कक्षा 12 जीव विज्ञान: मानव जनन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 3, 'मानव जनन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें मानव प्रजनन की जटिल प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, जिसमें नर और मादा जनन तंत्र की संरचनाएं, युग्मक (शुक्राणु और अंडाणु) का निर्माण, निषेचन की प्रक्रिया, युग्मनज का विकास और अंततः भ्रूण का गर्भाशय में आरोपण शामिल है। समाधानों में वृषण और अंडाशय के महत्वपूर्ण कार्य, शुक्रजनक नलिका की संरचना, और मानव प्रजनन में शामिल विभिन्न हार्मोनल प्रेरणों पर प्रकाश डाला गया है। यह संसाधन छात्रों को मानव प्रजनन की अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. मानव जनन |
Chapter summary
कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 3 'मानव जनन' के लिए NCERT समाधान मानव प्रजनन की मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें नर और मादा जनन अंगों की संरचना, युग्मक जनन (स्पर्मेटोजेनेसिस और ऊजेनेसिस), निषेचन, गैस्टुलेशन, आरोपण और प्लेसेंटा के गठन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण शामिल है। ये समाधान छात्रों को मानव प्रजनन के विभिन्न चरणों को समझने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आरेखों का अभ्यास करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- मानव प्रजनन की लैंगिक प्रकृति को समझना।
- नर और मादा जनन तंत्र के नामांकित आरेखों को बनाना और समझना।
- वृषण और अंडाशय के प्रमुख कार्यों की पहचान करना।
- शुक्रजनक नलिका की संरचना और शुक्राणु निर्माण में इसकी भूमिका का वर्णन करना।
- मानव प्रजनन में शामिल विभिन्न चरणों जैसे युग्मक जनन, निषेचन और आरोपण को समझना।
Topics covered
Paper topics
- मानव जनन का परिचय
- नर जनन तंत्र
- मादा जनन तंत्र
- युग्मक जनन (शुक्रजनन एवं अण्डजनन)
- निषेचन
- युग्मनज का विकास
- आरोपण
- गर्भावस्था
- अपरा (प्लेसेंटा)
- हार्मोनल नियंत्रण
Important topics
- नर एवं मादा जनन तंत्र के नामांकित आरेख
- शुक्रजनन और अण्डजनन की प्रक्रियाएं
- निषेचन का स्थान और प्रक्रिया
- अपरा का कार्य
- वृषण और अंडाशय के कार्य
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(क) मानव **लैंगिक** उत्पत्ति वाला है। इसका अर्थ है कि मानवों में प्रजनन के लिए नर और मादा युग्मकों का संलयन आवश्यक है।
(ख) मानव **सजीवप्रजक** हैं। इसका तात्पर्य है कि वे सीधे बच्चे को जन्म देते हैं, न कि अंडे देते हैं।
(ग) मानव में **आन्तरिक** निषेचन होता है। निषेचन मादा के शरीर के अंदर होता है।
(घ) नर एवं मादा युग्मक **अगुणित** होते हैं। प्रत्येक युग्मक में गुणसूत्रों का एक सेट (n) होता है।
(ङ) युग्मनज **द्विगुणित** होता है। नर और मादा युग्मकों के संलयन से बना युग्मनज गुणसूत्रों के दो सेट (2n) रखता है।
(च) एक परिपक्व पुटक (ग्राफियन पुटिका) से अण्डाणु (ओवम) के मोचित होने की प्रक्रिया को **अण्डोत्सर्ग (ovulation)** कहते हैं।
(छ) अण्डोत्सर्ग (ओव्यूलेशन) **ल्यूटीनाइजिंग (LH)** नामक हॉर्मोन द्वारा प्रेरित (induced) होता है। यह हॉर्मोन पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है।
(ज) नर एवं स्त्री के युग्मक के संलयन (फ्यूजन) को **निषेचन** कहते हैं।
(झ) निषेचन **फैलोपियन नलिका (अंडवाहिनी) के तुम्बिका (ampulla) तथा संकीर्णपथ (isthumus) के सन्धिस्थल** में सम्पन्न होता है।
(ञ) युग्मनज विभक्त होकर **ब्लास्टोसिस्ट** की रचना करता है जो गर्भाशय में अन्तर्रोपित (implanted) होता है।
(ट) भ्रूण और गर्भाशय के बीच संवहनी सम्पर्क बनाने वाली संरचना को **अपरा (placenta)** कहते हैं।
प्रश्न 2. पुरुष जनन तन्त्र का एक नामांकित आरेख बनाएँ।
पुरुष जनन तंत्र में निम्नलिखित मुख्य अंग शामिल होते हैं:
- वृषण (Testis): अंडकोश की थैली (Scrotum) में स्थित होते हैं, शुक्राणु और टेस्टोस्टेरॉन का उत्पादन करते हैं।
- अंडकोश की थैली (Scrotum): वृषण को शरीर के तापमान से थोड़ा कम तापमान पर बनाए रखता है।
