कक्षा 10 विज्ञान: कार्बन एवं उसके यौगिक NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 4, 'कार्बन एवं उसके यौगिक' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर के अणुओं की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाओं को समझना, पेंटेन के संरचनात्मक समावयवों का चित्रण करना, और साइक्लोपेंटेन की संरचना और इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना की व्याख्या करना शामिल है। समाधान कार्बन के उन दो महत्वपूर्ण गुणों पर भी प्रकाश डालते हैं जो यौगिकों की विशाल संख्या के लिए जिम्मेदार हैं: चतुःसंयोजकता और श्रृंखलन। इसके अतिरिक्त, यह एथेनॉल से एथेनोइक एसिड में ऑक्सीकरण अभिक्रिया, ऑक्सीकारक की परिभाषा, और एल्कोहल व कार्बोक्सिलिक एसिड के बीच अंतर करने की विधियों को स्पष्ट करता है। यह खंड वेल्डिंग में एथाइन के उपयोग और कठोर जल का पता लगाने में डिटर्जेंट की सीमाओं जैसे व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर भी चर्चा करता है। अंत में, यह एथेन और ब्यूटेनोन जैसे यौगिकों के नामकरण और संरचनात्मक चित्रण पर केंद्रित है, जो छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. कार्बन एवं उसके यौगिक |
Chapter summary
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 4 'कार्बन एवं उसके यौगिक' के ये NCERT समाधान छात्रों को कार्बन के अद्वितीय गुणों, जैसे कि चतुःसंयोजकता और श्रृंखलन, को समझने में मदद करते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाओं का निर्माण, संरचनात्मक समावयवता की अवधारणा, और विभिन्न कार्बनिक यौगिकों का नामकरण और चित्रण शामिल है। समाधान ऑक्सीकरण अभिक्रियाओं, ऑक्सीकारकों की पहचान, और एल्कोहल व कार्बोक्सिलिक एसिड के बीच अंतर करने की प्रायोगिक विधियों को भी कवर करते हैं।
Learning outcomes
- कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर के अणुओं की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाएँ बनाना सीखें।
- कार्बन के दो प्रमुख गुणधर्मों (चतुःसंयोजकता और श्रृंखलन) को समझें जो यौगिकों की विशाल संख्या के लिए उत्तरदायी हैं।
- संरचनात्मक समावयवों का चित्रण करें और उनकी पहचान करें।
- एल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड के बीच अंतर करने की प्रायोगिक विधि को समझें।
- ऑक्सीकरण अभिक्रियाओं और ऑक्सीकारकों की अवधारणा को स्पष्ट करें।
- कार्बनिक यौगिकों का नामकरण करना सीखें।
Topics covered
Paper topics
- कार्बन की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना
- सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना
- संरचनात्मक समावयवता
- कार्बन के गुणधर्म (चतुःसंयोजकता, श्रृंखलन)
- साइक्लोपेंटेन की संरचना
- कार्बनिक यौगिकों का नामकरण
- एथेनॉइक अम्ल का चित्रण
- ब्रोमोपेंटेन का चित्रण
- ब्यूटेनोन का चित्रण
- हेक्सेनैल का चित्रण
- ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ
- ऑक्सीकारक
- एल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड में अंतर
- डिटर्जेंट और कठोर जल
- साबुन और सफाई क्रिया
Important topics
- कार्बन के गुणधर्म (चतुःसंयोजकता और श्रृंखलन)
- इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाएँ
- संरचनात्मक समावयवता
- ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ
- एल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड में अंतर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
अणु की संरचना एक वलय के समान होती है, जहाँ प्रत्येक S परमाणु दो अन्य S परमाणुओं से जुड़ा होता है।
