कक्षा 6 हिंदी: मैं सबसे छोटी होऊं NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 6 के हिंदी विषय के लिए 'मैं सबसे छोटी होऊं' कविता पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कविता के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि सबसे छोटा होने की कल्पना, माँ के साथ बच्चे की निकटता, और माँ द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर आधारित प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को कविता के भावार्थ को गहराई से समझने, पात्रों के विचारों का विश्लेषण करने और भाषा की बारीकियों को पहचानने में मदद करते हैं। यह खंड परीक्षा की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो छात्रों को अभ्यास प्रश्नों को हल करने और कविता के मुख्य संदेश को आत्मसात करने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 41

Chapter summary

कक्षा 6 के लिए 'मैं सबसे छोटी होऊं' कविता के NCERT समाधान यहाँ दिए गए हैं। यह खंड कविता के केंद्रीय भाव, जिसमें एक बच्ची का माँ के सबसे करीब रहने की इच्छा व्यक्त करना शामिल है, पर आधारित प्रश्नों के उत्तर प्रदान करता है। इसमें कविता से, कविता से आगे, अनुमान और कल्पना, तथा भाषा की बात जैसे अनुभागों के प्रश्नों को शामिल किया गया है, जो छात्रों को कविता के अर्थ, माँ-बच्चे के रिश्ते, और भाषा के प्रयोग को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • कविता में 'सबसे छोटी होऊं' की कल्पना के पीछे के कारणों को समझना।
  • माँ और बच्चे के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को कविता के संदर्भ में पहचानना।
  • कविता में वर्णित माँ द्वारा बच्चे के लिए किए जाने वाले कार्यों का विश्लेषण करना।
  • कविता से आगे के प्रश्नों के माध्यम से माँ की भूमिका और बच्चे की अपेक्षाओं को समझना।
  • अनुमान और कल्पना अनुभाग के माध्यम से रचनात्मक लेखन का अभ्यास करना।
  • भाषा की बात अनुभाग में समानार्थक और विलोम शब्दों के बीच अंतर स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • कविता का भावार्थ
  • माँ-बच्चे का रिश्ता
  • वात्सल्य
  • सुरक्षा की भावना
  • बचपन की इच्छाएँ
  • माँ के कर्तव्य
  • रचनात्मक लेखन
  • समानार्थक शब्द
  • विलोम शब्द
  • भाषा का प्रयोग
  • कल्पना शक्ति
  • कविता का विश्लेषण

Important topics

  • कविता का केंद्रीय भाव: सबसे छोटा बने रहने की इच्छा
  • माँ के वात्सल्य और सुरक्षा का महत्व
  • बच्चे की माँ पर निर्भरता
  • कविता में प्रयुक्त भाषा और अलंकार
  • माँ द्वारा बच्चे के लिए किए जाने वाले कार्य
  • अनुमान और कल्पना पर आधारित प्रश्नोत्तर
  • समानार्थक और विलोम शब्दों का अंतर

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Questions and Solutions

कविता से : प्रश्न 1

कविता में सबसे छोटे होने की कल्पना क्यों की गई है?
Solution: कविता में सबसे छोटे होने की कल्पना इसलिए की गई है क्योंकि बच्ची माँ के सबसे करीब रहना चाहती है। वह चाहती है कि वह हमेशा माँ के आँचल में छिपकर सुरक्षित महसूस करे, माँ उसे गोद में बिठाए, लोरी सुनाए और दुनिया की चिंताओं और परेशानियों से दूर रहे। छोटा होने पर उसे माँ का पूरा स्नेह और ध्यान मिलता है, जिसकी वह अभिलाषी है।

