कक्षा 10 विज्ञान NCERT समाधान: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

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यह पृष्ठ कक्षा 10 के विज्ञान विषय के अध्याय 1, 'रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पाठगत प्रश्नों और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो रासायनिक अभिक्रियाओं को समझने, उन्हें संतुलित रासायनिक समीकरणों के रूप में लिखने और विभिन्न प्रकार की अभिक्रियाओं जैसे ऑक्सीकरण-अपचयन, विस्थापन और द्वि-विस्थापन अभिक्रियाओं की पहचान करने में छात्रों की सहायता करते हैं। समाधानों में प्रत्येक चरण का स्पष्टीकरण, रासायनिक सूत्रों का सही उपयोग और अवस्था संकेतों का समावेश शामिल है। यह सामग्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है, जिससे वे रासायनिक अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से सीख सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Chapter summary

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 1 'रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण' के ये NCERT समाधान छात्रों को रासायनिक अभिक्रियाओं की मूल बातें समझने में मदद करते हैं। इसमें रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना, विभिन्न अभिक्रियाओं के प्रकारों की पहचान करना (जैसे ऑक्सीकरण-अपचयन, विस्थापन), और अभिक्रियाओं में पदार्थों की भूमिका को समझना शामिल है। समाधानों में पाठगत और अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए गए हैं, जो छात्रों को अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा के लिए अभ्यास करने में सहायक हैं।

Learning outcomes

  • रासायनिक अभिक्रियाओं को पहचानना और उन्हें संतुलित करना सीखना।
  • विभिन्न प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाओं (जैसे ऑक्सीकरण-अपचयन, विस्थापन) को समझना।
  • रासायनिक समीकरणों में अवस्था संकेतों का सही उपयोग करना।
  • पदार्थों के ऑक्सीकरण और अपचयन की प्रक्रिया को समझना।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं के आधार पर प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करना।

Topics covered

Paper topics

  • रासायनिक अभिक्रियाएँ
  • संतुलित रासायनिक समीकरण
  • अवस्था संकेत
  • संयोजन अभिक्रिया
  • वियोजन अभिक्रिया
  • विस्थापन अभिक्रिया
  • द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
  • ऑक्सीकरण अभिक्रिया
  • अपचयन अभिक्रिया
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया
  • संक्षारण

Important topics

  • रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना
  • ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रियाएँ
  • विस्थापन और द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएँ
  • रासायनिक अभिक्रियाओं के उदाहरण
  • पदार्थों की अवस्थाएँ और उनके संकेत

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Questions and Solutions

प्र० 1. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?

वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?
Solution: मैग्नीशियम एक अत्यधिक क्रियाशील धातु है। जब इसे वायुमंडल में खुला छोड़ दिया जाता है, तो यह वायु में मौजूद ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक परत बना लेता है। यह परत मैग्नीशियम रिबन की सतह पर जमा हो जाती है। यदि इस परत को साफ न किया जाए, तो यह जलने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है क्योंकि यह मैग्नीशियम को सीधे वायु की ऑक्सीजन के संपर्क में आने से रोकती है। इसलिए, मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले सैंडपेपर (रेगमाल) से रगड़कर साफ किया जाता है ताकि सतह से मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत हट जाए और मैग्नीशियम सीधे वायु में जल सके।

प्र० 2. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए :

निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए :

(i) H_2(g) + Cl_2(g) \rightarrow HCl(g)

(ii) बेरियम क्लोराइड (BaCl_2) + एल्युमीनियम सल्फेट (Al_2(SO_4)_3) \rightarrow बेरियम सल्फेट (BaSO_4) + एल्युमीनियम क्लोराइड (AlCl_3)

(iii) सोडियम (Na) + जल (H_2O) \rightarrow सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) + हाइड्रोजन (H_2)

