कक्षा 12 जीव विज्ञान: जीवों में जनन NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 1, 'जीवों में जनन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें जनन के महत्व, अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच अंतर, क्लोन की अवधारणा, और कायिक प्रवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से समझाया गया है, जिसमें आवश्यक वैज्ञानिक शब्दावली और अवधारणाओं पर जोर दिया गया है। ये समाधान छात्रों को जनन की विभिन्न विधियों को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के पीछे के तर्क को स्पष्ट किया गया है, जिससे छात्रों को जटिल जैविक प्रक्रियाओं को आसानी से समझने में सहायता मिलती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectजीव विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. जीवों में जनन

Chapter summary

कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 1, 'जीवों में जनन' के लिए NCERT समाधान, जनन की मूलभूत अवधारणाओं पर केंद्रित हैं। यह समाधान बताते हैं कि जीवों के लिए जनन क्यों आवश्यक है, अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच मुख्य अंतर क्या हैं, और अलैंगिक जनन से उत्पन्न संतति को क्लोन क्यों कहा जाता है। इसमें लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति के जीवित रहने के बेहतर अवसरों और कायिक प्रवर्धन की प्रक्रिया को भी समझाया गया है।

Learning outcomes

  • जीवों में जनन के महत्व को समझना।
  • अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • क्लोन की अवधारणा और अलैंगिक जनन से इसके संबंध को समझना।
  • लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति के जीवित रहने के बेहतर अवसरों के कारणों का विश्लेषण करना।
  • कायिक प्रवर्धन की प्रक्रिया और इसके उदाहरणों की व्याख्या करना।

Topics covered

Paper topics

  • जनन का महत्व
  • अलैंगिक जनन
  • लैंगिक जनन
  • क्लोन
  • विभिन्नताएँ
  • युग्मक
  • युग्मनज
  • कायिक प्रवर्धन
  • कायिक प्रवर्ध
  • आलू का कन्द
  • अदरक का प्रकन्द
  • जैव विकास

Important topics

  • अलैंगिक बनाम लैंगिक जनन
  • जनन का महत्व
  • क्लोन की अवधारणा
  • लैंगिक जनन में विभिन्नताओं का महत्व
  • कायिक प्रवर्धन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

जीवों के लिए जनन क्यों अनिवार्य है?
Solution: कोई भी जीव अमर नहीं होता है; प्रत्येक जीव की एक निश्चित जीवन अवधि होती है और अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है। प्रजातियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए जनन अनिवार्य है। जनन के माध्यम से, जीव अपनी प्रजाति के नए सदस्यों को उत्पन्न करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि मृत्यु के बावजूद प्रजाति का अस्तित्व बना रहता है। इसके अतिरिक्त, जनन से उत्पन्न होने वाली विभिन्नताएँ (variations) जीवों को बदलते पर्यावरण के अनुकूल ढलने और जीवित रहने के बेहतर अवसर प्रदान करती हैं, जो जैव विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 2

जनन की अच्छी विधि कौन-सी है और क्यों?
Solution: जीवों में सामान्यतः दो प्रकार की जनन विधियाँ पाई जाती हैं: अलैंगिक जनन (asexual reproduction) और लैंगिक जनन (sexual reproduction)। जीवों में जनन के लिए लैंगिक जनन को सामान्यतः एक बेहतर विधि माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लैंगिक जनन में विपरीत लिंग वाले दो जनक (नर और मादा) भाग लेते हैं। इन जनकों के युग्मकों (gametes) का संयुग्मन (fusion) होता है, जिससे युग्मनज (zygote) बनता है और इसी से नए जीव का विकास होता है। युग्मक निर्माण के समय होने वाले अर्द्धसूत्री विभाजन (meiosis) और युग्मनज निर्माण के दौरान आनुवंशिक सामग्री के पुनर्संयोजन के कारण संतति में विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं। ये विभिन्नताएँ न केवल संतति को अपने जनकों से भिन्न बनाती हैं, बल्कि उन्हें बदलते पर्यावरण में जीवित रहने के बेहतर अवसर भी प्रदान करती हैं और जैव विकास का आधार बनती हैं।

प्रश्न 3

अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न हुई संतति को क्लोन क्यों कहा गया है?
Solution: अलैंगिक जनन की प्रक्रिया में केवल एक ही जनक भाग लेता है और इसमें मुख्य रूप से समसूत्री विभाजन (mitosis) होता है। इस प्रकार के विभाजन से उत्पन्न संतति आनुवंशिक (genetically) और आकारिकीय (morphologically) रूप से अपने जनक के बिल्कुल समान होती है। ऐसे जीवों के समूह जो आकारिकीय और आनुवंशिक रूप से एक-दूसरे के समरूप होते हैं, उन्हें क्लोन (clone) कहा जाता है। चूँकि अलैंगिक जनन से उत्पन्न संतति अपने जनक की एक सटीक प्रतिलिपि होती है, इसलिए इसे क्लोन कहा जाता है।

