CBSE Class 10 Hindi स्पर्श NCERT Solutions Chapter 9

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This section provides detailed NCERT Solutions for Chapter 9 of the CBSE Class 10 Hindi (स्पर्श) textbook. The chapter explores themes of sibling relationships, the nature of education, and the development of life skills through practical experience. It delves into the contrasting personalities of two brothers, highlighting the elder brother's struggles with his own desires versus his responsibility as a role model, and the younger brother's initial immaturity and eventual realization of his elder's wisdom. The solutions explain the importance of balancing academic learning with real-world understanding and experience, emphasizing that true knowledge comes from both study and life lessons. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the chapter, understand the author's commentary on the education system, and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectस्पर्श
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 9

Chapter summary

Chapter 9 of CBSE Class 10 Hindi (स्पर्श) focuses on the dynamics between two brothers and the lessons learned about education and life. The NCERT Solutions cover questions related to the younger brother's study habits, the elder brother's responsibilities, and the author's critique of rote learning versus practical wisdom. Students will understand the significance of experience in life and the importance of a balanced approach to education, moving beyond mere academic achievement.

Learning outcomes

  • Understand the complexities of sibling relationships and responsibilities.
  • Analyze the author's critique of the traditional education system.
  • Differentiate between academic knowledge and practical life experience.
  • Explain the importance of self-control and discipline in achieving goals.
  • Appreciate the role of elders in guiding younger ones.
  • Identify the lessons learned from failure and success.

Topics covered

Paper topics

  • Sibling relationships
  • Education system critique
  • Academic vs. practical knowledge
  • Discipline and self-control
  • Role of experience in life
  • Elder sibling's responsibility
  • Consequences of arrogance
  • Learning from failure
  • Moral development

Important topics

  • Critique of the education system
  • The balance between academic study and life experience
  • The elder brother's role and sacrifices
  • The younger brother's journey from immaturity to respect
  • The importance of humility and avoiding arrogance

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबिल बनाते समय क्या-क्या सोचा और फिर उसका पालन क्यों नहीं कर पाया?
Solution: छोटे भाई ने बड़े भाई की डांट सुनने के बाद यह निश्चय किया कि वह एक नया टाइम-टेबिल बनाएगा और उसका पूरी लगन से पालन करेगा, ताकि वह अपने बड़े भाई को शिकायत का कोई मौका न दे। उसने सोचा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगा और अनुशासित रहेगा। हालाँकि, उसका स्वभाव बहुत ही चंचल और स्वतंत्र था। पढ़ाई के समय उसका मन खेल के मैदान, फुटबॉल, वॉलीबॉल और दोस्तों की टोली की ओर खिंचा चला जाता था, जिसके कारण वह अपने द्वारा बनाए गए टाइम-टेबिल का पालन नहीं कर सका।

प्रश्न 2

एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटा भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?
Solution: एक दिन जब छोटा भाई गुल्ली-डंडा खेलकर बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा, तो बड़े भाई साहब ने उसे पहले डांटा और फिर उसे समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कक्षा में एक बार अव्वल आने से घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि घमंड रावण जैसे शक्तिशाली व्यक्ति का भी पतन करा देता है। बड़े भाई ने यह भी कहा कि यदि वह इसी तरह समय बर्बाद करना चाहता है तो उसे घर चले जाना चाहिए, क्योंकि पिता की मेहनत की कमाई को खेल-कूद में बर्बाद करना उचित नहीं है।

प्रश्न 3

बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पडती थीं?
Solution: बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ इसलिए दबानी पड़ती थीं क्योंकि वे अपने छोटे भाई के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहते थे। वे एक बड़े भाई के रूप में अपने नैतिक कर्तव्य को समझते थे और नहीं चाहते थे कि उनके किसी भी कार्य से उनके छोटे भाई पर बुरा असर पड़े या वह गलत उदाहरण प्रस्तुत करे। इसलिए, वे अपने मन की इच्छाओं को नियंत्रित रखते थे ताकि छोटे भाई को सही दिशा दिखा सकें।

प्रश्न 4

बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?
Solution: बड़े भाई साहब छोटे भाई को हमेशा पढ़ाई में परिश्रम करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि केवल एक बार कक्षा में अव्वल आना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर बार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। वे उसे घमंड और जल्दबाजी से बचने की सलाह देते थे और कहते थे कि उसे अपनी पढ़ाई की नींव को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। इसलिए, वे छोटे भाई को समय-समय पर सतत अध्ययन करने, खेल-कूद से ध्यान हटाने और अपनी अनावश्यक इच्छाओं को दबाने की सलाह देते रहते थे।

प्रश्न 5

छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फायदा उठाया?
Solution: जब बड़े भाई साहब अपनी कक्षा में फेल हो गए, तो वे थोड़े नरम पड़ गए थे। छोटे भाई ने इस नरम व्यवहार का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। उसने पढ़ाई-लिखाई की अपेक्षा अपना सारा ध्यान खेल-कूद में लगाना शुरू कर दिया। उसे यह लगने लगा कि चाहे वह पढ़े या न पढ़े, परीक्षा में पास तो हो ही जाएगा। उसके मन में अपने बड़े भाई के प्रति आदर और भय की भावना कम होने लगी थी। वह पतंगबाजी और कनकोए उड़ाने जैसे कामों में अपना समय बर्बाद करने लगा था।

