CBSE Class 6 Hindi Chapter 42: लोकगीत (Lokgeet) NCERT Solutions
This chapter delves into the vibrant world of folk songs (लोकगीत) in Hindi, exploring their significance and characteristics. The NCERT Solutions provide detailed answers to questions about the essence of folk music, its connection to daily life, and its cultural importance. Students will learn about the various types of folk songs, including those sung by women, and understand how these songs reflect the emotions and experiences of ordinary people. The solutions also touch upon the regional variations and the unique aspects of folk music from different parts of India. Additionally, the chapter explores the linguistic aspects related to the word 'Lok' and numerical terms used in songs like 'Barahmasa'. These solutions are designed to help students grasp the nuances of folk culture and prepare effectively for their exams by offering clear explanations and insights into the chapter's themes.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 42 |
Chapter summary
Chapter 42, 'Lokgeet', focuses on the study of folk songs in Hindi. The NCERT Solutions cover the definition, characteristics, and cultural relevance of folk music. It addresses questions about the types of folk songs, their association with festivals and daily life, and their role in expressing community emotions. The solutions also explore the linguistic connections of the word 'Lok' and numerical terms found in folk songs, providing a comprehensive understanding of this aspect of Indian culture.
Learning outcomes
- Understand the definition and importance of folk songs (लोकगीत).
- Identify different types of folk songs and their contexts.
- Analyze the characteristics and themes of folk songs discussed in the essay.
- Explain the role of folk songs in reflecting societal emotions and experiences.
- Explore the linguistic aspects related to 'Lok' and numerical terms in folk songs.
- Connect folk songs to rural and urban life.
Topics covered
Paper topics
- लोकगीत का अर्थ और महत्व
- लोकगीतों के प्रकार (स्त्रियों के गीत, आदि)
- लोकगीतों की विशेषताएँ
- लोकगीतों का जीवन से संबंध
- लोकगीतों का क्षेत्रीय स्वरूप
- 'लोक' शब्द से बने अन्य शब्द
- बारहमासा गीत
- संख्याओं से जुड़े शब्द
- लोकगीत और नृत्य
- शहरी लोकगीत
Important topics
- लोकगीत का अर्थ और महत्व
- लोकगीतों की विशेषताएँ
- स्त्रियों के खास गीत
- लोकगीत और जीवन का संबंध
- बारहमासा गीत का वर्णन
- 'लोक' शब्द से बने शब्द
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
निबंध में लोकगीतों के निम्नलिखित पक्षों की चर्चा की गई है:
- लोकगीत जनसाधारण के गीत होते हैं।
- ये किसी विशेष प्रदेश, जाति या संप्रदाय के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के होते हैं।
- लोकगीत सीधे जनता के हृदय से निकलते हैं और सीधे जनता के हृदय को छूते हैं।
- इनकी रचना में न तो किसी विशेष व्यक्ति का नाम आता है और न ही किसी विशेष प्रदेश का।
- लोकगीत जीवन के सुख-दुख, त्योहारों, मौसमों और रीति-रिवाजों से जुड़े होते हैं।
- स्त्रियों के खास गीत जैसे कजरी, सोहर, तीज आदि का भी उल्लेख है।
- लोकगीत सरल, सहज और स्वाभाविक होते हैं।
- ये किसी विशेष व्यक्ति या प्रदेश के न होकर, पूरे देश के अपने होते हैं।
प्रश्न 2
निबंध के अनुसार, हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीतों में कजरी, सोहर, और तीज के गीत प्रमुख हैं। ये गीत विशेष अवसरों या त्योहारों पर स्त्रियों द्वारा गाए जाते हैं और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं।
प्रश्न 3
निबंध के आधार पर लोकगीतों की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- सरलता: लोकगीतों की भाषा और धुनें सरल होती हैं, जो आसानी से समझ में आ जाती हैं।
- जीवन से जुड़ाव: ये गीत जीवन के विभिन्न प्रसंगों जैसे खुशी, गम, त्योहार, मौसम, विवाह आदि से जुड़े होते हैं।
- सामूहिकता: अक्सर ये गीत समूह में गाए जाते हैं, जिससे एकता और अपनेपन का भाव बढ़ता है।
