कक्षा 10 विज्ञान: अध्याय 6 जैव प्रक्रम के NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 6, 'जैव प्रक्रम' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें स्वयंपोषी और विषमपोषी पोषण, प्रकाश संश्लेषण, पाचन, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन जैसी महत्वपूर्ण जीवन प्रक्रियाओं की गहन व्याख्या शामिल है। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को जटिल अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने और जैव प्रक्रमों की उनकी समझ को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. जैव प्रक्रम

Chapter summary

अध्याय 6, 'जैव प्रक्रम' के ये NCERT समाधान जीवन के लिए आवश्यक विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं पर केंद्रित हैं। इनमें पोषण के प्रकार, प्रकाश संश्लेषण की क्रियाविधि, पाचन तंत्र के कार्य, श्वसन के विभिन्न मार्ग, रक्त परिसंचरण और उत्सर्जन की प्रक्रियाएं शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिससे छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में आसानी होती है।

Learning outcomes

  • जैव प्रक्रमों के महत्व को समझना।
  • स्वयंपोषी और विषमपोषी पोषण के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक घटकों की पहचान करना।
  • पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया को समझना।
  • श्वसन और उत्सर्जन के विभिन्न मार्गों का विश्लेषण करना।
  • जीवों में ऊर्जा प्राप्त करने की विधियों की तुलना करना।

Topics covered

Paper topics

  • जैव प्रक्रम
  • पोषण
  • स्वयंपोषी पोषण
  • विषमपोषी पोषण
  • प्रकाश संश्लेषण
  • पाचन
  • श्वसन
  • ऑक्सीकरण
  • ऊर्जा उत्पादन
  • परिवहन
  • उत्सर्जन
  • जलीय और स्थलीय जीव

Important topics

  • जैव प्रक्रमों का परिचय
  • पोषण के प्रकार और प्रकाश संश्लेषण
  • मानव पाचन तंत्र
  • श्वसन के विभिन्न मार्ग
  • ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रियाएं
  • परिवहन और उत्सर्जन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता पूरी करने में विसरण क्यों अपर्याप्त है?
Solution: बहुकोशिकीय जीवों में, शरीर का आकार बड़ा और संरचना जटिल होती है। शरीर की प्रत्येक कोशिका तक ऑक्सीजन पहुँचाने के लिए विसरण (diffusion) एक बहुत धीमी प्रक्रिया है। ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, विसरण द्वारा ऑक्सीजन का परिवहन शरीर के सभी भागों तक कुशलतापूर्वक नहीं पहुँच पाता है। इसलिए, बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विसरण अपर्याप्त है और इसके लिए विशेष श्वसन तंत्र की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2

कोई वस्तु सजीव है, इसका निर्धरण करने के लिए हम किस मापदंड का उपयोग करेंगे?
Solution: किसी वस्तु के सजीव होने का निर्धारण करने के लिए हम मुख्य रूप से 'गति' (movement) के मापदंड का उपयोग कर सकते हैं। सजीव वस्तुएं निरंतर गति करती रहती हैं, भले ही यह गति बाहरी रूप से स्पष्ट न हो। सजीवों के अणु (molecules) भी गतिशील रहते हैं, जो उनके जीवित होने का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त, वृद्धि (growth), उपापचय (metabolism), प्रजनन (reproduction), और उत्तेजनाओं के प्रति अनुक्रिया (response to stimuli) भी सजीवों के महत्वपूर्ण मापदंड हैं।

प्रश्न 3

किसी जीव द्वारा किन कच्ची सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
Solution: जीवों को अपने शारीरिक वृद्धि, विकास और ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की कच्ची सामग्रियों की आवश्यकता होती है। पृथ्वी पर जीवन मुख्यतः कार्बन-आधारित अणुओं पर निर्भर करता है। इसलिए, जीव भोजन के रूप में कार्बनिक यौगिकों का उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त, हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2>) और जल (H_2O>) का उपयोग करते हैं। खनिज लवण भी पौधों के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री हैं।