कविता से : प्रश्न 2

कविता में 'ऐसी बड़ी न होऊँ मैं ' क्यों कहा गया है? क्या तुम भी हमेशा छोटे बने रहना पसंद करोगे?
Solution: कविता में 'ऐसी बड़ी न होऊँ मैं' इसलिए कहा गया है क्योंकि बच्ची को बड़ा होना दुनिया की कठोर वास्तविकताओं, जिम्मेदारियों और परेशानियों का सामना करना लगता है। वह माँ के वात्सल्य और सुरक्षा से दूर नहीं होना चाहती। हमेशा छोटे बने रहने की इच्छा के बारे में, यह व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। कुछ लोग बचपन की मासूमियत और माँ के स्नेह को याद करके छोटा बने रहना पसंद कर सकते हैं, जबकि अन्य लोग बड़े होकर स्वतंत्रता, ज्ञान और अनुभव प्राप्त करना चाहेंगे।

कविता से : प्रश्न 3

आशय स्पष्ट करो - हाथ पकड फिर सदा हमारे साथ नहीं फिरती दिन -रात!
Solution: इस पंक्ति का आशय यह है कि जब बच्चा बड़ा हो जाता है, तो माँ उसे हर समय हाथ पकड़कर नहीं घुमाती और न ही उसके साथ दिन-रात रहती है। बड़े होने पर बच्चे अपनी दुनिया में व्यस्त हो जाते हैं और माँ की प्रत्यक्ष देखरेख कम हो जाती है। यह पंक्ति माँ और बच्चे के बीच की उस घनिष्ठता को दर्शाती है जो बचपन में होती है और बड़े होने पर कम हो जाती है।

कविता से : प्रश्न 4

अपने छुटपन में बच्चे अपनी माँ के बहुत करीब होते हैं। इस कविता में नज़दीकी की कौन - कौन सी स्थितियाँ बताई गई हैं?
Solution: अपने छुटपन में बच्चे अपनी माँ के बहुत करीब होते हैं। इस कविता में माँ के साथ नज़दीकी की कई स्थितियाँ बताई गई हैं, जैसे: माँ का आँचल, माँ का हाथ पकड़कर घूमना, माँ का बच्चे को गोद में बिठाना, माँ का बच्चे को लोरी सुनाना, और माँ का बच्चे को दुनिया की हर चीज़ से बचाकर रखना। ये सभी स्थितियाँ माँ के वात्सल्य और बच्चे की उस पर निर्भरता को दर्शाती हैं।

कविता से आगे : प्रश्न 1

तुम्हारी माँ तुम लोगों के लिए क्या - क्या काम करती है?
Solution: मेरी माँ मेरे लिए बहुत सारे काम करती है। वह मेरे लिए सुबह उठकर नाश्ता और खाना बनाती है, मुझे स्कूल के लिए तैयार करती है, मेरे कपड़े धोती है, घर की सफाई करती है, और मुझे पढ़ाई में मदद करती है। जब मैं बीमार होता हूँ तो मेरी देखभाल करती है और मुझे कहानियाँ सुनाती है। वह मेरी हर ज़रूरत का ध्यान रखती है और मुझे प्यार करती है।

कविता से आगे : प्रश्न 2

यह क्यों कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है?
Solution: यह कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है, क्योंकि बड़ा होने पर बच्चा माँ के वात्सल्य और सुरक्षा से दूर हो जाता है। माँ बच्चे को दुनिया की जिम्मेदारियों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार करती है, जो बच्चे की कोमल भावनाओं के लिए एक प्रकार का 'छल' या धोखा लग सकता है। बच्चा माँ की प्रत्यक्ष देखरेख और लाड़-प्यार से वंचित हो जाता है, जो उसे बचपन में मिलता था।

कविता से आगे : प्रश्न 3

उन क्रियाओं को गिनाओ जो इस कविता में माँ अपनी छोटी बच्ची या बच्चे के लिए करती है।
Solution: इस कविता में माँ अपनी छोटी बच्ची या बच्चे के लिए निम्नलिखित क्रियाएँ करती है:
  1. बच्चे का हाथ पकड़कर उसे घुमाना।
  2. बच्चे को गोद में बिठाना।
  3. बच्चे को लोरी सुनाना।
  4. बच्चे को चंद्रोदय दिखाना।
  5. बच्चे को दुनिया की हर चीज़ से बचाकर रखना।
  6. बच्चे को अपने आँचल में छिपाना।
ये सभी क्रियाएँ माँ के वात्सल्य और बच्चे के प्रति उसके गहरे प्रेम को दर्शाती हैं।

