादी का प्रतीक'

तर्क: यह शीर्षक इसलिए उपयुक्त है क्योंकि पाठ का मुख्य केंद्र पुडुकोट्टई की महिलाओं द्वारा साइकिल चलाना सीखना और उससे प्राप्त होने वाली स्वतंत्रता है। साइकिल केवल एक वाहन नहीं है, बल्कि यह उनके लिए सामाजिक बंधनों से मुक्ति, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गई। इस शीर्षक से यह स्पष्ट होता है कि कैसे साइकिल ने महिलाओं को सशक्त बनाया और उन्हें अपनी आज़ादी का अनुभव करने का अवसर दिया। यह शीर्षक पाठ के केंद्रीय भाव को सीधे तौर पर व्यक्त करता है।

प्रश्न 8

साइकिल चलाने से फातिमा और पुडुकोट्टई की महिलाओं को 'आज़ादी' का अनुभव क्यों होता होगा?
Solution:

फातिमा और पुडुकोट्टई की महिलाओं को साइकिल चलाने से 'आज़ादी' का अनुभव इसलिए होता होगा क्योंकि:

  1. सामाजिक बंधनों से मुक्ति: उनके समाज में महिलाओं का स्वतंत्र रूप से घूमना-फिरना या साइकिल चलाना अनुचित माना जाता था। इन रूढ़ियों को तोड़कर साइकिल चलाना उनके लिए सामाजिक बंधनों से मुक्ति का अनुभव था।
  2. आत्मनिर्भरता: साइकिल ने उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने, जैसे कि बाज़ार जाना या दूर के रिश्तेदारों से मिलना, के लिए दूसरों पर निर्भरता कम कर दी। यह आत्मनिर्भरता उन्हें आज़ादी का एहसास कराती थी।
  3. गतिशीलता और पहुँच: साइकिल ने उन्हें अधिक दूरी तक और तेज़ी से यात्रा करने की क्षमता दी। वे अब अपनी मर्जी से कहीं भी आ-जा सकती थीं, जो उन्हें एक प्रकार की शारीरिक और मानसिक आज़ादी देता था।
  4. समानता का भाव: पुरुषों के समान साइकिल चलाकर वे स्वयं को कमतर नहीं आंकती थीं। यह बराबरी का भाव भी उन्हें आज़ादी का अनुभव कराता था।

संक्षेप में, साइकिल ने उन्हें शारीरिक, सामाजिक और मानसिक रूप से स्वतंत्र बनाया, जिससे उन्हें आज़ादी का गहरा अनुभव हुआ।

भाषा की बात

उपसर्गों और प्रत्ययों के बारे में आप जान चुके हैं। इस पाठ में आए उपसर्गयुक्त शब्दों को छाँटिए। उनके मूल शब्द भी लिखिए।

आपकी सहायता के लिए इस पाठ में प्रयुक्त कुछ 'उपसर्ग' और 'प्रत्यय' इस प्रकार हैं - अभि, प्र, अनु, परि, वि(उपसर्ग), इक, वाला, ता, ना।

Solution:

पाठ में प्रयुक्त कुछ उपसर्गयुक्त शब्द और उनके मूल शब्द इस प्रकार हैं:

  • उपसर्ग 'अभि' से: अभिमान (मूल शब्द: मान)
  • उपसर्ग 'प्र' से: प्रयत्न (मूल शब्द: यत्न)
  • उपसर्ग 'अनु' से: अनुसरण (मूल शब्द: सरण)
  • उपसर्ग 'परि' से: परिपक्व (मूल शब्द: पक्व)
  • उपसर्ग 'वि' से: विशेष (मूल शब्द: शेष)

पाठ में प्रयुक्त कुछ प्रत्यययुक्त शब्द और उनके मूल शब्द इस प्रकार हैं:

  • प्रत्यय 'इक' से: आर्थिक (मूल शब्द: अर्थ)
  • प्रत्यय 'वाला' से: साइकिल वाला (मूल शब्द: साइकिल)
  • प्रत्यय 'ता' से: जागरूकता (मूल शब्द: जागरूक), स्वाधीनता (मूल शब्द: स्वाधीन), आत्मनिर्भरता (मूल शब्द: आत्मनिर्भर), खुशहाली (मूल शब्द: खुशहाल)
  • प्रत्यय 'ना' से: चलना (मूल शब्द: चल), सीखना (मूल शब्द: सीख)

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'chains' with the metaphorical social restrictions.
  • Underestimating the initial resistance and societal opposition to women cycling.
  • Not fully appreciating the dual benefits of the movement: personal freedom and economic upliftment.
  • Overlooking the linguistic exercise on prefixes and suffixes.

Revision tips

  • Focus on the symbolic meaning of the 'wheel' and 'chains' as presented in the chapter.
  • Summarize the key changes in the lives of Pudukkottai women after adopting cycling.
  • Note down the reasons for initial opposition and the eventual support for the movement.
  • Review the examples of prefixes and suffixes provided in the solutions to reinforce grammar concepts.

Practice MCQs

Q1. लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?

Q2. पुडुकोट्टई की महिलाओं के लिए साइकिल आंदोलन का मुख्य परिणाम क्या था?

Q3. शुरुआत में पुरुषों ने साइकिल आंदोलन का विरोध क्यों किया?

Q4. आर. साइकिल्स के मालिक ने आंदोलन का समर्थन क्यों किया?

Q5. पाठ का शीर्षक 'जहाँ पहिया है' क्यों उपयुक्त है?

Frequently asked questions

यह पाठ किस बारे में है?

यह पाठ तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले में महिलाओं द्वारा चलाए गए साइकिल आंदोलन के बारे में है, जिसने उन्हें सामाजिक बंधनों से मुक्ति और आत्मनिर्भरता दिलाई।

लेखक 'जंजीरों' से क्या कहना चाहता है?

लेखक 'जंजीरों' से उन सामाजिक रूढ़ियों, कुप्रथाओं और बंधनों का उल्लेख कर रहा है जिनमें महिलाएँ जकड़ी हुई थीं।

साइकिल आंदोलन से महिलाओं के जीवन में क्या बदलाव आए?

साइकिल आंदोलन से महिलाओं में स्वतंत्रता की भावना जगी, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुईं, समय और श्रम की बचत हुई और उनमें आत्मसम्मान बढ़ा।

पाठ का शीर्षक 'जहाँ पहिया है' क्यों रखा गया है?

यह शीर्षक इसलिए रखा गया है क्योंकि पहिया गतिशीलता और प्रगति का प्रतीक है, और साइकिल आंदोलन ने महिलाओं के जीवन में गतिशीलता और प्रगति लाई।

क्या इस पाठ में व्याकरण से संबंधित कोई प्रश्न है?

हाँ, पाठ में उपसर्गों और प्रत्ययों से संबंधित एक प्रश्न है, जिसमें पाठ में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्दों को छाँटने और उनके मूल शब्द लिखने के लिए कहा गया है।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?

यह समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य विचारों, पात्रों और सामाजिक संदेश को समझने में मदद करता है, साथ ही व्याकरण के अभ्यास को भी स्पष्ट करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

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