कक्षा 12 राजनीति विज्ञान: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 4, 'सत्ता के वैकल्पिक केंद्र' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय शीत युद्ध के बाद उभरे नए शक्ति केंद्रों की पड़ताल करता है, जिसमें यूरोपीय संघ (EU), आसियान (ASEAN) और चीन जैसे प्रमुख खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में इन वैकल्पिक शक्ति केंद्रों की स्थापना के उद्देश्य, उनकी कार्यशैली (जैसे आसियान शैली), और उनके द्वारा अपनाई गई रणनीतियाँ (जैसे चीन की 'खुले द्वार' की नीति) शामिल हैं। यह भी समझाया गया है कि कैसे भौगोलिक निकटता क्षेत्रीय संगठनों के गठन को प्रभावित करती है और इन संगठनों की वैश्विक राजनीति में क्या भूमिका है। ये समाधान छात्रों को समकालीन विश्व में शक्ति संतुलन की जटिलताओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | समकालीन विश्व राजनीति |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. सत्ता के वैकल्पिक केंद्र |
Chapter summary
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 4 'सत्ता के वैकल्पिक केंद्र' के ये NCERT समाधान, शीत युद्ध के बाद विश्व राजनीति में उभरे नए शक्ति समूहों पर केंद्रित हैं। इसमें यूरोपीय संघ (EU) और आसियान (ASEAN) जैसे क्षेत्रीय संगठनों की स्थापना, उनके उद्देश्य, और उनकी कार्यप्रणाली का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, चीन की 'खुले द्वार' की नीति और उसके आर्थिक विकास के प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया है। समाधान भौगोलिक निकटता के महत्व और वैकल्पिक शक्ति केंद्रों के उदय से वैश्विक शक्ति संतुलन पर पड़ने वाले असर को स्पष्ट करते हैं।
Learning outcomes
- वैकल्पिक शक्ति केंद्रों के उदय के कारणों को समझना।
- यूरोपीय संघ और आसियान जैसे क्षेत्रीय संगठनों की स्थापना और उद्देश्यों का विश्लेषण करना।
- चीन की 'खुले द्वार' की नीति और उसके वैश्विक प्रभाव को पहचानना।
- भौगोलिक निकटता के क्षेत्रीय संगठनों के गठन पर प्रभाव का मूल्यांकन करना।
- समकालीन विश्व राजनीति में शक्ति संतुलन की गतिशीलता को समझना।
Topics covered
Paper topics
- सत्ता के वैकल्पिक केंद्र
- यूरोपीय संघ (EU)
- आसियान (ASEAN)
- आसियान शैली
- चीन की 'खुले द्वार' की नीति
- क्षेत्रीय संगठनों की स्थापना के उद्देश्य
- भौगोलिक निकटता का प्रभाव
- वैश्विक शक्ति संतुलन
- आसियान सुरक्षा समुदाय
- मार्शल योजना
- यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सहयोग
Important topics
- यूरोपीय संघ (EU) का गठन और उद्देश्य
- आसियान (ASEAN) की स्थापना, शैली और उद्देश्य
- चीन की 'खुले द्वार' की नीति और उसका प्रभाव
- वैकल्पिक शक्ति केंद्रों का वैश्विक राजनीति में महत्व
- क्षेत्रीय संगठनों के गठन में भौगोलिक निकटता की भूमिका
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) विश्व व्यापार संगठन में चीन का प्रवेश
- (ख) यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना
- (ग) यूरोपीय संघ की स्थापना
- (घ) आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना
इन घटनाओं को उनकी अनुमानित तिथियों के अनुसार क्रमबद्ध किया गया है:
- यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना: 1957 (रोम की संधि के माध्यम से)।
- यूरोपीय संघ (EU) की स्थापना: 1993 (मास्ट्रिच संधि के लागू होने पर, EEC का विस्तार)।
- आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना: 1994।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चीन का प्रवेश: 2001।
अतः, सही कालानुक्रमिक क्रम है: (ख) यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना, (ग) यूरोपीय संघ की स्थापना, (घ) आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना, (क) विश्व व्यापार संगठन में चीन का प्रवेश।
प्रश्न 2
- (क) आसियान वेफ सदस्य देशों की जीवन शैली है
- (ख) आसियान सदस्यों के अनौपचारिक और सहयोगपूर्ण कामकाज की शैली को कहा जाता है।
- (ग) आसियान सदस्यों की रक्षानीति है।
- (घ) सभी आसियान सदस्य देशों को जोड़ने वाली सड़क है।
सही उत्तर है (ख) आसियान सदस्यों के अनौपचारिक और सहयोगपूर्ण कामकाज की शैली को कहा जाता है।