अनुमान और कल्पना : प्रश्न 1

इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने कि बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और होनी कक्षा में बताओ।
Solution: कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखाने की बात इसलिए कह रहा है क्योंकि वह अपनी छोटी अवस्था की यादों को ताज़ा करना चाहती है। बचपन में माँ उसे चाँद दिखाकर खुश करती थी और दुनिया की हर चीज़ से परिचित कराती थी। चाँद के उदित होने की कल्पना करते हुए, हम देख सकते हैं कि रात के अंधेरे में धीरे-धीरे एक गोल, चमकदार चाँद आसमान में निकलता है, जो अपनी शीतल रोशनी से पूरी धरती को प्रकाशित कर देता है। यह दृश्य मन को शांति और आनंद देता है।

अनुमान और कल्पना : प्रश्न 2

इस कविता को पढ़ने के बाद एक बच्ची और उसकी माँ का चित्र तुम्हारे मन में उभरता है | वह बच्ची और क्या - क्या कहती होगी? क्या - क्या करती होगी? कल्पना करके एक कहानी बनाओ।
Solution: इस कविता को पढ़ने के बाद मेरे मन में एक प्यारी सी बच्ची और उसकी ममतामयी माँ का चित्र उभरता है। वह बच्ची शायद अपनी माँ से कहती होगी, "माँ, मुझे हमेशा अपनी गोद में बिठाओ, मुझे कहानियाँ सुनाओ, और मुझे दुनिया की बुरी नज़रों से बचाओ।" वह शायद अपनी माँ के आँचल में छिपकर खेलती होगी, माँ के साथ इठलाती होगी और माँ के हर काम में छोटी-छोटी मदद करने की कोशिश करती होगी। **कहानी:** एक छोटी सी बच्ची थी, जिसका नाम था चिंकी। चिंकी को अपनी माँ से बहुत प्यार था। वह हमेशा अपनी माँ के पास रहना चाहती थी। एक दिन चिंकी ने अपनी माँ से कहा, "माँ, मैं कभी बड़ी नहीं होना चाहती।" माँ ने पूछा, "क्यों बेटा?" चिंकी बोली, "क्योंकि जब मैं छोटी थी, तुम मुझे हमेशा गोद में बिठाती थी, मेरा हाथ पकड़कर घुमाती थी और मुझे लोरी सुनाती थी। अब मैं बड़ी हो गई हूँ, तो तुम मुझे उतना प्यार नहीं करतीं।" माँ ने चिंकी को गले लगाया और कहा, "बेटा, तुम बड़ी होकर भी मेरी प्यारी बच्ची ही रहोगी, बस तुम्हें दुनिया की जिम्मेदारियाँ सीखनी होंगी।" चिंकी ने माँ की बात सुनी और सोचा कि वह बड़ी होकर भी माँ का हाथ नहीं छोड़ेगी और माँ की मदद करेगी।

अनुमान और कल्पना : प्रश्न 3

माँ होना एक दिन कैसे गुज़ारती है? कुछ मौकों पर उसकी दिनचर्या बदल जाया करती है जैसे - मेहमानों के आ जाने पर, घर में किसी के बीमार पद जाने पर या त्योहार के दिन। इन अवसरों पर माँ की दिनचर्या पर क्या फर्क पड़ता है? सोचो और लिखो |
Solution: माँ की दिनचर्या सामान्य दिनों में घर के कामों, बच्चों की देखभाल और परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने में बीतती है। लेकिन कुछ खास मौकों पर उसकी दिनचर्या काफी बदल जाती है: * **मेहमानों के आ जाने पर:** माँ की दिनचर्या व्यस्त हो जाती है। वह घर की साफ-सफाई पर ज़्यादा ध्यान देती है, स्वादिष्ट भोजन बनाती है, और मेहमानों के आराम का खास ख्याल रखती है। इस दौरान उसे अपने अन्य कामों को भी जल्दी निपटाना पड़ता है या स्थगित करना पड़ता है। * **घर में किसी के बीमार पड़ जाने पर:** माँ की दिनचर्या पूरी तरह से बीमार व्यक्ति की देखभाल पर केंद्रित हो जाती है। वह डॉक्टर के पास ले जाती है, दवाइयाँ देती है, आराम कराती है, और उसकी हर ज़रूरत का ध्यान रखती है। इस दौरान वह खुद के आराम और खाने-पीने का भी कम ध्यान रख पाती है। * **त्योहार के दिन:** त्योहारों पर माँ की दिनचर्या और भी व्यस्त हो जाती है। वह विशेष पकवान बनाती है, घर को सजाती है, नए कपड़े तैयार करती है, और पूजा-पाठ की तैयारी करती है। इस दौरान वह परिवार के साथ मिलकर खुशियाँ मनाती है, लेकिन काम का बोझ बढ़ जाता है। इन सभी अवसरों पर माँ की दिनचर्या में बदलाव आता है, लेकिन उसका मुख्य उद्देश्य परिवार की खुशी और देखभाल ही रहता है।