प्रश्न 3
- n-पेंटेन: यह एक सीधी श्रृंखला है जिसमें पांच कार्बन परमाणु एक पंक्ति में जुड़े होते हैं।
- आइसोपेंटेन (2-मिथाइल ब्यूटेन): इसमें चार कार्बन परमाणुओं की एक श्रृंखला होती है, जिसके दूसरे कार्बन परमाणु पर एक मिथाइल () समूह जुड़ा होता है।
- नियोपेंटेन (2,2-डाइमिथाइल प्रोपेन): इसमें तीन कार्बन परमाणुओं की एक श्रृंखला होती है, जिसके केंद्रीय कार्बन परमाणु पर दो मिथाइल समूह जुड़े होते हैं।
प्रश्न 4
- चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता चार होती है, जिसका अर्थ है कि यह चार अन्य परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंध बना सकता है। यह इसे विभिन्न प्रकार के अणुओं के निर्माण की अनुमति देता है।
- श्रृंखलन (Catenation): कार्बन परमाणुओं में आपस में जुड़कर लंबी, शाखित या चक्रीय श्रृंखलाएँ बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है। यह गुण कार्बन को अत्यंत जटिल और बड़े अणु बनाने में सक्षम बनाता है।
प्रश्न 5
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना में, प्रत्येक कार्बन परमाणु के 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं और प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु का 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है। कार्बन-कार्बन बंधों और कार्बन-हाइड्रोजन बंधों में इलेक्ट्रॉनों को दर्शाया जाता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु के चारों ओर 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक) और प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु के चारों ओर 2 इलेक्ट्रॉन (द्विक) होते हैं।
प्रश्न 6
(a) एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic acid): यह एक कार्बोक्सिलिक एसिड है जिसका सूत्र है। इसमें एक मिथाइल समूह () एक कार्बोक्सिल समूह () से जुड़ा होता है।
संरचना:
(b) ब्रोमोपेंटेन (Bromopentane): यह एक हैलोएल्केन है जिसका सूत्र है। इसमें पेंटेन श्रृंखला के एक कार्बन परमाणु पर एक ब्रोमीन परमाणु जुड़ा होता है। इसके कई समावयव संभव हैं, जैसे 1-ब्रोमोपेंटेन, 2-ब्रोमोपेंटेन, आदि। यहाँ 1-ब्रोमोपेंटेन की संरचना चित्रित की गई है:
संरचना:
(c) ब्यूटेनोन (Butanone): यह एक कीटोन है जिसका सूत्र है। इसमें चार कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला होती है और दूसरे कार्बन परमाणु पर एक कीटोन समूह () जुड़ा होता है।
संरचना:
(d) हेक्सेनैल (Hexanal): यह एक एल्डिहाइड है जिसका सूत्र है। इसमें छह कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला होती है और पहले कार्बन परमाणु पर एक एल्डिहाइड समूह () जुड़ा होता है।
संरचना:
प्रश्न 7
- 1-ब्रोमोपेंटेन: ब्रोमीन पहले कार्बन पर जुड़ा होता है।
- 2-ब्रोमोपेंटेन: ब्रोमीन दूसरे कार्बन पर जुड़ा होता है।
- 3-ब्रोमोपेंटेन: ब्रोमीन तीसरे कार्बन पर जुड़ा होता है।
प्रश्न 8
उदाहरण के लिए, यदि संरचना दी गई होती, तो इसका नाम 'एथेनॉल' होता। यदि संरचना दी गई होती, तो इसका नाम 'एथेनोइक अम्ल' होता।
प्रश्न 9
एथेनॉल की संरचना है और एथेनोइक अम्ल की संरचना है। इस परिवर्तन में, - समूह - समूह में ऑक्सीकृत हो जाता है। यह एक ऑक्सीजन परमाणु के जुड़ने और दो हाइड्रोजन परमाणुओं के हटने के बराबर है। इस प्रकार की अभिक्रियाएँ, जिनमें ऑक्सीजन जुड़ती है या हाइड्रोजन हटती है, ऑक्सीकरण कहलाती हैं।
यह अभिक्रिया आमतौर पर एक प्रबल ऑक्सीकारक जैसे पोटेशियम परमैंगनेट () या पोटेशियम डाइक्रोमेट () की उपस्थिति में की जाती है।
प्रश्न 10
