कक्षा 10 विज्ञान NCERT समाधान: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

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यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 5, 'तत्वों का आवर्त वर्गीकरण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत, मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी की अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को तत्वों के वर्गीकरण के ऐतिहासिक विकास और आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और गुणों को समझने में मदद मिलती है। यह छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अभ्यास करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

Chapter summary

अध्याय 5 'तत्वों का आवर्त वर्गीकरण' के ये NCERT समाधान तत्वों को व्यवस्थित करने के विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डालते हैं। इसमें डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक नियम की सीमाओं और मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की उपलब्धियों और कमियों की चर्चा की गई है। अंत में, यह आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और इसके द्वारा मेन्डेलीफ की सारणी की विसंगतियों को कैसे दूर किया गया, इस पर भी ध्यान केंद्रित करता है। ये समाधान छात्रों को तत्वों के वर्गीकरण के पीछे के तर्क को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • डॉबेराइनर के त्रिक और न्यूलैंड्स के अष्टक नियम की तुलना करना।
  • डॉबेराइनर और न्यूलैंड्स के वर्गीकरण की सीमाओं को समझना।
  • मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी के उपयोग से तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान लगाना।
  • मेन्डेलीफ द्वारा खाली छोड़े गए स्थानों के लिए तत्वों के उदाहरण देना।
  • मेन्डेलीफ द्वारा आवर्त सारणी बनाने के लिए अपनाए गए मापदंडों को पहचानना।
  • उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में रखने के कारण को समझना।
  • आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की विसंगतियों को दूर करने के तरीकों का वर्णन करना।
  • मैग्नीशियम के समान रासायनिक अभिक्रियाशीलता वाले तत्वों की पहचान करना और उसका आधार बताना।

Topics covered

Paper topics

  • तत्वों का वर्गीकरण
  • डॉबेराइनर के त्रिक
  • न्यूलैंड्स का अष्टक सिद्धांत
  • मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी
  • आधुनिक आवर्त सारणी
  • परमाणु भार
  • परमाणु क्रमांक
  • संयोजकता
  • रासायनिक अभिक्रियाशीलता
  • धात्विक अभिलक्षण
  • उत्कृष्ट गैसें
  • तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र

Important topics

  • मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी और उसकी सीमाएँ
  • आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और विशेषताएँ
  • तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और आवर्त सारणी में उनकी स्थिति
  • डॉबेराइनर के त्रिक और न्यूलैंड्स के अष्टक नियम की तुलना
  • धात्विक और अधात्विक अभिलक्षण की प्रवृत्तियाँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

क्या डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी पाए जाते हैं? तुलना करके पता कीजिए।
Solution: हाँ, डॉबेराइनर के कुछ त्रिक न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों में भी पाए जाते हैं। न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत के अनुसार, तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित करने पर, प्रत्येक आठवें तत्व के गुणधर्म पहले तत्व के समान होते हैं।

उदाहरण के लिए, लिथियम (Li), सोडियम (Na), और पोटैशियम (K) एक डॉबेराइनर त्रिक बनाते हैं। न्यूलैंड्स की व्यवस्था में भी, लिथियम के बाद आने वाले आठवें तत्व के रूप में सोडियम आता है, और सोडियम के बाद आने वाले आठवें तत्व के रूप में पोटैशियम आता है। इस प्रकार, ये तत्व न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों में भी एक साथ पाए जाते हैं, जो समान रासायनिक गुणों को दर्शाते हैं।

प्रश्न 2

डॉबेराइनर के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं?
Solution: डॉबेराइनर के वर्गीकरण की मुख्य सीमाएँ निम्नलिखित हैं:
  1. डॉबेराइनर केवल उस समय ज्ञात तत्वों में से केवल तीन ही त्रिक (समूहों) की पहचान कर सके।
  2. यह वर्गीकरण सभी ज्ञात तत्वों पर लागू नहीं होता था, क्योंकि सभी तत्वों को त्रिकों में व्यवस्थित नहीं किया जा सका।
  3. जैसे-जैसे नए तत्वों की खोज हुई, यह वर्गीकरण और भी कम उपयोगी साबित हुआ।