भाषा की बात : प्रश्न 1

नीचे दिए गए शब्दों में अंतर बताओ, उनमें क्या फर्क है?

स्रेह - प्रेम

ग्रह - गृह

शांति - सन्नाटा

निधन - निर्धन

धूल - राख़

समान - सामान

Solution: इन शब्दों के बीच अंतर इस प्रकार है: * **स्नेह - प्रेम:** 'स्नेह' एक गहरा, वात्सल्यपूर्ण और कोमल लगाव है, जो अक्सर परिवार के सदस्यों या करीबी लोगों के प्रति होता है। 'प्रेम' एक व्यापक शब्द है जो किसी भी प्रकार के गहरे लगाव या आकर्षण को दर्शाता है, जैसे ईश्वर प्रेम, देश प्रेम, या किसी व्यक्ति के प्रति रोमांटिक प्रेम। स्नेह, प्रेम का ही एक रूप है, जो अधिक कोमल और आत्मीय होता है। * **ग्रह - गृह:** 'ग्रह' का अर्थ है खगोलीय पिंड (जैसे पृथ्वी, मंगल)। 'गृह' का अर्थ है घर या मकान। * **शांति - सन्नाटा:** 'शांति' का अर्थ है मन की स्थिरता, सुकून या अमन-चैन। 'सन्नाटा' का अर्थ है पूर्ण खामोशी, जहाँ कोई आवाज़ न हो। शांति मानसिक अवस्था है, जबकि सन्नाटा बाहरी वातावरण की स्थिति है। * **निधन - निर्धन:** 'निधन' का अर्थ है मृत्यु या देहांत। 'निधन' का अर्थ है गरीब या कंगाल। * **धूल - राख़:** 'धूल' मिट्टी के बहुत महीन कण होते हैं जो हवा में उड़ते हैं या सतह पर जमे होते हैं। 'राख़' जलने के बाद बचा हुआ अवशेष होता है, जो अक्सर भूरे या काले रंग का होता है। * **समान - सामान:** 'समान' का अर्थ है बराबर या एक जैसा। 'सामान' का अर्थ है वस्तुएँ, चीज़ें या माल।

भाषा की बात : प्रश्न 2

कविता में 'दिन - रात ' शब्द आया है | दिन रात का विलोम है | तुम ऐसे चार शब्दों के जोड़े सोचकर लिखो जो विलोम शब्दों से मिलकर बने हों। जोड़ो के अर्थ को समझने के लिए वाक्य भी बनाओ।
Solution: कविता में 'दिन - रात' एक विलोम शब्द जोड़ा है। ऐसे ही चार विलोम शब्दों के जोड़े और उनके वाक्य इस प्रकार हैं: 1. **ऊँच-नीच:** जीवन में हमेशा ऊँच-नीच आती रहती है, हमें धैर्य रखना चाहिए। (ऊँच का विलोम नीच) 2. **सुख-दुःख:** सुख और दुःख जीवन के दो पहलू हैं, दोनों का सामना करना पड़ता है। (सुख का विलोम दुःख) 3. **अच्छा-बुरा:** हमें अच्छे और बुरे लोगों की पहचान करनी सीखनी चाहिए। (अच्छा का विलोम बुरा) 4. **अपना-पराया:** हमें सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, किसी को पराया नहीं समझना चाहिए। (अपना का विलोम पराया)

