कक्षा 10 विज्ञान NCERT समाधान: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के लिए "प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन" अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। यह समाधान छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझने में मदद करते हैं, जिसमें "कम उपयोग", "पुनर्चक्रण" और "पुनः उपयोग" जैसी रणनीतियाँ शामिल हैं। यह अध्याय वन प्रबंधन में विभिन्न हितधारकों की भूमिका, जीवाश्म ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डालता है। समाधानों में जल संदूषण के संकेतक, जैव विविधता की परिभाषा, चिपको आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय आंदोलनों और पारंपरिक जल संचयन विधियों जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। ये विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन |
Chapter summary
कक्षा 10 विज्ञान के लिए "प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन" पर NCERT समाधान प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ उपयोग और संरक्षण पर केंद्रित हैं। इसमें संसाधनों की खपत कम करने, पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग के तरीकों पर चर्चा की गई है। समाधान वन प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका, जीवाश्म ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता, और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को भी स्पष्ट करते हैं। अतिरिक्त प्रश्नों में जल संदूषण, जैव विविधता, चिपको आंदोलन और पारंपरिक जल संचयन प्रणालियों जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
Learning outcomes
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए "कम उपयोग", "पुनर्चक्रण" और "पुनः उपयोग" की रणनीतियों को समझना।
- वन प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका का विश्लेषण करना।
- जीवाश्म ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता को समझाना।
- जैव विविधता के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता को पहचानना।
- जल संदूषण के संकेतकों और पारंपरिक जल संचयन विधियों का वर्णन करना।
- पर्यावरणीय आंदोलनों जैसे चिपको आंदोलन के कारणों और प्रभावों को समझना।
Topics covered
Paper topics
- प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
- कम उपयोग
- पुनर्चक्रण
- पुनः उपयोग
- वन एवं वन्यजीव प्रबंधन
- स्थानीय लोगों की भूमिका
- जीवाश्म ईंधन
- जैव विविधता
- जल संदूषण
- पारंपरिक जल संचयन व्यवस्था
- चिपको आंदोलन
- पर्यावरणीय स्थिरता
Important topics
- प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन की रणनीतियाँ (कम उपयोग, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग)
- वन प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका
- जीवाश्म ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग
- जैव विविधता का महत्व और संरक्षण
- पारंपरिक जल संचयन विधियाँ
- चिपको आंदोलन का महत्व
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
अपने घर को पर्यावरण-मित्र बनाने के लिए निम्नलिखित परिवर्तन सुझाए जा सकते हैं:
- कम उपयोग (Reduce): बिजली के पंखे, बल्ब और अन्य उपकरणों का उपयोग न होने पर स्विच बंद कर देना चाहिए। पानी की बर्बादी रोकने के लिए खराब नलों की तुरंत मरम्मत करवानी चाहिए। अनावश्यक वस्तुओं का उपयोग कम करना चाहिए।
- पुनः उपयोग (Reuse): ऐसी वस्तुओं का उपयोग बार-बार करना चाहिए जिनका एक बार उपयोग करके फेंक दिया जाता है, जैसे कि प्लास्टिक के डिब्बे या कांच की बोतलें।
- पुनर्चक्रण (Recycle): प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच जैसी सामग्रियों को कचरे में फेंकने के बजाय उन्हें पुनर्चक्रण के लिए भेजना चाहिए ताकि उनसे नई वस्तुएं बनाई जा सकें।
प्रश्न 2
वन एवं वन्य जन्तुओं के प्रबंधन हेतु निर्णय लेने का अधिकार मुख्य रूप से वन के अन्दर एवं इसके निकट रहने वाले स्थानीय लोगों को दिया जाना चाहिए। इसके कारण निम्नलिखित हैं:
- स्थानीय लोग सदियों से वनों पर निर्भर रहे हैं और उन्होंने वनों का उपयोग टिकाऊ (sustainable) तरीकों से किया है।
- वे वनों से केवल उतनी ही सामग्री लेते हैं जितनी उन्हें आवश्यकता होती है, जैसे वृक्षों की कुछ शाखाएं या पत्तियां, जिससे वनों का पुनर्भरण (regeneration) संभव होता है।
- वे वनों के पारिस्थितिक तंत्र को बेहतर ढंग से समझते हैं और उसके संरक्षण में उनकी सीधी रुचि होती है।