Solution:
  1. हाइड्रोजन और क्लोरीन की अभिक्रिया: अभिक्रिया: H_2(g) + Cl_2(g) \rightarrow HCl(g) यह समीकरण पहले से ही संतुलित है क्योंकि अभिकारकों और उत्पादों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर है। संतुलित समीकरण: H_2(g) + Cl_2(g) \rightarrow 2HCl(g)
  2. बेरियम क्लोराइड और एल्युमीनियम सल्फेट की अभिक्रिया: अभिक्रिया: BaCl_2 + Al_2(SO_4)_3 \rightarrow BaSO_4 + AlCl_3 इस समीकरण को संतुलित करने के लिए, हम परमाणुओं की संख्या गिनते हैं: अभिकारक पक्ष: Ba=1, Cl=2, Al=2, S=3, O=12 उत्पाद पक्ष: Ba=1, S=1, O=4, Al=1, Cl=3 संतुलन के लिए: बेरियम सल्फेट (BaSO_4) के 3 अणु बनाने के लिए, हमें BaCl_2 के 3 अणु और Al_2(SO_4)_3 के 1 अणु की आवश्यकता होगी। इससे Ba और SO_4 संतुलित हो जाएंगे। अब AlCl_3 के लिए, Al_2(SO_4)_3 में 2 Al परमाणु हैं, इसलिए हमें AlCl_3 के 2 अणु चाहिए। संतुलित समीकरण: 3BaCl_2(aq) + Al_2(SO_4)_3(aq) \rightarrow 3BaSO_4(s) + 2AlCl_3(aq)
  3. सोडियम और जल की अभिक्रिया: अभिक्रिया: Na + H_2O \rightarrow NaOH + H_2 अभिकारक पक्ष: Na=1, H=2, O=1 उत्पाद पक्ष: Na=1, O=1, H=3 हाइड्रोजन परमाणुओं को संतुलित करने के लिए, हम H_2O के सामने 2 और NaOH के सामने 2 लगाते हैं। संतुलित समीकरण: 2Na(s) + 2H_2O(l) \rightarrow 2NaOH(aq) + H_2(g)

प्र० 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए :

निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए :

(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अधुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।

(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में ) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।

Solution:
  1. बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फेट की अभिक्रिया: अभिक्रिया में शामिल पदार्थ हैं: बेरियम क्लोराइड (BaCl_2), सोडियम सल्फेट (Na_2SO_4), सोडियम क्लोराइड (NaCl), और बेरियम सल्फेट (BaSO_4)। अवस्थाएँ: बेरियम क्लोराइड का विलयन (aq), सोडियम सल्फेट का विलयन (aq), सोडियम क्लोराइड का विलयन (aq), और बेरियम सल्फेट का अवक्षेप (s)। असंतुलित समीकरण: BaCl_2(aq) + Na_2SO_4(aq) \rightarrow NaCl(aq) + BaSO_4(s) संतुलित करने पर, हमें BaCl_2 और NaCl के सामने 2 लगाना होगा। संतुलित समीकरण: BaCl_2(aq) + Na_2SO_4(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + BaSO_4(s)
  2. सोडियम हाइड्रोक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया: अभिक्रिया में शामिल पदार्थ हैं: सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH), हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), सोडियम क्लोराइड (NaCl), और जल (H_2O)। अवस्थाएँ: सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (aq), हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का विलयन (aq), सोडियम क्लोराइड का विलयन (aq), और जल (l)। असंतुलित समीकरण: NaOH(aq) + HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l) यह समीकरण पहले से ही संतुलित है क्योंकि अभिकारकों और उत्पादों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर है। संतुलित समीकरण: NaOH(aq) + HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l)

प्र० 1. किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है।

किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है।

(i) पदार्थ 'X' का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।

(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।

Solution:
  1. पदार्थ 'X' का नाम **कैल्शियम ऑक्साइड** है और इसका सूत्र **CaO** है। इसे 'बिना बुझा चूना' भी कहते हैं।
  2. जब कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) को जल (H_2O) के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करता है और कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)_2) बनाता है, जिसे 'बुझा चूना' कहते हैं। यह विलयन सफेदी करने के काम आता है। अभिक्रिया: CaO(s) + H_2O(l) \rightarrow Ca(OH)_2(aq)