Common mistakes

  • माँ के कार्यों को केवल भौतिक सहायता तक सीमित समझना।
  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थों को समझने में कठिनाई।
  • विलोम शब्दों के जोड़े बनाते समय अर्थ की भिन्नता को अनदेखा करना।
  • रचनात्मक लेखन में कल्पना का सीमित प्रयोग।

Revision tips

  • कविता को बार-बार पढ़ें और उसके मुख्य भाव को समझने का प्रयास करें।
  • माँ और बच्चे के रिश्ते से जुड़े प्रश्नों के उत्तर लिखते समय भावनात्मक जुड़ाव पर ध्यान दें।
  • भाषा की बात अनुभाग में दिए गए शब्दों के अर्थ और प्रयोग को अच्छी तरह समझें।
  • अनुमान और कल्पना वाले प्रश्नों के उत्तर अपनी कल्पना शक्ति का प्रयोग करके लिखें।

Practice MCQs

Q1. कविता में बच्ची सबसे छोटी क्यों बने रहना चाहती है?

Q2. कविता में माँ के कौन-कौन से कार्य बताए गए हैं?

Q3. 'आँचल में छिप जाऊँ' का क्या अर्थ है?

Q4. कविता में 'सन्नाटा' शब्द का क्या अर्थ है?

Q5. बच्ची माँ से चंद्रोदय दिखाने की बात क्यों कहती है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 हिंदी के लिए 'मैं सबसे छोटी होऊं' कविता का मुख्य विषय क्या है?

इस कविता का मुख्य विषय एक छोटी बच्ची की यह इच्छा है कि वह हमेशा सबसे छोटी बनी रहे ताकि वह अपनी माँ के आँचल में छिपकर सुरक्षित और लाड़-प्यार महसूस कर सके, और दुनिया की बड़ी जिम्मेदारियों से बची रहे।

कविता में माँ और बच्चे के रिश्ते को कैसे दर्शाया गया है?

कविता में माँ और बच्चे के रिश्ते को अत्यंत वात्सल्यपूर्ण और सुरक्षात्मक दिखाया गया है। माँ बच्चे का हाथ पकड़कर घुमाती है, लोरी सुनाती है, और बच्चे को दुनिया की हर चीज़ से बचाकर रखती है, जिससे बच्चा माँ के करीब महसूस करता है।

क्या 'मैं सबसे छोटी होऊं' कविता के समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं?

हाँ, ये समाधान कविता के भावार्थ, महत्वपूर्ण पंक्तियों के आशय, और विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

भाषा की बात अनुभाग में किन व्याकरणिक बिंदुओं पर ध्यान दिया गया है?

भाषा की बात अनुभाग में समानार्थक शब्दों (जैसे स्नेह-प्रेम, ग्रह-गृह) के बीच सूक्ष्म अंतर और विलोम शब्दों के जोड़ों (जैसे दिन-रात) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही उनके वाक्यों में प्रयोग को भी समझाया गया है।

अनुमान और कल्पना अनुभाग के प्रश्न छात्रों की किस क्षमता का विकास करते हैं?

यह अनुभाग छात्रों की कल्पना शक्ति, रचनात्मकता और तार्किक सोच को विकसित करता है, जिससे वे कहानी लिखने, चित्र बनाने और विभिन्न परिस्थितियों में माँ की दिनचर्या का अनुमान लगाने जैसे कार्य कर पाते हैं।

इस कविता में 'छलना' शब्द का प्रयोग क्यों किया गया है?

कविता में 'छलना' शब्द का प्रयोग उस संदर्भ में किया गया है जहाँ माँ बच्चे को बड़ा करके दुनिया की कठोर वास्तविकताओं और जिम्मेदारियों से परिचित कराती है, जो बच्चे की कोमल भावनाओं के लिए एक प्रकार का 'छल' या धोखा लग सकता है।

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