प्रश्न 4

जीवन के अनुरक्षण के लिए आप किन प्रक्रमों को आवश्यक मानेंगे?
Solution: जीवन के अनुरक्षण (maintenance of life) के लिए अनेक जैविक प्रक्रम आवश्यक हैं। इनमें प्रमुख हैं:
  1. पोषण (Nutrition): ऊर्जा और शरीर के निर्माण के लिए भोजन प्राप्त करना और उसका उपयोग करना।
  2. श्वसन (Respiration): भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग करना और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालना।
  3. परिवहन (Transport): शरीर के विभिन्न भागों में पोषक तत्वों, ऑक्सीजन और अपशिष्ट पदार्थों का संवहन।
  4. उत्सर्जन (Excretion): शरीर से हानिकारक उपापचय अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना।
  5. वृद्धि (Growth): जीवों का आकार और जटिलता में बढ़ना।
  6. गति (Movement): स्थान परिवर्तन या अंग संचालन।
ये सभी प्रक्रम मिलकर जीवन को बनाए रखते हैं।

प्रश्न 1

स्वयंपोषी पोषण तथा विषमपोषी पोषण में क्या अंतर है?
Solution: स्वयंपोषी पोषण और विषमपोषी पोषण के बीच मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
  • स्वयंपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition): इस प्रकार के पोषण में जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। हरे पौधे और कुछ जीवाणु सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और जल का उपयोग करके अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं। यह प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।
  • विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition): इस प्रकार के पोषण में जीव अपना भोजन स्वयं नहीं बना पाते और वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अन्य जीवों (स्वयंपोषियों) पर निर्भर रहते हैं। मनुष्य, जंतु और कवक विषमपोषी होते हैं। वे भोजन के लिए पौधों या अन्य जंतुओं को खाते हैं।

प्रश्न 2

प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधा कहाँ से प्राप्त करता है?
Solution: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए पौधे निम्नलिखित कच्ची सामग्री विभिन्न स्रोतों से प्राप्त करते हैं:
  • जल (H_2O): पौधे अपनी जड़ों द्वारा भूमि से जल अवशोषित करते हैं।
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2): पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अपनी पत्तियों पर मौजूद छोटे छिद्रों, जिन्हें रंध्र (stomata) कहते हैं, के माध्यम से प्राप्त करते हैं।
  • क्लोरोफिल (Chlorophyll): यह हरे रंग का वर्णक है जो पौधों की पत्तियों में क्लोरोप्लास्ट नामक कोशिकांगों में पाया जाता है। यह सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करने में मदद करता है।
  • सूर्य का प्रकाश (Sunlight): पौधे सूर्य से प्रकाश ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 3

हमारे आमाशय में अम्ल की भूमिका क्या है?
Solution: हमारे आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है, जिसकी निम्नलिखित महत्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं:
  • अम्लीय माध्यम का निर्माण: HCl आमाशय के अंदर एक अम्लीय वातावरण बनाता है, जो पाचक एंजाइम पेप्सिन (pepsin) को अपना कार्य करने के लिए आवश्यक होता है।
  • रोगाणुओं का नाश: भोजन के साथ आने वाले हानिकारक जीवाणुओं और अन्य रोगाणुओं को HCl नष्ट कर देता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
  • प्रोटीन पाचन में सहायता: यह प्रोटीन के पाचन में भी सहायता करता है, जैसे कि प्रोटीन को पेप्टाइड्स में तोड़ना।

प्रश्न 4

पाचक एंजाइमों का क्या कार्य है?
Solution: पाचक एंजाइम (digestive enzymes) जटिल खाद्य पदार्थों को सरल, घुलनशील और अवशोषित किए जा सकने वाले अणुओं में तोड़ने का कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए, कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में, प्रोटीन को अमीनो एसिड में और वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में परिवर्तित किया जाता है। यह प्रक्रिया पाचन कहलाती है। ये सरल पदार्थ अंततः छोटी आंत की दीवार द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं और रक्त में मिल जाते हैं।

प्रश्न 5

पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षुद्रांत्र को कैसे अभिकल्पित किया गया है?
Solution: क्षुद्रांत्र (छोटी आंत) पचे हुए भोजन के अवशोषण के लिए विशेष रूप से अनुकूलित होती है। इसकी आंतरिक सतह पर लाखों उंगली जैसे प्रवर्ध होते हैं जिन्हें 'विलाई' (villi) कहा जाता है। ये विलाई क्षुद्रांत्र की सतह के क्षेत्रफल को बहुत बढ़ा देते हैं। बढ़ा हुआ सतह क्षेत्र पचे हुए भोजन के अवशोषण की दर को अधिकतम करता है। प्रत्येक विलाई में रक्त वाहिकाओं और लसीका वाहिकाओं का एक जाल होता है, जो अवशोषित पोषक तत्वों को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।

