CBSE Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 Surdas NCERT Solutions

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

This comprehensive set of NCERT Solutions for CBSE Class 10 Hindi (Kshitij) Chapter 1, 'Surdas', delves into the profound verses of the renowned poet. The solutions meticulously explain the nuances of the poems, focusing on the Gopis' emotions, their dialogue with Uddhav, and their unwavering devotion to Lord Krishna. Key themes explored include the Gopis' critique of Uddhav's detached philosophy, their longing for Krishna, and their understanding of true love versus detached knowledge. These solutions break down complex verses into easily understandable language, providing step-by-step explanations for each question. They are designed to help students grasp the poetic intricacies, understand the characters' perspectives, and prepare effectively for their examinations by offering clear interpretations and insights into Surdas's masterful poetry.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. सूरदास

Chapter summary

This chapter's NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Kshitij) focuses on the poetry of Surdas. It provides detailed explanations for questions related to the Gopis' interactions with Uddhav, their deep love for Krishna, and their critique of the yogic philosophy. The solutions cover themes of devotion, separation, and the nature of true love, offering clear interpretations of the verses.

Learning outcomes

  • Understand the Gopis' perspective on love and devotion.
  • Analyze the symbolic meanings in Surdas's poetry.
  • Explain the contrast between devotional love and yogic detachment.
  • Interpret the Gopis' critique of Uddhav's philosophy.
  • Identify the use of poetic devices and their effect.

Topics covered

Paper topics

  • Surdas's poetry
  • Gopis' devotion
  • Uddhav's yogic philosophy
  • Critique of detachment
  • Symbolism in poetry
  • Themes of love and separation
  • Poetic interpretation
  • Character analysis (Gopis, Uddhav, Krishna)
  • Literary devices
  • Understanding Braj Bhasha poetry

Important topics

  • Gopis' critique of Uddhav's yogic philosophy
  • The concept of 'mariyada na lahi'
  • Symbolism of the lotus leaf, oil pitcher, and Haril bird
  • Gopis' unwavering devotion to Krishna
  • The contrast between Bhakti and Gyan

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

1. गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है ?

गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है ?
Solution: गोपियाँ उद्धव को 'भाग्यवान' कहकर उन पर व्यंग्य कर रही हैं। उनके अनुसार, उद्धव वास्तव में भाग्यवान नहीं, बल्कि अत्यंत भाग्यहीन हैं। इसका कारण यह है कि वे श्री कृष्ण के सानिध्य में रहते हुए भी उनके प्रेम और स्नेह से पूरी तरह वंचित रहे। गोपियों का मानना है कि जो व्यक्ति श्री कृष्ण के प्रेम से अछूता रह जाए, वह प्रेम के सुखद अनुभव से भी अपरिचित ही रहेगा। इस प्रकार, भाग्यवान कहने का आशय यह है कि उद्धव कृष्ण के प्रेम का अनुभव न कर पाने के कारण प्रेम-सुख से विमुख हैं।

2. उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है ?

उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है ?
Solution: गोपियों ने उद्धव के व्यवहार की तुलना निम्नलिखित उदाहरणों से की है:
  1. कमल का पत्ता: जिस प्रकार कमल का पत्ता पानी में रहकर भी पानी से अछूता रहता है, उसी प्रकार उद्धव श्री कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम से अप्रभावित रहे।
  2. तेल की मटकी (गागर): जिस प्रकार तेल की मटकी को पानी में डुबोने पर भी उस पर पानी की एक बूंद भी नहीं ठहर पाती, उसी प्रकार उद्धव श्री कृष्ण के प्रेम-बंधन से सर्वथा मुक्त रहे।
  3. कड़वी ककड़ी: गोपियों ने उद्धव द्वारा उपदेशित योग को कड़वी ककड़ी के समान बताया है, जिसे निगलना अत्यंत कठिन और अरुचिकर है।
ये तुलनाएँ उद्धव की कृष्ण के प्रति अनासक्ति और उनके योग संदेश की निरर्थकता को दर्शाती हैं।

3. गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं ?

गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं ?
Solution: गोपियों ने उद्धव को कई उदाहरणों के माध्यम से उलाहने दिए हैं, जो उद्धव की कृष्ण के प्रति अनासक्ति को दर्शाते हैं:
  1. कमल के पत्ते का उदाहरण: गोपियों ने उद्धव की तुलना कमल के पत्ते से की है, जो जल में रहकर भी जल से अप्रभावित रहता है। इसी तरह, उद्धव श्री कृष्ण के सानिध्य में रहकर भी उनके प्रेम से अछूते रहे।
  2. तेल की मटकी का उदाहरण: उद्धव को तेल की मटकी के समान बताया गया है, जिस पर पानी की बूंदें टिक नहीं पातीं। यह दर्शाता है कि उद्धव श्री कृष्ण के प्रेम के प्रभाव से पूर्णतः मुक्त हैं।
  3. प्रेम रुपी नदी का उदाहरण: गोपियों ने यह भी कहा है कि उद्धव ने प्रेम की नदी (श्री कृष्ण) में कभी अपना पैर भी नहीं डुबोया, अर्थात वे प्रेम के अनुभव से सर्वथा अनभिज्ञ हैं।
इन उदाहरणों से गोपियाँ उद्धव को यह ताना देती हैं कि वे कृष्ण के इतने निकट रहकर भी उनके प्रेम को नहीं समझ पाए।

4. उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया ?

उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया ?
Solution: गोपियाँ श्री कृष्ण के मथुरा चले जाने के बाद उनके वियोग में अत्यंत दुखी थीं और उनके लौटने की प्रतीक्षा कर रही थीं। वे कृष्ण के प्रेम में डूबी हुई थीं और आशा कर रही थीं कि कृष्ण उनकी विरह-व्यथा को समझेंगे। परन्तु, कृष्ण ने उनकी पीड़ा को समझने के बजाय उद्धव को योग का संदेश लेकर भेज दिया। उद्धव ने गोपियों को कृष्ण को भूल जाने और योग-साधना करने का उपदेश दिया। यह उपदेश गोपियों के लिए अत्यंत पीड़ादायक था। पहले से ही विरह की अग्नि में जल रही गोपियों के लिए योग का यह संदेश उस अग्नि में घी डालने के समान था, जिसने उनकी विरह-वेदना को और भी बढ़ा दिया।

5. 'मरजादा न लही' के माध्यम से कौन-सी मर्यादा में न रहने की बात की जा रही है ?

'मरजादा न लही' के माध्यम से कौन-सी मर्यादा में न रहने की बात की जा रही है ?
Solution: 'मरजादा न लही' के माध्यम से गोपियाँ प्रेम की मर्यादा का उल्लंघन होने की बात कर रही हैं। गोपियाँ कृष्ण से प्रेम करती थीं और उनके मथुरा चले जाने पर वे धैर्यपूर्वक उनकी वापसी की प्रतीक्षा कर रही थीं। वे अपनी मर्यादा में रहकर इस वियोग को सहन कर रही थीं। परन्तु, कृष्ण ने प्रेम के बदले प्रेम का प्रतिदान देने की मर्यादा का पालन नहीं किया। उन्होंने गोपियों के प्रेम का उत्तर योग का संदेश भेजकर दिया और स्वयं वापस आने का वचन देकर भी नहीं आए। इस प्रकार, गोपियों के अनुसार, कृष्ण ने प्रेम की मर्यादा का उल्लंघन किया है, जिसके कारण गोपियाँ भी मर्यादा छोड़कर उद्धव से कड़वी बातें कहने पर मजबूर हो गई हैं।

6. कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?

कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?
Solution: गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपने गहरे और अटूट प्रेम को विभिन्न उदाहरणों द्वारा व्यक्त करती हैं:
  1. चींटी और गुड़ का उदाहरण: गोपियाँ स्वयं की तुलना चींटियों से करती हैं और कृष्ण की तुलना गुड़ से। जिस प्रकार चींटियाँ गुड़ से चिपकी रहती हैं और उसे छोड़ नहीं पातीं, उसी प्रकार गोपियाँ भी कृष्ण के प्रेम में पूरी तरह लीन हैं और उन्हें छोड़ना नहीं चाहतीं।
  2. हारिल की लकड़ी का उदाहरण: गोपियाँ स्वयं को हारिल पक्षी के समान बताती हैं। हारिल एक ऐसा पक्षी है जो अपने पंजों में सदैव कोई लकड़ी या तिनका पकड़े रहता है और उसे कभी नहीं छोड़ता। इसी प्रकार, गोपियों ने अपने मन, वचन और कर्म से श्री कृष्ण को दृढ़ता से थामे रखा है और उन्हें अपने से अलग नहीं करना चाहतीं।
इन उपमाओं के माध्यम से गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपने एकनिष्ठ प्रेम और समर्पण को दर्शाती हैं।

7. गोपियाँ उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है ?

