कक्षा 10 विज्ञान NCERT समाधान: अध्याय 15 - हमारा पर्यावरण

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 15, 'हमारा पर्यावरण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों के बीच अंतर, पर्यावरण पर उनके प्रभाव, खाद्य श्रृंखलाओं में विभिन्न पोषी स्तरों की भूमिका, परितंत्र में अपमार्जकों के महत्व और ओजोन परत की सुरक्षात्मक क्रिया को समझाया गया है। समाधान कचरा प्रबंधन के तरीकों पर भी प्रकाश डालते हैं, जैसे कि पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग। ये समाधान छात्रों को पर्यावरण विज्ञान की प्रमुख अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका प्रदान करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter15. हमारा पर्यावरण

Chapter summary

अध्याय 15, 'हमारा पर्यावरण' के लिए NCERT समाधान, पर्यावरण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित हैं। इसमें जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों की पहचान और उनके पर्यावरणीय प्रभावों की व्याख्या की गई है। समाधान खाद्य श्रृंखलाओं और विभिन्न पोषी स्तरों की संरचना को स्पष्ट करते हैं, साथ ही परितंत्र में अपमार्जकों की आवश्यक भूमिका पर भी प्रकाश डालते हैं। ओजोन परत के महत्व और इसके संरक्षण के तरीकों के साथ-साथ कचरा प्रबंधन के व्यावहारिक उपायों का भी वर्णन किया गया है।

Learning outcomes

  • जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों के बीच अंतर को समझना।
  • पर्यावरण पर विभिन्न प्रकार के पदार्थों के प्रभावों का विश्लेषण करना।
  • खाद्य श्रृंखलाओं और पोषी स्तरों की संरचना को पहचानना।
  • परितंत्र में अपमार्जकों की भूमिका का वर्णन करना।
  • ओजोन परत के महत्व और इसके संरक्षण के तरीकों को समझना।
  • कचरा निपटान की समस्याओं को कम करने के तरीकों का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • हमारा पर्यावरण
  • जैव निम्नीकरणीय पदार्थ
  • अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ
  • पर्यावरण पर प्रभाव
  • आहार श्रृंखला
  • पोषी स्तर
  • अपमार्जक
  • परितंत्र
  • ओजोन परत
  • पराबैंगनी विकिरण
  • कचरा प्रबंधन
  • पुनर्चक्रण

Important topics

  • जैव निम्नीकरणीय बनाम अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ
  • आहार श्रृंखला और पोषी स्तर
  • अपमार्जकों की भूमिका
  • ओजोन परत का महत्व
  • कचरा निपटान के तरीके

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

क्या कारण है कि कुछ पदार्थ जैव निम्नीकरणीय होते हैं और कुछ अजैव निम्नीकरणीय?
Solution: पदार्थ की जैव निम्नीकरणीयता या अजैव निम्नीकरणीयता इस बात पर निर्भर करती है कि क्या सूक्ष्मजीव (जैसे जीवाणु और कवक) उन्हें सरल, हानिरहित पदार्थों में विघटित कर सकते हैं या नहीं।

जैव निम्नीकरणीय पदार्थ: ये वे पदार्थ होते हैं जिन्हें पर्यावरण में मौजूद सूक्ष्मजीवों द्वारा जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से सरल अकार्बनिक पदार्थों में अपघटित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पौधों और जंतुओं के अवशेष, फलों के छिलके, कागज आदि। ये पदार्थ पर्यावरण में जमा नहीं होते और प्रकृति में पुनर्चक्रित हो जाते हैं।

अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ: ये वे पदार्थ होते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीव आसानी से अपघटित नहीं कर पाते हैं। ये पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और जमा होकर प्रदूषण का कारण बनते हैं। उदाहरण के लिए, प्लास्टिक, कांच, धातुएँ, सिंथेटिक फाइबर आदि। इनका अपघटन बहुत धीमा होता है या होता ही नहीं है।

