कक्षा 10 विज्ञान: धातु एवं अधातु NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 के विज्ञान विषय के अध्याय 3, 'धातु एवं अधातु' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें धातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों, जैसे कमरे के तापमान पर अवस्था, आघातवर्धनीयता, तन्यता, ऊष्मा चालकता और विभिन्न अभिकर्मकों के साथ उनकी अभिक्रियाओं को समझाया गया है। समाधान सोडियम जैसी अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं को केरोसिन में डुबोकर रखने के कारण, जल और भाप के साथ धातुओं की अभिक्रियाओं के समीकरण, और अभिक्रियाशीलता श्रृंखला के आधार पर धातुओं की तुलना पर भी प्रकाश डालते हैं। इसके अतिरिक्त, यह प्रश्न आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक के कारणों, इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचनाओं के निर्माण, और खनिज, अयस्क तथा गैंग जैसे महत्वपूर्ण पदों की परिभाषाओं को भी कवर करते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. धातु एवं अधातु

Chapter summary

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 3 'धातु एवं अधातु' के ये NCERT समाधान धातुओं और अधातुओं के मूलभूत सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं। इसमें धातुओं के विशिष्ट गुणधर्मों, जैसे कमरे के तापमान पर उनकी अवस्था, आघातवर्धनीयता, तन्यता, और ऊष्मा चालकता पर चर्चा की गई है। समाधान जल, अम्ल और अन्य अभिकर्मकों के साथ धातुओं की अभिक्रियाओं को समीकरणों के माध्यम से समझाते हैं, साथ ही अभिक्रियाशीलता श्रृंखला के महत्व को भी दर्शाते हैं। आयनिक यौगिकों के गुणधर्म और खनिज, अयस्क, गैंग जैसे पदों की परिभाषाएँ भी शामिल हैं, जो छात्रों को धातु निष्कर्षण की प्रक्रिया को समझने में मदद करती हैं।

Learning outcomes

  • धातुओं के भौतिक गुणधर्मों को समझना।
  • आघातवर्धनीयता और तन्यता जैसे गुणों को परिभाषित करना।
  • विभिन्न अभिकर्मकों के साथ धातुओं की अभिक्रियाओं के समीकरण लिखना।
  • अभिक्रियाशीलता श्रृंखला के आधार पर धातुओं की तुलना करना।
  • आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक के कारण को समझना।
  • खनिज, अयस्क और गैंग के बीच अंतर स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • धातुओं के भौतिक गुणधर्म
  • आघातवर्धनीयता
  • तन्यता
  • ऊष्मा और विद्युत चालकता
  • धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया
  • धातुओं की अम्ल के साथ अभिक्रिया
  • धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रृंखला
  • आयनिक यौगिक
  • आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक
  • इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना
  • खनिज
  • अयस्क
  • गैंग

Important topics

  • धातुओं के भौतिक गुणधर्म
  • धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रृंखला
  • धातुओं की जल एवं अम्ल के साथ अभिक्रियाएँ
  • आयनिक यौगिकों का निर्माण एवं गुणधर्म
  • खनिज, अयस्क और गैंग की परिभाषाएँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो:

(a) कमरे के ताप पर द्रव होती है।

(b) चाकू से आसानी से काटी जा सकती है।

(c) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।

(d) ऊष्मा की कुचालक होती है।

Solution:

यहाँ विभिन्न धातुओं के गुणधर्मों के आधार पर उदाहरण दिए गए हैं:

(a) कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली धातु मर्करी (पारा) है।

(b) जिन धातुओं को चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, वे सामान्यतः नरम होती हैं। इसके उदाहरण हैं सोडियम (Na), लिथियम (Li), और पोटैशियम (K)

(c) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक धातुएँ वे होती हैं जो ऊष्मा का संवहन बहुत कुशलता से करती हैं। सिल्वर (Ag) और कॉपर (Cu) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक धातुओं में से हैं।

(d) ऊष्मा की कुचालक धातुएँ वे होती हैं जो ऊष्मा का संवहन अच्छी तरह से नहीं करतीं। लेड (Pb) और मर्करी (Hg) ऊष्मा की कुचालक धातुओं के उदाहरण हैं।

प्रश्न 2

आघातवर्ध्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।
Solution:

धातुओं के ये दो महत्वपूर्ण भौतिक गुणधर्म हैं:

आघातवर्धनीयता (Malleability): यह धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उन्हें हथौड़े या रोलर्स की सहायता से पीटकर या दबाकर पतली चादरों (sheets) में परिवर्तित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, सोना और चांदी अत्यधिक आघातवर्ध्य धातुएँ हैं।