- अधिवृषण (Epididymis): वृषण के पीछे स्थित एक कुंडलित नलिका जहाँ शुक्राणु परिपक्व होते हैं और संग्रहीत होते हैं।
- शुक्रवाहिका (Vas deferens): अधिवृषण से शुक्राणु को स्खलन नलिका तक ले जाती है।
- स्खलन नलिका (Ejaculatory duct): शुक्राशय और शुक्रवाहिका से मिलकर बनती है, प्रोस्टेट ग्रंथि से गुजरती है।
- मूत्रमार्ग (Urethra): मूत्राशय से निकलकर शिश्न से होते हुए बाहर खुलता है, मूत्र और वीर्य दोनों के लिए मार्ग है।
- शिश्न (Penis): बाहरी जनन अंग, मैथुन में सहायक होता है।
- सहायक ग्रंथियाँ:
- शुक्राशय (Seminal vesicle): वीर्य का अधिकांश तरल भाग स्रावित करते हैं।
- प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate gland): एक क्षारीय द्रव स्रावित करती है जो शुक्राणुओं को पोषण और गतिशीलता प्रदान करता है।
- काउपर ग्रंथियाँ (Cowper's glands): मूत्रमार्ग में एक श्लेष्म द्रव स्रावित करती हैं।
(यहाँ एक नामांकित आरेख प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिसमें उपरोक्त सभी अंगों को दर्शाया गया हो।)
चित्र-3.1: पुरुष जनन तन्त्र का आरेखीय चित्रण।
प्रश्न 3. स्त्री जनन तन्त्र का नामांकित आरेख बनाएँ।
स्त्री जनन तंत्र में निम्नलिखित मुख्य अंग शामिल होते हैं:
- अंडाशय (Ovary): दो अंडाशय होते हैं, जो अंडाणु (ova) और मादा हॉर्मोन (एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरॉन) का उत्पादन करते हैं।
- अंडवाहिनी (Fallopian tube): अंडाशय से गर्भाशय तक अंडाणु को ले जाती है; निषेचन यहीं होता है। इसके सिरे पर कीप (funnel) जैसे झालरदार सिरे (fimbriated end) होते हैं जो अंडाणु को पकड़ते हैं।
- गर्भाशय (Uterus): एक खोखला, पेशीय अंग जहाँ निषेचित अंडाणु का आरोपण होता है और भ्रूण विकसित होता है। इसकी दीवारें एंडोमेट्रियम (आंतरिक परत), मायोमेट्रियम (पेशीय परत) और पेरीमेट्रियम (बाहरी परत) से बनी होती हैं।
- गर्भाशय ग्रीवा (Cervix): गर्भाशय का निचला, संकरा हिस्सा जो योनि में खुलता है।
- योनि (Vagina): एक पेशीय नलिका जो गर्भाशय ग्रीवा से शरीर के बाहर तक फैली होती है; मैथुन और प्रसव के दौरान महत्वपूर्ण।
(यहाँ एक नामांकित आरेख प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिसमें उपरोक्त सभी अंगों को दर्शाया गया हो।)
चित्र-3.2: स्त्री जनन तन्त्र का आरेखीय-काट दृश्य।
प्रश्न 4. वृषण तथा अण्डाशय के बारे में प्रत्येक के दो-दो प्रमुख कार्यों का वर्णन करें।
वृषण के कार्य:
- शुक्राणु उत्पादन: वृषण की शुक्रजनक नलिकाओं में जनन कोशिकाओं से शुक्रजनन (spermatogenesis) द्वारा शुक्राणुओं (sperms) का निर्माण होता है।
- हॉर्मोन उत्पादन: वृषण की अन्तराली कोशिकाओं (Leydig cells) से नर हॉर्मोन, मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरॉन (androgens) का स्राव होता है, जो द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के विकास को प्रेरित करता है।
अण्डाशय के कार्य:
- अण्डाणु उत्पादन: अण्डाशय की जनन कोशिकाओं से अण्डजनन (oogenesis) द्वारा अण्डाणुओं (ova) का निर्माण होता है।
- हॉर्मोन उत्पादन: अण्डाशय ग्राफियन पुटिका से एस्ट्रोजन हॉर्मोन स्रावित करता है, जो स्त्रियों के द्वितीयक लैंगिक लक्षणों को प्रेरित करता है। कॉर्पस ल्यूटियम से प्रोजेस्टेरॉन स्रावित होता है, जो गर्भाशय को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है और उसे बनाए रखता है।
प्रश्न 5. शुक्रजनक नलिका की संरचना का वर्णन करें।
शुक्रजनक नलिकाएँ (Seminiferous tubules) वृषण की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाइयाँ हैं। प्रत्येक वृषण अनेक पालियों (lobules) में विभाजित होता है, और प्रत्येक पाली में एक से तीन अत्यधिक कुंडलित शुक्रजनक नलिकाएँ पाई जाती हैं।
संरचनात्मक विशेषताएँ:
- दीवार: प्रत्येक शुक्रजनक नलिका एक पतली, कुंडलित नलिका होती है जिसकी दीवार कई परतों से बनी होती है।
- जनन एपिथीलियम: नलिका की भीतरी परत जनन एपिथीलियम (germinal epithelium) कहलाती है। यह बहुस्तरीय होती है और इसमें मुख्य रूप से दो प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं:
