CBSE Class 4 Hindi Chapter 13: Hudhud NCERT Solutions

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This section provides comprehensive NCERT Solutions for Class 4 Hindi, Chapter 13, titled 'Hudhud'. It delves into understanding the characteristics of the Hudhud bird, exploring its various names like 'Hajamin' and 'Padubaya', and explaining the reasons behind these names based on its physical features and habits. The solutions also detail the Hudhud's diet and how its unique beak is used for foraging and other purposes. Furthermore, students will learn to identify birds by their physical attributes, such as plumage, beak, and crest, and will be encouraged to create lists of local birds and their names in different languages. The chapter also includes a creative exercise where students can rewrite a story about King Solomon and the Hudhud in a conversational format, promoting imaginative storytelling and dramatic presentation. These solutions are designed to enhance comprehension, observation skills, and language proficiency among young learners, making them an excellent resource for exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. हुदहुद

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 4 Hindi, Chapter 13, 'Hudhud', focuses on understanding the Hudhud bird. It covers its local names and the reasons behind them, its diet and beak usage, and methods for identifying birds like the Hudhud, crow, and pigeon. The chapter also encourages students to list local birds and explore their names in different dialects. A creative writing and role-playing activity based on a story involving King Solomon and the Hudhud is also included, fostering language and imaginative skills.

Learning outcomes

  • Understand the reasons behind the various names of the Hudhud bird.
  • Identify the physical characteristics of the Hudhud and other birds.
  • Describe the diet and foraging habits of the Hudhud based on its beak.
  • List common birds found in the local environment.
  • Explore and compare bird names in different languages.
  • Engage in creative writing by rewriting a story in dialogue format.

Topics covered

Paper topics

  • Hudhud bird characteristics
  • Bird names and local dialects
  • Bird identification techniques
  • Beak function and diet
  • Storytelling and dialogue writing
  • Observation skills
  • Vocabulary related to birds

Important topics

  • Hudhud bird identification
  • Reasons for bird names
  • Beak usage for foraging
  • Listing local birds
  • Creative writing based on stories

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Questions and Solutions

तुम्हारी समझ (क)

हुदहुद को कहीं 'हजामिन' चिड़िया और कहीं 'पदुबया' के नाम से पुकारते हैं| क्यों?
Solution: हुदहुद को 'हजामिन' चिड़िया इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी चोंच नाखून काटने के लिए इस्तेमाल होने वाली 'नहरनी' (एक प्रकार का औजार) से मिलती-जुलती है। इसे 'पदुबया' इसलिए भी कहते हैं क्योंकि यह दूब (घास) में भी अपने भोजन के लिए कीड़े ढूंढ लेती है।

तुम्हारी समझ (ख)

हुदहुद की चोंच पतली, लंबी और तीखी होती है| इस बात को ध्यान में रखकर बताओ कि-

वे कैसा भोजन खाते होंगे?

चोंच से वे क्या-क्या ले सकते हैं?

Solution: हुदहुद की पतली, लंबी और तीखी चोंच को ध्यान में रखते हुए, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वे मुख्य रूप से छोटे कीड़े-मकोड़े खाते होंगे। इस चोंच की मदद से वे जमीन में या दरारों में छिपे कीड़ों को आसानी से खोदकर निकाल सकते हैं। वे घास में छिपे कीड़ों को भी ढूंढ लेते होंगे। इसके अतिरिक्त, लड़ाई के समय वे अपनी चोंच को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने रहने के लिए घोंसला (कोसा) बनाने में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

मैंने जाना

पाठ में ऐसे शब्दों की सूची बनाओ जो पक्षियों के लिए इस्तेमाल होते हैं |

पाठ पढ़ने के बाद अपनी कॉपी में एक तालिका तैयार करों और उस तालिका में मालूम की गई जानकारी लिखो |

Solution: पाठ में पक्षियों के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द हैं: गिद्ध, हुदहुद, पंख (पर), चोंच, दुम, कलगी, चोटी, अंडे, घोंसला।

तालिका इस प्रकार तैयार की जा सकती है:

जानती थी पढ़कर मालूम हुआ जानना चाहती हूँ कैसे/कहाँ से पता लगाऊँगी
गिद्ध हुदहुद हुदहुद की कलगी किस पक्षी की होती है? अध्यापिका से पूछकर और पुस्तकालय से पता लगाऊँगी।
पंख (पर) चोंच कलगी किस पक्षी की होती है? पक्षी-संग्रहालय से एवं पुस्तकालय से।
दुम दुम दुम कैसी होती है? उपर्युक्त तरीके से।
चोटी अंडे अंडे कैसे-कैसे होते हैं। उपर्युक्त तरीके से।
घोंसला घोंसला घोंसला कैसे बनता है। उपर्युक्त तरीके से।

पहचानें कैसे (क)

अगर तुम्हें हुदहुद को पहचानने में किसी की मदद करनी है तो तुम उसे कौन-सी बातें बताओगे? चार-पाँच वाक्यों से लिखो |
Solution: हुदहुद को पहचानने के लिए आप बता सकते हैं कि इसका पूरा शरीर बहुत रंग-बिरंगा और चटकीला होता है। इसके पंखों पर काले और मोटी सफेद रंग की धारियाँ होती हैं। इसके सिर पर एक बादामी रंग की कलगी होती है जिसके सिरे काले और सफेद होते हैं। इसकी पूंछ (दुम) का बीच का हिस्सा सफेद और बाहरी हिस्सा काले रंग का होता है। इसकी चोंच पतली, लंबी और नुकीली होती है।

पहचानें कैसे (ख)

अब कौवे या कबूतर को पहचानने के लिए चार-पाँच बिंदु लिखो | यह जनाने के लिए तुम्हें इन पक्षियों को कुछ समय तक बहुत गौर से देखना होगा।
Solution:

कौवे की पहचान:

  1. कौवा पूरी तरह से काले रंग का होता है।
  2. यह कोयल पक्षी से आकार में थोड़ा बड़ा होता है।
  3. जब यह बोलता है तो 'कॉव-कॉव' जैसी आवाज निकालता है।
  4. इसकी चोंच भी काले रंग की और लंबी होती है।

कबूतर की पहचान:

  1. कबूतर आमतौर पर स्लेटी या सफेद रंग का होता है, लेकिन कुछ प्रजातियाँ भूरे या काले रंग की भी हो सकती हैं।
  2. इसकी गर्दन पर अक्सर एक चमकदार, इंद्रधनुषी रंग का प्रभामंडल होता है।
  3. यह 'गुटर गूं' जैसी आवाज निकालता है।
  4. इसकी चोंच छोटी और पतली होती है।
  5. यह अक्सर झुंड में उड़ते हुए या जमीन पर दाना चुगते हुए दिखाई देते हैं।

तरह-तरह की नाम

तुम्हारे आसपास कौन - कौन से पक्षी पाए जाते हैं, उनके नामों की सूची बनाओ| तुम्हारे और तुम्हारे दोस्तों के घर की भाषा में क्या कहते हैं? जिन पक्षियो के नाम तुम्हें नहीं पता है, उनके नाम तुम्हें पता करने होंगे|
Solution:

मेरे आसपास पाए जाने वाले कुछ पक्षी हैं:

  1. कौवा
  2. कबूतर
  3. गौरैया
  4. कोयल
  5. तोता
  6. बगुला
  7. चील
  8. मैना

मेरे घर की भाषा में इन्हें यही नाम पुकारते हैं। दोस्तों के घर की भाषा में भी इन पक्षियों के नाम लगभग समान ही हैं, जैसे 'कौवा' को कहीं-कहीं 'काग' भी कहते हैं। जिन पक्षियों के नाम मुझे नहीं पता, उनके नाम मैं अपने बड़ों से पूछकर या किताबों से पढ़कर पता करूँगा/करूँगी।

बातचीत

तुमने हुदहुद से जुड़ी एक कहानी पढ़ी है। उस कहानी को बातचीत के रूप में लिखो। नीचे हमने इस बातचीत को तुम्हारे लिए शुरू कर दिया है-

शाह सुलेमान - अरे भाई गिद्ध! जरा मेरी बात तो सुनो |

गिद्ध (उड़ते-उड़ते) – कहिए, मगर जरा जल्दी से|

शाह सुलेमान - .....

गिद्ध - .....