प्रश्न 3

न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धात की क्या सीमाएँ हैं?
Solution: न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की मुख्य सीमाएँ निम्नलिखित हैं:
  1. यह सिद्धांत केवल कैल्शियम (परमाणु भार 40) तक के तत्वों के लिए ही ठीक पाया गया। कैल्शियम के बाद आने वाले तत्वों के गुणधर्म अष्टक नियम के अनुसार नहीं थे।
  2. न्यूलैंड्स ने यह माना कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही पाए जाते हैं और भविष्य में कोई नया तत्व नहीं खोजा जाएगा जो इस नियम का उल्लंघन करे। यह धारणा गलत साबित हुई।
  3. नए खोजे गए तत्वों के गुणों को इस सिद्धांत में समायोजित करना कठिन था।
  4. कुछ तत्वों को एक साथ रखने पर उनके गुणधर्म मेल नहीं खाते थे।

प्रश्न 4

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग कर निम्नलिखित तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान कीजिए: K, C, Al, Si, Ba |
Solution: मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु भार और समान रासायनिक गुणों के आधार पर व्यवस्थित किया गया था। ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान लगाने के लिए, हम तत्व के समूह और आवर्त में उसकी स्थिति को देखते हैं।

मेन्डेलीफ की सारणी के अनुसार:

  • K (पोटैशियम): यह समूह 1 का तत्व है, जिसकी संयोजकता +1 होती है। इसलिए, पोटैशियम ऑक्साइड का सूत्र K_2O होगा।
  • C (कार्बन): यह समूह 14 का तत्व है, जिसकी सामान्य संयोजकता +4 होती है। इसलिए, कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र CO_2 होगा।
  • Al (एल्युमिनियम): यह समूह 13 का तत्व है, जिसकी संयोजकता +3 होती है। इसलिए, एल्युमिनियम ऑक्साइड का सूत्र Al_2O_3 होगा। (स्रोत में Al_2O_2 दिया गया है, जो संभवतः एक टाइपो है, सही सूत्र Al_2O_3 है)।
  • Si (सिलिकॉन): यह समूह 14 का तत्व है, जिसकी सामान्य संयोजकता +4 होती है। इसलिए, सिलिकॉन डाइऑक्साइड का सूत्र SiO_2 होगा।
  • Ba (बेरियम): यह समूह 2 का तत्व है, जिसकी संयोजकता +2 होती है। इसलिए, बेरियम ऑक्साइड का सूत्र BaO होगा।

प्रश्न 5

गैलियम के अतिरिक्त, अब तक कौन-कौन से तत्वों का पता चला है जिनके लिए मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़ दिया था? दो उदाहरण दीजिए।
Solution: मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में कुछ खाली स्थान छोड़े थे ताकि भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों को उनमें स्थान दिया जा सके। उन्होंने इन तत्वों के गुणों का भी अनुमान लगाया था। गैलियम के अतिरिक्त, दो ऐसे तत्व जिनके लिए मेन्डेलीफ ने खाली स्थान छोड़ा था और बाद में उनकी खोज हुई, वे हैं:
  1. स्कैंडियम (Sc): मेन्डेलीफ ने इसके लिए 'एका-बोरॉन' नाम दिया था और इसके गुणों का सटीक अनुमान लगाया था।
  2. जर्मेनियम (Ge): मेन्डेलीफ ने इसके लिए 'एका-सिलिकॉन' नाम दिया था और इसके गुणों का भी सटीक अनुमान लगाया था।

प्रश्न 6

मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए कौन सा मापदंड अपनाया?
Solution: मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए मुख्य रूप से दो मापदंड अपनाए:
  1. परमाणु भार: उन्होंने तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित किया।
  2. समान रासायनिक गुणधर्म: उन्होंने एक समान रासायनिक गुणधर्म वाले तत्वों को एक ही ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह) में रखने का प्रयास किया। उन्होंने तत्वों के ऑक्साइड और हाइड्राइड के सूत्रों की समानता को भी ध्यान में रखा।