गोपियाँ उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है ?
Solution: गोपियाँ उद्धव से कहती हैं कि योग की शिक्षा उन लोगों को दी जानी चाहिए जिनका मन चंचल है और जो अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण नहीं रख पाते। उनके अनुसार, ऐसे व्यक्ति जिनका मन एकाग्र नहीं होता और जो इधर-उधर भटकता रहता है, उन्हें योग-साधना के माध्यम से अपने मन को वश में करने का प्रयास करना चाहिए। गोपियों का मानना है कि वे स्वयं कृष्ण के प्रति पूर्ण रूप से एकाग्रचित्त हैं, इसलिए उन्हें योग-साधना की कोई आवश्यकता नहीं है। योग का उपदेश उनके लिए निरर्थक है।

8. प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।

प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।
Solution: प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण अत्यंत नकारात्मक है। वे योग को नीरस, व्यर्थ और अरुचिकर मानती हैं। गोपियों के अनुसार, योग कड़वी ककड़ी के समान है जिसे निगलना बहुत मुश्किल है। उन्होंने इसे एक ऐसे रोग के रूप में भी वर्णित किया है जिसे उन्होंने न पहले कभी देखा है और न ही सुना है। गोपियों का मानना है कि योग केवल उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनका मन चंचल है और इन्द्रियों पर उनका नियंत्रण नहीं है। वे स्वयं को कृष्ण के प्रति पूर्णतः समर्पित और एकाग्र मानती हैं, इसलिए योग-साधना उनके लिए अनुपयुक्त है।

9. गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए ?

गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए ?
Solution: गोपियों के अनुसार, एक राजा का परम धर्म प्रजा के प्रति न्यायपूर्ण व्यवहार करना और उनकी रक्षा करना है। राजा को चाहिए कि वह प्रजा पर हो रहे अन्याय को रोके और सदैव प्रजा के हित का ध्यान रखे। राजधर्म का पालन करते हुए राजा को प्रजा के कल्याण को सर्वोपरि रखना चाहिए।

10. गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?

गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?
Solution: गोपियों को लगता है कि श्री कृष्ण मथुरा जाकर राजनीति सीख गए हैं। वे पहले से ही चतुर थे, लेकिन अब वे और भी अधिक चतुर हो गए हैं। कृष्ण ने उद्धव को योग का संदेश देकर भेज दिया है, जो गोपियों को कृष्ण के बदले हुए व्यवहार का संकेत लगता है। उन्हें लगता है कि कृष्ण अब उनके प्रेम को भूल गए हैं और राजकाज में व्यस्त हो गए हैं। इस बदले हुए व्यवहार और कृष्ण द्वारा प्रेम की मर्यादा न रखने के कारण गोपियाँ अपना मन वापस माँग रही हैं, जिसे उन्होंने कृष्ण के प्रति अपने प्रेम में खो दिया था।

Common mistakes

  • Confusing the Gopis' sarcasm with genuine praise for Uddhav.
  • Misinterpreting the 'mariyada na lahi' line as solely about Krishna's actions.
  • Underestimating the depth of the Gopis' emotional suffering.
  • Failing to connect the examples (lotus leaf, oil pitcher) to Uddhav's character.

Revision tips

  • Read the original verses carefully to understand the context.
  • Focus on the Gopis' emotions and their arguments with Uddhav.
  • Pay attention to the examples used by the Gopis to illustrate their points.
  • Summarize the main themes of devotion and separation in your own words.

Practice MCQs

Q1. गोपियों ने उद्धव को 'भाग्यवान' कहकर किस भाव को व्यंजित किया है?

Q2. उद्धव के व्यवहार की तुलना किससे की गई है?

Q3. गोपियों के अनुसार प्रेम की क्या मर्यादा है?

Q4. हारिल पक्षी का उदाहरण गोपियों ने किसके लिए प्रयोग किया है?

Q5. योग के संदेश को गोपियों ने किसके समान बताया है?

Frequently asked questions

What is the main theme of Surdas's Chapter 1 in Class 10 Hindi?

The main theme revolves around the Gopis' profound devotion to Lord Krishna, their emotional turmoil during his absence, and their philosophical debate with Uddhav about the merits of devotional love versus detached yogic practices.

Why do the Gopis call Uddhav 'Bhagyavan' sarcastically?

The Gopis use 'Bhagyavan' (fortunate) sarcastically to imply that Uddhav is actually unfortunate because, despite being close to Krishna, he remains untouched by divine love and devotion.

What does 'mariyada na lahi' signify in the context of the poem?

It signifies the breaking of traditional norms and decorum. The Gopis feel that Krishna himself has not upheld the 'maryada' (dignity/promise) of love by sending Uddhav with yogic teachings instead of returning himself.

How do the Gopis express their unwavering love for Krishna?

They express their love through various analogies, comparing themselves to ants stuck to jaggery (Krishna) and likening their devotion to the Haril bird's inseparable bond with a piece of wood.

What is the Gopis' view on Uddhav's yogic teachings?

The Gopis find Uddhav's yogic teachings to be dry, irrelevant, and akin to a bitter gourd ('kadvi kakdi'). They believe such teachings are only suitable for those whose minds are restless and uncontrolled.

How do these NCERT Solutions help Class 10 students?

These solutions provide clear, step-by-step explanations for each question, helping students understand the complex emotions, philosophical arguments, and poetic nuances of Surdas's verses, aiding in exam preparation.

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.