प्रश्न 6

बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।
Solution: मेरे विचार से, बड़े भाई की डांट-फटकार का ही अप्रत्यक्ष परिणाम था कि छोटा भाई कक्षा में अव्वल आया। छोटे भाई को पढ़ने-लिखने की तुलना में खेल-कूद में अधिक रुचि थी। बड़े भाई के निरंतर अंकुश और मार्गदर्शन के कारण ही वह प्रतिदिन कुछ घंटे पढ़ाई कर पाता था, जिससे वह परीक्षा में अव्वल आने में सफल रहा। यदि बड़ा भाई उसे पूरी तरह से स्वतंत्र छोड़ देता, तो संभवतः वह और भी बिगड़ सकता था और शायद पढ़ाई में इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता। इसलिए, बड़े भाई की डांट-फटकार उसके लिए आवश्यक थी।

प्रश्न 7

इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?
Solution: मैं 'बड़े भाई साहब' पाठ में लेखक द्वारा शिक्षा प्रणाली पर किए गए व्यंग्य से पूरी तरह सहमत हूँ। लेखक ने शिक्षा प्रणाली की उन कमियों पर व्यंग्य किया है जहाँ बच्चों की मौलिकता और स्वाभाविक विकास को नजरअंदाज किया जाता है। इस प्रणाली में:
  1. बच्चों की व्यावहारिक शिक्षा को पूरी तरह से अनदेखा किया जाता है।
  2. बच्चों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के बजाय उन्हें रट्टू तोता बनाने पर जोर दिया जाता है, जो कि अनुचित है।
  3. परीक्षा प्रणाली में केवल अंकों को महत्व दिया जाता है और बच्चों के सर्वांगीण विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।
यह शिक्षा प्रणाली छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार नहीं करती है।

प्रश्न 8

बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है?
Solution: बड़े भाई साहब के अनुसार, जीवन की समझ केवल किताबी ज्ञान से नहीं आती, बल्कि यह ज्ञान, अनुभव और व्यावहारिकता के सही तालमेल से विकसित होती है। उनका मानना था कि पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक जीवन में उतारने पर ही व्यक्ति सही मायने में जीवन जी सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनके बुजुर्गों ने किताबी शिक्षा प्राप्त न की हो, लेकिन अपने अनुभव और व्यवहार के बल पर उन्होंने जीवन की हर परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया। इसलिए, पुस्तकीय ज्ञान और जीवन के अनुभव का संतुलन ही हमें जीवन की सच्ची समझ प्रदान करता है।

प्रश्न 9

छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?
Solution: प्रारंभ में, छोटा भाई बड़े भाई को केवल उपदेश देने वाला मानता था और उनसे बचने का प्रयास करता था। जब बड़े भाई लगातार दो वर्षों तक परीक्षा में फेल हो गए, तो छोटा भाई अहंकारी हो गया और उनके नरम व्यवहार का अनुचित लाभ उठाने लगा। एक दिन, जब वह पतंग उड़ाने के लिए भाग रहा था, तो बड़े भाई ने उसे डांटते हुए कई उदाहरणों से समझाया। इसी दौरान छोटे भाई को यह अहसास हुआ कि उसके बड़े भाई साहब उसे सही राह दिखाने के लिए अपनी कितनी ही इच्छाओं का दमन करते थे। उसे यह भी समझ आया कि बड़े भाई को उसके पास हो जाने से कोई ईर्ष्या नहीं थी, बल्कि वे केवल एक बड़े भाई के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे थे। यह सब जानने के बाद छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति गहरी श्रद्धा उत्पन्न हुई और उसने उनकी बातें मानने का निश्चय कर लिया।

Common mistakes

  • Confusing academic success with true understanding.
  • Underestimating the value of practical experience and guidance.
  • Believing that only bookish knowledge leads to success.
  • Ignoring the responsibilities that come with being an elder sibling.

Revision tips

  • Focus on the contrasting attitudes of the two brothers towards studies and life.
  • Analyze the elder brother's internal conflict between his desires and duties.
  • Consider the author's views on the education system and relate them to real-life scenarios.
  • Reflect on how experience shapes one's understanding of life, as depicted in the chapter.
  • Pay attention to the instances where the younger brother learns valuable lessons.

Practice MCQs

Q1. छोटे भाई ने पढ़ाई का टाइम-टेबिल बनाते समय क्या सोचा?

Q2. गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटे भाई की बड़े भाई से क्या प्रतिक्रिया हुई?

Q3. बड़े भाई को अपनी इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?

Q4. बड़े भाई के अनुसार, जीवन की समझ कैसे आती है?

Q5. छोटे भाई के मन में बड़े भाई के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 10 की हिंदी (स्पर्श) के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 9 के लिए।

इस अध्याय के मुख्य विषय क्या हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय भाई-बहन का रिश्ता, शिक्षा प्रणाली पर व्यंग्य, किताबी ज्ञान और जीवन के अनुभव का महत्व हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद करते हैं।

बड़े भाई को अपनी इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?

बड़े भाई को अपनी इच्छाएँ इसलिए दबानी पड़ती थीं क्योंकि वे अपने छोटे भाई के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहते थे और उसे गलत उदाहरण नहीं देना चाहते थे।

जीवन की समझ के बारे में बड़े भाई का क्या विचार था?

बड़े भाई के अनुसार, जीवन की समझ केवल किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि अनुभव और व्यावहारिकता के तालमेल से आती है।

छोटे भाई ने बड़े भाई के नरम व्यवहार का क्या फायदा उठाया?

छोटे भाई ने बड़े भाई के नरम पड़ जाने का फायदा उठाकर पढ़ाई की अपेक्षा खेल-कूद में अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया, यह सोचकर कि वह परीक्षा में पास हो ही जाएगा।

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