- वन ठेकेदारों या बाहरी लोगों की तुलना में स्थानीय लोग वनों का अधिक जिम्मेदारी से प्रबंधन कर सकते हैं।
प्रश्न 3
एक व्यक्ति के रूप में प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- ऊर्जा की बचत: बिजली के पंखे, लाइट और अन्य उपकरणों का उपयोग न होने पर बंद कर देना। सौर ऊर्जा (जैसे सौर कुकर, सौर जल ऊष्मक) का उपयोग करके कोयले, केरोसीन और LPG की खपत कम करना।
- पानी की बचत: टपकने वाले नलों की तुरंत मरम्मत करवाना ताकि पानी व्यर्थ न बहे।
- ईंधन की बचत: यातायात के दौरान, जैसे कि लाल बत्ती पर, कार या अन्य वाहनों को बंद कर देना, जिससे पेट्रोल/डीजल की बचत हो। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना या पैदल चलना भी ईंधन की खपत कम करता है।
- सामग्री का कम उपयोग: वस्तुओं का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करना और पुनर्चक्रण (recycling) व पुनः उपयोग (reusing) को बढ़ावा देना।
(1 अंक वाले अतिरिक्त प्रश्नोत्तर)
प्रश्न 4
जल का संदूषित होना मुख्य रूप से कोलीफार्म (Coliform) वर्ग के जीवाणुओं की उपस्थिति को दर्शाता है। ये जीवाणु आमतौर पर मानव और अन्य गर्म रक्त वाले जंतुओं की आंतों में पाए जाते हैं, और इनकी उपस्थिति जल में मल संदूषण का संकेत देती है।
प्रश्न 5
जैव विविधता का अर्थ है किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पादप (वनस्पतियों) और प्राणी (जीव-जंतुओं) की प्रजातियों की समग्रता। इसमें एक ही प्रजाति के भीतर आनुवंशिक विविधता और विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों में पाई जाने वाली विविधता भी शामिल है।
प्रश्न 6
जीवाश्म ईंधनों (जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस) का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना आवश्यक है क्योंकि:
- ये सीमित और अनविकरणीय (non-renewable) संसाधन हैं, अर्थात एक बार उपयोग होने के बाद ये प्राकृतिक रूप से बहुत धीरे-धीरे बनते हैं और समाप्त हो सकते हैं।
- इनके जलने से प्रदूषण (जैसे वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन) बढ़ता है, जो जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
प्रश्न 7
GAP का पूरा नाम गंगा एक्शन प्लान (Ganga Action Plan) है। यह भारत सरकार द्वारा गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक योजना थी।
प्रश्न 8
चिपको आंदोलन मुख्य रूप से गढ़वाल क्षेत्र (जो वर्तमान में उत्तराखंड राज्य का हिस्सा है) के रैनी गाँव में हुआ था। यह आंदोलन 1970 के दशक में वनों की कटाई के विरोध में हुआ था।
प्रश्न 9
चिपको आंदोलन का मुख्य कारण वनों की व्यावसायिक कटाई के विरोध में स्थानीय निवासियों का अहिंसक प्रतिरोध था। सरकार द्वारा ठेकेदारों को स्थानीय समुदायों की सहमति के बिना वृक्षों को काटने का अधिकार दिए जाने के कारण यह आंदोलन हुआ। स्थानीय लोगों ने पेड़ों से चिपक कर उन्हें कटने से बचाने का प्रयास किया।
प्रश्न 10
जैव विविधता के नष्ट होने से पारिस्थितिक स्थायित्व (ecological stability) गंभीर रूप से प्रभावित होता है। इसके प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हो सकते हैं:
- खाद्य श्रृंखलाओं (food chains) और खाद्य जाल (food webs) का असंतुलन।
- पारिस्थितिक तंत्र की कार्यप्रणाली में बाधा।
- विभिन्न प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा।
- मानव जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों (जैसे दवाएं, भोजन) की उपलब्धता में कमी।
प्रश्न 11
हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में जल संग्रहण की पारंपरिक व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
- हिमाचल प्रदेश: यहाँ की पारंपरिक जल संग्रहण व्यवस्था को 'कुलह' (Kulh) कहा जाता है। यह एक प्रकार की छोटी नहर प्रणाली है जो पहाड़ी ढलानों से पानी को नीचे खेतों तक लाती है।
- राजस्थान: यहाँ की पारंपरिक जल संग्रहण व्यवस्था को 'खादीन' (Khadin) कहा जाता है। यह वर्षा जल को रोकने और भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने की एक विधि है, जिसमें मिट्टी के बांध बनाकर पानी को रोका जाता है।
प्रश्न 12
MPN का तात्पर्य MOST PROBABLE NUMBER (मोस्ट प्रोबेबल नंबर) से है। हिंदी में इसे 'सार्वप्रायिक संख्या' या 'सर्वाधिक संभावित संख्या' कहा जाता है। यह जल में जीवाणु, विशेषकर कोलीफार्म की अनुमानित संख्या ज्ञात करने की एक विधि है।
प्रश्न 13