प्र० 2. क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
Solution: क्रियाकलाप 1.7 में, जल के विद्युत अपघटन (electrolysis of water) का वर्णन किया गया है। जल के विद्युत अपघटन में, जल (H_2O) हाइड्रोजन (H_2) और ऑक्सीजन (O_2) में विघटित हो जाता है। अभिक्रिया: 2H_2O(l) \xrightarrow{विद्युत \ अपघटन} 2H_2(g) + O_2(g) इस अभिक्रिया के संतुलित समीकरण से स्पष्ट है कि हाइड्रोजन के 2 अणु बनते हैं जबकि ऑक्सीजन का 1 अणु बनता है। इसलिए, कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर एकत्रित होने वाली हाइड्रोजन गैस की मात्रा एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) पर एकत्रित होने वाली ऑक्सीजन गैस की मात्रा से दोगुनी होती है। अतः, जिस परखनली में गैस की मात्रा दोगुनी एकत्रित हुई है, वह **हाइड्रोजन गैस** है।

प्रश्न 1: नीचे दी गयी अभिक्रिया के सम्बन्ध में कौन सा कथन असत्य है ?

नीचे दी गयी अभिक्रिया के सम्बन्ध में कौन सा कथन असत्य है ?

2PbO(s) + C(s) \rightarrow 2Pb(s) + CO_2(g)

(a) सीसा अपचयित हो रहा है।

(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।

(c) कार्बन अपचयित हो रहा है।

(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।

Solution: दी गई अभिक्रिया है: 2PbO(s) + C(s) \rightarrow 2Pb(s) + CO_2(g) इस अभिक्रिया में, लेड ऑक्साइड (PbO) ऑक्सीजन खो रहा है और लेड (Pb) में परिवर्तित हो रहा है। ऑक्सीजन का हटना अपचयन कहलाता है। इसलिए, लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है। कार्बन (C) ऑक्सीजन प्राप्त कर रहा है और कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) में परिवर्तित हो रहा है। ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है। इसलिए, कार्बन ऑक्सीकृत हो रहा है। अब कथनों का विश्लेषण करते हैं:
  1. सीसा अपचयित हो रहा है: यह कथन असत्य है। लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है, सीसा नहीं।
  2. कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है: यह कथन असत्य है। कार्बन डाइऑक्साइड बन रहा है, लेकिन यह उपचयित नहीं हो रहा है, बल्कि कार्बन उपचयित हो रहा है।
  3. कार्बन अपचयित हो रहा है: यह कथन असत्य है। कार्बन ऑक्सीकृत हो रहा है, अपचयित नहीं।
  4. लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है: यह कथन सत्य है, क्योंकि PbO ऑक्सीजन खोकर Pb में बदल रहा है।
इसलिए, असत्य कथन (a), (b), और (c) हैं। दिए गए विकल्पों में से, हमें वह चुनना है जो असत्य कथन को दर्शाता है। यदि प्रश्न का आशय यह है कि कौन से कथन असत्य हैं, तो (a), (b), और (c) असत्य हैं। यदि प्रश्न का आशय यह है कि कौन सा विकल्प सही है जो असत्य कथन को इंगित करता है, तो हमें विकल्पों को देखना होगा। दिए गए उत्तरों के अनुसार, विकल्प (ii) (a) एवं (c) कथन सत्य है, यह गलत है। प्रश्न पूछ रहा है कि कौन सा कथन असत्य है। सही विश्लेषण के अनुसार: (a) सीसा अपचयित हो रहा है - असत्य। (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है - असत्य। (c) कार्बन अपचयित हो रहा है - असत्य। (d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है - सत्य। इसलिए, असत्य कथन (a), (b), और (c) हैं। यदि हमें एक विकल्प चुनना है, तो यह प्रश्न के विकल्पों पर निर्भर करेगा। मूल स्रोत के अनुसार, उत्तर (ii) (a) एवं (c) कथन सत्य है, यह गलत है। प्रश्न पूछ रहा है कि कौन सा कथन असत्य है। सही उत्तर है कि कथन (a), (b), और (c) असत्य हैं।

