कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: चंद्र गहना से लौटती बेर
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक के पाठ 'चंद्र गहना से लौटती बेर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कविता की पंक्तियों के भावार्थ, कवि के दृष्टिकोण और प्रकृति के मानवीकरण पर आधारित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को कविता के गहरे अर्थों को समझने, विशेष रूप से कवि द्वारा प्रकृति के तत्वों जैसे सरसों, अलसी और चने के पौधों के मानवीकरण को पहचानने में मदद करते हैं। यह पाठ छात्रों को भाषा के प्रयोग, विशेषणों के महत्व और कविताओं में प्रयुक्त सामान्य बोलचाल के शब्दों से उत्पन्न सौंदर्य को समझने में भी सहायता करता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14 चंद्र गहना से लौटती बेर |
Chapter summary
कक्षा 9 के लिए 'चंद्र गहना से लौटती बेर' पाठ के NCERT समाधान छात्रों को कविता के भावार्थ और मुख्य विचारों को समझने में मदद करते हैं। इसमें प्रकृति के मानवीकरण, कवि के शहरी संस्कृति पर व्यंग्य, और सरसों, अलसी जैसे पौधों के सजीव चित्रण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। समाधान छात्रों को कविता में प्रयुक्त भाषा की बारीकियों और सामान्य शब्दों के काव्यात्मक प्रयोग को समझने में भी सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- कविता 'चंद्र गहना से लौटती बेर' के भावार्थ को समझना।
- प्रकृति के मानवीकरण के उदाहरणों को पहचानना और उनका विश्लेषण करना।
- कवि द्वारा शहरी संस्कृति पर किए गए व्यंग्य को समझना।
- कविता में प्रयुक्त विशेषणों और सामान्य बोलचाल के शब्दों के काव्यात्मक प्रयोग का विश्लेषण करना।
- सरसों, अलसी और चने के पौधों के चित्रण को समझना।
Topics covered
Paper topics
- चंद्र गहना से लौटती बेर कविता का भावार्थ
- प्रकृति का मानवीकरण
- सरसों का मानवीकरण
- अलसी का मानवीकरण
- हरे चने का मानवीकरण
- नगरीय संस्कृति पर व्यंग्य
- कवि की सूक्ष्म कल्पना
- सामान्य बोलचाल के शब्दों का काव्यात्मक प्रयोग
- भाषा अध्ययन
- रचना और अभिव्यक्ति
Important topics
- प्रकृति का मानवीकरण
- कविता का केंद्रीय भाव
- सरसों और अलसी का चित्रण
- नगरीय संस्कृति पर कवि का दृष्टिकोण
- भाषा और शैली का विश्लेषण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
- अलसी ने यह हठ पकड़ रखा है कि वह अपना प्रेम (दिल) केवल उसी को देगी जो उसके सिर पर लगे नीले फूल को छुएगा।
- वह चने के पौधों के बीच इस प्रकार उग आई है, मानो ज़बरदस्ती सबको अपने अस्तित्व का अहसास कराना चाहती हो।
- हवा के ज़ोर से बार-बार नीचे झुक जाने के बावजूद, वह फिर से अपने सिर पर नीला फूल सजाकर खड़ी हो जाती है, जो उसके हठ को दर्शाता है।
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
- हरा ठिगना चना: कवि ने चने के पौधे को एक छोटे कद के मनुष्य के रूप में चित्रित किया है, जिसने सिर पर गुलाबी फूल की पगड़ी (मुरैठा) बाँध रखी है और वह सज-धज कर खड़ा है।
- अलसी हठीली: अलसी के पौधे को एक हठीली और आकर्षक स्त्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसका शरीर पतला, कमर लचीली है और वह प्रेम का निमंत्रण दे रही है।
- सरसों: सरसों के पौधों को एक ऐसी नायिका के रूप में दिखाया गया है जो 'सयानी' हो गई है और जिसका विवाह (कटाई) होने वाला है, वह विवाह मंडप में पधारी है।
- पत्थर: कविता में पत्थरों को भी चुपचाप पानी पीते हुए दिखाकर निर्जीव वस्तुओं में भी सजीवता का भाव भरा गया है।
प्रश्न 8
चित्रकूट की अनगढ़ चौड़ी कम ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ दूर दिशाओं तक फैली हैं। बाँझ भूमि पर इधर-उधर रीवा के पेड़ कॉटिदार कुरूप खड़े हैं। सुन पड़ता है मीठा-मीठा रस टपकाता सुग्गे का स्वर टें टें टें टें ;
यहाँ 'सुग्गे का स्वर' तोते की मधुर ध्वनि का प्रतीक है, जो उजाड़ और बाँझ भूमि के वातावरण में भी एक सुखद अनुभूति कराता है।