- जनन कोशिकाएँ (Germ cells): ये अगुणित (haploid) शुक्राणुओं में विभेदित होती हैं।
- सर्टोली कोशिकाएँ (Sertoli cells or nurse cells): ये जनन कोशिकाओं के बीच स्थित होती हैं और उन्हें पोषण प्रदान करती हैं, साथ ही शुक्राणुओं के निर्माण में सहायता करती हैं।
- अन्तराली कोशिकाएँ (Interstitial cells): शुक्रजनक नलिकाओं के बाहर संयोजी ऊतक में लेडिग कोशिकाएँ (Leydig's cells) नामक अन्तराली कोशिकाओं के समूह पाए जाते हैं। ये कोशिकाएँ नर हॉर्मोन (जैसे टेस्टोस्टेरॉन) का स्राव करती हैं, जो द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं।
शुक्रजनक नलिकाओं का मुख्य कार्य शुक्रजनन (spermatogenesis) द्वारा शुक्राणुओं का निर्माण करना है।
Common mistakes
- जनन तंत्र के आरेखों में लेबलिंग में त्रुटियाँ करना।
- वृषण और अंडाशय के कार्यों को भ्रमित करना।
- युग्मक जनन और निषेचन की प्रक्रियाओं के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
- हार्मोन और उनके कार्यों के बीच संबंध को गलत समझना।
Revision tips
- नर और मादा जनन तंत्र के आरेखों को बार-बार बनाकर अभ्यास करें और सभी भागों को सही ढंग से नामांकित करें।
- वृषण और अंडाशय द्वारा स्रावित विभिन्न हार्मोन और उनके कार्यों की एक तालिका बनाएँ।
- युग्मक जनन से लेकर आरोपण तक की पूरी प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से समझने का प्रयास करें।
- महत्वपूर्ण शब्दों जैसे युग्मनज, ब्लास्टोसिस्ट, अपरा आदि की परिभाषाओं को स्पष्ट करें।
Practice MCQs
Q1. मानव में निषेचन कहाँ सम्पन्न होता है?
Explanation: मानव में निषेचन फैलोपियन नलिका के तुम्बिका और संकीर्णपथ के सन्धिस्थल पर सम्पन्न होता है।
Q2. शुक्राणु निर्माण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
Explanation: नर युग्मक, शुक्राणु के निर्माण की प्रक्रिया को शुक्रजनन (spermatogenesis) कहा जाता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा हॉर्मोन अण्डोत्सर्ग को प्रेरित करता है?
Explanation: ल्यूटीनाइजिंग हॉर्मोन (LH) का स्राव अण्डोत्सर्ग (ovulation) की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।
Q4. युग्मनज (zygote) में गुणसूत्रों की संख्या होती है:
Explanation: युग्मनज नर और मादा युग्मकों के संलयन से बनता है, इसलिए यह द्विगुणित (2n) होता है।
Q5. भ्रूण और गर्भाशय के बीच संवहनी सम्पर्क बनाने वाली संरचना है:
Explanation: अपरा (placenta) वह संरचना है जो विकासशील भ्रूण और गर्भाशय की दीवार के बीच संवहनी सम्पर्क स्थापित करती है।
Frequently asked questions
मानव जनन तंत्र में निषेचन कहाँ होता है?
मानव में निषेचन फैलोपियन नलिका (अंडवाहिनी) के तुम्बिका (ampulla) और संकीर्णपथ (isthmus) के संधि स्थल पर होता है।
वृषण और अंडाशय के मुख्य कार्य क्या हैं?
वृषण शुक्राणु का निर्माण करते हैं और नर हॉर्मोन (टेस्टोस्टेरॉन) स्रावित करते हैं। अंडाशय अंडाणु का निर्माण करते हैं और मादा हॉर्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन) स्रावित करते हैं।
शुक्रजनक नलिका की संरचना का संक्षिप्त वर्णन करें।
शुक्रजनक नलिका वृषण की पालियों में पाई जाने वाली कुण्डलित नलिकाएं हैं, जिनकी भीतरी परत जनन एपिथीलियम से बनी होती है। इसमें जनन कोशिकाएं और सर्टोली कोशिकाएं होती हैं, जहाँ शुक्राणुओं का निर्माण होता है।
मानव प्रजनन में अपरा (placenta) की क्या भूमिका है?
अपरा भ्रूण और गर्भाशय की दीवार के बीच एक संवहनी सम्पर्क स्थापित करती है, जिससे भ्रूण को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं तथा अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलते हैं।
अण्डोत्सर्ग (ovulation) क्या है और यह किस हॉर्मोन द्वारा प्रेरित होता है?
अण्डोत्सर्ग वह प्रक्रिया है जिसमें परिपक्व अंडाणु ग्राफियन पुटिका से बाहर निकलता है। यह ल्यूटीनाइजिंग हॉर्मोन (LH) द्वारा प्रेरित होता है।
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