अलवण जलीय (मीठे पानी के) पौधे और जंतुओं के जीवन के लिए सबसे अधिक सहायक pH परास 6.5 से 7.5 के बीच होता है। यह pH मान अधिकांश जलीय जीवों के लिए अनुकूल होता है और उनके सामान्य विकास और जीवन प्रक्रियाओं को बनाए रखने में मदद करता है।
Common mistakes
- संसाधनों के "कम उपयोग", "पुनर्चक्रण" और "पुनः उपयोग" के बीच अंतर को समझने में भ्रम।
- वन प्रबंधन में विभिन्न हितधारकों के योगदान को कम आंकना।
- जैव विविधता के महत्व को कम समझना और इसके संरक्षण की उपेक्षा करना।
- जीवाश्म ईंधन के सीमित होने और प्रदूषण फैलाने वाले प्रभावों को नजरअंदाज करना।
Revision tips
- "कम उपयोग", "पुनर्चक्रण" और "पुनः उपयोग" के तीन 'R's को याद रखने के लिए उदाहरणों का उपयोग करें।
- चिपको आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय घटनाओं के कारणों और परिणामों को समझें।
- स्थानीय समुदायों और वन प्रबंधन के बीच संबंध पर ध्यान केंद्रित करें।
- जीवाश्म ईंधन के सीमित भंडार और उनके पर्यावरणीय प्रभाव को समझें।
- जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने वाले मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
Practice MCQs
Q1. जल का संदूषित होना किस वर्ग के जीवाणु की उपस्थिति को दर्शाता है?
Explanation: जल के संदूषित होने का एक प्रमुख संकेतक कोलीफार्म (E. coli) जीवाणुओं की उपस्थिति है, जो मानव या पशु मल से आते हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन का एक तरीका नहीं है?
Explanation: प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में खपत को कम करना, पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग शामिल है, न कि अत्यधिक उपभोग।
Q3. चिपको आंदोलन मुख्य रूप से किस क्षेत्र में हुआ था?
Explanation: चिपको आंदोलन उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के गढ़वाल क्षेत्र में हुआ था, जो हिमालय का हिस्सा है।
Q4. जीवाश्म ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है?
Explanation: जीवाश्म ईंधन सीमित और अनविकरणीय संसाधन हैं, और उनके जलने से वायु प्रदूषण होता है, इसलिए उनका विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
Q5. वन उत्पाद प्रबंधन हेतु निर्णय लेने के लिए किसे सर्वाधिक उपयुक्त माना जा सकता है?
Explanation: स्थानीय लोग जो वनों में या उसके आसपास रहते हैं, वे सदियों से वनों का टिकाऊ तरीके से उपयोग करते आ रहे हैं, इसलिए वे प्रबंधन के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं।
Frequently asked questions
प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?
प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि हम उनका भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षण कर सकें और पर्यावरण को नुकसान से बचा सकें। इसमें संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, कम खपत, पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग शामिल है।
घर को पर्यावरण-मित्र बनाने के लिए क्या सुझाव दिए जा सकते हैं?
घर को पर्यावरण-मित्र बनाने के लिए बिजली और पानी का कम उपयोग करना, टपकते नलों की मरम्मत करना, प्लास्टिक और कागज जैसी वस्तुओं का पुनर्चक्रण करना और पुनः उपयोग करना जैसे बदलाव सुझाए जा सकते हैं।
वन प्रबंधन में स्थानीय लोगों की क्या भूमिका होती है?
स्थानीय लोग जो वनों के पास रहते हैं, वे अक्सर वनों का टिकाऊ तरीके से उपयोग करते आए हैं। वे वनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि वे सीधे तौर पर वनों पर निर्भर होते हैं और उनके संरक्षण में रुचि रखते हैं।
जीवाश्म ईंधन का उपयोग कम क्यों करना चाहिए?
जीवाश्म ईंधन सीमित और अनविकरणीय संसाधन हैं। इनके अत्यधिक उपयोग से प्रदूषण बढ़ता है और ये समाप्त हो सकते हैं। इसलिए, इनका विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना आवश्यक है।
जैव विविधता क्या है और इसका संरक्षण क्यों आवश्यक है?
जैव विविधता का अर्थ है किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पादप और प्राणी। इसका संरक्षण आवश्यक है क्योंकि यह पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और पृथ्वी पर जीवन की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
चिपको आंदोलन का क्या महत्व था?
चिपको आंदोलन ने वनों की कटाई के खिलाफ स्थानीय समुदायों के प्रतिरोध को दर्शाया और वन संरक्षण में जन भागीदारी के महत्व को उजागर किया। इसने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.