प्रश्न 1

श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद है?
Solution: स्थलीय जीव श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में जलीय जीवों की अपेक्षा अधिक लाभप्रद स्थिति में होते हैं क्योंकि:
  • ऑक्सीजन की उपलब्धता: वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा जल की तुलना में बहुत अधिक होती है। स्थलीय जीव सीधे वायु से ऑक्सीजन ले सकते हैं।
  • ऑक्सीजन की सांद्रता: जल में घुली हुई ऑक्सीजन की सांद्रता वायु की तुलना में काफी कम होती है। जलीय जीवों को जीवित रहने के लिए जल से ऑक्सीजन निकालने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ता है, जिसके लिए वे तेजी से श्वसन करते हैं।
  • श्वसन अंग: स्थलीय जीवों के पास फेफड़ों जैसे कुशल श्वसन अंग होते हैं जो वायु से ऑक्सीजन को प्रभावी ढंग से ग्रहण कर सकते हैं।
इस प्रकार, स्थलीय जीव आसानी से और अधिक कुशलता से ऑक्सीजन प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 2

ग्लूकोज़ के ऑक्सीकरण से भिन्न जीवो में ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न पथ क्या हैं?
Solution: ग्लूकोज के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न पथ जीव के प्रकार और ऑक्सीजन की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं। मुख्य पथ इस प्रकार हैं:
  • वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration): इसमें ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड, जल और अधिक मात्रा में ऊर्जा (ATP के रूप में) उत्पन्न होती है। यह अधिकांश जीवों (जैसे मनुष्य, जंतु, पौधे) में होता है।
  • अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration): इसमें ग्लूकोज का आंशिक ऑक्सीकरण ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। यह यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीवों में इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है, जबकि मानव की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी होने पर यह लैक्टिक एसिड उत्पन्न करता है। इसमें वायवीय श्वसन की तुलना में बहुत कम ऊर्जा प्राप्त होती है।
ये विभिन्न पथ जीवों को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में ऊर्जा प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं।

Common mistakes

  • विसरण की सीमा को बहुकोशिकीय जीवों के संदर्भ में न समझ पाना।
  • प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक सभी कच्चे माल को सूचीबद्ध करने में चूक।
  • पाचक एंजाइमों के कार्यों को केवल एक बिंदु तक सीमित रखना।
  • जलीय और स्थलीय जीवों द्वारा ऑक्सीजन प्राप्त करने की विधियों में अंतर न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक जैव प्रक्रम के लिए आवश्यक घटकों और उनके कार्यों की सूची बनाएं।
  • पोषण के विभिन्न तरीकों के बीच तुलनात्मक तालिका तैयार करें।
  • पाचन, श्वसन और उत्सर्जन जैसी प्रक्रियाओं के प्रवाह को आरेखित करें।
  • जैव प्रक्रमों से संबंधित मुख्य शब्दावली को परिभाषित करें।

Practice MCQs

Q1. बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विसरण क्यों अपर्याप्त है?

Q2. सजीवों के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

Q3. प्रकाश संश्लेषण के लिए पौधे अपना कार्बन डाइऑक्साइड कहाँ से प्राप्त करते हैं?

Q4. मानव आमाशय में अम्ल (HCl) की मुख्य भूमिका क्या है?

Q5. क्षुद्रांत्र (छोटी आंत) में अवशोषण को बढ़ाने के लिए क्या विशेष संरचनाएं होती हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 6, 'जैव प्रक्रम' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस अध्याय में पोषण (स्वयंपोषी और विषमपोषी), प्रकाश संश्लेषण, पाचन, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन जैसी जीवन की आवश्यक प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।

ये NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को जैव प्रक्रमों की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलती है।

क्या इन समाधानों में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?

हाँ, ये समाधान अध्याय 6, 'जैव प्रक्रम' के पाठ्यपुस्तक में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं।

जैव प्रक्रमों को समझना क्यों महत्वपूर्ण है?

जैव प्रक्रम वे सभी क्रियाएं हैं जो जीवों के जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं, जैसे भोजन प्राप्त करना, ऊर्जा उत्पन्न करना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना। इन्हें समझना जीवन की प्रक्रियाओं को समझने के लिए मौलिक है।

क्या इन समाधानों का उपयोग केवल परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?

नहीं, इन समाधानों का उपयोग न केवल परीक्षा की तैयारी के लिए, बल्कि जैव प्रक्रमों की अपनी समझ को मजबूत करने और इन महत्वपूर्ण जैविक अवधारणाओं को सीखने के लिए भी किया जा सकता है।

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