- स्वाभाविकता: इनमें बनावटीपन नहीं होता, बल्कि ये सीधे हृदय से निकलते हैं।
- क्षेत्रीयता: हर क्षेत्र के अपने लोकगीत होते हैं जो उस क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते हैं।
अपने अनुभव के आधार पर, यदि लोकगीत सुनने का मौका मिला है, तो यह भी जोड़ा जा सकता है कि ये गीत सुनने में बहुत आनंददायक होते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। ये हमें अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़े रखते हैं।
प्रश्न 4
इस वाक्य का अर्थ यह है कि जैसे विद्यापति जैसे महान कवियों ने अपनी रचनाओं से एक विशेष पहचान बनाई और उनके गीत आज भी लोकप्रिय हैं, उसी प्रकार भारत के हर क्षेत्र के अपने-अपने ऐसे लोकगीत और लोक गायक हैं जो अपने गीतों के माध्यम से उस क्षेत्र की संस्कृति और भावनाओं को व्यक्त करते हैं। भले ही इन लोक गायकों के नाम बहुत प्रसिद्ध न हों, लेकिन उनके गीत जनता के बीच उतने ही प्रिय और महत्वपूर्ण हैं। यह वाक्य लोकगीतों की व्यापकता और हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।
प्रश्न 1 (अनुमान और कल्पना)
यह सोचना गलत है कि लोकगीत और नृत्य केवल गाँवों या कबीलों में ही पाए जाते हैं। हालाँकि उनकी जड़ें ग्रामीण संस्कृति में गहरी हैं, लेकिन शहरों में भी लोकगीतों के विभिन्न रूप विकसित हुए हैं। शहरों में भी ऐसे गीत हो सकते हैं जो किसी विशेष समुदाय, पेशे या अवसर से जुड़े हों। उदाहरण के लिए, किसी विशेष त्योहार पर गाए जाने वाले गीत, या किसी खास समुदाय के पारंपरिक गीत, या फिर आधुनिक शहरी जीवन के अनुभवों को व्यक्त करने वाले गीत भी एक प्रकार के शहरी लोकगीत माने जा सकते हैं। ये गीत अक्सर बड़े शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हैं।
प्रश्न 2 (अनुमान और कल्पना)
हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि जहाँ जीवन उल्लासपूर्ण और जीवंत होता है, वहाँ आनंद के स्रोतों की कमी नहीं हो सकती। जीवन की यही उमंग और ऊर्जा ही अनगिनत गीतों को जन्म देती है।
'बिदेसिया' लोकगीत से आनंद: 'बिदेसिया' एक प्रसिद्ध भोजपुरी लोकगीत है जो मुख्य रूप से विरह और प्रेम की भावनाओं को व्यक्त करता है। यह गीत उन लोगों के लिए आनंद का स्रोत हो सकता है जो प्रेम, बिछोह और मिलन की भावनाओं से जुड़े हैं। इसके मधुर बोल और लय मन को मोह लेते हैं। यह गीत उन लोगों को भी आनंद देता है जो अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहते हैं।
गाते-सुनते लोग: 'बिदेसिया' को मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग गाते और सुनते हैं। यह गीत अक्सर प्रेमियों, बिछड़े हुए साथियों, या उन लोगों द्वारा गाया जाता है जो अपने प्रियजनों से दूर हैं। यह गीत उन लोगों के लिए भी आनंददायक होता है जो लोक संगीत के प्रेमी हैं और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहते हैं।
प्रश्न 1 (भाषा की बात)
'लोक' शब्द में कुछ जोड़कर बनने वाले शब्द और उनकी सूची इस प्रकार है:
- लोकगीत
- लोककथा
- लोकतंत्र
- लोकप्रिय
- लोकतंत्र
- लोकसभा
- लोकसेवा
- लोकजीवन
अर्थ की दृष्टि से समानता: इन सभी शब्दों में 'लोक' का अर्थ 'जनसाधारण' या 'आम आदमी' है। जब 'लोक' शब्द को किसी अन्य शब्द के साथ जोड़ा जाता है, तो वह उस चीज़ को जनसाधारण से जोड़ देता है। जैसे - लोकगीत आम लोगों द्वारा गाए जाने वाले गीत हैं, लोककथा आम लोगों की कहानियाँ हैं, और लोकतंत्र आम लोगों का शासन है।
वाक्य प्रयोग:
- लोकगीत: हमें अपने क्षेत्र के लोकगीतों को सहेज कर रखना चाहिए।
- लोककथा: दादी माँ ने हमें कई रोचक लोककथाएँ सुनाईं।
- लोकतंत्र: भारत एक महान लोकतंत्र है।
- लोकप्रिय: यह गायक अपने लोकगीतों के लिए बहुत लोकप्रिय है।
- लोकसभा: लोकसभा भारत की संसद का निचला सदन है।
- लोकसेवा: उन्होंने अपना जीवन लोकसेवा में समर्पित कर दिया।
- लोकजीवन: ग्रामीण लोकजीवन बहुत सादा और सरल होता है।
प्रश्न 2 (भाषा की बात)
- इकतारा
- सरपंच
- चारपाई
- छमाही
- सप्तर्षि
- नवरात्र
- अठन्री
- चौराहा
बारहमासा गीत में साल के बारह महीनों का वर्णन होता है। नीचे दिए गए अंकों से जुड़े शब्दों का अर्थ और वह अर्थ क्यों है, इसका अनुमान इस प्रकार है:
- इकतारा: 'इक' का अर्थ है एक। इकतारा एक तार वाला वाद्य यंत्र होता है। इसका अर्थ 'एक तार वाला' है।
