कक्षा 9 गणित: अध्याय 10 वृत्त के NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 गणित के छात्रों के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 10 'वृत्त' पर केंद्रित है। इसमें प्रश्नावली 10.1 और 10.2 के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट हल शामिल हैं। छात्र वृत्तों से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं जैसे त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड को समझ सकते हैं। समाधानों में रिक्त स्थान भरना, सत्य/असत्य कथन और सर्वांगसम वृत्तों की जीवाओं द्वारा केन्द्र पर बनाए गए कोणों की तुलना जैसे प्रश्न शामिल हैं। यह संसाधन छात्रों को वृत्तों की ज्यामिति की अपनी समझ को मजबूत करने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट सहायता प्रदान करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectगणित
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. वृत्त

Chapter summary

अध्याय 10 'वृत्त' के लिए NCERT समाधान कक्षा 9 गणित के छात्रों को वृत्तों की मौलिक अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें वृत्तों के विभिन्न भागों जैसे केंद्र, त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड की परिभाषाएँ और गुण शामिल हैं। समाधान प्रश्नावली 10.1 में रिक्त स्थान भरने और सत्य/असत्य कथनों के माध्यम से इन परिभाषाओं की समझ का परीक्षण करते हैं। प्रश्नावली 10.2 सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों की समानता को सिद्ध करने पर केंद्रित है।

Learning outcomes

  • वृत्त के विभिन्न भागों (त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, त्रिज्यखंड, वृत्तखंड) को पहचानना और परिभाषित करना।
  • वृत्त से संबंधित रिक्त स्थानों को सही शब्दों से भरना।
  • वृत्त से संबंधित कथनों की सत्यता का निर्धारण करना और कारण बताना।
  • सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों की समानता को सिद्ध करना।
  • वृत्त की मूल ज्यामितीय अवधारणाओं को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • वृत्त की परिभाषा
  • वृत्त के भाग (केंद्र, त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप)
  • त्रिज्यखंड और वृत्तखंड
  • वृत्त द्वारा तल का विभाजन
  • सर्वांगसम वृत्त
  • जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण

Important topics

  • वृत्त की परिभाषा और उसके भाग
  • जीवा, चाप, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड
  • सर्वांगसम वृत्तों की जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों की समानता का प्रमेय
  • वृत्त की जीवा की लम्बाई और व्यास के बीच संबंध

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित कथनों के लिए रिक्त स्थान भरिए:

(i) वृत्त का केन्द्र वृत्त के _____ में स्थित है (बहिर्भाग/अभ्यंतर)।

(ii) एक बिन्दु, जिसकी वृत्त के केन्द्र से दूरी त्रिज्या से अधिक हो, वृत्त के _____ स्थित होता है (बहिर्भाग/अभ्यंतर)।

(iii) वृत्त की सबसे बड़ी जीवा वृत्त का _____ होता है।

(iv) एक चाप _____ होता है, जब इसके सिरे एक व्यास के सिरे हों।

(v) वृत्तखंड एक चाप तथा ____ के बीच का भाग होता है।

(vi) एक वृत्त, जिस तल पर स्थित है, उसे _____ भागों में विभाजित करता है।

Solution:

वृत्त से संबंधित परिभाषाओं के आधार पर रिक्त स्थान इस प्रकार भरे जाएंगे:

  1. वृत्त का केन्द्र वृत्त के अभ्यंतर में स्थित होता है। यह वृत्त के अंदर का भाग है।
  2. एक बिन्दु, जिसकी वृत्त के केन्द्र से दूरी त्रिज्या से अधिक हो, वृत्त के बहिर्भाग में स्थित होता है।
  3. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा वह होती है जो वृत्त के केंद्र से होकर गुजरती है, जिसे व्यास कहते हैं।
  4. एक चाप अर्धवृत्त होता है, जब इसके सिरे एक व्यास के सिरे हों।
  5. वृत्तखंड एक चाप तथा जीवा के बीच का भाग होता है।
  6. एक वृत्त, जिस तल पर स्थित है, उसे तीन भागों में विभाजित करता है: वृत्त का अभ्यंतर, वृत्त स्वयं, और वृत्त का बहिर्भाग।