प्रश्न 9
प्रश्न 10
प्रश्न 11
- पोखर
- मेड़
- हठीली
- सयानी
- व्याह
- मंडप
- चकमकाता
- खंभा
- चटझपाटे
- सुग्गा
- जुगुल जोड़ी
- चुप्पे-चुप्पे
Common mistakes
- प्रकृति के मानवीकरण के उदाहरणों को पहचानने में कठिनाई।
- कवि के व्यंग्य के गहरे अर्थ को न समझ पाना।
- कविता में प्रयुक्त विशेषणों के महत्व को कम आंकना।
- सरसों और अलसी जैसे पात्रों के प्रतीकात्मक अर्थ को समझने में चूक।
Revision tips
- कविता को कई बार पढ़ें और मुख्य बिंबों पर ध्यान केंद्रित करें।
- प्रकृति के मानवीकरण के प्रत्येक उदाहरण को नोट करें और उसका अर्थ समझें।
- कवि द्वारा शहरी जीवन पर की गई टिप्पणियों को रेखांकित करें।
- कविता में प्रयुक्त विशेषणों और उनके प्रभाव पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. कविता में 'सयानी' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
Explanation: कविता में सरसों को 'सयानी' कहा गया है, जिसका अर्थ है कि उसकी फसल पककर तैयार हो गई है और विवाह के योग्य हो गई है।
Q2. अलसी को 'हठीली' क्यों कहा गया है?
Explanation: अलसी को हठीली इसलिए कहा गया है क्योंकि वह अपना प्रेम उसी को देगी जो उसके फूल को छुएगा, वह चने के पौधों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है, और हवा से झुकने के बाद भी पुनः खड़ी हो जाती है।
Q3. कवि ने 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' किसे कहा है?
Explanation: कवि ने जलाशय के स्वच्छ पानी में दिन के समय सूर्य की किरणों से बनने वाली गोल और लम्बी चमक को 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' कहा है।
Q4. कविता में हरे चने के पौधे का मानवीकरण किस रूप में किया गया है?
Explanation: हरे चने के पौधे को छोटे कद के मनुष्य के रूप में चित्रित किया गया है, जिसने सिर पर गुलाबी रंग की पगड़ी (फूल) बाँध रखी है और वह स्वयंवर के लिए तैयार खड़ा है।
Q5. कवि ने नगरीय संस्कृति के प्रति क्या आक्रोश व्यक्त किया है?
Explanation: कवि शहरी संस्कृति के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हैं क्योंकि शहरी लोग प्रेम की जगह पैसे को अधिक महत्व देते हैं, प्रकृति से कटे रहते हैं, और उनके रिश्ते स्वार्थपूर्ण होते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक में 'चंद्र गहना से लौटती बेर' कविता का क्या महत्व है?
यह कविता प्रकृति के सुंदर चित्रण और उसके मानवीकरण के माध्यम से छात्रों को प्रकृति के करीब लाती है। यह कवि के शहरी जीवन पर व्यंग्य और भाषा के काव्यात्मक प्रयोग को भी समझने में मदद करती है।
इस पाठ के समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान कविता के भावार्थ, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर और कविताओं में प्रयुक्त भाषा की बारीकियों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्र परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकें।
कविता में 'प्रकृति का मानवीकरण' से क्या तात्पर्य है?
प्रकृति का मानवीकरण का अर्थ है निर्जीव या प्राकृतिक वस्तुओं को सजीव मनुष्य के समान गुण, भावनाएं या कार्य करते हुए दिखाना, जैसा कि कविता में अलसी, सरसों और चने के पौधों के साथ किया गया है।
कवि ने अलसी को 'हठीली' क्यों कहा है?
अलसी को 'हठीली' इसलिए कहा गया है क्योंकि वह अपना प्रेम उसी को देगी जो उसके नीले फूल को छुएगा, वह चने के पौधों के बीच अपनी उपस्थिति ज़ोर-शोर से दर्ज करा रही है, और हवा से झुकने के बाद भी पुनः सीधी खड़ी हो जाती है।
क्या ये समाधान केवल पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों तक सीमित हैं?
ये समाधान मुख्य रूप से पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों पर केंद्रित हैं, लेकिन वे कविता के व्यापक अर्थ और उससे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी कवर करते हैं, जो परीक्षा के लिए उपयोगी हैं।
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