तन्यता (Ductility): यह धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तारों (wires) के रूप में बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, तांबा (कॉपर) का उपयोग बिजली के तारों में किया जाता है क्योंकि यह तन्य होता है।

प्रश्न 1

सोडियम को केरोसिन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
Solution:

सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) जैसी क्षार धातुएँ अत्यधिक क्रियाशील होती हैं। ये हवा में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी के साथ बहुत तेजी से अभिक्रिया करती हैं। सोडियम हवा के संपर्क में आने पर इतनी तेजी से अभिक्रिया करता है कि यह आसानी से आग पकड़ लेता है। इस अनियंत्रित अभिक्रिया को रोकने और धातु को सुरक्षित रखने के लिए, इसे केरोसिन (मिट्टी का तेल) जैसे निष्क्रिय द्रव में डुबोकर रखा जाता है। केरोसिन सोडियम को हवा और नमी के संपर्क में आने से बचाता है।

प्रश्न 2

इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिएः

(a) भाप के साथ आयरन।

(b) जल के साथ कैल्सियम तथा पोटैशियम।

Solution:

यहाँ दी गई अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण दिए गए हैं:

(a) भाप के साथ आयरन (Iron with steam):

जब आयरन (Fe) को उच्च तापमान पर भाप (जलवाष्प, H₂O) के साथ अभिकृत किया जाता है, तो आयरन (II, III) ऑक्साइड (Fe₃O₄) और हाइड्रोजन गैस (H₂) बनती है।

3Fe(s) + 4H_2O(g) \xrightarrow{उच्च \ तापमान}

Common mistakes

  • धातुओं और अधातुओं के गुणधर्मों को आपस में मिला देना।
  • अभिक्रियाशीलता श्रृंखला को सही क्रम में याद न रख पाना।
  • संतुलित रासायनिक समीकरण लिखने में त्रुटियाँ करना।
  • आयनिक यौगिकों के निर्माण में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण को गलत समझना।

Revision tips

  • सभी धातुओं के विशिष्ट गुणधर्मों की एक सारणी बनाएँ।
  • अभिक्रियाशीलता श्रृंखला को याद करने के लिए निमोनिक्स का प्रयोग करें।
  • प्रत्येक अभिक्रिया के लिए रासायनिक समीकरणों का अभ्यास करें।
  • आयनिक यौगिकों के निर्माण और उनके गुणों को चित्र बनाकर समझें।
  • खनिज, अयस्क और गैंग की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से याद करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी धातु कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है?

Q2. धातुओं के किस गुणधर्म के कारण उन्हें पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है?

Q3. सोडियम को केरोसिन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?

Q4. जल के साथ कैल्सियम की अभिक्रिया से कौन से उत्पाद बनते हैं?

Q5. अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन सी है (दिए गए विकल्पों में)?

Q6. आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 3 'धातु एवं अधातु' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में धातुओं और अधातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों, धातुओं की जल, अम्ल और अन्य अभिकर्मकों के साथ अभिक्रियाओं, अभिक्रियाशीलता श्रृंखला, आयनिक यौगिकों के निर्माण और गुणधर्मों, तथा खनिज, अयस्क और गैंग जैसे पदों की परिभाषाओं को शामिल किया गया है।

धातुओं को केरोसिन में क्यों डुबोकर रखा जाता है?

सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक क्रियाशील धातुओं को केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है क्योंकि वे हवा के संपर्क में आने पर आसानी से ऑक्सीकृत होकर आग पकड़ लेती हैं। केरोसिन उन्हें हवा और नमी से बचाता है।

आघातवर्धनीयता और तन्यता में क्या अंतर है?

आघातवर्धनीयता वह गुण है जिसके द्वारा धातु को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, जबकि तन्यता वह गुण है जिसके द्वारा धातु को खींचकर पतले तारों में बदला जा सकता है।

आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?

आयनिक यौगिकों में धनात्मक और ऋणात्मक आयनों के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल होता है। इस बल को तोड़ने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसके कारण इनका गलनांक उच्च होता है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। अभ्यास प्रश्नों के हल से उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का सामना करने के लिए तैयार होने में सहायता मिलती है।

अभिक्रियाशीलता श्रृंखला का क्या महत्व है?

अभिक्रियाशीलता श्रृंखला धातुओं की एक-दूसरे के सापेक्ष अभिक्रियाशीलता को दर्शाती है। इसका उपयोग यह अनुमान लगाने के लिए किया जाता है कि कौन सी धातु दूसरी धातु को उसके यौगिक के विलयन से विस्थापित कर सकती है।

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