प्रश्न 2

ऐसे दो तरीके सुझाइए जिनमें जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
Solution: जैव निम्नीकरणीय पदार्थ, हालांकि अंततः विघटित हो जाते हैं, फिर भी कुछ समय के लिए पर्यावरण को प्रभावित कर सकते हैं। दो मुख्य तरीके इस प्रकार हैं:
  1. दुर्गंध और बदबू: जब जैव निम्नीकरणीय पदार्थ, जैसे कि खाद्य अपशिष्ट या मृत जीव, अपघटित हो रहे होते हैं, तो वे अक्सर दुर्गंध उत्पन्न करते हैं। यह दुर्गंध वातावरण को अप्रिय बना सकती है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए समस्याएँ पैदा कर सकती है, खासकर यदि अपघटन की प्रक्रिया नियंत्रित न हो।
  2. हानिकारक गैसों का उत्सर्जन: अपघटन की प्रक्रिया के दौरान, विशेष रूप से अवायवीय (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) अपघटन से, कुछ हानिकारक गैसें उत्पन्न हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, मीथेन (CH_4) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) जैसी ग्रीनहाउस गैसें उत्पन्न हो सकती हैं, जो जलवायु परिवर्तन में योगदान कर सकती हैं।

प्रश्न 3

ऐसे दो तरीके बताइए जिनमें अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
Solution: अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण के लिए एक गंभीर समस्या हैं क्योंकि वे आसानी से विघटित नहीं होते हैं। उनके पर्यावरण पर प्रभाव के दो मुख्य तरीके निम्नलिखित हैं:
  1. दीर्घकालिक प्रदूषण: ये पदार्थ पर्यावरण में वर्षों या सदियों तक बने रहते हैं, जिससे भूमि, जल और वायु का दीर्घकालिक प्रदूषण होता है। उदाहरण के लिए, प्लास्टिक की थैलियाँ नालियों और सीवेज सिस्टम में जमा होकर जल प्रवाह को बाधित कर सकती हैं, जिससे जलभराव और सीवेज की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
  2. पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान: अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। जानवर गलती से प्लास्टिक या अन्य कचरा खा सकते हैं, जिससे उनके पाचन तंत्र को नुकसान पहुँचता है और उनकी मृत्यु भी हो सकती है। ये पदार्थ खाद्य श्रृंखला में भी प्रवेश कर सकते हैं।

प्रश्न 1

पोषी स्तर क्या हैं? एक आहार शृंखला का उदाहरण दीजिए तथा इसमें विभिन्न पोषी स्तर बताइए।
Solution: पोषी स्तर (Trophic Level) एक पारिस्थितिकी तंत्र में जीवों के उस समूह को संदर्भित करता है जो पोषण के दृष्टिकोण से एक समान स्थान रखता है। यह आहार श्रृंखला का एक चरण होता है, जहाँ ऊर्जा एक जीव से दूसरे जीव में स्थानांतरित होती है।

आहार श्रृंखला का उदाहरण:

घास → कीड़ा → मेढ़क → साँप → गिद्ध

इस आहार श्रृंखला में विभिन्न पोषी स्तर इस प्रकार हैं:

  1. प्रथम पोषी स्तर (उत्पादक): घास। यह अपना भोजन स्वयं प्रकाश संश्लेषण द्वारा बनाती है।
  2. द्वितीय पोषी स्तर (प्राथमिक उपभोक्ता): कीड़ा। यह घास (उत्पादक) को खाता है।
  3. तृतीय पोषी स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता): मेढ़क। यह कीड़े (प्राथमिक उपभोक्ता) को खाता है।
  4. चतुर्थ पोषी स्तर (तृतीयक उपभोक्ता): साँप। यह मेढ़क (द्वितीयक उपभोक्ता) को खाता है।
  5. पंचम पोषी स्तर (चतुर्थक उपभोक्ता/सर्वोच्च उपभोक्ता): गिद्ध। यह साँप (तृतीयक उपभोक्ता) को खाता है। गिद्ध एक अपमार्जक भी है जो मृत जीवों को खाता है।