सप्त 2: Fe_2O_3 + 2Al \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe

Fe_2O_3 + 2Al \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe

ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

(a) संयोजन अभिक्रिया

(b) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया

(c) वियोजन अभिक्रिया

(d) विस्थापन अभिक्रिया

Solution: दी गई अभिक्रिया है: Fe_2O_3 + 2Al \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe इस अभिक्रिया में, एल्युमीनियम (Al) आयरन (Fe) को उसके ऑक्साइड (Fe_2O_3) से विस्थापित कर रहा है। एल्युमीनियम, आयरन से अधिक क्रियाशील धातु है, इसलिए वह आयरन को उसके यौगिक से अलग कर देता है और स्वयं उसका स्थान ले लेता है। इस प्रकार की अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। इसलिए, सही उत्तर है (d) विस्थापन अभिक्रिया।

प्रश्न 3: लौह चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाये।

लौह चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाये।

(a) हाइड्रोजन गैस और एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रो-क्साइड बनता है।

Solution: जब लौह चूर्ण (Iron, Fe) पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Dilute Hydrochloric Acid, HCl) डाला जाता है, तो एक रासायनिक अभिक्रिया होती है जिसमें हाइड्रोजन गैस (H_2) और आयरन (II) क्लोराइड (FeCl_2) बनता है। यह एक अम्ल और धातु के बीच की अभिक्रिया है, जिसमें लवण और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। अभिक्रिया का संतुलित समीकरण इस प्रकार है: Fe(s) + 2HCl(aq) \rightarrow FeCl_2(aq) + H_2(g) इसलिए, सही उत्तर है (a) हाइड्रोजन गैस और आयरन क्लोराइड बनता है।

Common mistakes

  • रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने में त्रुटियाँ।
  • ऑक्सीकरण और अपचयन को गलत पहचानना।
  • अभिक्रियाओं के प्रकारों को गलत वर्गीकृत करना।
  • पदार्थों के सूत्रों और अवस्था संकेतों को गलत लिखना।

Revision tips

  • प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया को लिखने और संतुलित करने का अभ्यास करें।
  • ऑक्सीकरण और अपचयन को पहचानने के लिए उदाहरणों का अध्ययन करें।
  • विभिन्न प्रकार की अभिक्रियाओं के बीच अंतर को समझें।
  • पाठगत और अभ्यास प्रश्नों को हल करके अपनी समझ का परीक्षण करें।

Practice MCQs

Q1. अभिक्रिया <math>2PbO(s) + C(s) \rightarrow 2Pb(s) + CO_2(g)</math> में कौन सा कथन सत्य है?

Q2. अभिक्रिया <math>Fe_2O_3 + 2Al \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe</math> किस प्रकार की अभिक्रिया है?

Q3. लौह चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने पर क्या बनता है?

Q4. सफेदी करने के लिए किस पदार्थ के जलीय विलयन का उपयोग किया जाता है?

Q5. जल के विद्युत अपघटन में, कैथोड पर कौन सी गैस एकत्रित होती है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 1 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में रासायनिक अभिक्रियाओं की पहचान, उन्हें संतुलित रासायनिक समीकरणों के रूप में लिखना, विभिन्न प्रकार की अभिक्रियाओं (जैसे संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्वि-विस्थापन, ऑक्सीकरण-अपचयन) को समझना और उनके उदाहरणों का अध्ययन करना शामिल है।

रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना क्यों महत्वपूर्ण है?

रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि अभिक्रिया में भाग लेने वाले अभिकारकों के परमाणुओं की संख्या उत्पाद में बने तत्वों के परमाणुओं की संख्या के बराबर होनी चाहिए।

ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है?

ऑक्सीकरण में किसी पदार्थ का ऑक्सीजन से संयोग या हाइड्रोजन का वियोग होता है, जबकि अपचयन में किसी पदार्थ का हाइड्रोजन से संयोग या ऑक्सीजन का वियोग होता है। एक ही अभिक्रिया में ये दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ होती हैं, जिसे रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।

इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। अभ्यास प्रश्नों को हल करके छात्र अपनी तैयारी का मूल्यांकन कर सकते हैं और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

क्या इन समाधानों में रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए अवस्था संकेत शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में रासायनिक अभिक्रियाओं को लिखते समय अभिकारकों और उत्पादों के लिए सही अवस्था संकेतों (जैसे (s) ठोस के लिए, (l) द्रव के लिए, (g) गैस के लिए, और (aq) जलीय विलयन के लिए) का उपयोग किया गया है।

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