- सरपंच: 'सर' का अर्थ 'मुख्य' या 'पहला' और 'पंच' का अर्थ 'पांच' होता है। सरपंच गाँव का मुखिया होता है, जो अक्सर पाँच लोगों की समिति का प्रमुख होता था।
- चारपाई: 'चार' का अर्थ चार। चारपाई के चार पाँव होते हैं, इसलिए इसे चारपाई कहते हैं।
- छमाही: 'छह' का अर्थ छह। छमाही का अर्थ है छह महीने की अवधि, जैसे छमाही परीक्षा।
- सप्तर्षि: 'सप्त' का अर्थ सात। सप्तर्षि सात ऋषियों के समूह को कहते हैं।
- नवरात्र: 'नव' का अर्थ नौ। नवरात्र नौ दिनों का उत्सव होता है।
- अठन्री: 'अठ' का अर्थ आठ। अठन्री आठ आने (पुराने समय में पैसे) के बराबर होती थी।
- चौराहा: 'चौ' का अर्थ चार। चौराहा वह स्थान होता है जहाँ चार रास्ते मिलते हैं।
अपने मन से जोड़े गए शब्द:
- दुपहिया: 'दु' का अर्थ दो। दो पहियों वाला वाहन, जैसे साइकिल या स्कूटर।
- तिमाही: 'ति' का अर्थ तीन। तीन महीने की अवधि, जैसे तिमाही परीक्षा।
- दशक: 'दश' का अर्थ दस। दस वर्षों की अवधि।
इन शब्दों में अंकों का अर्थ स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो उनकी संख्या या मात्रा को दर्शाता है।
Common mistakes
- Confusing folk songs with classical music.
- Not understanding the cultural context and significance of specific folk songs.
- Difficulty in identifying the characteristics of folk songs from the given text.
- Misinterpreting the meaning of numerical terms used in folk songs.
Revision tips
- Read the essay 'Lokgeet' carefully to understand the core concepts.
- Focus on the specific examples of folk songs and their descriptions.
- Pay attention to the 'Bhasha ki Baat' section to understand word formation and numerical terms.
- Try to recall personal experiences or knowledge of local folk songs to connect with the chapter's themes.
- Discuss the 'Anuman aur Kalpana' questions with classmates to explore broader ideas about folk music.
Practice MCQs
Q1. निबंध में लोकगीतों के किन पक्षों की चर्चा की गई है?
Explanation: निबंध में लोकगीतों के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व, उनके विभिन्न रूपों और जीवन से जुड़ाव पर चर्चा की गई है।
Q2. हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीतों में कौन से गीत शामिल हैं?
Explanation: निबंध के अनुसार, कजरी, सोहर और तीज जैसे गीत विशेष रूप से स्त्रियों द्वारा गाए जाते हैं।
Q3. लोकगीतों की कौन सी विशेषता निबंध के आधार पर बताई जा सकती है?
Explanation: लोकगीत जीवन के सुख-दुख, त्योहारों और रीति-रिवाजों से जुड़े होते हैं और उनकी भाषा व शैली सरल होती है।
Q4. 'लोक' शब्द में 'कला' जोड़ने पर क्या बनता है?
Explanation: 'लोक' शब्द में 'कला' जोड़ने पर 'लोककला' शब्द बनता है, जिसका अर्थ है जनसाधारण की कला।
Q5. बारहमासा गीत में किसका वर्णन होता है?
Explanation: बारहमासा गीत में साल के बारह महीनों के प्राकृतिक सौंदर्य और ऋतुओं के अनुसार बदलते हुए भावों का वर्णन किया जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 हिंदी के अध्याय 42 'लोकगीत' में किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई है?
इस अध्याय में लोकगीतों के अर्थ, महत्व, प्रकार, विशेषताओं और जीवन से उनके जुड़ाव पर चर्चा की गई है। इसमें स्त्रियों के खास गीत और बारहमासा जैसे गीतों का भी उल्लेख है।
लोकगीत और शास्त्रीय संगीत में क्या अंतर है?
लोकगीत जनसाधारण द्वारा रचे जाते हैं, सरल होते हैं और जीवन के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े होते हैं। वहीं, शास्त्रीय संगीत नियमों पर आधारित और अधिक जटिल होता है।
क्या लोकगीत केवल गाँवों में ही पाए जाते हैं?
नहीं, लोकगीत गाँवों और कबीलों में तो पाए ही जाते हैं, लेकिन शहरों में भी विभिन्न रूपों में लोकगीतों की परंपरा देखी जा सकती है, जो शहरी जीवन के अनुभवों को दर्शाते हैं।
'बारहमासा' गीत क्या होता है?
बारहमासा गीत वह होता है जिसमें साल के बारह महीनों का वर्णन होता है, जिसमें ऋतुओं के अनुसार बदलते भावों और प्रकृति का चित्रण किया जाता है।
इस अध्याय के समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान अध्याय के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को लोकगीतों की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलेगी।
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