कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया

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यह खंड कक्षा 9 हिंदी के NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जो 'नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया' नामक अध्याय पर केंद्रित है। यह अध्याय मैना के मार्मिक बलिदान और उस समय की ऐतिहासिक घटनाओं की पड़ताल करता है। समाधानों में मैना द्वारा अपने पिता के महल को बचाने के लिए दिए गए तर्क, जनरल 'हे' के दया भाव के कारण, और मैना की अंतिम इच्छा को पूरा न करने के पीछे के भय का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। यह खंड मैना के चरित्र की उन विशेषताओं पर भी प्रकाश डालता है जिन्हें छात्र अपना सकते हैं, जैसे साहस, देशभक्ति और निर्भयता। इसके अतिरिक्त, यह स्वाधीनता आंदोलन में इस प्रकार के लेखन की भूमिका और एक रेडियो समाचार रिपोर्ट तैयार करने का अभ्यास भी प्रदान करता है। ये समाधान छात्रों को न केवल कहानी की गहरी समझ प्रदान करते हैं बल्कि परीक्षा की तैयारी में भी सहायता करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5 नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी के अध्याय 5, 'नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह मैना के मार्मिक जीवन और बलिदान पर केंद्रित है। इसमें मैना द्वारा महल बचाने के लिए दिए गए तर्कों, जनरल 'हे' के दयालु व्यवहार के कारणों और जनरल अउटरम द्वारा मैना की अंतिम इच्छा को ठुकराने के पीछे के कारणों का विश्लेषण किया गया है। समाधान छात्रों को मैना के साहसी और देशभक्त चरित्र की विशेषताओं को समझने और अपनाने में मदद करते हैं। यह स्वाधीनता संग्राम में ऐसे लेखन के महत्व और एक रेडियो समाचार बुलेटिन तैयार करने का अभ्यास भी प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • मैना द्वारा महल की रक्षा के लिए दिए गए तर्कों को समझना।
  • सेनापति 'हे' के मैना के प्रति दया भाव के कारणों का विश्लेषण करना।
  • मैना की अंतिम इच्छा को पूरा न करने के पीछे के कारणों को पहचानना।
  • मैना के चरित्र की साहसी और देशभक्तिपूर्ण विशेषताओं को समझना।
  • स्वाधीनता आंदोलन में साहित्यिक लेखन की भूमिका का मूल्यांकन करना।
  • दिए गए तथ्यों के आधार पर रेडियो समाचार रिपोर्ट तैयार करना।

Topics covered

Paper topics

  • मैना के तर्क
  • महल की रक्षा का प्रयास
  • सेनापति 'हे' का दया भाव
  • जनरल अउटरम का निर्णय
  • मैना का बलिदान
  • मैना के चरित्र की विशेषताएँ
  • स्वाधीनता आंदोलन में लेखन की भूमिका
  • रेडियो समाचार प्रस्तुति
  • हिंदी गद्य का प्रारंभिक रूप

Important topics

  • मैना के तर्क और उसका महत्व
  • मैना के चरित्र की विशेषताएँ (साहस, देशभक्ति)
  • जनरल अउटरम के निर्णय के पीछे का भय
  • स्वाधीनता आंदोलन में साहित्यिक योगदान

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को किन-किन तर्कों से महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया?
Solution:

बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए सेनापति 'हे' को निम्नलिखित तर्क देकर प्रेरित किया:

  1. मैना ने तर्क दिया कि महल को गिराने से सेनापति के किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी, क्योंकि यह एक निर्जीव वस्तु है।
  2. उसने यह भी कहा कि महल ने अंग्रेजों के विरुद्ध कोई अपराध नहीं किया है, बल्कि शस्त्र उठाने वाले दोषी हैं।
  3. अंत में, मैना ने सेनापति 'हे' को अपना परिचय देते हुए याद दिलाया कि वह उनकी पुत्री मेरी की सहेली है और एक मित्र की सहेली की रक्षा करना उनका कर्तव्य है।

प्रश्न 2

मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी, पर अंग्रेज उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों?
Solution:

मैना के लिए वह मकान केवल एक जड़ पदार्थ नहीं था, बल्कि उसमें उसकी बचपन की, पिता की और पूरे परिवार की अनमोल यादें समाई हुई थीं। वह उसके लिए उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा और सहारा था।

दूसरी ओर, अंग्रेज उस महल को अपने दुश्मन नाना साहब की निशानी मानते थे। वे भारत में अपनी सत्ता स्थापित करने के बाद दुश्मन की हर निशानी को मिटा देना चाहते थे ताकि भविष्य में कोई भी उनके विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस न कर सके। इसलिए, वे उस महल को नष्ट करना चाहते थे।

प्रश्न 3

सर टामस 'हे' के मैना पर दया-भाव के क्या कारण थे?
Solution:

सेनापति सर टामस 'हे' के मैना पर दया-भाव दिखाने के मुख्य कारण थे:

  1. मैना का करुणामयी मुख और उसकी कम उम्र देखकर उन्हें उस पर दया आई।
  2. मैना उनकी अपनी पुत्री 'मेरी' की सहेली भी थी, जिससे उनके मन में उसके प्रति एक भावनात्मक जुड़ाव था।

प्रश्न 4

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह उस प्रासाद के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले, लेकिन पाषाण-हृदय वाले जनरल ने किस भय से उसकी इच्छा पूर्ण न होने दी?
Solution:

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह अपने प्रिय महल के खंडहरों पर बैठकर जी भरकर रो ले। लेकिन पाषाण-हृदय वाले जनरल अउटरम ने उसकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी। जनरल अउटरम के मन में यह भय था कि यदि वह नाना साहब की बेटी के प्रति थोड़ी सी भी सहानुभूति दिखाता है, तो ब्रिटिश सरकार उस पर बहुत क्रोधित होगी और उसे इसके लिए दंड भी मिल सकता है। इसके अतिरिक्त, क्रोध से भरे सामान्य अंग्रेज नागरिक भी उस पर नाराज़गी व्यक्त कर सकते थे। इसी डर के कारण उसने मैना की इस छोटी सी इच्छा को भी पूरा नहीं किया।

प्रश्न 5

बालिका मैना के चरित्र की कौन-कौन सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगे और क्यों?
Solution:

बालिका मैना के चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं जिन्हें हम अपनाना चाहेंगे:

  1. साहस और वाक्-चातुर्य: मैना ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी साहस नहीं खोया और अपनी बुद्धिमत्ता व वाक्-चातुर्य से सेनापति को समझाने का प्रयास किया। यह गुण हमें कठिन समय में भी शांत रहकर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना सिखाता है।
  2. पैतृक धरोहर और देशप्रेम: मैना अपने पिता के महल और अपनी जड़ों से जुड़ी हुई थी। उसने उस धरोहर को बचाने का प्रयास किया, जो उसके पैतृक प्रेम और संभवतः देशप्रेम को दर्शाता है। यह हमें अपनी विरासत का सम्मान करना सिखाता है।
  3. निर्भयता और आत्म-बलिदान: अंततः, मैना ने मृत्यु का सामना निर्भयता से किया। उसका बलिदान हमें सिखाता है कि कुछ मूल्य ऐसे होते हैं जिनके लिए व्यक्ति को अडिग रहना चाहिए।
  4. भावुकता और तर्कशीलता: मैना ने अपनी भावुकता (महल से जुड़ाव) और तर्कशीलता (सेनापति को दिए तर्क) का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया। यह हमें सिखाता है कि भावनाओं के साथ-साथ विवेक का प्रयोग भी आवश्यक है।

ये विशेषताएँ हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर इंसान बनने में मदद कर सकती हैं।

प्रश्न 6

'टाइम्स' पत्र ने 6 सितम्बर को लिखा था - 'बड़े दुख का विषय है कि भारत सरकार आज तक उस दुर्दांत नाना साहब को नहीं पकड़ सकी'। इस वाक्य में 'भारत सरकार' से क्या आशय है?
Solution:

इस वाक्य में 'भारत सरकार' से आशय उस समय की ब्रिटिश सरकार से है जो भारत पर शासन कर रही थी। यह वह प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसे अंग्रेजों ने भारत में स्थापित किया था और जिसके माध्यम से वे देश पर नियंत्रण रखते थे।

प्रश्न 7

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका रही होगी?
Solution:

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही होगी। जब लोग अंग्रेजों के अत्याचारों, जैसे मैना के निर्मम वध की कहानियाँ पढ़ते होंगे, तो उनके मन में अंग्रेजों के प्रति रोष और घृणा बढ़ती होगी। मैना जैसी निडर बालिका के बलिदान की कहानियाँ लोगों के हृदय को छूती होंगी और उनमें त्याग, बलिदान और संघर्ष के लिए प्रेरणा जगाती होंगी। इस प्रकार की रचनाएँ राष्ट्रीय चेतना को जागृत करती थीं और लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित करती थीं।

प्रश्न 8

कल्पना कीजिए कि मैना के बलिदान की यह खबर आपको रेडियो पर प्रस्तुत करनी है। इन सूचनाओं के आधार पर आप एक रेडियो समाचार तैयारी करें और कक्षा में भावपूर्ण शैली में पढ़ें।
Solution:

**(रेडियो उद्घोषक की गंभीर और भावुक आवाज़ में)**

नमस्कार, आप सुन रहे हैं आकाशवाणी कानपुर। मैं हूँ (अपना नाम)। आज हमारे साथ एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली खबर है।