प्रश्न 4

लैंगिक जनन के परिणामस्वरूप बनी संतति को जीवित रहने के अच्छे अवसर होते हैं, क्यों? क्या यह कथन हर समय सही होता है?
Solution: लैंगिक जनन में विपरीत लिंग वाले और भिन्न आनुवंशिक संगठन वाले जीवों की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया में उत्पन्न संतति अपने जनकों के या आपस में भी आनुवंशिक रूप से समरूप नहीं होती है, क्योंकि युग्मक निर्माण के समय जीन विनिमय (crossing over) और गुणसूत्रों के स्वतंत्र अपव्यूहन (independent assortment) जैसी प्रक्रियाएँ होती हैं, साथ ही युग्मकों का यादृच्छिक संलयन (random fusion) भी होता है। इन सभी के परिणामस्वरूप संतति में महत्वपूर्ण आनुवंशिक विभिन्नताएँ (variations) उत्पन्न होती हैं। ये विभिन्नताएँ जीव को बदलते पर्यावरण के प्रति अधिक अनुकूलनशील बनाती हैं, जिससे उनके जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है।

यह कथन सामान्यतः सही होता है, लेकिन यह हमेशा पूर्णतः सत्य नहीं होता। लक्षणों का चयन (अच्छा या बुरा होना) काफी हद तक पर्यावरण पर निर्भर करता है। यदि पर्यावरण स्थिर रहता है या संतति की विभिन्नताएँ उस पर्यावरण के लिए हानिकारक सिद्ध होती हैं, तो जीवित रहने के अवसर कम हो सकते हैं। फिर भी, औसतन, लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ प्रजाति को दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए अधिक सक्षम बनाती हैं।

प्रश्न 5

अलैंगिक जनन द्वारा बनी संतति लैंगिक जनन द्वारा बनी संतति से किस प्रकार भिन्न है?
Solution: अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति के बीच मुख्य भिन्नताएँ निम्नलिखित हैं:
  1. समरूपता: अलैंगिक जनन द्वारा बनी संतति अपने जनक के और आपस में भी आकारिकीय (morphologically) तथा आनुवंशिक (genetically) रूप से पूर्णतः समरूप होती है, जिन्हें क्लोन कहा जाता है। इसके विपरीत, लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति अपने जनकों से और आपस में भी समरूप नहीं होती है; उनमें आनुवंशिक विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।
  2. आनुवंशिक भिन्नताएँ: अलैंगिक जनन में आनुवंशिक पुनर्संयोजन (genetic recombination) नहीं होता, इसलिए नई विभिन्नताएँ उत्पन्न नहीं होतीं। लैंगिक जनन में जीन विनिमय (crossing over) और युग्मकों के यादृच्छिक संलयन के कारण महत्वपूर्ण आनुवंशिक विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 6

अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के मध्य विभेद स्थापित कीजिए। कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन क्यों माना गया है?
Solution: अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction):

  1. इसमें केवल एक जनक भाग लेता है।
  2. जनन इकाई के रूप में कलिका, बीजाणु, या कायिक अंग आदि हो सकते हैं।
  3. युग्मकजनन (gamete formation) और युग्मक संलयन (gamete fusion) नहीं होता है।
  4. जनन केवल समसूत्री विभाजन (mitosis) द्वारा होता है।
  5. उत्पन्न संतति आकारिकीय और आनुवंशिक रूप से जनक के समरूप (क्लोन) होती है।
  6. जैव विकास में सहायक नहीं होता क्योंकि विभिन्नताएँ उत्पन्न नहीं होतीं।

लैंगिक जनन (Sexual Reproduction):

  1. इसमें सामान्यतः दो विपरीत लिंग वाले जनक (नर और मादा) भाग लेते हैं।
  2. जनन इकाई के रूप में युग्मक (gametes) होते हैं।
  3. युग्मकजनन द्वारा युग्मक बनते हैं और उनका संलयन होता है।
  4. जनन में अर्द्धसूत्री (meiosis) और समसूत्री (mitosis) दोनों प्रकार के विभाजन होते हैं।
  5. उत्पन्न संतति आकारिकीय और आनुवंशिक रूप से जनकों से भिन्न होती है और उनमें विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।
  6. आनुवंशिक विभिन्नताओं के कारण जैव विकास में सहायक होता है।

कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन मानने का कारण:

कायिक जनन (Vegetative Propagation) में पौधे का कोई भी कायिक भाग (जैसे जड़, तना, पत्ती) एक नए पौधे को जन्म देता है। इस प्रक्रिया में दो जनकों की आवश्यकता नहीं होती, न ही युग्मक बनते हैं और न ही उनका संलयन होता है। कायिक जनन से उत्पन्न संतति आकारिकीय और आनुवंशिक रूप से अपने जनक के बिल्कुल समान होती है, ठीक उसी प्रकार जैसे अन्य प्रकार के अलैंगिक जनन में होता है। इसलिए, कायिक जनन को अलैंगिक जनन का एक प्रारूपिक (typical) रूप माना जाता है।

प्रश्न 7

कायिक प्रवर्धन से क्या समझते हैं? कोई दो उपयुक्त उदाहरण दीजिए।
Solution: कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें नए पौधे का निर्माण किसी पौधे के कायिक भागों (vegetative parts) जैसे जड़, तना या पत्ती से होता है। इन कायिक भागों से उत्पन्न होने वाली संरचनाओं को कायिक प्रवर्ध (vegetative propagules) कहते हैं।

उदाहरण:

  1. आलू (Potato): आलू एक रूपांतरित तना (कन्द - tuber) है। इसकी सतह पर छोटी-छोटी आँखें (eyes) होती हैं, जिनमें अपस्थानिक कलिकाएँ (adventitious buds) पाई जाती हैं। जब आलू को मिट्टी में बोया जाता है, तो ये कलिकाएँ विकसित होकर नए पौधे बनाती हैं।
  2. अदरक (Ginger): अदरक का भूमिगत तना प्रकन्द (rhizome) कहलाता है। प्रकन्द की पर्वसन्धियों (nodes) पर स्थित अपस्थानिक कलिकाएँ विकसित होकर नए पौधे उत्पन्न कर सकती हैं।

ये दोनों उदाहरण दर्शाते हैं कि कैसे पौधे के कायिक भागों से नए पौधे उत्पन्न होते हैं, जो अलैंगिक जनन का एक रूप है।

Common mistakes

  • अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच अंतर को ठीक से न समझना।
  • क्लोन की परिभाषा और महत्व को गलत समझना।
  • कायिक प्रवर्धन के उदाहरणों को पहचानने में कठिनाई।
  • जनन के महत्व को केवल प्रजाति की निरंतरता तक सीमित समझना।

Revision tips

  • सभी प्रश्नों के उत्तरों को ध्यान से पढ़ें और मुख्य अंतरों को नोट करें।
  • अलैंगिक और लैंगिक जनन की तुलना करते समय तालिका का उपयोग करें।
  • क्लोन और विभिन्नता (variation) की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें।
  • कायिक प्रवर्धन के उदाहरणों को याद करें और उनकी प्रक्रिया को समझें।

Practice MCQs

Q1. जीवों के लिए जनन क्यों अनिवार्य है?

Q2. अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति को क्या कहा जाता है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सी जनन विधि में विभिन्नताएँ उत्पन्न होने की संभावना अधिक होती है?

Q4. कायिक प्रवर्धन पौधों के किस भाग से हो सकता है?

Q5. लैंगिक जनन में संतति को जीवित रहने के अच्छे अवसर क्यों मिलते हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 1 का मुख्य विषय क्या है?

कक्षा 12 जीव विज्ञान के अध्याय 1 का मुख्य विषय 'जीवों में जनन' है, जिसमें जनन की विभिन्न विधियों, उनके महत्व और संबंधित अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है।

अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन में मुख्य अंतर क्या है?

अलैंगिक जनन में एकल जीव भाग लेता है और संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है (क्लोन), जबकि लैंगिक जनन में दो विपरीत लिंग वाले जनक भाग लेते हैं और संतति में आनुवंशिक विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।

क्लोन का क्या अर्थ है?

क्लोन का अर्थ है आकारिकीय (morphological) और आनुवंशिक (genetically) रूप से एक-दूसरे के पूर्णतः समान जीव। अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति को क्लोन कहा जाता है।

लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति के जीवित रहने के अवसर बेहतर क्यों होते हैं?

लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति में पाई जाने वाली आनुवंशिक विभिन्नताएँ उन्हें बदलते पर्यावरण के अनुकूल ढलने और जीवित रहने में अधिक सक्षम बनाती हैं।

कायिक प्रवर्धन क्या है और इसके उदाहरण क्या हैं?

कायिक प्रवर्धन अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें पौधों के कायिक भागों (जड़, तना, पत्ती) से नए पौधे उत्पन्न होते हैं। उदाहरण: आलू का कन्द, अदरक का प्रकन्द।

क्या लैंगिक जनन हमेशा जीवित रहने के अच्छे अवसर प्रदान करता है?

हाँ, लैंगिक जनन प्रायः अच्छे अवसर प्रदान करता है क्योंकि विभिन्नताएँ जीव को बदलते पर्यावरण में अनुकूलन में मदद करती हैं। हालांकि, पर्यावरण की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

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