एथाइन और वायु के मिश्रण का उपयोग वेल्डिंग के लिए नहीं किया जाता क्योंकि वायु में केवल लगभग 21% ऑक्सीजन होती है, बाकी मुख्य रूप से नाइट्रोजन होती है। वेल्डिंग के लिए आवश्यक उच्च तापमान प्राप्त करने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। वायु में नाइट्रोजन की उपस्थिति दहन के तापमान को कम कर देती है और पूर्ण दहन के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं करती है, जिससे वेल्डिंग प्रक्रिया अप्रभावी हो जाती है। इसलिए, वेल्डिंग के लिए शुद्ध ऑक्सीजन और एथाइन का नियंत्रित मिश्रण आवश्यक है।
प्रश्न 11
विधि:
- एक परखनली में थोड़ी मात्रा में ऐल्कोहॉल (जैसे एथेनॉल) लें और उसमें सोडियम बाइकार्बोनेट का चूर्ण डालें।
- दूसरी परखनली में थोड़ी मात्रा में कार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे एथेनोइक अम्ल) लें और उसमें सोडियम बाइकार्बोनेट का चूर्ण डालें।
अवलोकन:
- जब सोडियम बाइकार्बोनेट को ऐल्कोहॉल में मिलाया जाता है, तो कोई अभिक्रिया नहीं होती है और कोई गैस उत्सर्जित नहीं होती है।
- जब सोडियम बाइकार्बोनेट को कार्बोक्सिलिक अम्ल में मिलाया जाता है, तो बुदबुदाहट के साथ कार्बन डाइऑक्साइड () गैस उत्सर्जित होती है।
निष्कर्ष: कार्बोक्सिलिक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके गैस देते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल ऐसा नहीं करते। इस प्रकार, गैस का उत्सर्जन कार्बोक्सिलिक अम्ल की उपस्थिति का संकेत देता है।
अभिक्रिया:
प्रश्न 12
सरल शब्दों में, ऑक्सीकारक वह पदार्थ है जो दूसरे पदार्थ से इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करता है।
उदाहरण के लिए, पोटेशियम परमैंगनेट () और पोटेशियम डाइक्रोमेट () प्रबल ऑक्सीकारक हैं जिनका उपयोग कार्बनिक संश्लेषण में किया जाता है।
प्रश्न 13
साबुन, दूसरी ओर, कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अभिक्रिया करके अघुलनशील अवक्षेप (स्कम) बनाते हैं, जिससे झाग कम बनता है। इस प्रकार, साबुन का उपयोग करके जल की कठोरता का पता लगाया जा सकता है (कम झाग = कठोर जल)। लेकिन डिटर्जेंट की यह विशेषता नहीं होती है, इसलिए वे कठोरता का परीक्षण करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
प्रश्न 14
रगड़ने की क्रिया (चाहे वह हाथ से हो, ब्रश से हो या वाशिंग मशीन से) इन मिसेलों को कपड़े से प्रभावी ढंग से हटाने और मैल को पानी में निलंबित रखने के लिए आवश्यक यांत्रिक बल प्रदान करती है। यह क्रिया मैल को ढीला करने और उसे पानी के प्रवाह के साथ बहा ले जाने में सहायता करती है, जिससे कपड़ा साफ हो जाता है।
प्रश्न 15
1. 6 सहसंयोजक आबंध हैं
2. 7 सहसंयोजक आबंध हैं
3. 8 सहसंयोजक आबंध हैं
4. 9 सहसंयोजक आबंध हैं
संरचना इस प्रकार है:
इसमें कुल सहसंयोजक बंधों की संख्या है:
- 1 कार्बन-कार्बन एकल बंध ()
- 6 कार्बन-हाइड्रोजन एकल बंध () (प्रत्येक कार्बन पर 3)
कुल बंधों की संख्या = 1 + 6 = 7 सहसंयोजक आबंध।
इसलिए, सही उत्तर विकल्प 2 है।
प्रश्न 16
अतः, ब्यूटेनोन का प्रकार्यात्मक समूह कीटोन () है।
Common mistakes
- इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाओं में इलेक्ट्रॉनों की सही संख्या और व्यवस्था को दर्शाने में त्रुटियाँ।
- संरचनात्मक समावयवों को बनाते समय सभी संभावित संयोजनों को भूल जाना।
- ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रियाओं के बीच भ्रमित होना।
- कार्बनिक यौगिकों के नामकरण के IUPAC नियमों को गलत लागू करना।
Revision tips
- प्रत्येक यौगिक के लिए इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाओं का अभ्यास करें, विशेष रूप से उन यौगिकों के लिए जिनमें दोहरे या तिहरे बंधन होते हैं।