प्रश्न 2

परितंत्र में अपमार्जकों की क्या भूमिका है?
Solution: परितंत्र में अपमार्जकों (Decomposers) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपमार्जक मुख्य रूप से जीवाणु और कवक जैसे सूक्ष्मजीव होते हैं। उनकी मुख्य भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं:
  1. मृतोपजीवी का अपघटन: अपमार्जक मृत पौधों और जंतुओं के अवशेषों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में विघटित करते हैं। यह प्रक्रिया पर्यावरण को मृत जीवों के जमाव से मुक्त रखती है।
  2. पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण: अपघटन के दौरान, जटिल कार्बनिक यौगिक सरल अकार्बनिक पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, कार्बन) में बदल जाते हैं। ये पोषक तत्व मिट्टी और जल में मिल जाते हैं, जिन्हें पौधे अपनी वृद्धि के लिए अवशोषित करते हैं। इस प्रकार, अपमार्जक पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जिससे परितंत्र की उत्पादकता बनी रहती है।
  3. पर्यावरण को स्वच्छ रखना: अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करके, अपमार्जक पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करते हैं।

प्रश्न 1

ओजोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है।
Solution: ओजोन (O_3) ऑक्सीजन का एक अपरूप है, जिसके एक अणु में ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं। यह वायुमंडल की ऊपरी परत (समताप मंडल) में एक परत के रूप में पाई जाती है।

पारितंत्र पर प्रभाव:

ओजोन परत पृथ्वी के लिए एक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet - UV) विकिरणों को अवशोषित कर लेती है। यदि ये पराबैंगनी किरणें सीधे पृथ्वी की सतह तक पहुँचें, तो वे जीवों के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती हैं:

  • मानवों पर प्रभाव: त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँचा सकती है।
  • पौधों पर प्रभाव: प्रकाश संश्लेषण की दर को कम कर सकती है और पौधों की वृद्धि को बाधित कर सकती है।
  • जलीय जीवों पर प्रभाव: जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में भी हानिकारक प्रभाव डाल सकती है।

इस प्रकार, ओजोन परत पारितंत्र को इन हानिकारक विकिरणों से बचाकर एक स्थिर और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 2

आप कचरा निपटान की समस्या कम करने में क्या योगदान कर सकते हैं? किन्हीं दो तरीकों का वर्णन कीजिए।
Solution: कचरा निपटान की समस्या को कम करने में प्रत्येक व्यक्ति योगदान दे सकता है। यहाँ दो तरीके दिए गए हैं:
  1. पुन: प्रयोज्य (Reusable) और जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) सामग्री का उपयोग: हमें प्लास्टिक की थैलियों, डिस्पोजेबल कप और अन्य एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के बजाय कागज, जूट, कपड़े से बनी थैलियों या पुन: प्रयोज्य कंटेनरों का उपयोग करना चाहिए। ये सामग्री या तो आसानी से विघटित हो जाती हैं या बार-बार उपयोग की जा सकती हैं, जिससे कचरे की मात्रा कम होती है।
  2. कचरे का पृथक्करण और पुनर्चक्रण (Recycling): हम अपने घर के कचरे को गीले (जैविक) और सूखे (अजैविक) कचरे में अलग कर सकते हैं। जैविक कचरे को खाद बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि सूखे कचरे जैसे कागज, प्लास्टिक, धातु और कांच को पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा सकता है। पुनर्चक्रण से नए उत्पादों का निर्माण होता है और प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है, साथ ही कचरे का ढेर भी कम होता है।

प्रश्न 1

निम्न में से कौन-से समूहों में केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थ हैं-

(a) घास, पुष्प तथा चमड़ा।

(b) घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक।

(c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस।

(d) केक, लकड़ी एवं घास।

Solution: सही विकल्प वे हैं जिनमें केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थ शामिल हैं।

(a) घास, पुष्प तथा चमड़ा: ये सभी प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ हैं और सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित किए जा सकते हैं। इसलिए, यह समूह केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थों का है।

(b) घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक: इसमें प्लास्टिक एक अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ है, इसलिए यह समूह सही नहीं है।

(c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस: ये सभी कार्बनिक पदार्थ हैं और आसानी से जैव निम्नीकरणीय होते हैं। इसलिए, यह समूह भी केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थों का है।

(d) केक, लकड़ी एवं घास: ये सभी पदार्थ जैव निम्नीकरणीय हैं। इसलिए, यह समूह भी केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थों का है।

