कक्षा 10 विज्ञान: अध्याय 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 2, 'अम्ल, क्षारक एवं लवण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अम्ल और धातुओं के बीच अभिक्रियाओं से हाइड्रोजन गैस का निकलना, अम्लों के जलीय विलयनों का विद्युत चालन, और तनुकरण की प्रक्रिया को समझाया गया है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि क्यों कुछ यौगिक अम्लीय गुण प्रदर्शित करते हैं जबकि अन्य नहीं, और pH मान के आधार पर विलयनों की अम्लता या क्षारकता का निर्धारण कैसे किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय बताता है कि मिट्टी की अम्लता को नियंत्रित करने के लिए किन रसायनों का उपयोग किया जा सकता है। ये समाधान छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 2. अम्ल, क्षारक एवं लवण |
Chapter summary
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 2 'अम्ल, क्षारक एवं लवण' के ये NCERT समाधान छात्रों को अम्ल, क्षारक और लवणों के मूलभूत सिद्धांतों को समझने में मदद करते हैं। इसमें विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं, जैसे अम्ल-धातु अभिक्रियाएं, और उनके उत्पादों का विश्लेषण शामिल है। समाधान pH पैमाने, आयनों की सांद्रता और विलयनों की चालकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी कवर करते हैं। यह अध्याय छात्रों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों, जैसे मिट्टी के pH को समायोजित करना, के बारे में भी सिखाता है।
Learning outcomes
- अम्लों और धातुओं के बीच अभिक्रियाओं को समझना।
- अम्लों के जलीय विलयनों की विद्युत चालकता के कारण को जानना।
- अम्ल को तनुकृत करने की सुरक्षित विधि को समझना।
- pH मान के आधार पर विलयनों की अम्लता और क्षारकता का निर्धारण करना।
- मिट्टी की अम्लता को उदासीन करने के तरीकों को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- अम्लों के गुण
- क्षारकों के गुण
- लवणों के गुण
- अम्ल-धातु अभिक्रियाएं
- अम्ल-क्षारक अभिक्रियाएं (उदासीनीकरण)
- अम्लों का जलीय विलयन
- विद्युत चालकता
- अम्ल का तनुकरण
- pH पैमाना
- हाइड्रोजन आयन सांद्रता
- हाइड्रॉक्साइड आयन सांद्रता
- मिट्टी का pH समायोजन
Important topics
- अम्ल-धातु अभिक्रियाएं और गैस की पहचान
- अम्लों के जलीय विलयनों की विद्युत चालकता का कारण
- अम्ल को तनुकृत करने की विधि और हाइड्रोनियम आयन सांद्रता पर प्रभाव
- pH मान और अम्लता/क्षारकता के बीच संबंध
- मिट्टी की अम्लता को उदासीन करने के उपाय
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
उदाहरण के लिए, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (एक प्रबल क्षारक, जिसे यहाँ धातु यौगिक के रूप में लिया गया है) की जिंक (एक धातु) के साथ अभिक्रिया:
2NaOH(aq) + Zn(s) \rightarrow Na_2ZnO_2(aq) + H_2(g)
इस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
गैस की उपस्थिति की जाँच:
उत्पन्न गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए, एक जलती हुई मोमबत्ती को उस परखनली के मुँह के पास लाया जाता है जिसमें गैस निकल रही है। यदि गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है, तो यह पुष्टि करता है कि वह हाइड्रोजन गैस है।
प्रश्न 3
यह इंगित करता है कि धातु यौगिक 'A' कैल्सियम कार्बोनेट () है, क्योंकि कार्बोनेट अम्ल के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करते हैं और लवण बनाते हैं।
इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:
यहाँ, कैल्सियम कार्बोनेट (A) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके कैल्सियम क्लोराइड, कार्बन डाइऑक्साइड गैस और जल बनाता है।
प्रश्न 1
इसके विपरीत, ऐल्कोहॉल और ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के अणुओं में हाइड्रोजन परमाणु तो होते हैं, लेकिन जलीय विलयन में वे आयन उत्पन्न नहीं करते हैं। उदाहरण के लिए, ग्लूकोज़ का सूत्र है, और ऐल्कोहॉल का सामान्य सूत्र है। ये यौगिक जल में घुलकर आयन नहीं देते, इसलिए वे अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं।
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 1
विलयन 'A' का = 6 है। चूँकि का मान 7 से कम है, यह विलयन अम्लीय है।
विलयन 'B' का = 8 है। चूँकि का मान 7 से अधिक है, यह विलयन क्षारकीय है।