आसियान शैली का तात्पर्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों के बीच सहयोग, समन्वय और अनौपचारिक बातचीत पर आधारित कामकाज के तरीके से है। यह शैली सदस्य देशों के बीच आपसी सम्मान, गैर-हस्तक्षेप और आम सहमति बनाने पर जोर देती है, न कि किसी एक सदस्य पर प्रभुत्व जमाने या कठोर नियमों को लागू करने पर।
प्रश्न 3
- (क) चीन
- (ख) यूरोपीय संघ
- (ग) जापान
- (घ) अमरीका
सही उत्तर है (क) चीन।
चीन ने 1978 में देंग शियाओपिंग के नेतृत्व में 'खुले द्वार' की नीति अपनाई थी। इस नीति का उद्देश्य चीन की अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेश और व्यापार के लिए खोलना था, जिससे देश का आधुनिकीकरण हो सके और आर्थिक विकास को गति मिल सके। इस नीति के कारण चीन एक प्रमुख वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा।
प्रश्न 4
- (क) 1962 में भारत और चीन के बीच ...... और ..... को लेकर सीमावर्ती लड़ाई हुई थी।
- (ख) आसियान क्षेत्रीय मंच के कामों में ......करना शामिल है।
- (ग) चीन ने 1972 में ..... के साथ दोतरफा संबंध शुरू करके अपना एकांतवास समाप्त किया।
- (घ) ...... योजना के प्रभाव से 1948 में यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना हुई।
- (ड.) ...... आसियान का एक स्तम्भ है जो इसके सदस्य देशों की सुरक्षा के मामले देखता है।
- (क) 1962 में भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों और लद्दाख के अक्साई चिन क्षेत्र को लेकर सीमावर्ती लड़ाई हुई थी।
- (ख) आसियान क्षेत्रीय मंच के कामों में सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना शामिल है।
- (ग) चीन ने 1972 में अमेरिका के साथ दोतरफा सम्बन्ध शुरू करके अपना एकांतवास समाप्त किया।
- (घ) मार्शल योजना के प्रभाव से 1948 में यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना हुई।
- (ड) आसियान सुरक्षा समुदाय आसियान का एक स्तम्भ है जो इसके सदस्य देशों की सुरक्षा के मामले देखता है।
प्रश्न 5
क्षेत्रीय संगठनों की स्थापना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- राजनीतिक और आर्थिक शक्ति के नए केंद्र बनाना: ये संगठन अक्सर मौजूदा महाशक्तियों के प्रभुत्व को संतुलित करने या सीमित करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं।
- सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना: ये संगठन सदस्य देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
- साझा हितों की रक्षा करना: क्षेत्रीय संगठन अपने सदस्य देशों के साझा हितों, जैसे व्यापार, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने का प्रयास करते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में योगदान: कई क्षेत्रीय संगठन अपने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं।
- मानवाधिकारों को बढ़ावा देना: कुछ संगठन मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को भी अपने उद्देश्यों में शामिल करते हैं।
यूरोपीय संघ (EU) और एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (ASEAN) जैसे संगठनों का उदय इसी प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो विश्व राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 6
भौगोलिक निकटता क्षेत्रीय संगठनों के गठन में एक महत्वपूर्ण कारक है। इसके कई कारण हैं:
- समान हित और चुनौतियाँ: जो देश भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के करीब होते हैं, वे अक्सर समान सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों या हितों को साझा करते हैं। इससे उन्हें एक साथ मिलकर काम करने की प्रेरणा मिलती है।
- संचार और संपर्क में आसानी: निकटता के कारण सदस्य देशों के बीच संचार, यात्रा और माल का परिवहन आसान हो जाता है, जो सहयोग को सुगम बनाता है।
- साझा पहचान का विकास: भौगोलिक समीपता कभी-कभी एक साझा क्षेत्रीय पहचान के विकास में भी योगदान करती है, जो संगठन के सदस्यों को एकजुट करती है।
- सुरक्षा सहयोग: पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताएँ अक्सर समान होती हैं, जिससे वे मिलकर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