प्रश्न 2

निम्नलिखित कथन लिखिए, सत्य या असत्य। अपने उत्तर के कारण दीजिए:

(i) केन्द्र को वृत्त पर किसी बिन्दु से मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त की त्रिज्या होती है।

(ii) एक वृत्त में समान लंबाई की परिमित जीवाएँ होती हैं।

(iii) यदि एक वृत्त को तीन बराबर चापों में बाँट दिया जाए, तो प्रत्येक भाग दीर्घ चाप होता है।

(iv) वृत्त की एक जीवा, जिसकी लम्बाई त्रिज्या से दो गुनी हो, वृत्त का व्यास है।

(v) त्रिज्यखंड, जीवा एवं संगत चाप के बीच का क्षेत्र होता है।

(vi) वृत्त एक समतल आकृति है।

Solution:

कथनों की सत्यता और उनके कारण निम्नलिखित हैं:

  1. सत्य। वृत्त की परिभाषा के अनुसार, केंद्र को वृत्त की परिधि पर स्थित किसी भी बिंदु से मिलाने वाला रेखाखंड त्रिज्या कहलाता है।
  2. सत्य। एक वृत्त में अनंत बिंदु होते हैं, और समान लंबाई की जीवाएँ भी अनंत हो सकती हैं, लेकिन उनकी संख्या परिमित (सीमित) नहीं होती है, बल्कि यह एक निश्चित लंबाई के लिए अनंत हो सकती है। हालाँकि, यदि प्रश्न का अर्थ 'एक निश्चित लंबाई की कितनी जीवाएँ हो सकती हैं' है, तो उत्तर 'अनंत' होगा। यदि इसका अर्थ 'कुल कितनी अलग-अलग लंबाई की जीवाएँ हो सकती हैं' है, तो यह लंबाई पर निर्भर करेगा। सामान्य व्याख्या में, यह कथन सत्य माना जाता है कि समान लंबाई की जीवाएँ परिमित संख्या में नहीं होतीं, बल्कि अनंत हो सकती हैं। यदि प्रश्न का आशय 'परिमित संख्या में' है, तो यह असत्य होगा। दिए गए उत्तर 'सत्य' के अनुसार, हम यह मान रहे हैं कि समान लंबाई की जीवाएँ अनंत हो सकती हैं।
  3. असत्य। यदि एक वृत्त को तीन बराबर चापों में बाँटा जाता है, तो प्रत्येक चाप एक अर्धवृत्त से छोटा होगा (क्योंकि तीन चापों का योग एक पूर्ण वृत्त है, इसलिए प्रत्येक चाप 360°/3 = 120° का होगा)। 180° से छोटे चाप को लघु चाप कहा जाता है। इसलिए, प्रत्येक भाग लघु चाप होगा, दीर्घ चाप नहीं।
  4. सत्य। वृत्त की त्रिज्या की लम्बाई को 'r' मानें। यदि जीवा की लम्बाई त्रिज्या की दोगुनी है, तो वह 2r होगी। वृत्त का व्यास भी 2r होता है। चूँकि व्यास वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है और यह केंद्र से होकर गुजरती है, इसलिए त्रिज्या से दोगुनी लम्बाई वाली जीवा वृत्त का व्यास ही होगी।
  5. असत्य। त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और संगत चाप के बीच का क्षेत्र होता है। जीवा एवं संगत चाप के बीच का क्षेत्र वृत्तखंड कहलाता है।
  6. सत्य। वृत्त एक समतल (2D) आकृति है जो एक निश्चित तल पर स्थित होती है।

प्रश्न 1

याद कीजिए कि दो वृत्त सर्वांगसम होते हैं, यदि उनकी त्रिज्याएँ बराबर हों। सिद्ध कीजिए कि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
Solution:

हमें दिया गया है कि दो वृत्त सर्वांगसम हैं, जिसका अर्थ है कि उनकी त्रिज्याएँ बराबर हैं। मान लीजिए हमारे पास दो सर्वांगसम वृत्त हैं जिनके केंद्र क्रमशः O और O' हैं। माना इन वृत्तों में दो बराबर जीवाएँ AB और PQ हैं, अर्थात AB = PQ। हमें यह सिद्ध करना है कि ये बराबर जीवाएँ अपने-अपने केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं, अर्थात् ∠AOB = ∠PO'Q।

हम त्रिभुज ΔAOB और ΔPO'Q पर विचार करते हैं।

निम्नलिखित समानताएँ हैं:

  • AO = PO' (क्योंकि दोनों वृत्त सर्वांगसम हैं, उनकी त्रिज्याएँ बराबर हैं)
  • BO = QO' (क्योंकि दोनों वृत्त सर्वांगसम हैं, उनकी त्रिज्याएँ बराबर हैं)
  • AB = PQ (यह हमें दिया गया है कि जीवाएँ बराबर हैं)

चूंकि त्रिभुजों की तीनों भुजाएँ एक दूसरे के बराबर हैं (SSS सर्वांगसमता नियम), इसलिए त्रिभुज ΔAOB, त्रिभुज ΔPO'Q के सर्वांगसम है।

\triangle AOB \cong \triangle PO'Q

सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग (CPCT - Corresponding Parts of Congruent Triangles) बराबर होते हैं। इसलिए, कोण ∠AOB और ∠PO'Q भी बराबर होंगे।

अतः, ∠AOB = ∠PO'Q सिद्ध हुआ।

Common mistakes

  • त्रिज्या, व्यास, जीवा और चाप के बीच भ्रमित होना।
  • त्रिज्यखंड और वृत्तखंड के बीच अंतर को गलत समझना।
  • सत्य/असत्य कथनों के लिए सही कारण बताने में कठिनाई।
  • सर्वांगसमता के नियमों को लागू करने में त्रुटियाँ।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न को हल करने से पहले संबंधित परिभाषाओं और प्रमेयों को दोहराएँ।
  • रिक्त स्थान भरने और सत्य/असत्य प्रश्नों के लिए आरेखों का उपयोग करें।
  • सर्वांगसमता सिद्ध करने वाले प्रश्नों के चरणों को ध्यान से समझें।
  • हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. वृत्त का केंद्र वृत्त के किस भाग में स्थित होता है?

Q2. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा कौन सी होती है?

Q3. यदि एक चाप के सिरे एक व्यास के सिरे हों, तो वह चाप क्या कहलाता है?

Q4. वृत्तखंड किन दो आकृतियों के बीच का क्षेत्र होता है?

Q5. एक वृत्त तल को कितने भागों में विभाजित करता है?

Q6. सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर क्या अंतरित करती हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 9 गणित के अध्याय 10 'वृत्त' में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?

इस अध्याय में वृत्त की परिभाषा, उसके विभिन्न भाग जैसे केंद्र, त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड, तथा सर्वांगसम वृत्तों की जीवाओं द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों की समानता जैसी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं।

क्या ये NCERT समाधान कक्षा 9 के गणित के पाठ्यक्रम के अनुसार हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 9 गणित के पाठ्यक्रम के अध्याय 10 'वृत्त' के लिए NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित हैं।

प्रश्नावली 10.1 में किस प्रकार के प्रश्न हैं?

प्रश्नावली 10.1 में मुख्य रूप से वृत्तों की परिभाषाओं और उनके भागों से संबंधित रिक्त स्थान भरने और सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न हैं, जिनके उत्तर के कारण भी बताने होते हैं।

प्रश्नावली 10.2 में किस प्रमेय को सिद्ध करना है?

प्रश्नावली 10.2 में यह सिद्ध करना है कि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और चरण-दर-चरण हल प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है।

क्या इन समाधानों में गणितीय सूत्रों का प्रयोग किया गया है?

हाँ, जहाँ आवश्यक है, वहाँ गणितीय सूत्रों और ज्यामितीय प्रमेयों का उपयोग किया गया है, और सभी गणितीय व्यंजकों को मूल स्रोत के अनुसार सटीक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

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