हमें यह सूचित करते हुए अत्यंत खेद हो रहा है कि कल शाम, कानपुर के पास बिठूर में, वीर बालिका मैना देवी का दुखद अवसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंग्रेज जनरल अउटरम के आदेश पर, मैना देवी को अत्यंत अमानवीय तरीके से जलती हुई आग में भस्म कर दिया गया। यह खबर पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का कारण बनी हुई है।

मैना देवी एक अदम्य साहसी बालिका थीं जिन्होंने अंतिम क्षण तक अपने पिता की विरासत और अपने घर की रक्षा का प्रयास किया। उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

हम इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और मैना देवी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

धन्यवाद।

प्रश्न 9

भाषा में वर्तनी का स्वरूप बदलता रहता है। इस पाठ में हिंदी गद्य का प्रारंभिक रूप व्यक्त हुआ है जो लगभग ७५-८० वर्ष पहले था। इस पाठ के किसी पसंदीदा अनुच्छेद को वर्तमान मानक हिंदी रूप में लिखिए।
Solution:

यहाँ पाठ के एक अनुच्छेद को वर्तमान मानक हिंदी में पुनः लिखा गया है:

कानपुर में हुई भयानक घटना के बाद, अंग्रेजी सैनिकों का दल बिठूर की ओर बढ़ा। बिठूर में स्थित नाना साहब का राजमहल अंग्रेजों द्वारा लूट लिया गया था, हालांकि वे बहुत अधिक नुकसान करने में सफल नहीं हो पाए थे। इसके बाद, अंग्रेजों ने तोपों का प्रयोग करके महल को नष्ट करने का प्रयास किया। जब महल के पास तोपें आकर खड़ी हो गईं, तो अंग्रेजी सेना को आश्चर्य हुआ क्योंकि महल को लूटते समय यह बालिका (मैना) वहाँ दिखाई नहीं दी थी।

Common mistakes

  • मैना के तर्कों को सतही तौर पर समझना।
  • जनरल अउटरम के निर्णय के पीछे के भय को अनदेखा करना।
  • मैना के चरित्र की गहराई को न समझ पाना।
  • स्वाधीनता आंदोलन में लेखन की भूमिका को कम आंकना।

Revision tips

  • मैना द्वारा दिए गए तर्कों को सूचीबद्ध करें और उनके महत्व को समझें।
  • मैना के चरित्र की उन विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित करें जिन्हें आप अपनाना चाहेंगे।
  • स्वाधीनता आंदोलन में इस प्रकार की कहानियों के प्रभाव पर विचार करें।
  • रेडियो समाचार रिपोर्ट तैयार करने के अभ्यास को दोहराएं।

Practice MCQs

Q1. मैना ने महल को बचाने के लिए सेनापति 'हे' को क्या तर्क दिया?

Q2. सेनापति 'हे' ने मैना पर दया क्यों दिखाई?

Q3. अंग्रेजों के लिए मैना का महल क्यों महत्वपूर्ण था?

Q4. जनरल अउटरम ने मैना की अंतिम इच्छा (महल के ढेर पर बैठकर रोना) क्यों पूरी नहीं की?

Q5. इस पाठ में मैना के चरित्र की कौन सी विशेषता उजागर होती है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए है, जो विशेष रूप से 'नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया' अध्याय पर केंद्रित है।

इन समाधानों में मैना के तर्कों का क्या महत्व है?

समाधानों में मैना द्वारा महल को बचाने के लिए दिए गए तर्कों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है, जिसमें उसने तर्क दिया कि महल ने कोई अपराध नहीं किया है और उसे गिराने से किसी का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

मैना की अंतिम इच्छा क्यों पूरी नहीं की गई?

जनरल अउटरम ने मैना की अंतिम इच्छा को इसलिए पूरा नहीं किया क्योंकि उसे डर था कि ब्रिटिश सरकार और आम नागरिक उसकी सहानुभूति पर क्रोधित होंगे और उसे दंडित कर सकते हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं?

हाँ, ये समाधान अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, और मैना के चरित्र जैसे पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं, जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

इस अध्याय से मैना के चरित्र की कौन सी मुख्य विशेषताएँ सीखी जा सकती हैं?

मैना के चरित्र से साहस, वाक्-चातुर्य, पैतृक धरोहर के प्रति प्रेम, निर्भयता और आत्म-बलिदान की भावना जैसी विशेषताएँ सीखी जा सकती हैं।

स्वाधीनता आंदोलन में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका थी?

इस प्रकार के लेखन ने लोगों में अंग्रेजों के अत्याचारों के प्रति आक्रोश पैदा किया और मैना जैसे बलिदानों की कहानियों ने त्याग, बलिदान और संघर्ष के लिए प्रेरित किया, जिससे स्वाधीनता आंदोलन को बल मिला।

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