यूरोपीय संघ और आसियान इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन संगठनों के सदस्य देश भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के करीब स्थित हैं, जिसने उनके एकीकरण और सहयोग को बढ़ावा दिया है। यूरोपीय संघ आज दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसका राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य प्रभाव भी महत्वपूर्ण है।
Common mistakes
- क्षेत्रीय संगठनों के उद्देश्यों को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित समझना।
- आसियान शैली को केवल सदस्य देशों की जीवन शैली समझना।
- चीन की 'खुले द्वार' की नीति के ऐतिहासिक संदर्भ को अनदेखा करना।
- भौगोलिक निकटता के महत्व को कम आंकना।
Revision tips
- प्रत्येक वैकल्पिक शक्ति केंद्र (EU, ASEAN, चीन) के प्रमुख मील के पत्थर और घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें।
- आसियान शैली और यूरोपीय संघ के गठन के पीछे के मुख्य सिद्धांतों को समझें।
- चीन की 'खुले द्वार' की नीति के कारण और परिणाम पर ध्यान केंद्रित करें।
- क्षेत्रीय संगठनों के गठन में भौगोलिक निकटता की भूमिका पर विचार करें।
- इन वैकल्पिक शक्ति केंद्रों के वैश्विक राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करें।
Practice MCQs
Q1. यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
Explanation: यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना 1957 में रोम की संधि द्वारा हुई थी, जो बाद में यूरोपीय संघ का आधार बनी।
Q2. आसियान (ASEAN) शैली का क्या अर्थ है?
Explanation: आसियान शैली सदस्य देशों के बीच अनौपचारिक, सहयोगात्मक और बातचीत पर आधारित कामकाज के तरीके को संदर्भित करती है।
Q3. किस देश ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोलने के लिए 'खुले द्वार' की नीति अपनाई?
Explanation: चीन ने 1978 में देंग शियाओपिंग के नेतृत्व में 'खुले द्वार' की नीति अपनाई, जिसने विदेशी निवेश और व्यापार को बढ़ावा दिया।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा यूरोपीय संघ का एक प्रमुख उद्देश्य नहीं है?
Explanation: यूरोपीय संघ का एक मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच शांति और सहयोग बनाए रखना है, न कि सैन्य संघर्ष को बढ़ावा देना।
Q5. आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) का प्राथमिक कार्य क्या है?
Explanation: आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) मुख्य रूप से सदस्य देशों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।
Frequently asked questions
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान में 'सत्ता के वैकल्पिक केंद्र' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय शीत युद्ध के बाद विश्व राजनीति में आए बदलावों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि कैसे अमेरिका के प्रभुत्व के बावजूद, यूरोपीय संघ, आसियान और चीन जैसे नए शक्ति केंद्र उभरे और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
आसियान शैली से क्या तात्पर्य है?
आसियान शैली सदस्य देशों के बीच अनौपचारिक, सहयोगात्मक और बातचीत पर आधारित कामकाज के तरीके को संदर्भित करती है। इसमें सदस्य देशों के बीच आपसी सम्मान और गैर-हस्तक्षेप पर जोर दिया जाता है।
चीन की 'खुले द्वार' की नीति का क्या प्रभाव पड़ा?
इस नीति ने चीन को विदेशी निवेश और व्यापार के लिए खोल दिया, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि हुई और वह एक प्रमुख वैश्विक आर्थिक शक्ति बन गया।
क्षेत्रीय संगठनों के गठन में भौगोलिक निकटता कैसे भूमिका निभाती है?
भौगोलिक रूप से निकट होने वाले देश अक्सर समान सांस्कृतिक, आर्थिक या राजनीतिक हितों को साझा करते हैं, जिससे उनके लिए एक साथ आकर क्षेत्रीय संगठन बनाना आसान हो जाता है।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान अध्याय की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, और छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद करते हैं।
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