प्रश्न 7

आपके अनुसार उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया?
Solution: उत्कृष्ट गैसें (जैसे हीलियम, नियॉन, आर्गन) रासायनिक रूप से अत्यंत अक्रियाशील होती हैं क्योंकि उनके बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या पूर्ण होती है (हीलियम को छोड़कर, जिसके बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं)। इस अक्रिय प्रकृति के कारण, वे अन्य तत्वों के साथ आसानी से अभिक्रिया नहीं करती हैं। आवर्त सारणी में समान गुणधर्म वाले तत्वों को एक साथ रखा जाता है। चूँकि उत्कृष्ट गैसों के गुणधर्म अन्य तत्वों से बहुत भिन्न होते हैं, इसलिए उन्हें एक अलग समूह (समूह 18) में रखा गया ताकि आवर्त सारणी की समग्र व्यवस्था और तार्किकता बनी रहे।

प्रश्न 8

आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा किस प्रकार से मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की विविध विसंगतियों को दूर किया गया?
Solution: आधुनिक आवर्त सारणी ने मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की कई विसंगतियों को सफलतापूर्वक दूर किया, जिसका मुख्य कारण तत्वों को परमाणु भार के बजाय परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित करना था।
  1. समस्थानिकों की स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में, तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित किया जाता है। समस्थानिकों का परमाणु क्रमांक समान होता है, इसलिए उन्हें आवर्त सारणी में एक ही स्थान पर रखा जा सकता है, जिससे मेन्डेलीफ की सारणी की यह समस्या हल हो गई।
  2. कोबाल्ट और निकेल की स्थिति: कोबाल्ट (परमाणु भार 58.9) का परमाणु भार निकेल (परमाणु भार 58.7) से अधिक है। मेन्डेलीफ की सारणी में, निकेल को कोबाल्ट से पहले रखा गया था, जो परमाणु भार के बढ़ते क्रम का उल्लंघन करता था। आधुनिक आवर्त सारणी में, उन्हें उनके परमाणु क्रमांकों के अनुसार सही क्रम में रखा गया है।
  3. हाइड्रोजन की स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को समूह 1 में रखा गया है क्योंकि यह क्षार धातुओं की तरह एक इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाता है, और इसे समूह 17 में भी रखा जा सकता है क्योंकि यह हैलोजन की तरह एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बना सकता है। हालाँकि, इसे अक्सर एक विशेष स्थान दिया जाता है।
  4. तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी: आधुनिक आवर्त सारणी ने भी मेन्डेलीफ की तरह ही नए तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी करने की क्षमता प्रदान की है, जो इसके व्यवस्थित आधार को दर्शाता है।

प्रश्न 9

मैग्नीशियम की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्वों के नाम लिखिए? आपके चयन का क्या आधार है?
Solution: मैग्नीशियम (Mg) की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्व बैरीलियम (Be) और कैल्सियम (Ca) हैं।

चयन का आधार:

मैग्नीशियम, बैरीलियम और कैल्सियम, ये सभी तत्व आवर्त सारणी के समूह 2 (क्षारीय मृदा धातुएँ) के सदस्य हैं। समूह 2 के तत्वों के बाहरी कोश में 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। रासायनिक अभिक्रियाशीलता मुख्य रूप से बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करती है। चूँकि इन तीनों तत्वों के बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं, वे समान रासायनिक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि वे आसानी से 2 इलेक्ट्रॉन खोकर +2 आयन बनाते हैं।

मैग्नीशियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 2

बैरिलियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 2

कैल्सियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 8, 2

इन सभी के बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होने के कारण इनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता समान होती है।

प्रश्न 10

(a) तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित हो। (b) दो तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन उपस्थित हों। (c) तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हो।
Solution:

(a) तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित हो:

ये तत्व समूह 1 (क्षार धातुएँ) के सदस्य होते हैं।

उदाहरण: लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K)।

इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्रमशः 2,1; 2,8,1; और 2,8,8,1 है।

(b) दो तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन उपस्थित हों:

ये तत्व समूह 2 (क्षारीय मृदा धातुएँ) के सदस्य होते हैं।

उदाहरण: मैग्नीशियम (Mg), कैल्सियम (Ca)।

इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्रमशः 2,8,2 और 2,8,8,2 है।

(c) तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हो:

ये तत्व उत्कृष्ट गैसें होती हैं, जिनका बाहरी कोश या तो 2 इलेक्ट्रॉनों (हीलियम) से या 8 इलेक्ट्रॉनों (अन्य उत्कृष्ट गैसें) से पूर्ण होता है।

उदाहरण: नियॉन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टन (Kr)।

इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्रमशः 2,8; 2,8,8; और 2,8,8,8 है।

प्रश्न 11

(a) लीथियम, सोडियम, पोटैशियम, ये सभी धातुएँ जल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। क्या इन तत्वों के परमाणुओं में कोई समानता है? (b) हीलियम एक अक्रियाशील गैस है जबकि नियॉन की अभिक्रियाशीलता अत्यंत कम है। इनके परमाणुओं में कोई समानता है?
Solution:

(a) लीथियम, सोडियम, पोटैशियम के परमाणुओं में समानता:

हाँ, इन तत्वों के परमाणुओं में समानता है। ये तीनों तत्व समूह 1 (क्षार धातुएँ) के सदस्य हैं और इनके सबसे बाहरी कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन (संयोजी इलेक्ट्रॉन) उपस्थित होता है। इसी कारण ये जल से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं और धनायन (जैसे Li^+, Na^+, K^+) बनाती हैं। इनकी संयोजकता भी समान (अर्थात् 1) होती है।

(b) हीलियम और नियॉन के परमाणुओं में समानता:

हाँ, हीलियम और नियॉन के परमाणुओं में भी समानता है। ये दोनों उत्कृष्ट गैसें हैं और इनके सबसे बाहरी कोश पूर्ण होते हैं। हीलियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2 है (पहला कोश पूर्ण) और नियॉन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8 है (बाहरी कोश पूर्ण)। बाहरी कोश के पूर्ण होने के कारण ये रासायनिक रूप से बहुत स्थिर होती हैं और इनकी अभिक्रियाशीलता अत्यंत कम होती है या नगण्य होती है। इनकी संयोजकता '0' होती है।

प्रश्न 12

आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्वों में कौन सी धातुएँ हैं?
Solution: आधुनिक आवर्त सारणी के पहले दस तत्व हैं: हाइड्रोजन (H), हीलियम (He), लिथियम (Li), बेरिलियम (Be), बोरॉन (B), कार्बन (C), नाइट्रोजन (N), ऑक्सीजन (O), फ्लोरीन (F), और नियॉन (Ne)।

इनमें से धातुएँ हैं:

  • लिथियम (Li)
  • बेरिलियम (Be)
बोरॉन (B) को उपधातु माना जाता है, जबकि अन्य अधातुएँ हैं।

प्रश्न 13

आवर्त सारणी में इनके स्थान के आधार पर इनमें से किस तत्व में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण की विशेषता है? Ga, Ge, As, Se, Be
Solution: दिए गए तत्व हैं: गैलियम (Ga), जर्मेनियम (Ge), आर्सेनिक (As), सेलेनियम (Se), और बेरिलियम (Be)।

धात्विक अभिलक्षण आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर घटता है और ऊपर से नीचे की ओर जाने पर बढ़ता है।

इन तत्वों की आवर्त सारणी में स्थिति को देखें:

  • बेरिलियम (Be) दूसरे आवर्त में है।
  • गैलियम (Ga), जर्मेनियम (Ge), आर्सेनिक (As), सेलेनियम (Se) चौथे आवर्त में हैं।

दूसरे आवर्त में होने के कारण, बेरिलियम (Be) समूह में सबसे ऊपर स्थित तत्वों की तुलना में कम धात्विक होगा, लेकिन यह चौथे आवर्त के तत्वों की तुलना में अधिक धात्विक अभिलक्षण दिखाएगा यदि वे समान समूह में होते।

चौथे आवर्त में, बाईं से दाईं ओर जाने पर धात्विक अभिलक्षण घटता है। तत्वों का क्रम लगभग इस प्रकार है: Ga (समूह 13), Ge (समूह 14), As (समूह 15), Se (समूह 16)।

इस क्रम के अनुसार, गैलियम (Ga) सबसे बाईं ओर है, इसलिए इसमें सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण होना चाहिए। हालाँकि, प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से, हमें सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण वाले तत्व का चयन करना है।

तुलना करने पर:

  • Be (समूह 2, आवर्त 2)
  • Ga (समूह 13, आवर्त 4)
  • Ge (समूह 14, आवर्त 4)
  • As (समूह 15, आवर्त 4)
  • Se (समूह 16, आवर्त 4)

समूह 2 के तत्व समूह 13, 14, 15, 16 के तत्वों की तुलना में अधिक धात्विक होते हैं। इसलिए, बेरिलियम (Be) इन दिए गए तत्वों में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण प्रदर्शित करेगा।

उत्तर: Be

Common mistakes

  • डॉबेराइनर के त्रिक और न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों के बीच तुलना में भ्रमित होना।
  • मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की सीमाओं को आधुनिक आवर्त सारणी की उपलब्धियों के साथ मिलाने की संभावना।
  • तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और उनकी आवर्त सारणी में स्थिति के बीच संबंध को समझने में कठिनाई।
  • धात्विक अभिलक्षण की प्रवृत्ति को आवर्त सारणी में सही ढंग से पहचानने में चूक।

Revision tips

  • डॉबेराइनर, न्यूलैंड्स और मेन्डेलीफ के वर्गीकरण के मुख्य बिंदुओं और सीमाओं को सारणीबद्ध करें।
  • आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना (आवर्त और समूह) और तत्वों की स्थिति के बीच संबंध को समझें।
  • प्रत्येक प्रश्न के समाधान में दिए गए उदाहरणों को याद करें, विशेष रूप से ऑक्साइड के सूत्र और समान रासायनिक गुणों वाले तत्व।
  • तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और उनके आवर्त सारणी में स्थान के बीच संबंध पर ध्यान केंद्रित करें।
  • धात्विक और अधात्विक अभिलक्षण की प्रवृत्तियों को आवर्त और समूह में समझें।

Practice MCQs

Q1. डॉबेराइनर के त्रिक में, बीच वाले तत्व का परमाणु भार अन्य दो तत्वों के परमाणु भार का लगभग होता है:

Q2. न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक तत्व के गुणधर्म समान होते हैं:

Q3. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों को किस आधार पर व्यवस्थित किया गया था?

Q4. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को किस आधार पर व्यवस्थित किया गया है?

Q5. मैग्नीशियम (Mg) के बाहरी कोश में कितने संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं?

Q6. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व उत्कृष्ट गैस है और इसका बाहरी कोश पूर्ण होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 5 में कौन से मुख्य वर्गीकरण सिद्धांत शामिल हैं?

इस अध्याय में डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत, मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी जैसे तत्वों के वर्गीकरण के मुख्य सिद्धांतों को शामिल किया गया है।

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य सीमाएँ क्या थीं?

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य सीमाओं में हाइड्रोजन की स्थिति, समस्थानिकों का स्थान न मिलना, और कुछ तत्वों का परमाणु भार के अनुसार अनुचित क्रम शामिल था।

आधुनिक आवर्त सारणी ने मेन्डेलीफ की सारणी की किन विसंगतियों को दूर किया?

आधुनिक आवर्त सारणी ने तत्वों को परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित करके मेन्डेलीफ की सारणी की कई विसंगतियों को दूर किया, जैसे कि हाइड्रोजन की स्थिति और समस्थानिकों की समस्या।

तत्वों के बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का आवर्त सारणी में क्या महत्व है?

बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या तत्व की संयोजकता और रासायनिक अभिक्रियाशीलता को निर्धारित करती है, जो आवर्त सारणी में तत्व की स्थिति से संबंधित है।

क्या डॉबेराइनर के त्रिक न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों में पाए जाते हैं?

हाँ, कुछ डॉबेराइनर के त्रिक न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभों में भी पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, लिथियम (Li), सोडियम (Na), और पोटैशियम (K) एक त्रिक बनाते हैं और न्यूलैंड्स के अष्टक में भी एक साथ आते हैं।

मैग्नीशियम (Mg) के समान रासायनिक अभिक्रियाशीलता वाले दो तत्व कौन से हैं?

मैग्नीशियम (Mg) के समान रासायनिक अभिक्रियाशीलता वाले दो तत्व बैरीलियम (Be) और कैल्सियम (Ca) हैं, क्योंकि इन सभी के बाहरी कोश में दो संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।

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