- कार्बन के श्रृंखलन गुणधर्म को दर्शाने वाले विभिन्न संरचनात्मक समावयवों के उदाहरणों की समीक्षा करें।
- ऑक्सीकरण अभिक्रियाओं के उदाहरणों को याद करें और समझें कि वे कैसे कार्य करती हैं।
- एल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड के बीच अंतर करने के लिए सोडियम बाइकार्बोनेट परीक्षण को याद रखें।
Practice MCQs
Q1. कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना में केंद्रीय कार्बन परमाणु के चारों ओर कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
Explanation: कार्बन डाइऑक्साइड में, कार्बन परमाणु दोहरे बंधों द्वारा दो ऑक्सीजन परमाणुओं से जुड़ा होता है। प्रत्येक दोहरा बंधन 4 इलेक्ट्रॉनों का योगदान देता है, और कार्बन के पास 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे कुल 8 इलेक्ट्रॉन (4 बंधन जोड़ी) केंद्रीय कार्बन के चारों ओर होते हैं।
Q2. कार्बन के किस गुणधर्म के कारण यह लंबी श्रृंखलाएँ बना सकता है?
Explanation: श्रृंखलन वह गुण है जिसके द्वारा कार्बन परमाणु एक दूसरे से जुड़कर लंबी सीधी, शाखित या चक्रीय श्रृंखलाएँ बना सकते हैं, जिससे कार्बन यौगिकों की एक विशाल विविधता उत्पन्न होती है।
Q3. एथेनॉल को एथेनोइक एसिड में बदलने वाली अभिक्रिया किस प्रकार की है?
Explanation: एथेनॉल से एथेनोइक एसिड में परिवर्तन में ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन की कमी शामिल होती है, जो एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया का विशिष्ट लक्षण है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके CO2 गैस उत्पन्न करता है?
Explanation: कार्बोक्सिलिक एसिड, जैसे एथेनोइक एसिड, सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करते हैं, जबकि एल्कोहल ऐसी अभिक्रिया नहीं दिखाते हैं।
Frequently asked questions
कार्बन के कौन से दो गुणधर्म इसे इतने सारे यौगिक बनाने में मदद करते हैं?
कार्बन के दो मुख्य गुणधर्म हैं: 1. चतुःसंयोजकता (चार सहसंयोजक बंध बनाने की क्षमता) और 2. श्रृंखलन (कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी श्रृंखलाएँ बनाने की क्षमता)।
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या है?
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना एक अणु में परमाणुओं के बीच सहसंयोजक बंधों को दर्शाने का एक तरीका है, जिसमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों को बिंदुओं के रूप में दिखाया जाता है।
संरचनात्मक समावयव क्या होते हैं?
संरचनात्मक समावयव वे यौगिक होते हैं जिनका आण्विक सूत्र समान होता है लेकिन परमाणुओं की व्यवस्था (संरचना) भिन्न होती है।
ऑक्सीकरण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं?
ऑक्सीकरण अभिक्रिया वह है जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है या हाइड्रोजन की कमी होती है। एथेनॉल से एथेनोइक एसिड का बनना इसका एक उदाहरण है।
एल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड में अंतर कैसे किया जा सकता है?
सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके एल्कोहल कोई गैस नहीं देते, जबकि कार्बोक्सिलिक एसिड CO2 गैस उत्पन्न करते हैं।
क्या डिटर्जेंट का उपयोग करके जल की कठोरता का पता लगाया जा सकता है?
नहीं, डिटर्जेंट का उपयोग करके जल की कठोरता का पता नहीं लगाया जा सकता क्योंकि वे कठोर और मृदु दोनों प्रकार के जल में झाग (मिसेल) बनाते हैं।
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