तुम अपने दोस्तों के साथ बातचीत को कक्षा में नाटक के रूप में प्रस्तुत कर सकते हो |

Solution:

शाह सुलेमान: अरे भाई गिद्ध! जरा मेरी बात तो सुनो।

गिद्ध (उड़ते-उड़ते): कहिए, मगर जरा जल्दी से, मुझे बहुत काम है।

शाह सुलेमान: मुझे बहुत गर्मी लग रही है। क्या तुम अपने बड़े-बड़े पंखों से मेरे सिर पर थोड़ी देर के लिए छाया कर सकते हो?

गिद्ध: महाराज, हम तो छोटे पक्षी हैं। हमारे पंख इतने बड़े नहीं हैं कि उनसे आपके लिए छाया हो सके। हम आपकी मदद नहीं कर सकते। (गिद्ध उड़ते हुए आगे चले जाते हैं।)

शाह सुलेमान (परेशान होकर): हाय! अब क्या करूँ?

(तभी हुदहुद का मुखिया उड़ता हुआ आता है।)

शाह सुलेमान: अरे भाई हुदहुद! जरा इधर तो आओ।

मुखिया हुदहुद (उड़ता हुआ पास आकर): कहिए, महाराज! क्या बात है? आप इतने परेशान क्यों लग रहे हैं?

शाह सुलेमान: इस तपती हुई धूप में मेरा बुरा हाल हो रहा है। क्या तुम मेरी कुछ मदद कर सकते हो?

मुखिया हुदहुद: जी महाराज, बिल्कुल। आप चिंता न करें। मैं अपने साथियों को बुलाता हूँ और हम सब मिलकर आपकी मदद करेंगे। आप थोड़ी देर इंतजार कीजिए।

(थोड़ी देर में, बहुत सारे हुदहुद एक साथ आकाश में उड़ते हुए आते हैं और अपने पंखों को फैलाकर बादशाह सुलेमान के सिर पर घनी छाया कर देते हैं।)

शाह सुलेमान (खुश होकर): वाह! तुम सब ने तो कमाल कर दिया। तुम्हारी वजह से मुझे इस तेज धूप से राहत मिली।

मुखिया हुदहुद: यह तो हमारा फर्ज था, महाराज। आपकी सेवा करना हमारा सौभाग्य है।

Common mistakes

  • Confusing bird names or their characteristics.
  • Incomplete observation of bird features for identification.
  • Difficulty in understanding the connection between beak shape and diet.
  • Not exploring local bird names in different dialects.

Revision tips

  • Focus on the unique features of the Hudhud bird for identification.
  • Practice describing other birds like crows and pigeons using specific points.
  • Create your own list of local birds and try to learn their names in different languages.
  • Re-read the story of King Solomon and the Hudhud and practice writing it as a conversation.
  • Use the provided table format to organize information about birds you learn.

Practice MCQs

Q1. हुदहुद को 'हजामिन' चिड़िया क्यों कहा जाता है?

Q2. हुदहुद की चोंच किस प्रकार की होती है?

Q3. हुदहुद की कलगी का रंग कैसा होता है?

Q4. कौवे की आवाज कैसी होती है?

Q5. शाह सुलेमान ने हुदहुद से क्या मदद माँगी?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान कक्षा 4 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 13 'हुदहुद' पर केंद्रित हैं।

पाठ 'हुदहुद' में पक्षियों की पहचान कैसे बताई गई है?

पाठ में हुदहुद, कौवे और कबूतर जैसे पक्षियों की पहचान उनके रंग, पंखों की धारियों, कलगी, चोंच, दुम और आवाज जैसी विशेषताओं के आधार पर बताई गई है।

हुदहुद को 'पदुबया' क्यों कहते हैं?

हुदहुद को 'पदुबया' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह दूब (घास) में से भी कीड़े ढूंढकर खा लेती है।

क्या इन समाधानों में रचनात्मक लेखन का अभ्यास शामिल है?

हाँ, इन समाधानों में शाह सुलेमान और हुदहुद से जुड़ी कहानी को बातचीत के रूप में लिखने का अभ्यास शामिल है, जिसे कक्षा में नाटक के रूप में भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेंगे?

ये समाधान छात्रों को पाठ को बेहतर ढंग से समझने, पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने, उनकी पहचान करने और रचनात्मक लेखन कौशल विकसित करने में मदद करेंगे।

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