पैमाने पर, हाइड्रोजन आयन () की सांद्रता मान के व्युत्क्रमानुपाती होती है। इसका मतलब है कि मान जितना कम होगा, हाइड्रोजन आयन की सांद्रता उतनी ही अधिक होगी।
चूँकि विलयन 'A' का (6) विलयन 'B' के (8) से कम है, इसलिए विलयन 'A' में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है।
प्रश्न 2
प्रश्न 3
एक विलयन क्षारकीय तब कहलाता है जब उसमें हाइड्रॉक्साइड आयनों () की सांद्रता हाइड्रोजन आयनों () की सांद्रता से अधिक होती है। यद्यपि आयन मौजूद होते हैं, उनकी संख्या आयनों की तुलना में बहुत कम होती है, जिसके कारण विलयन समग्र रूप से क्षारकीय गुण प्रदर्शित करता है।
प्रश्न 4
Common mistakes
- अम्ल को जल में मिलाते समय जल को अम्ल में मिलाने की गलती करना, जिससे तीव्र अभिक्रिया हो सकती है।
- हाइड्रोजन आयन (H+) और हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) की सांद्रता के बीच संबंध को गलत समझना।
- अम्लीय और क्षारीय विलयनों के बीच अंतर करने में कठिनाई।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए रासायनिक समीकरणों का अभ्यास करें।
- pH मान और हाइड्रोजन आयन सांद्रता के बीच व्युत्क्रम संबंध को याद रखें।
- अम्ल को तनुकृत करने की प्रक्रिया और उसके पीछे के तर्क को समझें।
- विभिन्न यौगिकों के अम्लीय या क्षारीय व्यवहार के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. पीतल के बर्तन में दही रखने पर वह खराब क्यों हो जाता है?
Explanation: दही में लैक्टिक अम्ल होता है, जो पीतल (एक मिश्र धातु) से अभिक्रिया करके ऐसे यौगिक बना सकता है जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं होते।
Q2. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया से सामान्यतः कौन सी गैस निकलती है?
Explanation: जब अम्ल किसी सक्रिय धातु से अभिक्रिया करता है, तो सामान्यतः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
Q3. हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच कैसे की जाती है?
Explanation: जलती हुई मोमबत्ती को हाइड्रोजन गैस के पास ले जाने पर 'पॉप' ध्वनि के साथ जलना इसकी पहचान है।
Q4. विलयन A का pH 6 है और विलयन B का pH 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है?
Explanation: pH मान जितना कम होता है, हाइड्रोजन आयन (H+) की सांद्रता उतनी ही अधिक होती है। pH 6, pH 8 से कम अम्लीय है।
Q5. अम्ल को जल में मिलाने पर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) की सांद्रता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Explanation: अम्ल को जल में मिलाने पर आयतन बढ़ता है, जिससे प्रति इकाई आयतन में हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता कम हो जाती है।
Frequently asked questions
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 2 में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इस अध्याय में अम्ल, क्षारक और लवणों के गुण, उनकी अभिक्रियाएं (जैसे अम्ल-धातु, अम्ल-क्षारक), जलीय विलयनों की चालकता, अम्ल का तनुकरण, pH पैमाना और मिट्टी के pH का समायोजन जैसे विषय शामिल हैं।
अम्ल को जल में क्यों मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में?
अम्ल को जल में धीरे-धीरे मिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि अम्ल और जल की अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है। यदि जल को सांद्र अम्ल में मिलाया जाए, तो अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो सकती है जिससे मिश्रण छलक सकता है या विस्फोट हो सकता है।
pH मान 7 से कम, बराबर और अधिक होने का क्या मतलब है?
pH मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है, pH मान 7 होने पर विलयन उदासीन होता है, और pH मान 7 से अधिक होने पर विलयन क्षारीय होता है।
क्या क्षारकीय विलयन में हाइड्रोजन आयन (H+) होते हैं?
हाँ, क्षारकीय विलयन में भी हाइड्रोजन आयन (H+) होते हैं, लेकिन उनमें हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) की सांद्रता हाइड्रोजन आयन की सांद्रता से बहुत अधिक होती है, जिसके कारण विलयन क्षारकीय होता है।
किसान अपनी मिट्टी की अम्लता को कैसे ठीक कर सकता है?
यदि मिट्टी अत्यधिक अम्लीय हो जाती है, तो किसान बिना बुझा चूना (कैल्शियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड), या चॉक (कैल्शियम कार्बोनेट) जैसे क्षारीय पदार्थों का उपयोग करके मिट्टी को उदासीन बना सकता है।
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