अतः, सही विकल्प (a), (c), और (d) हैं।

प्रश्न 2

निम्न से कौन आहार शृंखला का निर्माण करते हैं-

(a) घास, गेहुँ तथा आम।

(b) घास, बकरी तथा मानव।

(c) बकरी, गाय तथा हाथी।

(d) घास, मछली तथा बकरी।

Solution: एक आहार श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक होता है, जिसमें उत्पादक, प्राथमिक उपभोक्ता, द्वितीयक उपभोक्ता आदि शामिल होते हैं।

(a) घास, गेहूँ तथा आम: ये सभी उत्पादक (पौधे) हैं और एक आहार श्रृंखला का निर्माण नहीं करते हैं।

(b) घास, बकरी तथा मानव: इसमें घास उत्पादक है, बकरी प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) है जो घास खाती है, और मानव द्वितीयक या तृतीयक उपभोक्ता हो सकता है जो बकरी को खाता है। यह एक वैध आहार श्रृंखला का निर्माण करता है।

(c) बकरी, गाय तथा हाथी: ये सभी शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता) हैं और एक आहार श्रृंखला का निर्माण नहीं करते हैं।

(d) घास, मछली तथा बकरी: मछली आमतौर पर जलीय उत्पादक या छोटे जलीय जीवों को खाती है, और बकरी स्थलीय शाकाहारी है। यह एक सीधी आहार श्रृंखला नहीं बनाता है।

अतः, सही विकल्प (b) है।

Common mistakes

  • जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों के बीच भ्रमित होना।
  • खाद्य श्रृंखला में पोषी स्तरों को गलत क्रम में रखना।
  • अपमार्जकों की भूमिका को कम आंकना।
  • कचरा प्रबंधन के महत्व को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों के उदाहरणों को याद करें।
  • विभिन्न खाद्य श्रृंखलाओं का अभ्यास करें और उनके पोषी स्तरों को पहचानें।
  • ओजोन परत के संरक्षण के महत्व को समझें।
  • कचरा कम करने और पुनर्चक्रण के व्यावहारिक तरीकों पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन से समूह में केवल जैव निम्नीकरणीय पदार्थ शामिल हैं?

Q2. निम्नलिखित में से कौन एक आहार श्रृंखला का निर्माण करते हैं?

Q3. ओजोन परत सूर्य की किन हानिकारक किरणों को अवशोषित करती है?

Q4. परितंत्र में अपमार्जकों की मुख्य भूमिका क्या है?

Q5. प्लास्टिक की थैलियों के बजाय कागज या जूट की थैलियों का उपयोग करना किस समस्या को कम करने में मदद करता है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 15 'हमारा पर्यावरण' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों, पर्यावरण पर उनके प्रभाव, आहार श्रृंखलाओं, पोषी स्तरों, परितंत्र में अपमार्जकों की भूमिका, ओजोन परत के महत्व और कचरा प्रबंधन के तरीकों को शामिल किया गया है।

जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों में क्या अंतर है?

जैव निम्नीकरणीय पदार्थ वे होते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीव आसानी से सरल पदार्थों में विघटित कर देते हैं, जबकि अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं और उनका विघटन मुश्किल होता है।

आहार श्रृंखला में पोषी स्तर क्या होते हैं?

आहार श्रृंखला में प्रत्येक चरण एक पोषी स्तर का निर्माण करता है, जहाँ ऊर्जा का स्थानांतरण होता है। उदाहरण के लिए, घास (प्रथम पोषी स्तर), कीड़ा (द्वितीय पोषी स्तर), मेढ़क (तृतीय पोषी स्तर)।

ओजोन परत हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित करती है, जिससे त्वचा कैंसर और अन्य बीमारियों से हमारी रक्षा होती है।

कचरा निपटान की समस्या को कम करने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

हम प्लास्टिक जैसी अजैव निम्नीकरणीय वस्तुओं के बजाय कागज या जूट जैसी जैव निम्नीकरणीय वस्तुओं का उपयोग करके और जैविक कचरे को पुनर्चक्रण के लिए भेजकर कचरा निपटान की समस्या को कम करने में योगदान दे सकते हैं।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का अभ्यास करने में मदद मिलती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.